00:00कोलकाता की बारिश हमेशा रहस्यों से भरी लगती है
00:07कूंदे खिर्कियों पर पड़ती हैं जैसे कोई छिपा हुआ सच बाहर आने की कोशिश कर रहा हूँ
00:14उस रात हमारी छोटी सी किराय की कोठी के अंदर मैं और देबदत रोई चाई पी रहे थे
00:21जब दर्वाजे पर एक जोरदार दस्तक होई
00:24मैंने घड़ी देखी
00:26रात के बारा बचकर पांच मिनिट हुए थे
00:30इतनी रात को कौन आ सकता है मैंने बुदबुदाते हुए दर्वाजा कोई दर्वाजे पर एक भीगी हुई महिला खड़ी थी
00:39उसकी साड़ी बारिश से चिपक गए थी और आँखों में खौफ तैर रहा था
00:45ग्रिपया
00:46मेरी मदद कीजिए उसने कापती हुई आवाज में कहा
00:50मेरे पिता
00:52मर चुके हैं
00:55और मौत से पहले उन्हें एक खून से सनी घड़ी मिली थी
00:58देवदत ने अकबार नीचे रखा और अपनी पीखी नजरे उस महिला पर डिका दी
01:04उन्होंने कहा बिना पलक जपकाए
01:06महिला ने अपना नाम बताया क्लारा मुखर जी
01:10उसने कहा कि उसके पिता न्याय मूर्ती अनिरुध मुखर जी
01:15को तीन बचकर पंद्रह मिनिट पर अटकी हुई एक जेव घड़ी मिली
01:18घड़ी के डायल पर सूखे कून के निशान थे
01:22और एक घंटे बाद वे बिना किसी चोट या वीमारी के मृत पाए गए
01:27देवदत ने बिना हिले डूले पूछा क्या आपके पिता को कोई धंकी मिली थी
01:33लारा की आवाज लड़ खड़ा गई
01:35पिता जी ने विकरम बर्मन को पांसी की सजा सुनाई थी
01:39विकरम बर्मन
01:41कोलकाता का क्रिमसन किलर
01:43एक सीरियल मडरर जो हर शिकार के पास एक पून से सनी घड़ी छोड़ता था
01:49लेकिन उसे पांच साल पहले पांसी हो चुकी थी
01:52क्या वो सच में मरा था?
01:56तब ही खिड़की के बाहर एक परचाई दिखाई दी
02:00देवदत ने जच से खिड़की खोली लेकिन बाहर कोई नहीं था
02:04बस एक घड़ी की धीमी टिक-टिक आवाज अंधेरे में गूंज रही थी
02:09अगली सुबह मुकरजी हाउस
02:12हम सुबह मुकरजी हाउस पहुँचे
02:15घर के अंदर एक अजीव सी ठंड़क थी
02:18हर दीवार पर एक पुरानी घड़ी तंगी थी
02:21लेकिन सभी घड़िया रुकी हुई थी
02:24देवदत ने जच साहब की जेब घड़ी को गोर से देखा
02:28खून सूप चुका है उन्होंने कहा
02:31लेकिन असली रहस से इसके अंदर चिपा है
02:34उन्होंने धीरे से घड़ी खूली
02:37अंदर धुंदले अक्षरों में वीवी उकेरा गया था
02:41विक्रम बर्मन
02:43पर ये कैसे मुम्किन है मैंने कहा
02:46वो तो मर चुका है
02:48देवदत ने हलकी मुस्कान दी
02:51वो सकता है
02:53मौत ने उसे अभी तक छोड़ा ही नहो
02:56रात को ग्यारा बजे
02:58हमें दूसरी हत्या की खबर मिली
03:01क्लारा के भाई
03:03रोहन मुकर जी की लाश उनके कमरे में मिली
03:06उनके पास एक और खूनी घड़ी थी
03:09चार बचकर दस मिनित पर रुकी हुई
03:12देवदत ने घड़ी की सुईयां ध्यान से देखी
03:15उन्होंने एक सुईय से घड़ी की नोप को कुर्चा
03:19और एक माइक्रोनिडल बाहर निकली
03:21ये एक जहरीली सुईय है उन्होंने कहा
03:24जो घड़ी को छूते ही जहर छोड़ देती है
03:28मौत पांच मिनित के अंदर हो जाती है
03:31देवदत ने कहा
03:33अगला मर्डर पांच बजे होगा
03:35और अगला निशाना शाय
03:37क्लारा
03:39हमने पूरी हवेली की घेराबंदी कर दी
03:42बारिश तेज हो रही थी
03:45घड़ी की सुईयां धीरे धीरे पांच के करीब बढ़ रही थी
03:49चार बचकर पचपन मिनित
03:52चार बचकर अठावन मिनित
03:54चार बचकर उनसट मिनित
03:56तभी सीडियों पर एक परचाई दिखी
04:00देवदत ने चलांग लगा कर उस शक्स को पकड़ लिया
04:04वो अमल दास था
04:06जेल का वही गार्ड जिसने विक्रम बर्मन की पांसी देखी थी
04:10तुम हार गए देवदत ने कहा
04:13अमल हंसा
04:15तुम देव से पहुँचे
04:17वो अब मरेगी
04:19देवदत ने मुस्कुरा कर जेव से एक स्कूर ब्राइवर निकाला
04:23मैंने घड़ी की सुईया पहले ही निकाल दी थी
04:26अमल दास को गिरवतार कर लिया गया
04:30लारा बच गई
04:32लेकिन जब देवदत ने वो कून भरी घड़ी उठाई
04:35तो अचानक घड़ी की बंद सुई
04:38खुद बखुद एक सेकंड आगे बढ़ी
04:41देवदत ने हलकी आवाज में कहा
04:44हो सकता है
04:46कुछ रहस से कभी खत्म नहीं होते
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