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  • 5 months ago
झारखंड सरकार ने खेल को बढ़ावा देने के लिए सिदो-कान्हू युवा खेल क्लब योजना शुरू की. लेकिन जमीन पर इसकी हालत खराब है.

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00:00जार्खन सरकार की महत्वकांक्षी सिद्धो कानो यूबा खेल कलब योजना अब भी सवालों के घेरे में है
00:10खेल निती 2022 के तहट शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य राज के सभी गाउं में खेल कला और समाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था
00:18हर कलब को 25,000 रुपे की किस्त जारी करने का प्रापधान रखा गया है ताकि गाउंस्तर पर विर्सा पुस्तकाले दिशों, जिम्नांजियम और सांस्कृतिक कारिक्रमों को बढ़ावा मिन सके
00:29खेल सची मनुच कुमा ने कहा इस यूजना को धरातल पर उतारना राजिसरकार का लक्ष है निदेशाले लगातार इस दिशा में पहल कर रहा है और हम युबावों को साकारात्मक मंच देने के लिए प्रतिबद हैं
00:41देखिस सभी गाओं में हम लोग ने सिद्धू कानू खेल क्लब के गठन का प्रस्ता बहुत पहले हम लोग संकल्प के मात्यम से किया है लगबग 2000 गाओं में सिद्धू कानू क्लब का गठन हो पाया है उसको हम लोग 25 जार से लेके 5 लाख तक उसमें अनुदान देने का
00:57on the best on the performance उनके performance के अधार पे देने की प्रक्रिया है उसको और fine-tune जो है वो निदेशा लेके द्वारा किया जा रहा है कुछ experiments हैं जिसके अधार पे उसको कैसे और हम लोग effective बनाए उसके बारे में मायतशी का त्यार की जारी है
01:11वहीं खेल निदेशक सेखर जमवार ने भी योजना के प्रसंशा करते वे कहा कि इसकी प्रक्रिया तेजी से चल रही है उन्होंने दावा किया कि पंजिकरन खाता खुलने और पहली किस्त की रासी भेजने जैसे काम पूरे हो चुके हैं
01:24Siddhu Karnu UA Club का formation हुआ है बहुत ही पढ़या कंसिप्ट के साथ हुआ है उसमें जैसे जानते है कि हर गाव में एक क्लब रहेगा जो कि not only sports, culture, education, सारे चीज़ को देखेगा उसमें जितने भी youth होंगे उनको जोडेगा सारे office bearers भी उनके ही होगे अध्यक्ष को साध्यक सारे उन
01:5425,000 रुपया हम लोग उनको हम लोग जहां-जहां रेजिस्ट्रेशन सारा एकाउंट खूल गया उनको हम लोग उने दिया भी है
02:00हलाकि जमीनी हकिकत अलग है कई गाउं में कलब तो बने हैं लेकिन गति विध्या शुरू नहीं हुई है कलब के सचीव रजनीश कुमार ने साप कहा यह योजना अब तक कागजों में ही घुम रही है किस्त के 25,000 रुपया आ चुके हैं लेकिन उन पैसों का क्या करना है इ
02:30किस्ते अभी पिछला साल एक सेप्टेंबर को एक सेप्टेंबर को हमारा जो पहला इंस्टॉल्मेंट तो जो 25,000 को बोला है तो आया अभी तक जिसमें हमको नहीं लगता है कि टोटल का के प्रशन के अगर मैं बात करूं तो इसमें चार से पांच गाउं का पंचायद भी �
03:00ग्रामिनों का भी कहना है कि ना तो पुस्तकालाए और ना ही जिम्नांजियम के पहल हुई है बैटके तक नहीं हो रही है फिलहाल सरकार और इस्थानेय समीतियों के दावों के बीच यह योजना अधर में लटकी हुई है चंदन भटाचारिया एटीबी भारत नाची
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