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#Haya #SumbulIqbal #MirzaZainBaig


Haya Episode 01 - [Eng Sub] - Sumbul Iqbal - Mirza Zain Baig - 13th September 2025 - HAR PAL GEO

Haya is a story of what happens when love dies and ambition takes its place.

A young girl named Haya fails to gain his love, and her life takes a new turn. What begins as sorrow soon turns into fire—restless, bitter, unstoppable. Darakhshan Begum, unable to contain her, sends her away to the house of Mubarak Mastoor, another matriarch feared and obeyed.

There, fate ties Haya to Rohan, the youngest son. His heart belongs to her, but hers has already turned cold. Love no longer guides her steps—power does.

Slowly, Haya begins to plot against Mubarak Mastoor and her family. Soon, Mubarak Mastoor’s once lively home becomes a battlefield.

Can Haya achieve her ambitions? Will Mubarak Mastoor succeed in stopping her? Will Rohan see who she really is?

7th Sky Entertainment Presentation
Producers: Abdullah Kadwani & Asad Qureshi
Director: Zahid Mehmood
Writers: Noon Qalam & Abu Rashid

Cast:

Sumbul Iqbal as Haya
Mirza Zain Baig as Rohan
Saba Faisal as Mubarak Mastoor
Shamim Hilaly as Darakhshan Begum
Farhan Ally Agha as Adam
Tipu Sharif as Afaq
Faiza Gillani as Rifat
Naveed Raza as Zarar
Saima Qureshi as Aasiya
Fazyla Laasharie as Saima
Rehma Zaman as Iram
Asim Mehmood as Haroon
Junaid Akhtar as Behzad
Nida Khan as Zara
Hassam Khan as Arsalan
Aliya Jamshed as Rifat's mother
Nain Sukh as Sonia

#Haya
#SumbulIqbal
#MirzaZainBaig

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Transcript
00:00मैंने है जो चाहा मुझे को है वो पाना
00:23देखो गलती से भी मेरे रस्ते में ना आना
00:31जो खेल मैं खेलूं हर हाल में जीतूं
00:39मैं हार ना मानूं बस जीत ना जानूं
00:48आए जो भी मेरे आगे कर दू मैं बरबाद
00:55पचता है हर दुष्मन मेरा करके मुझे को याँ
01:18जल्दी जल्दी चले बेजाद से हाप उस्सा करेंगे
01:42चले जल्दी
01:45प्यमानल, प्यमानल, प्यमानल
02:15यह लो पैसे लो यह आप इस में बांट ले लेना तो यह
02:22गाड़ी आहसता चला बलके तुम चला हुई वो ड्राइवर है ना किसली है वो ड्राइव करेगा और तुम लोग आराम से इंजॉय करना बस रोजाना मुझे फोन करना मैं इंतजार करूंगे तुम्हारी कॉल का अच्छा खुदा आफिल बेटा खुदा आफिल जाओ
02:52कर दो समयजिया आफिल और तुम चला हम अकड़ेकर तुम लोग आफिल
02:56वो डेंपैन
03:02के फुम उ 강दैन
03:05का अच्छा इंफ सम्छा क favors इंप्भेवर है
03:13क elements
03:16किदैन
03:19कि वाग
03:22बेजाद, बेजाद, बेजाद, बेजाद, पीजाद, टीछ आटो, उठो, मैंने कहा उठो हाया, बेजाद के पीछे भागना बंद कर दो, वो आस्मान में है और तुम जमींग पर,
03:50बैतर होगा अगर तुम अपने पैर जमीन पर रखो, वो अपर नारे हाथ कभी नहीं आएगा, समझ गये, किसी और जगा, कुछ मेजबान है, जो तुम्हारे मुंतजर, तुम्हे उनके पास जाना होगा,
04:11तयार हो जाओ,बात सुनो, इसके बात हुलिया ठीक करो,
04:20कर दो कर दो कर दो कर दो
04:50कर दो कर दो Economy, कर दो कर दो कर दो कर दो करें दो मुट है.
