Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून (Waqf Amendment Act) के कुछ प्रावधानों पर अंतरिम रोक लगाई, जिसमें कलेक्टर जांच का प्रावधान भी शामिल है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सिर्फ मुसलमानों के लिए पांच साल तक धर्म का पालन करना आवश्यक क्यों है, जबकि संविधान किसी को भी संपत्ति दान की अनुमति देता है।
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00:00वक्त कानूनों के खिलाफ दायर की गई याचकाओं पर आज अकरकार सुप्रीम कोट ने अंत्रिम आदेश दे दिया
00:06कोट ने आदेश को पढ़ते हुए स्पस्ट किया कि कानून को रद करने या फिर रिष्टे लगाने या फिर बैन लगाने जैसा इसा कुछ नहीं
00:14यानि रद करने या फिर उस पर रोक लगाने से कोट ने इंकार कर दिया
00:19हाला कि कुछ प्रावधानों पर इन याचकाओं में मांग जो की गई थी उन पर ध्यान देते हुए रोक लगा दी और कुछ प्रावधानों को बदल दिया गे
00:28सरकार को इस कानून में बदलाओ की जरौत क्यों पड़ी नए कानून के किन प्रावधानों का विरोध हो रहा था और कोट ने किन प्रावधानों पर बदलाओ किया और इस मामले में आगे क्या होगा इन सारी चीजों के लिए बने रही मेरे साथ आप देख रहें One India और मैं ह�
00:58एक कोशिस थी जिसके तहट कें सरकार ने इसमें संसुधन किया था नए कानून के मुताबिक किसी भी संपत्ति को वक्त संपत्ति के रूप में दर्ज करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेज और उचित नोटिस के साथ ही राजसों कानूनों के अनुसार इस पर कारवा�
01:28इस देता रहा है लेकिन वक्त कानून के किन प्रावधानों का विरोध हुआ अब इसको चांडिए।
01:58की चीपने करने का अधिकार होगा मुसलिम समदाय का मानना है कि ये वक्त बोर्ड की स्वायतता पर सरकारी हस्ता चेप होगा वे अशंका जटaint है कि
02:13कि लीई की शक्तियां सं पत्रीके से गयर भूसित करने के लिए इस्तिमाल की जा सकती है नए
02:21कानून में सभी वक्त संपत्यों का पंजी करन और डिज्टल रिकॉर्ड बनाने चरूरी है।
02:26विरोध करने वाले समुहों का कहना है कि ये प्रक्रिया छोटे और अनुचारिक वक्त को जैसे मस्जिदों और कब्रस्तानों के लिए बोचिल है और इससे संपत्यों को सरकारी नियंपरण में लेने का खत्रा है यानि सरकारी कपज़ा हो सकता है।
02:41इसके लाओ नए कानून में मुसलमान वक्त अधनियम को रद कर दिया गया है।
03:11प्रावधान में प्रावधान का पालन करता है तो ही वो कोई
03:41संपत्य वक्त को दान कर सकता है।
03:43कानून के सेक्षन 3 आर में इसका प्रावधान किया गया था इस पर कोट ने इस्टे लगा दिया।
03:49यह इस्टे तब तक लागू रहेगा जब तक राज सरकार इस बात का प्रेक्शन करने के लिए कानून नहीं बना लेती।
03:55कि कोई व्यक्ति मुसल्मान है या नहीं यानि उसको तै करने का एक फॉर्मूला नहीं बन जाता है।
04:01कोट ने कहा कि बिना किसी ऐसे नियम या तंत्र के किस प्रावधान के जरिये शक्ति के दुर्प्यों की अशंका बनी रहेगी।
04:22सुप्रीम कोट ने इस पर भी रोक लगा दी और कहा है कि जब तक राजी सरकार ने इसको लेकर के कोई उचित नियम कानून नहीं बना लेती।
04:29तब तक ये शर्प सस्पेंड रहेगी यानि इस्टे रहेगा।
04:32इसके बाद आती है धारा 2C यानि प्रोवीजो।
04:37कोट ने कानून के लिए किये गए वक्त समपतियों के पंजिकरण की प्रावधान पर किसी तरह की रोक भी लगाई है।
