00:00मिशिन भगवत गीता श्लोक दिवस 26, अध्याए एक, श्लोक पचीस, भीश मुद्रोन प्रमुखतह सर्वेशाच्य महिक्षिताम, उवाच पार्थ पशेतान सम्वेतान कुरूनिती, अर्थ, श्री कृष्ण ने अर्जुन को सेनाओं के मध्य खड़ा करते हुए कहा,
00:19हे पार्थ, देखो तो सही, इन कौर्वों को जो युद्ध की इच्छा से यहां एकत्र हुए है, विशेश रूप से देखो, भीशों पिताम, गुरु द्रोनाचार्य और अन्य महार्थियों को, भावार्थ, यहां श्री कृष्ण अर्जुन को केवल युद्ध भूमी नही
00:49धर्म और अधर्म के बीच का युद्ध है, आईए इस श्लोक से सीखें, जीवन में जब हम भरम में हो, तो हमें अपने कर्तव्य को पहचानना चाहिए, और धर्म के मार्ग पर अडिक रहना चाहिए, जुड़े रहिए, हर दिन एक श्लोक, जीवन के लिए एक संदेश, हर
Comments