00:00श्री कृष्ण जिन्होंने महाभारत जैसी युद्ध की रणनीती रची, वो भी रोये थे। एक बार नहीं, कई बार, जब उनके मित्र सुदामा मिलने आये, तो कृष्ण ने उनके फटे कपड़ों को छूकर आसू बहा दिये।
00:17मित्रों के दुआख देख कर भी अगर आख न भरे, तो वो भगवान कैसा? एक और बार, जब राधा से बिछड़ना पड़ा, तो कृष्ण ने अपनी बानसुरी बजाना छोड़ दिया, और तब से कभी नहीं बजाई, यही तो उनकी दिव्यता है, वो भगवान होते हुए
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