00:00तेरे हुसन को परदे की जरूरत ही क्या है? कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद? आये हूँ जो आँखों में कुछ देर ठेर जाओ, एक उम्र गुजरती है एक ख्वाब सजाने में.
00:15मुझे चाहते होंगे और भी बहुत लोग, मगर मुझे महबबत सिर्फ अपनी महबबत से है. पहली मुलाकात थी और हम दोनों ही बेबस थे, वो अपनी जुल्फे ना संभाल पाए और हम खुद को.
00:30अजीब सी बेताबी है तेरे बगएर, रह भी लेते हैं और रहा भी नहीं जाता. तुम्हारी अदाएं मेरी जान ही न ले लें, ये अंदाजिम नजर बदलो मेरी जिन्दगी का सवाल है. तेरे इश्क में यू निलाम हो जाओ, आखरी बोली तेरी हो और तेरे नाम हो जा�
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