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बरेली हिंसा के बाद हालात पर नया विवाद खड़ा हो गया है। तौकीर रज़ा के भाई तौसीफ रज़ा खान ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि बेगुनाहों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, वरना ठोस कार्रवाई की जाएगी। उनका बयान बरेली की राजनीति और माहौल को और गरमा सकता है।

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Transcript
00:00बेगुनाह मुसल्मानों की गिरफ्तारी पर तत्काल परवाव से रोक लगाई जाए बुल्डोजर कारवाई भी फौरण रोकी जाए और दह्शत का माहौल खत्म किया जाए अगर हमारी ये मांगे फौरण खुबूल न की गई तो जल्द ही कोई ठोस फैसला लिया जाएगा
00:30बिलद खुबूल सर्भगस्त इाला जनाब महतरम हद्रत मुलाना सुब्हान रजा खांऔोर चाजी हिंद्थर्टान हद्रत मौलाना असजद रजा
00:49اور हमारे खांदान की सबसे बड़ी बज़र्ग औरजीम स्थियत मौलाना मनानदा रजा खाँ
00:56और जितने खांदान आला हद्रत के कहुर्द औ कना इनो आंग जितने भी हैं
01:03इन सब की तरफ से एक बयान मतहदा तोर पर मतफ़का तोर पर मुश्तरका तोर पर एक बयान जारी किया है
01:13और इसके लिए तमाम खांदान के लोगों ने मेरा इंतखाद किया कि आप इसको पढ़कर पेश करेंगे
01:23तो मैं आपके सामने वो बयान पेश कर रहा हूँ और सबसे पहले मैं एक बात ये कहना चाहता हूँ
01:32कि बरेली जो है वो मरकज है मुसल्मानों का सुन्यों का मरकज है
01:40यहां पर आई लव मुहम्मद के तालुक से सिर्फ गयापन देने की बात की गई थी
01:48उसमें कोई किसी तरह के दंगा पसाद या नार बाजी का मामले के लिए जमा इकटा नहीं हुए थे
01:56और अगर तौकिर रजा खां को वो मस्जिद तक जाने देते और अपना गयापन उनको पेश करने देते
02:07तो तौकिर रजा खां जो हैं अपने जिनको चमा किया था उनको वो वापस कर देते
02:13उनको पहले ही हिरासत में ले लिया गया, मस्जिद तक पहुँचने ने दिया गया उनको, उनको नमाजी पढ़ने ने दी गई, उसके बाद जो लाटी चार्ज हुआ उससे कुछ हालात खराब हुए
02:24इसलिए खानदान के तमाम अफराद की तरफ से मत्तफ़ा जो फैसला है, जो बयान है वो ये है कि बरेली शरीफ में मुसल्मानों को मुसल्मान होने की केलेक्टिव पनिश्मेंट यानि सामुहिक सजा दी जा रही है, पुलीस रसी का साब बना रही है, बेगुनाह मुसल्मान
02:54हमले का जूटा इलजाम लगा रही है, इंद्रा मारकित के पास का एक वीडियो वाइरल हुआ है, जिसमें एक बिल्डिंग की छट से कुछ लोग मुसल्मानों और पुलीस पर पत्राओ करते नदर आ रहे हैं, इस से थाबित होता है कि मुसल्मानों और पुलीस पर पत्रा�
03:24इसे नजर प्हिर रही है, नदर अंदास कर रही है, बरेडि़ शरीफ में लगातार बेगुनाह मुसल्मानों को गरफ्तार किया जा रहा है। बेगुनाहों को थाने में बुरी तरह मार्पीट कर मीडिया के सामने परेड कर आई जा रही है
03:43जिस से वो ठीक से चल तक नहीं पा रहे हैं
03:47उन्हें खाने पिने तक को नहीं दिया जा रहा है
03:51इसके अलावा शहर भर में बेगुनाह मुसल्मानों के घरों पर बिल्डोजर खड़े कर दिये गए
03:58और तोड़ फोड़ की अवैद कारवाई की जा रही है
04:03इतना ही नहीं दबिश के दोरान मुसल्म महिनाओं और लड़कियों पर जल्म किये जा रहे हैं
04:12बच्चों तक से मारपीट की जा रही है
04:14मस्जिद में दबिश देकर इमामों और मौजिनों का उत्पीडन किया जा रहा है
04:21खौफजदा करने वाली इस कारवाई की वज़ा से कई मस्जिदों में नमाजे तक नहीं हो पा रही है
04:29जो अपने मजहब पर अमल करने के सन्वेधानिक अधिकार का खुलन खुला हनन है
04:37पुलीस नमाज पढ़ने के समय और तरीपे तक पर आपती कर रही है
