00:00मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से एक दिल दहला दने वाली घटना सामने आई है
00:16एक पिता अपने ही नौजात बच्चे की हत्या का प्रयास करता है
00:21जिस तरीके से पिता ने बच्चे को मारने की कोशिश की है
00:24वो और भी भयानक और इंसानियत को शर्मसार करने वाली है
00:28ये घटना आपके रिदय को जग जोर सकती है
00:32सोचने पर मजबूर कर देगी कि क्या एक पिता इतना क्रूर भी हो सकता है
00:37इन सवालों के जवाब के लिए घटना को शुरुआत से जानते है
00:40घटना की शुरुआत 27 सितंबर की सुबह हुई
00:43जब नांदन वाड़ी गाउं के कुछ ग्रामिन जंगल की ओर गए
00:47अचानक उन्हें एक नौजात के रोने की आवाज सुनाई दी
00:50जब उन्हें आवाज का पीछा किया तो उनके रोंग्टे खड़े हो गए
00:54एक छोटे से गड़े में पत्थरों के नीचे दबा एक नौजात शिशु
00:59जिन्दिगी और मौत के बीच जूल रहा था
01:02रात भर की ठंड चीटियों के अंगिनत डंग और भूग प्यास से बेहाल
01:07वो मासूम पूरी रात संगश करता रहा होगा
01:10उसकी रोने की आवाज जो मौत के मूँ से निकल रही थी
01:14ग्रामीडों के कानों में पड़ी और शायद यही उस बच्चे की किस्मत में लिखा था
01:19ग्रामीडों ने तुरंद पत्थरों को हटाया और उस नन्नी सी जान को बाहर निकाला
01:24मासूम का शरीर चीटियों के काटने से सूझा हुआ था और उसकी तवचा पर नीले निशान पड़ चुके थे
01:31उसकी आखे आधी खुली थी और वो मुश्किल से सांस ले पा रहा था
01:35यह द्रिश इतना हृदय विदारक था कि किसी की भी आखों में आसु आ जाये
01:40ग्रामिनों ने बिना देर के पुलिस को सूझना दी और बच्चे को तुरंट अस्पताल पहुँचाया
01:45शुरुवाती इलाज के बाद डॉक्टर ने बताया कि बच्चा फिलहाल तो खतरे से बाहर है
01:50लेकिन रात भर की यातनाओं के कारण उसे संक्रमन का खतरा था जिसके चलते उसे जिलास पताल रिफर कर दिया गया
01:57वोरिस की जान शुरू हुई और जो सचाई सामने आई वे और भी ही चौकाने वाली थी
02:03ये घिनोना कृत किसी और ने नहीं बलकि बच्चे के अपने पिता बबलू डंडोलिया और मा राजपुमारी डंडोलिया ने किया था
02:11दोनों शिक्षक के पद पर कारयरत थे
02:14और उन्हें डर था कि चोथा बच्चा होने पर सरकारी नियम के तहट उनकी नौकरी जा सकती है
02:19ये कैसा डर था जिसने उन्हें इतना अंधा बना दिया
02:22कि वे अपने ही जिगर के टुकडे को मौत के मुँ में धकेलने को तयार हो गए
02:26इनफेक्ट मुँ में तो धकेल भी दिया था
02:28SDPO कल्यानी बरकडे ने बताया कि आरोपी माता पिता ने अपनी गर्भा वस्था को भी छिपाये रखा था
02:3423 सितंबर की रात करीब तीन बचे घर बर ही बच्चे का जन हुआ इसके बाद अपने स्वार्थ और नौकरी को पूने के डर से उन्होंने एक ऐसी साजिश रची जिसने मानावता को शर्म सार कर दिया
02:4527 सितंबर को वे दोनों मिलकर उस नौजात को जंगल में ले गए और उसे पत्थर के नीचे दबा कर लावारिस छोड़ दिया
02:52उनकी सोच थे कि बच्चा रात भर में मर जाएगा और उनके चोथे बच्चे का राज हमेशा के लिए दफन हो जाएगा लेकन वोनी को तो कुछ और ही मन्जूर था
03:02वो मासूम बच्चा जिसने अभी ठीक से दुनिया देखी भी नहीं थी रात भर मौच से लड़ता रहा
03:08उसकी छोटी सी देह ने ठंड, भूक और चीटियों के डंग का सामना किया और फिर भी वो बच्चा जिंदा रहा
03:15शायद भगवान को उसकी जिंदेगी प्यारी थी तब ही सुबह ग्रामीडों को उसकी आवाज सुनाई दी
03:20आज वो मासूम जिला स्पताल में सुरक्षित है लेकिन उसके माता-पिता की कर्तूत ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिये
03:28पुलिस ने आरोपी माता-पिता के किलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें जल्द ही कानून के कटगरे में खड़ा किया जाएगा
03:35लेकिन क्या उन्हें मिली सजा इस मासूम बच्चे के साथ हुए अन्याय को कम कर पाएगी
03:40ये घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या नौकरी का डर इतना बड़ा हो सकता है कि एक पिता को हैवान बना दे
03:47अब इस ख़बर में इतना ही लेकिन पूरी कहाने सुनने के बाद पूरी घटना जानने के बाद आप क्या सोचते हैं हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं
03:55मैं रिचा और आप देख रहे हैं One India Hindi
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