04:56है याज बीबी, आइने सुना है, मजण साहब अब हवेली में बहुत अर्से बाद याएंगे.
05:16अम्मा भेगम ने समान बादने को क्यों कहा है?
05:23जी तो मैं नहीं जानती
05:24अगर
05:29एक दर्चा उठाए दलने
05:36जी चाहता है कि कहीं दूर चली जाओं सब को छोड़ कर
05:44जहां आप जाएंगी वहां बेजाद साहब के आपको याद नहीं आईए
05:49बेजाद
06:02बेजाद की याद तो कबर तक साथ चलेगी
06:04स्यादा सवाल नहीं पूछो जाओ यहां से
06:12बेजाद की याद हाद गचीजडा नहीं पूछिय में पूछो नहीं नहीं होब कर दो चलेंगे
06:21हुआ हुआ है
06:51जी इस तमाशी की बिलकुल उमीद नहीं थी
06:54जो तुमने बेजाद के जाने पे किया
06:57बेबस हो गई थी मैं
07:00और बेबस बंदा तमाशा नहीं करेगा तो और क्या करेगा
07:06यह सब तुम्हें जेब नहीं लेता
07:08तुमने मेरी तरबियत पे सवाल उठाया है
07:11मैं सुच भी नहीं सकती थी
07:14कि तुम इसकदर बेबाग भी हो सकती
07:16जो कुछ तुमने किया उसका बिलकुल इक्तियार नहीं था
07:19किसी जाते हो वे को आवास देना तुम मेरे अख्तियार में है ना
07:37जाने वाले का पलट कर ना देखना
07:39वो मेरे अख्तियार में नहीं
07:43इसकी बासकश्ट सब के कानों से टक्रा रही है
07:47यह तुमने अपने चारो तरफ एक दिवार उठा दिये
07:51जिसमें सिर्फ एट बर्वासा है
07:53और वो में
07:55और अगर में भी दिवार बन गई न तो तुम इस हवेली में घुट के मर जाओगी
08:03मैंने तुम्हारे लिए फैसला कर लिया
08:06अब तुम इस हवेली में नहीं रहोगी
08:08यह क्या कह रही है आप अमा बेगम
08:11मैं
08:14यह कहा जाओगी
08:17जाओगी नहीं
08:18मैं भीजूँगी तुम्हें
08:21मेरी हैसियत तो नहीं है अमा बेगम के मैं आप से सवाल करूँ
08:27मगर फिर भी
08:31फिर भी मैं जाना चाहूँगी के आप मुझे कहां भीज रही है
08:36चार साल की थी जब इस हवेली में आई
08:41मा की तरह बाला है तुम्हारा बला सोचे
08:46मैं साथ लेकर जाओगी
08:49अधची जगा जाओगी
09:19बेगम करते हैं
09:28बेजाद
09:29बेजाद
09:29बेजाद
09:32आया तुम
09:34क्यों आई हो यहाँ पे
09:36तुम्हाँ कैसे कर सकते हो बेजाद
09:40पश्मश दिली कि अब तक सिब तुम्हारे खाफ देखे
09:44मुहबभत करती हो तुम से
09:46किसी और का हाथ कैसे नाम सकते हो, भैजजद
09:49भैजजद आसा मत करो लेज आव, प्लीज, मत करो ऐसा, लेज
09:52वैआ, याच, क्या करी हो और जब देख रहे हैं तुम
09:54अब दढलो मुझे, प्लीज
09:56छोड़ो भैजद काara
09:58क्या करी ओ तुम?
10:01ने रह्मने आरा मुझ पर
10:03हमेशा चाहा है तुमें
10:05महाँबट की है तुम्से
10:07शादी करनी है तुमसे
10:10छोड़ दो इसे
10:14इंकार कर दू पैजाद
10:15शादी कर लो मुझ से अपना लो मुझे
10:17तुमें समझ में नहीं आ रही है
10:18मैं क्या कहना तूंसे?
10:20छोड़ तो सारा को!
10:21पीछे हड़ो!
10:23किस किसम की लड़की हो आखिर तूं?
