00:00महराश के बीड जिले में सित है परली वैजनात जोतिलिंग मंदिर जो बाहरा जोतिलिंगों में से एक माना जाता है
00:26जारकन की पांचवे जोतिलिंग वैजनात मंदिर की तरह ही यह अरली वैजनात जोतिलिंग मंदिर है
00:35यहां आने के लिए आपको मुंबई से परभनी के लिए ट्रेंज से आना होगा
00:40जहां से काफ़े सारे बसेस अर्ली के लिए एवेलेबल है
00:45जो मातर दो घंटे में आपको अर्ली वैजनात पहुचा देंगी
00:49और अभी हम पहुंच चुके हैं अर्ली वैजनाद बस्टैंड
00:55बस्टैंड से बाहर आते ही आपको आटो स्टैंड दिखाए देगा
01:00जहां से आपको मंदिर के लिए टोटल पेर 40 उर्पे लिए जाएंगे
01:05मंदिर परिसल में आसपास काफी सारे भक्त निवास बनाए गये हैं जहां पर आप ठहर सकते हैं
01:15और अभी हम पहुंच चुके हैं श्री वैजनाद जूतलि देवस्टान मंदिर के सामने
01:35और मंदिर के बाहर का परिसल कुछ इस प्रकार दिखाई देता है
02:05मंदिर का निर्मान पहाडी पर पत्थरों से किया गया है जहां पर आप इन सीडियों से होकर जा सकते हैं
02:15सीडियों से उपर आते ही यहां पे आपको लेफ्ट साइड में लगिज रूम दिखाए देगा जहां पे आपको एक लोकर प्रोवाइड किया जाएगा जिसमें आप अपना सारा सामान रख सकते हैं जिसके चार्जेस महात्र दस उर्पए है
02:31और अभी हम पहुँच चुके हैं श्री वैचनात जोतिलिंग दिवस्थान के मुख्य प्रविश्टार के सामने जिसके सामने ही आपको फुटवेर रखने की वेवस्था दिखाए देगी
03:01मुख्य प्रविश्टार से अंदर आते ही आवं को मंदिर परिसर खुछ इस बकार दिखाए देगा
03:13यहां पर पुजा भली पचास रुपए तथा सो रुपए में लब्द है
03:19और यहां से पुजा समझ पी लेके हम चल पड़े हैं मंदिर दश्ण के लिए
03:26राइट साइड में ही मंदिर का रह रहा है जहां से आप पुजा और अभी शेक के लिए जानकरित आप कर सकते है
03:34और यह प्रतिमा है श्री राणी अहिल्य भाई होलकर जी की
03:39बराठा मालवा सामराज की राणी अहीले बाय हुलकर जी ने इस मंदिर का जिर्नोधात लगबत सतासो के दशक में करवाया था
03:48इसलिए इनकी प्रतिमा यहां पे स्थापिक की गई है
03:51मुक्य मंदिर में इस तरह का सबागरह बनाया गया है
03:55जिसमें दू छोटे मंदिर श्री नातनात और श्री सोमनात का मंदिर बनाया गया है
04:00और बीचो बीच में आप नंदी महाराजी बैठे वे देख सकते है
04:05और अब भी हम कहुँ चुके हैं मुक्य गर्बगरह के पास में
04:09तो आएए दर्शन करते हैं श्री वैजनात जूते लिंग दिवस्थान के
04:14जोते लिंग शब्दों संस्कार के दो शब्दों जोती और लिंग से लेकर बना है
04:44जोती का अर्थ है अकाश यानि चमक जबकी लिंग भगवान शिव का प्रतिक है
04:50देश में तीन वैद्देनात है ये देवघर जहरकण में परली महाराश्रों में और हिमाचल को देश में है
04:59तक तीनों ही जबगों को जोतरलिंग मानते हैं
05:03यह मंदिर सुबह पांच बजे खुलता है और रात तस बजे तक बंद होता है
05:14सोंवार की दिन ये लगभग बारा बजे तक बंद होता है
05:18इस दोरान मंदिर में कहीं तरह के अनुस्टान भी किये जाते हैं
05:22भक्त गण आरती और पूजा जेसे अनुस्टानों का हिस्सा बंद सकते है
05:26पूजा के दोरान भक्तों को वैजनात लिंग को छोने की अनुमती है
05:31और इसे उचार और विभेणा स्वास्त लाग राप करने में मदद मिनती है
05:36यहां पर वैजनात को वैदनात भी कहा जाता है
05:41जिने आरूग गे दिवता भी कहा जाता है
05:44इसलिए इस मंदिर में अभेशे करना बिलकुल भी ना भूले
05:49मंदिर में हेमार पंती और इंडो आरेन स्तापत शेली का एक जटिल मिशर्ण है
05:56इसके अनोठे डिजाइन में एक पिशाल प्रांगल, एक राजसी प्रविश्था और एक कर्ब घर शामिल है
06:04जहां जोते लिंग स्तापित है
06:06कहां जाता है कि इस मंदिर का निर्मान देवगिरी के यादो के समय में हुआ था
06:12चालुक के वंश, यादो वंश और भूसले वंश मंदिर के संरक्षन और विकास में रमुत योगदान करताओं में से एक थे
