00:00दुर्गा पूजा का हर देन भक्तों के लिए विशेश महत्व रखता है लेकिन अश्टमी और नौमी के संधी काल में होने वाली संधी पूजा को सबसे पवत्र छण माना गया है ये वो समय है जब मादुर्गा अपने दिव्य चामुंडा स्वरूप में प्रकट होकर असु
00:30शक्ति की उपासना का चरम रूप है जो भक्तों को ये विश्वास दलाती है कि अंदकार पर हमेशा प्रकाश और अन्याय पर हमेशा धर्म की वज़य होती है धार्वेक मानता अनुसार संधी काल में मादुर्गा ने महिशासुर के दो सेनापतियों चंडमुंड का वद कि
01:00कमल पुष्प अर्पित करने की परंपरा है मानता है कि मा का विशेश आशरवात तसदौरान प्राप्त होता है वह इस सल संधी पूजा का समय शाम 7 बचकर 36 मिनट से 8 बचकर 24 मिनट तक है इस समय 108 दीपक और 108 कमल पुष्प अर्पित करना अत्यंत शुबफलदाई जरूर
01:30हुआ
Comments