10:25तुम्हें शरा शरम लिया रही?
10:27वो तुम्हें इंकार कर चुका है!
10:29पेशाद यस रगे हमारा स्थीन क्रेट करेड़े चलो यह अधी है पेशाद पेशाद प्रॉज़!
10:35पेशाद प्लीज पेशाद!
10:59अब तो बता दें कि हम कहां जा रहे हैं
11:23अब मुबारिक मन्जिल जा रहे है
11:29मुबारक मन्जिल मैं वहां क्या करूंगी तुम्हें कुछ नहीं करना है
11:37सब करने के लिए भी मैं मौजूद हूँ हाँ अगर तुम्हें कुछ करना है तो बस इतना करो जो मैं कहते हैं उस पर खामोशी से अमल करो
11:45मुझे बताय बगार इतना कुछ कर दिया और मुझे सवाल तक पुछने का ख्तियार ने सवाल पुछना बंद करो भाया
12:00चलो बाई
12:27जी
12:28जी
12:30वही मीटिंग ने तो बहुत ठका दिया अब आगे क्या करना है
12:34चेंबर अफ कॉमर्स के साथ मीटिंग है चैसे जान बूल या
12:37और नहीं भूला नहीं हूं मगर भावी बेगम का पेगाम आया था कि घर आज जल्दी पहुँचे
12:42कुछ महमान आने वाले
12:44हाँ बात तो सही है लेकिन ये मीटिंग भी तो बहुत जाता इंपोर्डंट है आप तो जानते ही है
12:49तो ठीक है तुम भावी बेगम को जवाब दे देना थीक है मैसा माल दो न। पिटा तुम कारो बार संबाल सकोगे भावी बेगम को जवाब नहीं दे सकोगे
13:02देखें मैं अमी जान से कहूंगा कि मेहमानों के साथ डिनर तो कभी भी हो सकता है लेकिन चौती फैक्टरी बनाने का चांस बार बार नहीं मिलता है
13:12हाँ इसमें तो कोई शक नहीं है कि तुम्हारी कामियाबियों ने सारी बिसनिस कम्यूटी को लाजबाब करती है
13:19चलो वो सकता है कि तुम पाबी बेगे तुम को भी लाजबाब करते हैं चलो तेरो चले थैंक्यू आज़ाएगे
13:26आज़ा में तुम्हारी को तुम मुझारी को दोड़ागे
13:55अपाँ मेरी वो ते लिवा फे हैं पाग
13:58कर दो दिवां पाट जब कार दो भाल दो मेरी वोर्ट एला जानी वोरा जानी को खे लिवां
14:25आईए दरक्षा बेगम, बैठिए, यह आपकी नशिस्त, अरे नहीं, यह तो घर के सरबरा की नशिस्त है, आप यहां बैठिए, इसलिए तो कह रही हूं, आप बढ़ी है हमारे खर की, आप बैठेंगी, यह तुम्हारी मुहबत है, मेरी खाहिश है कि तुम इस कुर्सी पे �
14:55इतने बरस पहले जब हया हमारे खर आई थी, तो पांच साल की थी, माशा आला हया पे तो नजरी नहीं टिक रही, इतनी प्यारी हो गए है, अभी नजर में जाएंगी आप क्या, बैया मेरी बीवी ने पॉइंट बना दिया, मैं आप सब लोगों को यह बताना चाहती हूं क
15:25मुस्तकिल हमारे साथ रहे कि हमारे खर में, मुबारिक बेनम, हया कभी एक दिन के लिए भी हवेली से बाहर नहीं रही है, मैं चाहती हूं कि आप लोगों की महबत और शफकत में रहे कर, यह लोगों से मिल जोड़ते रहना सीखे, तरक्षा बेकम, मेरे पास तो महबत और �
15:55मगर मुझे इतनी ही मुहबत अपने उसूलों से भी है, जो दरक्षा बेकम मैंने आप से सीखे, यह सब दरक्षा बेकम के ताबेदार हैं, और मुझे यहां दरक्षा बेकम लेकर आई हैं, तो फिर तो इन सब को मेरा भी ताबेदार होना चाहिए है, हया, तुम भी तू क�
16:25बोलने के लिए कुछ है ही नहीं, हाँ सुनने का अख्तियार है मेरे पास, जो मैं हमेशा सुनती हूँ, मुझे लगता है शायद हाया को हमारे साथ यहां बैठना अच्छा नहीं लग रहा हूँ, नहीं ऐसा बिलकुल नहीं है, असल में आप लोगों से मुलाकातें कम रही ह
16:55पुट्य ममा यह कौन है?