06:20और नंधि महाराजी के एक साइड में श्री सोमना और दूसरे साइड में श्री नागनाजी के चोटे मंदिर बनाए गए है
06:29मुक्य मंदिर के इसलिए भाग के एरिया में भी श्री ग्रिशनेश्वर और श्री तुर्बकीश्वर की चोटे मंदिर बनाए गए है
06:38मंदिर का निर्माद पहारी पर पत्थरों से किया गया है
06:53पुरो की और मुख करके बने इस मंदिर के दक्षिनी और उत्तरी दिशा में दो दुआ बना गया है
07:01परली भैजनात जोतलिंकी पौरानी कथाओं के अनुसार राक्षिस राजा रावन ने भगवान शिव को प्रसंद करने के लिए कठोर तपस्या की और अपने सिर में काट दिये
07:17उसकी बलीदान से अभी रूत होकर भगवान शिव ने कहीं बरदान दिये और रावन ने भगवान शिव से अनुरोद किया कि वेलन का आये
07:24भगवान शिव ने उसे स्विकार किया और रावन को अपना शिवलिंग ले जाने का निर्देश दिया
07:30और उसे चेतावनी दि कि जब तक वह अपने स्थान तक ना पहुँच जाए तब तक उसे कहीं भी नीचे न रखे
07:36अगर रख देते हैं तो वो कभी उस शिवलिंग को उठा नहीं पाएंगे
07:40यात्रा के दोरान रावन ने विश्राम करने का मन बनाया
07:43और किसी एक चरवाय को ढून कर उसे कुछ देर के लिए शिवलिंग उठाने का निर्देश दिया
07:48भगवान शिव के निर्देश से अंचान चरवाय ने भारी लिंग को कुछ देर की बाद नीचे रख दिया
07:55इस प्रकार भगवान वहीं रुक है और वैदनात के नाम से प्रसिद्ध हो गए
08:00और अभी हम दर्शन कर रहे हैं श्री कुबेरेश्वन मंदिर के
08:05परली वैजनात जोतलिंग के ये अद्भूत दर्शन करके अभी हम मंदिर से बाहर की ओर आ रहा है
08:18मंदिर परिसर में आने के बार में इस जोती स्थंब से लेफ साइड में आख को और यहां पर छोटे मंदिर दिखाए देंगे
08:28जिसमें श्री रामेश्वर और श्री नागेश्वर मंदिर बनाए गये है
08:33इस मंदिर के दुसरी पौरानी कथा के अनुसार समुद्र मन्थन से विश और अमरित सहीब 14 रत्म निकले थे जिसमें धवंतरी और अमरित भी शामिन थे
08:45राक्षस जैसे ही अमरित को जबटने लगे भगवान विश्णों ने धवंतरी और अमरित दोनों को शिवलिंग के अंदर छिपा दिया
08:53क्रोधित राक्षसों ने शिवलिंग को तोड़ने की कोशिश की और छूने की कोशिश की लेकिन जब उन्होंने इसे चुआ तो उसमें से तेच च्वाला भड़कने लगी इससे राक्षस डर गए और वहां से भाग गए
09:06चुकि यह स्थान है जहां देवताओं ने सफलता पुरुक अमरत प्राप्त किया था इसलिए यह गाओ वैजनती के नाम से लोग प्रिय हो गया इसलिए मंदिर पर्ली वैजनत के नाम से रसिद्ध हुआ
09:20अमरत युक्त शिवलिंग होनी के कारण जोतिरलिंग ये वैदिनात के नाम से जाना जाता है वैदिनात याने आर्योग्रिका देवता
09:35पर्ली हरी हर का मिलन सल भी है यहां हरी विश्णू और हर याने शिव दोन के त्योहार मनाय जाते है
09:50और वैजनात मंदिर से अभी हम बाहर आ चुके हैं मंदिर के बाहर यहां पर आपको वक्रिश्वर मंदिर दिखाए देगा जहां पर आप दर्शन कर सकते हैं
10:03और उसके ठीक सामने ही आदिशंक्राचारे जी का यह छोड़ा मंदिर बनाया गया है
10:23और श्री वैजनात जोतेलिंग देवस्तान की संपोर्न दर्शन करके अभी हम बाहर आ चुके हैं
10:40यहां से हम जाएंगे दक्षिन मुकी गनपती मंदिर के दर्शन करने जो इस मंदिर के आगे राइट साइड में कुछी तूरी पे स्थिता है
10:49और अभी हम आ चुके हैं दक्षिन मुकी श्री गनेश मंदिर के प्रविशत्वार की पास में
11:12तो आएए दर्शन करते हैं श्री दक्षिन मुकी गनपती मंदिर के हैं
11:17और परली भैजनात जो दिलिंग के दर्शन करके अभी हम जा रहा है बस्टैंड
11:40मंदिर से बस्टैंड के लिए आटो पे लगबख 40 उपए का है
11:43और अभी हम पहुंच चुके हैं परली भैजनात बस्टैंड
11:51यहां से परवनी लगबख 2 घंटे की दूरी के है जिसका बस फेर 120 उपीस के आसपास है
11:58तो आज का व्लॉग बस यहीं तक वीडियो पसंद आये तो लाइक और कॉमेंट करना ना भूले
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