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00:28आस-पास के वह छोटे-छोटे बच्चे जो स्कूल प्रैमरी में जाते हो या ऐसी महिलाएं जो घरों में हो और उन्हें कुछ पढ़ने लिखने नहीं आता उन्हें सिच्छा से जोड़कर उनके जीवन में नई रोशनी भरने का काम कर रही हैं।
00:40वह जिन महिलाओं को और बच्चों को पढ़ाती हैं उनसे गुर्दक्षिडा के रूप में घर या आस-पास फैले हुए उन प्लास्टिक को एकत्रित कर अपने पास मंगाती हैं जिससे पर्यावान को प्रदुशन से बचाया जा सके और हर्याली भी फैलाया सके गाओं के एक
01:10उस्ती और एथलीट की ये दोनों खिलाडी भी हैं जिरे से लेकर जोन अस्तर पर इन्होंने अपने प्रतिवा का लोहा मनवाया है तो यहां से लेकर करनाटक तक यह युवा सक्ति के रूप में भी आपना जोहर दिखा चुकी हैं इसके लिए मुक्यमंत्रियोग आदित न
01:40में खुद से आया वाजो यह सब पढ़ेंगे कुछ सीखेंगे तो हमको जादा अच्छा लएगा तुम खुद क्या कर रही हो अभी और इन बच्चों के लिए और महिलाओं के लिए कैसे तुमारा अभियान चलना है है हम मतलब इसकूल भी जाते हैं और इन सब को भी देख
02:10सर जादनी दो से तीन घंटा हम इन लोग को देते हैं बाकी पूरा समय तो अपने लिए ही करते हैं बस यहीं सोचकर मैं करते चली जाती हूं कि दो तीन घंटा देने से हमारा कुछ घट नहीं जाएगा और अच्छा ही होगा
02:26तो गुरुदाच्छिडा के रूप में लोग यही विचार बना है कि अगर जो सभी बच्छे एक पौसिन लेकर आएंगे तो इसे हमारा
02:53जो पार्यवर्ड के बारे में भी सोच सकते हैं हर रोज एक पौसिन लेकर आते हैं बच्छे कितने भी बच्छे होते हैं गरेलू महिलाएं यह सब भी लेकर आते हैं क्या करती ओ प्र उसका उसका सर वह जो सडक में केरालने बंता है उसके लिए हम लोग डूनेट कर दिते ह
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05:05Thank you very much.