00:00शार्दिय नवरात्री के पांचवे दिन सकंद माता की पूजा का विधान है।
00:30शुब माने जाते हैं।
00:32वहीं मंदिर में आयश रधालू ने बताया कि मा बागेश्वरी के दर्शन युगों-युगों से होते आ रही है।
00:38पंचमी के दिन सकंद माता की पूजा का विशेश महत्व है।
00:42पंचमी के दर्शन पूजा के दर्शन से का लागेश्वरी के दर्शन से रहे हैं।
00:56foreign
01:10foreign
01:26He was not the leader of the議ard Games, I am not the leader of the議ard Games, I am the leader of the department of the discussion with the議ard Games and the leaders of the sudden, I am the leader of the sympathy.
01:49Himachir Pradesh के Bilaspur में, Shri Nenay Deviji के मंदिर में,
01:52शारदिय नवरात्रों में माता रानी की पूजा के साथ-साथ
01:55अपने छोटे-छोटे बच्चों के मुंदन संसकार भी करवाते हैं
01:59और अपनी प्राजीन परंपराओं का निर्वहन करते हैं
02:02काफी संख्या में, श्रद्धालू माता के दर्मार में,
02:05हर रोज नवरात्रों के शुब महूर्थ पर बच्चों के मुंदन संसकार करवाते हैं
02:32सकंद माता जो बगवान कार्थिके है कि माता के रूप में पूजी जाती है
02:50यहां भक्त एक साथ मां के गौरी स्वरू यानी बागेश्वरी और दुर्गा स्वरू यानी सकंद माता के दर्शन करने आते हैं
02:57Skandmata is a divine and divine. Skandmata is a divine and divine divine.
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