00:00शारादिय नवरात्री का पावन पर्व पूरे भारत में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है
00:17इस वर्ष ये पर्व दो अक्टूबर दोहजार पचीज को विज्या दश्मी के साथ समाप्त होगा
00:23नवरात्री के नौ दिनों में मा दुर्गा के विभिन रूपों की विधिपूर्वग आराधना की जाती है
00:30इन नौ दिनों में भग्त उपवास रखते हैं मा के अलग-अलग स्वरूपों की पूचा करते हैं
00:37और विशेश रूप से अश्टमी और नवमी को कन्या पूजन जिसे हम कन्जक पूजन भी कहते हैं इसका आयूचन करते हैं
00:46इस वर्ष दुरगा अश्टमी 30 सितंबर 2025 को और नवमी 1 ओक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी
00:55दुरगा अश्टमी तिथी 39 सितंबर को शाम 4 बच कर 31 मिनट से शुरू होकर 30 सितंबर को शाम 6 बच कर 6 मिनट तक रहेगी
01:05लेकिन उध्या तिथी की मान्यता के अनुसार दुरगा अश्टमी 30 सितंबर को मनाई जाएगी
01:11अश्टमी पर कन्या पूजन और व्रत का पारण करने की परंपरा है
01:15और इस दिन मा महागौरी की पूचा की जाती है जिन्हें शान्ती, तपस्या और करोणा का प्रतीक माना गया
01:24इस वर्ष अश्टमी पर कन्या पूजन का शुब मुरत सुबह 5 बजी से 6 बच कर 12 मिनट तक है
01:31और 10 बच कर 40 मिनट से 12 बच कर 10 मिनट तक भी
01:36इसे दौरान पूजा और कन्या भूच करना सर्वश्रेष्ट माना जाएगा
01:40पूजा में 2 से 9 वर्ष की कन्याओं को आवंतृत किया जाता है
01:45जिन्हें देवी के रूप में मान दिया जाता है
01:48उनके चरण धोकर तिलक लगा कर उन्हें हलवा, पूडी, चना, फल और खीरादी का भूजन कराया जाता है
01:56इसके बाद उन्हें वस्त्र, उपहार या दक्षुना देकर उनका अशिर्वात लिया जाता है
02:01ये परंपरा नाकेवल धार्मिक द्रिष्टी से महत्वपून मानी जाती है
02:07बलकि ये कन्याओं के प्रती सम्मान और श्रधा की भावना दर्शाती है
02:13अब इसी बीच सबसे बड़ा सवाल ये कि दुर्गा अश्ट्मी पर क्या गलतियां आपको नहीं करनी चाहिए
02:19इसमें सबसे पहले रातरी बारा बचे के बाद वरत ना खोलें
02:24अश्ट्मी के दिन यदि आप वरत का पारण कर रही हैं तो ध्यान रखें कि रात बारा बचे के बाद पारण करना शास्त्रों के अनुसार वर्जित है
02:32पारण हमेशा दिन के शुग मूरत में करना चाहिए
02:36लेदर की वस्तुएं अपने पास ना रखें
02:39पूजास्थल के पास पूजा करते समय चमड़े से बनी चीज़ें जैसे की पर्स, बेल्ट, जूते आदी नहीं रखने चाहिए ये अशुधता का प्रतीक मानी चाहती है
02:50आपको क्रोध, जूट और अपमान से भी बचना है
02:54अश्टमी और नव्मी जैसे शुब्दिनों पर मन को शान्थ और पवित्र बनाए रखें
03:00जूट बोलना, किसी को अपमानिक करना या गलत शब्दों का प्रियोग करना पूर्णय की हानी करता है
03:07नकरात्मक्ता से दूर रहें
03:10दुरगा पूजा के दौरान मन, वचन और कर्म से शुद रहने का प्रयास करें
03:15बुरी संगत, व्यसनों और आलस्य से दूर रहें
03:19कन्य पूजन को हलके में ना लें
03:21ये केवल एक रिवाज नहीं बलकि आध्यात्मित और सांस्कितिक परंपरा का एहम हिस्सा है
03:27कन्याओं को उचित सम्मान देना, भूजन करानी से पहले उनके पैर धोना और उन्हें प्रेम पूर्वाग उपहार देना आवश्यक है
03:36व्रत खूली के बाद भारी भूजन ना करें, व्रत का पारण करते समय हलका और सात्विक भूजन करें
03:44गरिष्ट और तेलिय भूजन स्वास्थे के लिए हानिकारक हो सकता है
03:47तो इस तरह से दुर्गा अश्टमी का दिन ना केवल पूजा पाठ का बलकि आत्म निरिक्षन और आत्म शुद्धी का अच्छा अफसर है
03:55सही समय पर पूजा करना नियमों का पालन करना और आस्था के साथ कन्या पूजन करना आपको मादुर्गा की विशेश क्रिपा दिलाएगा
04:05नवरात्री का हर दिन एक नई उर्जा और सकारात्मक्ता ले कराता है और अश्टमी का दिन उनमें सबसे विशेश माना गया
04:14यदि आप नवमी को भी व्रत रखते हैं तो पारण एक उक्टूबर की पूजा के बाद करें और उसे दिन कन्या पूजन का आयोजन करें
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