00:02This is an important point.
00:09This is not a very important point.
00:14ुपार्दर्शिता उलोक्तांत्रिक धाचे को आगात महुंचाने के उद्देशे से
00:392019 में ये जो कानून है इसमें जो आयुकताले बना हुआ है उसका पांच साल का कारियकाल था
00:57उनकी सेवय सर्ते निश्चित थी 2019 में इस कानून में संसोधन करके और इसको कमजोर करने के लिए
01:09केंद्र सरकार के हाथ में इस बातों को दे दिया गया कि उनका कारियकाल और सेवा सर्तों में वो संसोधन कर सकते हैं
01:23मैं समझता हूँ कि इसी प्रकार से 2023 में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अदिनियम निजी जानकारी नहीं दी जा सकती ये संसोधन 2023 में किया गया
01:45और इसकी आड़ में वो जानकारियां जो हमारे लिए ब्रस्टाचार रोपने के लिए या आम ब्यक्ति के लिए आउसक थी उनको च्छिपाया जाने लगा
01:58ये भी यहां पर UPA सरकार के कानून को कमजोर करने के लिए NPA सरकार ने करने का काम किया
02:07पहले जनहित में कोई भी जानकारी हो वो जागर होनी चाहिए और यहां पर नीजी जानकारी की बाद करके और संसोधन करने के बाद में उसको कमजोर कर दिया गया
02:23देश के प्रधान मंतरी की डिगरी आप देख सकते हैं कि एक तरीके से सारजुनिक है किसी की बी डिगरी
02:36वेवसाइट में उकलब दोनी चाहिए लेकिन देश के प्रधान मंतरी की डिगरी इस कानून के संसोधन की आड में इन्होंने मना करने का काम किया
02:46जानकारी चाये वो MP8 की बात हो मन्दरेगा की फर्जी मस्ट्रोल की बात हो फर्जी लाभारती की बात हो एस्पस राजनितिक खंडिंग की बात हो तमाम जानकारिया नहीं उजागर करनी पड़े इसलिए इस कानून में 2023 में संसोधन कर दिया गया
03:09केंद्रियों राज्ये सूचना आयोग पर हमले किये गए जब हमारी यूपी की सरकार थी तो सभी पद भरे वे थे
03:18लेकिन एंडिये की सरकार आने के बाद में 11 पद स्विकर्थ हैं केंद्रिये सूचना आयोग में केवल दो पे काम हो रहे हैं
03:31और सितंबर से तो मुख्य आयोगत का मुख्य सूचना आयोगत का पद भी धाली पड़ा है उसके उपर भी काम नहीं हो रहे हैं
03:39झाली आयोगत काम हो रहे हैं
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