00:00हरे कृष्ण दोस्तों, मिशन भगवत गीता श्लोग दिवस्तेंतीस, अध्याए एक श्लोग बत्तीस, न कांक्षे विज्य कृष्ण न च राज्य सुखानी चाथ, कि नो राज्य इन गोविंद की भोगर जीवितेंवा, भावार्थ, अर्जुन कहते हैं, हे कृष्ण, न त
00:30और जीवन का क्यालाब, ये है एक योध्धा का हृध्य विदारक द्वंद्वा, जब मो और धर्म आपस में टकराते हैं, तो मनुष्य भीतर से तूटने लगता है, लेकिन गीता हमें सिखाती है, कर्तवे के मार्ग पर चलना ही सक्चा धर्म है, अगर अर्जुन रुख ज
01:00जीवन का मैनुवल, हर दिन आत्मा का उध्धान, जय श्री क्रिश्वन, जय धर्म की विजय,
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