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  • 4 months ago
झारखंड सरकार की आकांक्षा योजना की गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है. क्यों है ये खास जानिए रांची से चंदन भट्टाचार्या की रिपोर्ट में.

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00:00जार्खन सरकार की पहल पर संचालीत आकांच्छा योजना आजगरीब और मेधावी छात्रों के लिए किसी बर्दान से कम नहीं है।
00:07राजधानी राचिस्थित जिला स्कूल परिसर से संचालीत आकांच्छा 40 कोचिंग ने अब तक सेकड़ों छात्रों को IIT, RIMS, NIT, BIT और राश्टिये विधी बिस्विध्याले जैसे प्रतिष्थित संक्स्थानों तक पहुचाया है।
00:21जिला सिक्षा पताधिकारी बिनैकुमार ने कहा कि योजना ऐसे बच्चों के लिए सुनहरा अवसर हैं जिनके सपने आर्थिक तंगी के कारण अधूरे रह जाते हैं।
00:51और बच्चे और वो डिरेक्टोरेट ऑफ सेकेंडी एडुकेशन से संचालित होता है। वही से फंड वगरा वंटन होता है।
00:57जहां तक जो बच्चे एलीजिबल होंगे एडमीशन के लिए तो वो जैक बोट से पास आउट बच्चे होते हैं।
01:03जैक एक एक्जाम लेती है। एक सीट पे तीन कंडिडिट का रिजल्ट डिक्रेयर होता है।
01:08फिर सेकेंड लेवल पर भी एक और एक्जामनेशन होता है।
01:11मतब दो लेवल का फिल्टर सिस्टम है।
01:13एक जैक के द्वारा दूसरा डियो आफिस एक्जाम लेता है।
01:16और तब जो बच्चे चैन होते हैं उझे आरक्षन का रोष्टर भी हम लोग इंप्लिमेंट करते हैं।
01:22फाइनल सेलेक्षन जो होता है बिल्कुल ट्रांस्पेरेंट होता है।
01:27हमने देखा है कि समाज के सभी वर के बच्चे जो जैक बोट से पास आउट होते हैं।
01:32इधर के दिनों में अच्छा रिजल्ट भी कर रहे हैं।
01:55जारखन एकडमिक कॉंसिल से पास आउट बच्चों के लिए यह योजना संचालित है।
01:59इस संस्थान के मुख्य समनवयक विके सिंग ने बताया कि 2016 से शुरू ही इस योजना ने हर साल बेहतर नतीजे दिया है।
02:07उनके अनुसार अब तक दरजनों छात्र आयाटी दिल्ली धनबाद और बैंगलुरू जैसे सिर्फ संस्थानों में दाखिला पा चुके हैं।
02:15देख रहा हैं कि 2016-2017 से में शुरू किया था तो हम लोग का बीट कोलेज में चलता था बरियातु में और अभी हम लोग पस अपना बिल्डिंग है अपना क्लास्रूम है अपना होस्टल है गर्ल्स होस्टल है सारा फेसलिटी सरकार के तरफ से अब हम लोग को मिल चुके हैं�
02:45अभी सारा चीज का हम लोग का सुविदा है अभी हम लोग हाइटेक कर रहे हैं ऑन-लाइन सुविदा कर दी हैं सारा चीज सिस्टम है पहले सवर अभी में बहुत अंतर है गराविन परिवेस के बच्चे को बहुत ही लाव मिला बच्चों के लिए एक दम निसुल्ख है एक
03:15और मेडिकल में क्या है अभी तो हम कहेंगे कि वह 150 प्लस बच्चे भी तक इंजिनेरिंग में जा चुके मेडिकल में करीब 40 प्लस बच्चे कोलेज में पढ़ रहा है जा चुके मतलब क्या इंजिनेरिंग कोलेज में पढ़ रहा है दाखिला हो चुका है बहुत लोग इं�
03:45We say that after going to the college, we will also be able to do IS and IPS, as we all know, and this is just a record break.
03:57We think that there are 15 kids in the IIT, where there are 8 kids in the IIT, where there are 2 kids in Delhi.
04:05Now, all over India, we have gone to all the college in the IIT.
04:10We think that in the coming days, we will also be able to do the vacancy for us.
04:19And in the medical college, where there is a medical college, where there is a medical college,
04:25where there is a medical college, where there is a medical college, where there is a child.
04:30And after the engineering, we understand that the IIT, the IIT, the IIT, the IIT, is a child.
04:35It is so much qualified.
04:37Now, if you go to the engineering college, we will see the kids in the 10 or 12.
04:43Hostel Warden has said that the children will not be able to do it,
04:46but the children will also be able to do it here.
04:50They will all be able to do it.
04:52They will all be able to do it.
04:53They will all be able to do it.
04:54They will all be able to do it.
04:55They will all be able to do it.
05:00They will all be able to do it.
05:06They will all be able to do it.
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06:07ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
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