Supreme Court On Waqf Law: सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून पर बड़ा फैसला सुनाया है, जिससे मुस्लिम समुदाय को राहत मिली है। इस फैसले के बाद AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi समेत कई मुस्लिम नेताओं और अन्य राजनेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। यह फैसला वक्फ की संपत्तियों और अधिकारों को लेकर अहम माना जा रहा है। जानिए कौन-क्या बोला इस ऐतिहासिक निर्णय पर, और इससे मुस्लिम समाज को क्या फायदा होगा।
00:30डियम अब वक्ष की प्रॉपर्टीस में इंटर्फियर नहीं करेगा
00:34ये सबसे बड़ा पाइंट था
00:37क्योंकि डियम साहब तो वो ही करते हैं जो सरकार चाहती है
00:41हम इस फैसले का जहां तर डियम साहब की बात है
00:44स्वागत करते हैं
00:47और बाकि चीजें कि वक्ष के अंदर नौन मुसलिम को उन्होंने अलाउ कर दिया है
00:53ना तो ये इसलमे खानून नौन मुसलिम जानते हैं
00:57और ना ही मुसल्मान हिंदू परसनल लास को जानते हैं
01:04कल को मुसल्मान भी ये कहेंगे कि साब हमें भी मंदिरों के ट्रस्क में रखा जाए तो क्या सुप्रिम कोड इस बात को अलाव करेगा क्या अलाव करना चाहिए तो हमारा ये मानना है कि इसमें मुसलिम ही होने चाहिए थे भले से महिलाएं कभी कुछ परसंटेज होता लेकिन
01:34सुप्रिम कोड ने फैसला दिया लेकिन ये ध्यान नहीं रखा कि वफ की संपतियों पर अवैद कब्जे जिन दिन लोगों के हैं सरकारों के हैं उसका क्या होगा सबसे जादा तो अवैद कब्जे सरकारों के हैं क्या सुप्रिम कोड उन संपतियों को फिरी कराएगा सरकार
02:04जो लोग रह रहे हैं वफ की संपत्यों में उनके लिए सुप्रीम कोड ने कुछ सोचा जो वफ के पूरे के पूरी सिस्टम में सुधार का फैसला हुआ है पसंसद ने पास किया है वो शुद रूप से आस्था के सरच्षण और व्यस्था के सुधार का है जो आस्था है उसक
02:34की छूट चाहती है अब लूट की लंपटला भी अगर लूट के लाइसेंस की लीगल छूट चाहती हो तो वो इसी तरह का हाकार अंगामा और एक कालपनिक भरम पैदा करने की कोशिश करेंगे क्योंकि यह वो लोग है जिन्होंने के वक्त के पूरे सिस्टम को टश्मीनार
03:04परशासनिक व्योस्ता है उसमें जो है वो समाच के सभी वर्गों की हिस्सेदारी भागीदारी नए कानून में जो है है अब यह कहते हैं कि जी नहीं सेकुलर कंट्री में कमनल इंट्री और नो इंट्री का फार्मूला रहेगा कि इसमें जो है वो कोई भी जो है वो दूसर
03:34पूरे के पूरे वक्त के सुधार पर हाहकार और हंगामा और हुर्दन कर रहे हैं वह शुद रूप से ऐसी Sisfis की लंपडला भी है
03:42जो लूट के लीगल लाइसेंस की छूट चाहती है इससे जादा कुछ नहीं है और इसलिए जो है वो जो भी कोट ने इस पे फैसला किया है सरकार जरूर उसको देखेगी लेकिन मेरा मानना है कि इस सुधार पर किसी भी तरह का सामपदाइक परहार जो है वो सुईकार नहीं ह
04:12जो संशोधन अधिनियम 2025 है वफ का उसको पूरी तरीके से उस पर कहीं को रोक नहीं लगाई है कुछ चीजों पर रोक की बात की है जो चीजें उठाई थी तमाम याचिका करताओं ने कुछ चीजों पर अभी मुझे लगता है कि जल्दी बाजी होगी कुछ कहना लेकिन म�
04:42हमारे जो ग्रह मंतरी हैं उन्होंने भी सदन में कहा था कि हम शरिया के मामले में कोई बात नहीं कर रहे हैं हम वकबोर्ड को लेकर जो बोर्ड हमारा बनता है वो संबैधानिक होता है परशासनिक होता है तो बोर्ड में जो तीन सदस को लेकर बात उठ रही थी बार बार कि
05:12होंगे वो गैर मुस्लिम लिए जा सकते हैं तो उस पर कोई रोक नहीं लगाई है तो मुझे लगता है कि यह ने अपने आप में बताता है कि यह जनहित के लिए जो लोगों को नियाए देने के लिए जो वक्फ आधिनियम
05:24मानी मोदी सरकार लेकर आई थी उस पर पूरी तरीके से सहमत है मानी सर्वोश नियाले भी और जो हमारे याचिका करता है जिन्होंने याचिकाएं लगाई थी जिन्हें थोड़ा कहीं न कहीं गलत फहिमिया थी उस गलत फहिमी को भी दूर कर दिया है मानी सर्वोश नियाले �
05:54महिला होने के नाते मैं यह जरूर कहूंगे कि जी वक्त के साथ समय के साथ सिस्टम्स हैं बदलते हैं और बदलने भी चाहिए इच शुड इवॉल्व विच चेंजिंग टाइम्स पर जो एक सैंक्टिटी होती है कल्चरल और जो रिलिजिस
06:09स्ट्रक्चर की उसको मेंटीन करना बहुत ही आवश्यक है और आज जो रूलिंग दी है सुप्रीम कोट ने जिससे हमें पहले जिस इस आक्ट में जो हमें कुछ आपतिया थी जैसे कि कलेक्टर को जो आबिटरी पावर्स इतने मिल रहे थे जिसे कि हमें इस बात की फिकर थी क
06:39जो नौन मुसलिम जो बोर्ट पे आएं साथ ही में जो CEO हो इंशोर करना चाहिए कि एक मुसल्मान हो इन सब जो क्लॉसे इनका स्वागत करते हैं
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