16:58हरे वा, कितना समझदार बच्चा है, कितना सही सवाल किया है बच्चे ने कि मैं कौन हूँ, और हैरत है कि आप सब लोगों से किसी ने पूछा ही नहीं मुझ से कि मैं कौन हूँ, हम क्यों पूछाएंगे?
17:13हमें तो पता है, पता है? अच्छा, सेकिन अभी यह भी तो अम्मा बेगम ने कहा कि हमारी मुलाकातें आप लोगों से कुछ कम रही हैं, तो आपका ये दावा तो खलत हुआ
17:31अब रहूंगी ना आपके साथ तो आपका ये दावा बिल्कुल दुर्स हो जाएगा, और पर आप अच्छी तरह जान जाएंगी कि हाया क्या है?
17:53क्या हुआ कुछ गलत कह दिया मैंने, आप सब लोग तो बिल्कुली खामोश हो गए?
17:58नई नई, जिस घर में इतनी महबते हों, वहां सही और गलत सोचने में वक्त जाया ने किया जाता
18:06दरखशा बेगम, आपके होकम और मश्वरे से हमने जो भी बिजनस शुरू किया, अल्ला ने उसमें बहुत बरकत दी
18:15हमें अग्रिकल्चर से बिजनस की तरफ आने का मश्वरा भी तो आप ही ने दिया था
18:20इस पूरे अलाके में फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड्स पर मुकमल कंट्रोल है रोखान मुबारिक का
18:26तीनों फैक्टरियों की प्रोड़क्शन वही देखता है यह कि रोहान मुबारिक इसरा कहा है उनसे मुलाकात हो पाएगी हां हां क्यों नहीं आप कुछ दिन तो रुकेंगी ना रोहान मुबारिक अपने बिजनस के सिलसले में बहुत बिजी रहते हैं लेट आते हैं तो आ
18:56वो जो बच्चा था नीचे क्या नाम था उसका राहील राहील वो बच्चा साइमा भावी का बेटा है ना
19:13कुछ पूछ रही हूँ तुम से हया बीबी मैं इस घर के मुलाजिम हूँ मैं क्या कह सकती हूँ आपको चन्द रोज में खुदी सब कुछ मालूम हो जाएगा जो मैं सोच रही हूँ वो तुम्हें पता लगा के ही रहूँगी खेर मैं यहा कुछ दिन रुकूंगी इस घर
19:43अमा बेगम कहा है वो जी बड़ी बेगम साहिबा के पास है एक बात बताओ यह मुबारक मस्तूर को सब लोग घर में मुबारक मस्तूर क्यों कहते है वो जी बड़ी बेगम साहिबा के जो शोहर थे ना उनका नाम था मुबारक अली खान इसी वज़े से
20:06यानि के
20:11मुबारक खान की सौचा
20:14मुबारक मस्तूर
20:16जी
20:17अब मैं जाओ?