04:45कट का मानना है कि इस की व्यौस्था से कहले से ही लागू है और इस व्यौस्था की चिंटाएं …
04:51काहिर हैं कि पंजी करण की लिए दी गई समय सीमा में संसोधन किया जाना चाहिए।
04:55कोट ने कहा कि अपने आदेश में इस मुद्दे का ध्यान रखा है।
04:59कोट ने कहा कि हमने 1995 से 2013 तक रजिस्ट्रेशन का अस्तित्त रखा और अब फिर से इसलिए हम मानते हैं कि पंजी करण नया नहीं है।
05:08वहीं कोट ने सरकार की ओर से तै किये गए प्रावधानों के अंसार वक्त की भाष्णा से वक्त बाई यूजर को डिलीट करने पर कोई स्टेन नहीं दिया है।
05:18पहले के कानून में वक्त बाई यूजर का प्रावधान किया गया था
05:22यानि किसी संपत्ति पर अगर वक्त का कबजा लंबे समय से हो
05:27तो वो संपत्ति वक्त की मानी जाएगी
05:29भले ही बोर्ड के पास उस संपत्ति के कागजाद भू या ना
05:33इस कानून में इस प्रावधान को हटा दिया गया है
05:36कोट ने वक्त संसोधन अधिनियम 2025 के सिक्षन 3C में किये गए प्रावधान पर भी रोक लगा दिया
05:43इसमें कहा गया कि कोई भी संपत्य जब तक वक्त नहीं मानी जाएगी
05:47जब तक कि एक प्रावधिकारी अधिकार यानि कलेक्टर कम से कम इस बात की रिपोर्ट नहीं दे दे ता कि
05:53वक्त की गोश्णा में किसी तरह की अधिक्रमण की कोई आशंका नहीं है और कोई अधिक्रमण चामिल नहीं
05:59या ऐसी संपत्य सरकारी नहीं है
06:01हलांकि कोट ने इस प्रावधान पर ये कहते हुए रुक लगा दिया
06:05कि किसी भी वेक्तिके वेक्तिकत अधिकार पर कलेक्टर को फैसला लेने का अधिकार नहीं दिया जा सकता
06:11ये अधिकारों के विकेंदरी करण का उलंगन होगा
06:14इसके लावा गैर मुसल्मानों को यानि हिंदू सिक तमाम अन्ड लोगों को बोर्ड में शामिल करने की सदस्यों के तौर पर भी एक फैसला दिया गया है
06:23दरसल बोर्ड में गैर मुसलिम सदस्यों की संख्या सीमित कर दी गई
06:27केंदरी वक्त परिशद में अधिक्तम चार गैर मुसलिम हो सकते हैं
06:30वही राज्य वक्त बोर्ड में अधिक्तम तीन सदस्यों होगा
06:33धारत तेस एक्स वक्त संसुधा नदियम दोहजार पच्चिस में
06:39प्रावधान है कि वक्ष बोर्ड के 11 सदस्यों में से गैर मुसलिम भी सामिल होंगे
06:44इस पर सुप्रीम कोट ने निर्णाय दिया है कि वक्ष बोर्ड में 3 से ज़्यादा मुसलिम सदस्य शामिल नहीं हो सकते हैं
06:51इसके अलाव केंद्रिय वक्त परिशत के 22 सदस्यों में चार से जादा गैर मुसलमान सदस्य नहीं हो सकते हैं।
06:58कोट ने वक्त कानून के सेक्षन 23 पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई है।
07:04यानि कानून के इस सेक्षन में वक्त बोर्डों के एक्स ओफीसियो मेंबर यानि CEO की न्यूक्ति का प्रावधन किया गया है।
07:34जिन प्रावधनों पर कोट ने रोक लगाई है उनसे जुड़े मामलों पर कारवाई नहीं हो।
07:39इस भी सुप्रीम कोट में भी सुनवाई और वहज लगातार जारी रहेगी।
07:42सुनवाई पूरी होने तक कोट का अंत्रिम फैसला लागू रहेगा।
07:46कोट अंत्रिम पैसला सुनवाई के बाद सुनाएगा।
07:48सुनवाई की बीश में नए आदेश या अंड़देश भी जारी किया जा सकते हैं।
07:52जब राजी ये तैकर लेंगे कि इसलाम का अनुवाई काउन हैं तब प्रावधानों पर दुबारा चर्चा हो सकती है।
07:59खलाल इस कबर में इतना ही अप्डेट्स के लिए बने रही है।
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