00:00इस बर्ष जो दिपावली का 25 महापर्व है, धन 13 से प्रारम्ब हो करके भईया दूश तर चलता है।
00:11कासी के समस्त पंचानकार जो भी हैं, जो सास्त सम्मत पंचानका निर्मार करते हैं, उसमें धन 13 18 अक्टूबर को है।
00:24मध्यान काल के बाद धन 13 के लिए जो भी लोग खरीदारी करना चाहते हैं, धनवंतरी भगवान का पूजन करना चाहते हैं, वो पूजन करेंगे 18 अक्टूबर को, इसलिए कि धनवंतरी ये कैसे दे होता है, जो उनके पूजन करने से आदमी स्वस्थ और निरोग रहता है।
00:54प्राता काल 20 तारी के सुबा दरसन होगा, उसी दिन नरक चतुरदसी भी है, जो लोग यम की आतनाओं से बचना चाहते हैं, ऐसे हमारे धर्मसास के अनुसार, उस दिन नरक चतुरदसी है, 19 अक्टूबर को, जो साम को घर से बाहर दीपदान करने का विधान है, दीपक चत
01:2420 अक्टूबर को दिपावली का पर्व है, इसलिए कि उसी दिन प्रदोस ब्यापनी और निसित ब्यापनी अमवस्या मिल रही है, 21 तारी को प्रदोस काल के कुछ अन्स तो मिल रहा है, लेकिन निसित ब्यापनी नहीं मिल रही है, महा नीशा पूजा जो रात में लक्ष्मी
01:54तो 20 अक्टूबर को ही अमवस्या रात्री में मिल रही है, प्रदोस से लेकर के रात्री काल तक, इसलिए 20 तारी अक्टूबर को दिपावली पर्व मनाया जाएगा, 21 तारी को कोई भी पर्व नहीं है, 22 तारी को अन्यकूट हो रहा है, जो बाबा भी सुनात के 56 भोग लग
02:24तो 21 अक्टूबर को नहीं है, 22 अक्टूबर को अन्यकूट महा पर्व है, और 23 अक्टूबर को भाईया दूज है, चित्रगुप्त पूजा और भाईया दूज 23 अक्टूबर को है, यही पंच दिउसी जो पर्व है, 18 तारीक से लेकर के 23 तारीक तक मनाया जाएगा, जिसम
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