20:19हम जाओ
20:20इश्क में खेरात नहीं होती
20:36ना कोई भीक मांगी या दी जाती है
20:44इश्क में सिर्फ हाक होता है
20:52और अगर दूसरा हाक ना दे
20:59तो इश्क में कोई जबरदस्ती नहीं चलती
21:01मुबारक जिसकी होती है
21:07अपना आप उसको सुन देते है
21:10हमें ग्यूसर से बात महाप बत्रते है
21:14लगता है नमा है यह शेहरविच
21:18मेरी दुनिया में कदम तरू रख रख रहे हैं
21:23तो इस दुनिया के बारे में कुछ नहीं पटे
21:24मैं तुम्हें यह कहल ले दूँगा
21:30महबत करने वाले खौफ ज़दा नहीं बागत दूदा नहीं बागत
21:35मेरा आपकी कहानी से क्या तालक
21:45सावल तुम्हें इस कहानी के ना सबसे एहम किर्दार है
21:48बैठिये दरक्षा बेगम
21:58रे मुबारक मस्तूर आपकी कुरसी पे आपकी गड़ी पे आप ही बैठी अच्छी लगती है
22:05इस घर में आपी का यह मकाव है
22:15नरक्षा बेगम इस सरदारी को निभाने के लिए मैंने दिन रात एक किये
22:22मुबारिक मरहूम के असासों को बढ़ाया
22:37उनकी ओलाद को बढ़ा किया
22:40उनसे वाबस्ता हर उस शखस को अपने करीब रखा
22:45जिसे मुबारिक मरहूम अपने करीब रखना चाहते थे
22:49इसी भी मुबारिक मस्तूर आपका नाम जचता है आप
22:53शुक्रिये
22:54मुबारिक मस्तूर मुझे तुम सिक जरूरी बात करनी है
22:59जी जी जी जरूर तुम जाओ
23:04जी दरख्शामेगर
23:09हया से तो आप मिल चुकी है
23:14जी जी मुझे लगता है बहुत लाट प्यार से पाला है आपने उसे
23:19क्योंकि उसके लहजे में एतमाद से ज्यादा बेबा की है
23:24इसी के बारे में आप से इक बात करनी है मुझे
23:27जी कहिए
23:28वो तो यहां बड़े इतमाम के साथ आती है
23:36बहुत दिन पहले से पता होता है के दरख्शा बेगम आ रही है
23:39अगर इस बार यू अचानक
23:42यह तो मुझे मालूम नहीं है यह तो घर जाकर ही बता चलेगा
23:46अकेली आ रही है या जिदी के साथ आ रही है
23:50नहीं वो अकेली नहीं है
23:52हाया है अपके साथ
23:54हाया
23:55ओ येस
23:57आइटिंग मने यूए जाने से पहले देखा था उसको
23:59अगर आप तो इतने बरस गुजर गएं के
24:03पर शेकल तक याद नहीं है उसको
24:05मुबारिक मस्तूर
24:08मुझे उमीद है कि आप मेरे सवाल को मुस्तरब नहीं करेंगी
24:11दरख्शा बेगम पहले कभी किया है क्या
24:15इस बार
24:16पहले की मानेंद
24:18सवाल आसान नहीं है
24:20मेरी खाहिश है
24:22अरे आप कहिए तो सही दरख्शा बेगम
24:25मुझे आपकी बात को
24:27मुझे आपकी बात को
24:27मश्किल और आसान के पैमाने
24:30से नापने की जरूरत नहीं
24:31मैं इशारों में तो बता चुकी हूँ
24:34कि मैं चाहती हूँ कि हाया आपके पास रहे
24:36जी जी दरख्शा बेगम
24:37मिलकल
24:39अगर आपकी यही खाहिश है तो हया सारी उम्र रह सकती है हमारे पास.
24:45मेरी पी यही खाहिश है कि हया सारी जिंदगी यहीं रहे.
24:50इसलिए मैं चाहती हूँ कि रोहान मुबारिक के लिए आप मेरी हया को कुबोल करनी जाए.
24:56आप चाहें तो एक बार रोहान मुबारिक से पूछ लीजिए.
25:12आप तें भाया से पूछ लिया?
25:15मुझे उसे पूछने की जरूरत नहीं है.
25:22फिलकुल इसी तरह दरक्षा बेगम.
25:23मुझे भी रोहान से पूछने की जरूरत नहीं है.
25:30इस घर के दरोदिवार गवा हैं दरक्षा बेगम.
25:35कि आपकी कभी भी किसी बात को, किसी खाहिश को इस घर में रत नहीं किया गया.
