00:00जिसका राजनित्य से कोई लेना देना नहीं, जिसका शरीर भी अब नहीं है, मेरी उस मा को आरजेडी कॉंग्रेस के मंच से भद्धी भद्धी गालिया दी गई, मा के रूप में साथ बहनों की पूजा की परंपरा,
00:20मा के प्रती, स्रद्धा और विश्वास ये बिहार की पहचान है, मा के लिए ही कहां गया है,
00:34अपने सुखल पाकल खाके, रखली सब के भरं बचाके, उनकर रोवां जे दुखाई, तब भलाई ना होई,
00:52के हु कतनों दुलारी, बाकी माईना होई, साथियों, हमारी सरकार के लिए, मा की घरिमा, उसका सम्मान, उसका स्वाभिमान, बहुत बड़ी प्रात्विक्ता है,
01:17माही तो, हमारा संसार होती है, माही, हमारा स्वाभिमान होती है,
01:31इस सम्रद्ध परंपरा वाले बिहार में, कुछ दिन पहले जो हुआ, उसकी मैंने कभी कलपना तक नहीं की थी,
01:46किसी बिहार के मेरे भाई बहने कलपना नहीं की होगी, हिंदुस्तान के किसी व्यक्तिरे कलपना नहीं की होगी,
01:54बिहार में, RJD कॉंग्रेस के मंच से, मेरी मा को गालिया दी गई,
02:07ये गालिया सिरफ मेरी मा का अपमान नहीं है, ये देश की मा, बहन, बेटी का अपमान है,
02:25मुझे पता है, आप सब को भी, बिहार के हर मा को, बिहार के हर बेटी को, बिहार के हर भाई को,
02:43ये देख सुनकर, कितना बुरा लगा है, मैं जानता हूँ, इसकी जितनी पुड़ा, मेरे दिल में है, उतनी ही तकलीब, मेरे बिहार के लोगों को भी है,
03:08और इसलिए, आज जब इतनी सारी तादाद में, लाखों बिहार की माता और बेहनों के मैं दर्शन जब कर रहा हूँ,
03:23जब आपकी मौझूदगी है, तो आखिर मैं भी एक बेटा हूँ, जब इतनी सारी माता और बेहने मेरे सामने हैं,
03:34तो आज मेरा मन भी, मेरा दुख आपको साजा कर रहा हूँ,
03:45ताकि मेरी पीडा, आप माता और बेहनों के आशिरवाद से, मैं इसे जेल पाऊँ,
03:53माता और बेहने, आप सब को पता है, मैं करीब पचास-पचपन साल से,
04:04समाज और देश की सेवा में लगा हूँ, मैं राजनिती में तो बहुत देर से आया था,
04:12समाज के चर्णों मैं, मुझसे जो वन सकता था, करने की मैं कोशिच करता था,
04:23मैंने हर दिन, हर ख्षण, अपने देश के लिए, मेरे देश वाजियों के लिए,
04:32मुझसे जो हो सका, जहां हो सका, पूरे लगन से, मैंनत से, काम करता रहा,
04:44और इसमें, मेरी मा के आशिरवाद, मेरी मा की बहुत बड़ी भूमी का रही है,
04:53मुझे, मा भारती की सेवा करनी थी, इसलिए, मुझे जन्म देने वाली मेरी मा ने,
05:08मुझे, अपने दाईत्वों से मुक्त कर दिया था, और मा ने मुझे असिरवाद दिया, बेटा, जाओ,
05:17देश की करोडों माताओं की सेवा करना, देश के गरीबों की सेवा कर रहा है,
05:31उस मा के ही आशिरवाद से मचल पड़ा था, और इसलिए,
05:37मुझे आज इस बात की पीड़ा है, कि जिस मा ने, मुझे देश सेवा का आशिरवाद दे कर,
05:51देश सेवा के लिए रमाना किया, भेजा, हर मा चांती है कि उसका बेटा उसकी सेवा करे,
06:01हर मा चांती है कि बेटा बड़ा हो, मा के लिए कुछ नो कुछ करता रहे,
06:08लेकिन मेरी मा ने,
06:12खुद के लिए नहीं,
06:15आप जैसी करोडों माताओं के मैं सेवा कर सकूँ,
06:18इसलिए,
06:20खुद से अलग करके मुझे जाने की इजाज़त दी,
06:25आप सब जानते हैं,
06:29अब मेरी मा का शरीर तो इस दुनिया में नहीं है,
06:36कुछ समय पहले,
06:37सो साल की उम्र पूरी करके,
06:41वो हम सब को छोड़ के चली गई,
06:46मेरी उस मा को,
06:49जिसका राजनित्जी से कोई लेना देना नहीं,
06:54जिसका शरीर भी अब नहीं है,
07:00मेरी उस मा को,
07:03आर जेडी कॉंग्रेस के मंच से,
07:07भद्धी भद्धी गालियां दी गई,
07:12माताए बहने मैं देख रहा हूं आपके चेहरे,
07:16क्योस्का तर वंडिया है,
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