04:44पुलीस की जल्म और ज्यात्ती से ना सिर्फ बरेली शरीप में खौफ का माहौल है
04:52बलकि पूरे मुल्क और दुन्या भर में करोड़ों सुन्नी मुसल्मानों में बेचेहनी है
05:00इन तमाम हालात के मद्दे नजर हम ये मांग सामने रखते हैं पर शासन के और शासन के
05:12बेगुनाह मुसल्मानों की गिरफतारी पर तत्काल परवाव से रोक लगाई जाए
05:19पुलीस की मनमाने दविशों को फौरण रोका जाए
05:24बेगुनाह मुसल्मानों पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस लेकर उनको रहा किया जाए
05:31बुल्डोजर का रवाई भी फौरण रोकी जाए और दह्षत का माहौल खत्म किया जाए
05:38अगर हमारी ये मांगे फौरण खुबूल न की गई तो जल्द ही कोई ठोस फैसला लिया जाएगा
05:45तो ये बरेली है और बरेली आलम इसलाम में मुसल्मानों का एक केंदर है मरकज है सिंटर है तो यहां पर जो दूसरे मकामात पर आईलब मुहमत के तालुक से लोगों ने अपने अपने ग्यापन पेश किये मेंबरेंडम दिये
06:06तो जाहिर है के बरेली में आला हदरत आराम फर्मा रहे हैं और आला हदरत ने इश्क रिसालत का पैगाम आम करने के लिए
06:18हम एक पीसफुल तरीखे से तोखिर रजाय को ग्यापन ही तो देना चाहते थे कोई कौन सा वहां लाटी डंडे बम लेकर गए थे जो ये पेश किया रहा है कि वो दंगा करने की अरादे से आए थे अब पत्थर किन्ने फेके जिन्होंने पत्थर फेके आप उनको आरेस्�
06:48प्रिशासन को समझना चाहिए कि बेगुनाहों को बिलकुल तक्रीफ नहीं पहुचाना चाहिए
06:54तो वो हमारे बड़े जो कहेंगी वो आपको पताएंगे अभी वो फैसला नहीं है कि परुल्टिस करेंगे धरने पर जाएंगे वो सब भी कोई बात बताने की नहीं है
07:13वो जब हमारे बड़े फैसला करेंगे वो आपको बताया जाएगा वो पर शासन को बताया जाएगा कि साब जाहिर है कि कुछ नहीं कुछ चो करना पड़ेगा हमारी कोई बात सुनी नहीं गाया कही ना शासन सुन रहा है ना पर शासन सुन रहा है और पर शासन के तमाम लो
07:43मरेली के जो हालात हैं उन हालात के मद्द नजर खांदाने आला हदरत के तमाम अफराद ने
07:53खास तोर से हदरत मौलाना सुभान रजा खां, हदरत मौलाना अजजद रजा खां,
07:59قاضی ہندوستان حضرت مولانا منان رضا خان
08:01اور خانقار ازبیال سجد نشین
08:04مولانا احسن رضا خان
08:06ان سب کی طرف سے
08:08اور بلکہ پورے خاندان کی طرف سے
08:10ایک ہی
08:11जमांड रखी गई है
08:13کہ جو
08:14جمعہ के दिन
08:17गयापन देने
08:19के वक्त
08:20जो हालात पे आए
08:23लाड़ी चार्ज हुआ
08:24वो सिर्फ मुसल्मानों को
08:27उपर लाड़ी चार्ज किया
08:28और मुसल्मानों को
08:30जदो कोप किया गया
08:31इसलिए
08:33खानदान के
08:36तमाम अफराद ने
08:38मिलकर एक
08:40डिमांड पेश की है
08:42परिशासन के सामने
08:44के बेगुनाह मुसल्मानों
08:47की गिरफतारी पर तत्काल
08:48पर भाफ से रोक लगाई जाए
08:50ये खानदान के
08:52तमाम लोगों की तरफ से
08:53ये अपील है
08:55पुलीस की मनमानी
08:57दविशों को फौरण रोका जाए
08:59बेगुनाह मुसल्मानों पर
09:01दर्ज मुकदमे तुरंट
09:03वापस लेकर उनको रहा किया जाए
09:05बिल्डोजर कारवाई भी
09:08फौरण रोकी जाए
09:09और दह्षत का माहौल
09:11खत्म किया जाए
09:12हमारी ये मंगे हैं
09:16इन मंगों पर पर परशासन को
09:17गोर करना चाहिए
09:19ये कोई ऐसी मंगे नहीं है
09:20जिस पर वो अमल नहीं कर सकते
09:22ये दर्बार आला हदरत की तरफ से
09:25पूरे खांदान का मुटफ़का ये एक पैसला है
09:29अज़र अज़र ये मंग नहीं मंग तो अज़र शासन को मानना चाहिए
09:35आलगे क्या करेंगे वो जो हमारे बड़े हमारे हैं
09:38वो बताएंगे हमें क्या करना है
09:52अज़र आलगे हमारे है
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