25:43इसलिए मुझे आपकी ये खाहिश मनजूर है.
25:49शुक्रिया.
25:49इस घर ने एक बार फिर मेरा मान बढ़ा दिया.
25:54इस घर नहीं है.
26:24मुझे धर जाएं झाल.
26:25नहीं हो...
26:26जाएं बढ़ा एक बार दो दो.
26:27जाएं बार ने एक बार एक बार.
26:29मुझे खाहिएं पिका बारा,
26:33झाल.
26:34चौएं चुएं राएं isnा जहाँ.
26:36कर दो कर दो
27:06कर दो कर दो
27:36सफेद काघस पर पेंसल घिसकर अपने दिल को तसली देती रहोगी?
27:58अम्मी मैं आपको परिशान नहीं करना चाहते हैं
28:04अब मैं खुद तो अपना लिखा हुआ नसीब नहीं बदल सकती ना
28:09नसीब तो कोई भी नहीं बदल सकता एरम
28:14अम्मी नसीब खुद बदल जाया करते हैं
28:24पैसे भी मैं नहीं चाहते हैं अम्मी कि आप मानी जान के पास कोई सवाल लेकर जाएं और वो आपको जटक दे
28:32मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगेगा
28:34पिठा जब मुबारक भाई इस दुनिया से गए थे ना
28:40तो मुबारक मस्तूर ही थी जन्नों ने हमेज आरा दिया
28:45अम्मी मुझे आज तक ने एक बात समझ में नहीं
28:51आदम मामो और मुबारक मामो की बहन होने के बावजूद भी
28:57आपने आज तक जाइदात में अपना हिस्सा क्यों नहीं मांगा अम्मी
29:00सोचे अम्मी अगर हमारा हिस्सा भी हमें मिल जाता तो इस घर में हमारी कोई हैसियत होती ना
29:10तुम जरा सोचो अगर मैं जाइदात में से हिस्सा लेकर अलग हो जाती तो तुम्हें ले लेकर कहां वहां गोंगती
29:20यहां मैंने सब को नराज किया
29:24सब को खफा करके मैं
29:27मैंने अपनी पसंद से शादी कर ली
29:29लेकिन तुम्हारे बाप को
29:33तुम्हारे बाप को जिन्दगी ने धोका दे दिया
29:36तुम्हारे बाप के जाने के बाद
29:40मैं बहुत अकीली हो गई थी
29:42बे सहारा
29:45और चब मैं वापिस इस घर में आई तो
29:49यहां सब ने
29:51सब कुछ भुला कर मुझे गले से लगा लिया
29:55ज़रा सोचो
29:59यह ऐसी बहन
30:01जिसने अपने
30:03भाईयों का मान तोड़ा
30:05उसके बावजूद भी इनोंने मुझे सहारा दिया
30:09मुझे इस्ज़त दी
30:10इससे ज़ादा मुझे और क्या चाहिए
30:15अम्मी
30:19आपने कोई गुना तो नहीं किया था ना
30:22लिकित बीटा उस वद फैसला करते वक तो यह यह गुना ही था ना
30:28खेर छोड़ो
30:31तो मैं पता है
30:34मुझ में आज भी हिम्मत है इंकार सुननी की
30:40अगर तुब कहो तो मैं
30:42मैं मबारत मस्तूर से बात करूँ
30:46अम्मी अगर
30:52अगर रोहान की रजम अंदी नहीं है तो
30:58मुमानी जान की इंकार तक बात ही नहीं जाएगी
31:04छोड़े
31:06श्युक्रे
31:33श्युक्रे
31:34तो ये थी आपकी मर्जी और ये था आपका फैसला
31:51जिसकी लिए आप मुझे यहां लेकर आई थी अम्मा बेगम
31:54क्या हुआ
31:55क्या हुआ
31:56हम किसली आये थे यहां
31:58मैंने आपकी और मुबारक मस्तूर की तमाम बाते सुन ली यहां
32:05की तमाम बाते सुन ली
