00:00राजधारी राची में दुर्गापुजा की तैयारिया इस समय पुरे जोर शोर से चल रही है।
00:30राजस्थाने स्थापत्य कला पर आधारित बनाने का निर्नलिया है।
00:33करीब 40 लाक रुपे के लागत से तैयार हो रहे हैं इस पंडाल में बाहर से हावा महल का शोरूप देखने को मिलेगा।
00:40वही अंदर स्रधालो शीष महल जैसी भव्य सजावट का अनुभब कर सकेंगे।
00:45इस बार की विवस्था यहां पर मतलब की समझे तो विगत 1967 से यहां पर पंडाल बन रहा है।
01:06पंडाल हमारा पूरा फिल्म मतलब समझ लिजए कि पूरा राजस्थानी थीम पर आधारित है।
01:12आपको अंदर में सीष महल पूरा सुंदर लगेगा। बाहर में आपको हवा महल का प्रारूप मिलेगा।
01:18आप जैसे जैसे पंडाल के ओर आते जाएंगे।
01:21तो जो हमलों का लाइटिंग गेट लगा हुआ है वो इस बार बढ़ा के लगा हुआ है।
01:25इस बार और बढ़ा के लगा हुआ है।
01:46इस पंडाल की खाशियत यह भी है कि इसका निर्मान पुरी तरह मुसलीम कारिगरों के टीम कर रही है।
01:51जामताला के कारिगर इर्फान अंसारी के नित्रुत में यह कारिगरी की जा रही है।
01:55आयोजन समीतिका कहना है कि यह के बेल एक पूजा पंडाल नहीं, बलकि समाजिक सोहार दुर्गंगा जमुनीत तहजीव का भी प्रतीक है.
02:25दूसरी और बांदगारी दुर्गापुजा समीति भी इस साल अपने पंडाल को लेकर खास चर्चा में है.
02:47समीति ने इस बार अनिकता में एकता का संदेज देने वाले थीम को चुना है.
02:51करीब पचास लाक रुपे की लागत से तयार हो रहे इस पंडाल का उद्देश्य सभी समुदायों को जोडने और समाज में भायचारे का संदेज देने का है.
02:59बांदगाली समीति का पंडाल हर साल अपनी अनूठी थीम और विशेश लाइटिंग वेवस्था के लिए जाना जाता है.
03:06इस बार भी यहां विशेश रौश्णी का इंतजाम किया गया है.
03:09आयोजकों का कहना है कि इस बार बुटी मोर चौक से कोकर चौक तक पूरी सड़क रोश्णी से जगमगाती नजर आएगी.
03:16यद्रसर सद्धालूओं और आगंतुकों के लिए एक अलग ही अनुभब लेकर आएगा.
03:39उसी तरह हम लोग अभी परियास है कि हम पूरे समाज को एक साथ विरोक रखें, उसी का संदेश देने का कोशिस किये हैं एक ताका.
03:45या बजट कुछ खास भाद रहा है?
03:46या बजट तो है, हर बार की बाते कुछ ज्यादा ही बजट है, लेकिन अभी काम चली रहा है, तो फाइनल अभी बजट बताना मुस्किल है.
03:58कितने कारीगर लेगों जुटे हैं, कब तक ओपनिंग वेगरा हो जाएगा?
04:01कारीगर तो अभी हम लोग का करीब 40-45 कारीगर काम कर रहे हैं, और ओपनिंग जो है, 28 तरीक ओपनिंग पर हम लोग का है, लाइटिंग का भी आकरसन का केंद्र बता है?
04:12इस बार लाइटिंग पर हम लोग विश्यस ध्यान दिये हैं, हम लोग का लाइटिंग इस बार देखनी योग होगा, सब 45-50 फिट का उच्छा तोरन दुआर बनने रहा है, साथ.
04:23राजधारे नाची में दुर्गापुजा सर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था और आकरसन का संगम है, कोकर और बांधगारी दुर्गापुजा समीति के पंडाल इस बर्ष भी, शहर वासियों और बाहर से आने वाले सद्धालों के लिए खास आकरसन का कें�
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