00:00दिल्ली देश की रास्धानी और एक ऐसा शहर है जो लंबी एतिहासिक विरासत को अपने में संजोए है तो वहीं कहीं आधुनिक तक की कई नई वारतों को समेटे है ऐसे में किसे भी तरह के परेटक यहां आएं उनके लिए दिल्ली एक मुफीर जगा है
00:25एक तरफ जहां भारत के प्रतीक माने जाने वाले मुगल कालिन भव्य लालकिला और विशाल जामा मस्जिद इस्तित हैं जिनके हर कोने ने अपने आप में लंबा इतिहास समेटे रखा है इंडिया गेट जो प्रतम विश्वीद में मारे गए शहीदों की याद दिलाता है त
00:55इसका उद्देश प्रयाटन को बढ़ावा देना अगर भारत के दिल्ली की बात करें तो ना सिर्फ एद्देश की राजधानी बल्कि प्रयाटन के भी राजधानी मानी जा सकती है क्यों बात करें सुभधाओं की तो आर्केलोजिकल सर्वे आफ इंडिया की तरफ से एसा�
01:25चाहते हैं कि एसाई के मौनुमेंस को बहुत लोग अच्छे से विजिट करें देखें अपने विरासत को जाने इसके लिए भारतिय पुरातत्वा सर्वेक्षन अलग अलग विजिटर अमेनिटी इसको हम लोग बोलते हैं जिसमें क्लॉक रोम रहता है जिसमें वाश रूम
01:55और यह सारे हां फिर उसके बाद हम लोग अभी क्योरियो शॉप्स या पब्लिकेशन काउंटर्स रहते हैं ताकि लोग वहाँ जब चाहें तो सिर्व मौनुमेंट ही न देखें और भी उसके विशे में ग्यान प्राप्त करें
02:0827 सितंबर को विश्व पर्याटन दिवस के रूप में मनाया जाता है जो इस बात को बताता है कि पर्याटन केवल मनुरंजन का साधन भर नहीं बलकिया किसी भी राजी की आर्थिक, समाजिक और सांस्कृतिक प्रगती का अधार इस्तंभ है इस वर्ष की थीम पर्याटन और
02:38हमेशा जोर दिया है कि टूरिजम को बढ़ावा देना चाहिए ताकि लोग देखें जाने अपने खुद के विरासत के विशय में बहार के टूरिस्ट आए और भारत को जाने अपने विरासत के हमारे विरासत के माध्यम से तो इसलिए QR कोड लगाने की पूरी ववस्ता की �
03:08जहर ही यहाँ पे तीन विश्वदाय समारक हैं, तीन वर्ल्ड हेरिटेज मॉनुमेंस है, रेट पोर्ट, हुमायुस्टूम और कुतुब मिनार कॉंपलिक्स और इसके बाद में आता है जैसे आगरा, ताच महल और बाकी से कंद्रा और फतेपूर सीक्री आस-पास का पूर
03:38और व्याश्विक मानकों का ध्यान में रखते हुए परियटन का विकास करें, तो आने वाले समय में दिल्ली ना केवल एक परियटन शक्ती बनेगा, बलकि अपने अध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक धरोहर का पत प्रदर्शक मनेगा। दिल्ली से एटीवी भारत के �
04:08उसका जो मूलता स्वरूप है उसको सभाल कर रखना और इसके साथ नई बिरासत और विकास को भी जोड़ना है।
04:16एटीवी भारत के लिए दिल्ली से मैं धनंचे बर्मा।
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