32:06मुस्करा क्यों रही है अच्छा वह जो तुमने सुन लिया तुम्हे मुझे बताने की मुशक्कत से बचा लिया
32:17अम्मा बेगम मैं चुक करो और को आपू में रखो
32:21दिवारों के भी कान होते हैं यहां
32:25मुभारिक मनजल में सब लोग तुम्हारी शक्सियत पर खौर कर रहे हैं
32:28शायद तुमने पसंद आ गए
32:30जियान रहे उन्हें गलत साबित ना कर देना
32:35लोग मेरे बारे में क्या सुचते हैं
32:38मुझे उनकी राय में कतन कोई दिल्चस्पी नहीं
32:41वो नहीं चाहिए
32:55कि रहा रिद्बान चाहते हैं
32:58आप चान्दी हैं कि मैं बैजाद के इलावा किसी और का तशर भी नहीं कर सकती है
33:05तुम एक सराब के पीछे भाग रहे हो है भी चैन तो चैरत नहीं ते
33:11कि तसवर तुम्हारा मिटा नहीं मिट सकता हू rip
33:15मैं खुद तो मिट सकती हूँ
33:17अगर उसका तासवर कभी नहीं मिट सकती हूँ
33:20मैंने जब भी खुद को सेच पर देखा है, सिर्फ बैज़ात का खाब देखा है
33:25तो फास बंद करो
33:26एक बार और आखरी बार तुम्हे समझा रही हूँ
33:32समझ लो
33:33अब पीछे कुछ नहीं है तुम्हारे लिए
33:36तुम बिलावजा खुद को अपनी नसरों में गिरा रही हूँ
33:39तुम्हारी परवरिश की है
33:41मुझे तुमसे मुहबबत है बटा
33:43मैं जो भी जाहूँगी न
33:45उसमें तुम्हारी इज़त
33:47तुम्हारा वखार शावेलू का
33:48मैं चाहते हूँ
33:51कि हवेली के दर्वासे जो तुम्हारी खलत अमल से
33:55किसी वाचा से भी बंद हो गए थे
33:57वो खुले रहे
33:58तुम्हारा सर उठाओ
34:02मैं तुम्हारी और रोहान मुबारी की शादी का खैसल की
34:17सुम्हारी से किसी को कुछ खहनें
34:21जरी
34:23अमी जान
34:25आपके कहने के बाद कोई बाकी नहीं रह जाती
34:29आपने फैसला कर लिया हमने तस्रेम कर लिया
34:33अस्लाम लेकू भरषान
34:40माफी चाहती हूं मैं मुझे तेर हूगई आपने बिलाया था
34:44जराद, अब जी, रोहान और हया की चन्दिनों में शादिया,
34:55क्या हुआ, तुम्हें खुशी नहीं हुई, नहीं भावी जान, ये तो बहुत खुशी के ख़बर है, तो फिर खुशिया मनाओ, तैयारी शुरू करो,
35:08भावी जान, क्या हमें आपसे बात पूछ सकती है, रोहान मुबारक को इल्म है आपके इस फैसले का, मेरा मतलब था भावी जान के, रोहान मुबारक की रजामंदी इसमें शामिल है,
35:38रोहान चाचू, रोहान चाचू, आप यहां क्या कर रहे हैं?
35:54यही मेरे ही कम रहे है, मैं हान ही हूँगा दोर कहा हूँगा?
35:57आपको बता है, हमारे गर पे गेस्ट आई भी है, आप मिले उन्ज़?
36:01आप, मिला तो नहीं हूँ, देखा जरूर है,
36:08चाचू, चले, मैं आपको उन्से मिलवाता हूँ.
36:10अरे नहीं राही, इस वक्त किदर?
36:13चले ना चाचू, चाचू, क्या कर रहे हैं उन्हें?
36:17रजा क्या होती है और क्या होती है रजामन्दिया?
36:22अपनी पसंद की, अपनी मर्जी की क्या हैसियत है?
36:25और उन्पर क्या गुजरी जिन्होंने की अपनी मर्जीया हैं?
36:30तुमने तो ये सब करके देख लिया ना?
