Skip to playerSkip to main content
  • 1 year ago
विश्व समोसा दिवस के मौके पर जानिए सबसे पसंदीदा स्नैक्स की अनोखी कहानी.

Category

🗞
News
Transcript
00:00राइपुर शहर कई मामलों में अबढ़ रहा है
00:15रहन सहन, खान पान और लाइफ स्टाइल में तेजी से बदलाव आ रहा है
00:20लेकिन एक बदलाव जो इस शहर में नहीं आया
00:23वो है पुराने जमाने के वो होटल और ठेले
00:26जहां पर मिलने वाला स्वाद दूसरा और कोई नहीं ला पाया
00:31समोसे के मामले में राजथानी राइपुर की दो दुकानों का आज भी मुकाबला नहीं है
00:37इन दुकानों में मिलने वाला समोसा इतना स्वादिष्ट है कि आसपास ही नहीं
00:43बलकि दूसरे जिलो से भी लोग स्वाद का जायका लेने पहुँचते हैं।
00:47पहला समोसे की दुकान सद्दानी चौक में हैं, जिसे सौराष्ट मिष्ठान भंडार के नाम से जाना जाता है।
00:54ये दुकान लगभग 65 साल पुरानी हैं।
00:58तब से अब तक ना तो इस दुकान का नाम बदला है और ना ही इसकी गद्दी।
01:03आज भी लोग इस दुकान में मिलने वाले समोसे के स्वाद को नहीं भुला सके हैं।
01:28वहीं दूसरे दुकान की बात करें तो इस दुकान का नाम साहु नाश्टा सेंटर। ये दुकान रठोर चौक पर मौझूद है।
01:48इस दुकान में किसी भी वक्त आप चले जाईए, शायद ही भीड की कमी देखने को मिले।
01:54कुछ लोग तो ऐसे भी मिलेंगे जो 15 किलोमेटर दूर से सिर्फ समोसा खाने के लिए इस दुकान तक आते हैं।
02:01तंडे को जादा करके आता हूँ, तंडे को छुपती रहते हैं तो जादा करें।
02:05इसका विए श्वाद है ने बहुत अच्छा है।
02:09इसलिए तुतना दूर से चल के आता हूँ, 15 किलोमेटर तूरी से भी नास्ता करने के लिए याता हूँ।
02:13इसमें मिर्शी के डालते हैं, धनिया के डालते हैं और रही वहिटे सब डालके देते हैं।
02:20एक्टम चठनी चारमाज प्रकार की रहती है। और दूसरा ये गरम-गरम बनाते हैं।
02:26तेस्ट भी अच्छा है। सबको साथ 45 लेते हैं, अपने 110-5 रूपए कम भी ले लेते हैं।
02:32वही है मामला और कुछ नहीं।
02:35तो आप कब कब आते हैं आपर।
02:37मैं हबते में 2-3 दिन दो आई जाता हूँ।
02:39तो बाकी जब हो मैं इसमें टेस्ट में अंतर है।
02:42तो बहुत ज़्याद अंतर है।
02:44किस तरह का समुसा रहता है और क्या क्या रहता है।
02:47तिन चार चतनी रहता है, यह समुसा रहता है।
02:51पर ताजा रहता।
02:53खासियत को ग्राहक बता भाई ने मैंटा।
02:55मैं तो 34-35 साल थे यहां पर वैपार में बैटा हूँ।
02:58इन दोनों जगहों पर बैट कर खाने पीने, AC और पंखा की कोई विवस्था नहीं है।
03:20सिर्फ स्वाद के नाम पर लोग काफी देर तक खड़े रहकर अपने समुसा प्लेट का इंतजार करते है।
03:27ठंड हो, बारिश हो या फिर गर्मी, इन दोनों ही दुकानों में समुसा लवर्स की भीड कभी कम नहीं होती।
03:36कोई स्वाद का दिवाना है तो कोई हाईजीन का।
03:39स्वाद के लिए लोग अपने घर से दुकान तक की दूरी भी नहीं देखते।
03:43जैसे ही मन हुआ, वैसे ही किसी भी साधन से पहुँच गये अपने फेवरेट समोसा दुकान।
03:53रितेश तंबोली, ETV भारत, रायपूर
Comments

Recommended