36:33तुमसे बहतर कौन जान सकता है ये सब?
36:36और क्या हासिल हुआ तुमें?
36:38बाबी जान, ये तो बीस साल पराना किस्सा है.
36:42फैसला तो तुम्हारा ही था?
36:45जी, मैं मानती हूं कि मुझसे गलती हुई है.
36:50मुझे पता है कि मैंने आप सब का दिल दुखाया है, लेकिन मुझे आज भी अफसूस है इस बात का.
36:58यही सोच कर तो तुम्हें माफ कर दिया गया है,
37:00झुम्हें कि जवानी में हो जाया करती हैं गलतियां.
37:07जवानी के चेहरे पर तज्रूबे की आंखें नहीं होती.
37:11और तुम्हारा क्या ख्याल है?
37:13अब किसी की जवानी में ऐसी गलती नहीं हो सकती?
37:18खेर, हम रुखान मुबारिक को ये गलती नहीं करने देंगे.
37:23इसलिए उनका फैसला हो गया
37:27औरतों के लिए शादी की तैयारियां बहुत लंबी होती है
37:31और दरक्षा बेगम ने हमें बहुत कम टाइम दिया है
37:35सिर्फ एक हफ़ता है हमारे पास तैयारी के लिए
37:38आफाक
37:40जी अमीजा
37:41सोनिय को यूनिवरस्टी से बुला लो
37:44जी
37:46और जरार
37:47जी
37:48आदम भाई से बोलो के
37:50हारून अगर आ सकता है शादी में शिर्कत के लिए
37:54तो आ जाए
37:55वो यूएसे में है
37:58स्केजुल थोड़ा टाइट होता है
38:00आइ डून नो के वो मैनेज कर सकेगा
38:03चीक है
38:04फिर भी तुम उनसे पूछ लो
38:06अगर वो आ सके तो ठीक
38:09ना आया तो कोई बात नहीं
38:11जी बल्कुर
38:12हम दरखशा बेगम को जबान दे चुके हैं
38:15रोहान और हया की शादी
38:17इसी जुम्हे को होगी
38:19मैं चलती हूँ भावी जाँ
38:20अरे चले ना रोहान चलती हूँ
38:31अरे रही तो चल्बरा रोहान आतो भाग शुक्ते हूँ यह देखें रोहान चाचू यह हमारी गेस्ट
38:38निया इखें हुआ पर अपर है
38:42अब प्रिली सुरी यह ए राहील है
38:47यह कहर था था गेस्ट आए है किच लिए आया मुझा यहा है
38:51अरे चाचू, आपने तो मुझे ही भसा दिया
38:53अरे जा कहा रहे हो यार
38:55मच्चा है
38:57हमारी मुलाकात हो चुकी है शयाद
39:03मैं चाहता हूं के हमारी मुलाकात रोज हो
39:05कुछ कहा आप ने?
39:12आप ने कुछ सुना?
39:14नई
39:15तो फिर क्या कह रहे हैं आप यहाँ पर?
39:21मैं तो मैं तो मिलने आया था
39:24अच्छा तो वो तो आप मिल ली है अब
39:28अब फोट्स नेक्स्ट
39:30हाँ वो कुछ नहीं है
39:33I think मुझे जाना चाहिए
39:37वैसे एक रिक्वेस्ट है मेरी आपसा
39:39कही है आप आई तो यहाँ अगर रुख जाती है हमेशा के लिए
39:47अच्छी वो आपकी मर्जी है मैं तो सिर्फ रिक्वेस्ट ही कर सकता हूं नहीं
39:55रोहान
39:57रोहान मुझे राहील ने बताया आप यहाँ है औरे घर में मैंने आपको ढून लिया चले मुझे आपसे जरूरी बात करने है
40:04अची चले तो मुझे कुछ जरूरी दिखाना
40:06बहुत स्पेशल है पता है मैं कबसे इस चीज़ पे काम करी था
40:09कामाल शड़िए
40:11कामाल शड़िए
40:27आए जो भी मेरे आगे कर दू मैं पर बाद
40:35कर दो
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