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  • 4 months ago
पीएम मोदीi की पुतिन-जिनपिंग से मुलाकात, टैरिफ पर क्या बोले ट्रंप?

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00:00बारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवात को ले करके प्रधार मंतरी नरेंदर मोदी की चीन यातरा सफल रही
00:04S.C.O. समिट में हिस्ता लेने गए
00:06प्रधार मंतरी ने वहाँ पर न सिर्फ रूसी राश्टपती अब लादमीर बुदिन के साथ दिपक्षी वारता की
00:11बलकि चीनी राश्टपती शी जिन्पिंग के साथ भी बातचीत करके भारत और चीन के बीच बहतर रिष्टों पर जोर दिया
00:17नमस्कार आप देखने हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ आज तोष मिश्रा
00:19SEO समिट में एक नई जो भौगोली गणित है वो सामने आई है जिसमें चीन, भारत और रूस को एक साथ देखा जा रहा है
00:27और यह सब तब हुआ है जब ट्रम्प ने मनमाना टैरिक भारत पर ठोका 25% पनिस्मेंट टैरिक वो इसलिए को कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है
00:35और इसलिए ट्रम्प के टैरिक के बाद जब S.E.O. समिट में भारत शामिल हुआ प्रधार मंद्री मोधी गए वहाँ उन्होंने रूस से बाद मुलाकात की चीन से मुलाकात की
00:43और उसके बाद दोनों देशों के बीच परस पर रिष्टों को मजबूत करने की बाद भी कही और वो इस लिहाज से भी जरूरी है कि जिस तरह से एशिया में अमेरिका के पास इसमें कौड जैसी ताकत है साथ ही वो इस इस इलाके में संप्रभुता के नाम पर चीन के ऊप
01:13अग्यागर उसमें दोन ऑगारे से मिला एशिया में उन ताकतों के साथ जिसमें रूस एक महा सक्ती चीन एक आधुनिक सक्ती और भारत एक युवाशक्ति की रूप के देखा
01:22जाता है। लेकिन यहाँ सवाल यह कि क्या चीन पर भरुसा किया जा सकता है।
01:28चीन ने हमेशा पीठ में छुराब होका है।
01:30लेकिन इन सब के बीच हमेशा एक नए शुरुआत होती है।
01:33और नए दोर की शुरुवात में कई बार कुछ परिस्थितियों को ले करके आगे चलना पड़ता है,
01:38तो क्या भारत उन परिस्थितियों की ओर आगे बढ़ रहा है,
01:40इससे पहले हम आपको एक रिपोर्ट दिखाएं,
01:41अश्रफ अमेरे से योगी अश्रफ वानी हमेरे साथ जुड़ रहे हैं,
01:43अश्रफ अमेरिका की नाराज़ के दिखाई दे रही है,
01:46चाहे हो टरम्प के सलाकार नोवुरो वह जिस तरह एक के बाद वो बाते कह रहे हैं,
01:50और उनका गुसा साफ जायज है कि भारत जब तक तेल खरीदना रूस से बंद नहीं करता,
01:55अमेरिका से रिष्टे बहाल नहीं होंगे, बहतर नहीं होंगे, रिष्टे तो हैं ही,
01:59और उपर से टरम्प कह रहे हैं कि अमेरिका तो भारत को कुछ बेचता है नहीं,
02:03अमेरिका आता है, और उसके साथ साथ अमेरिकी प्रोड़क्ट तो हैं नहीं,
02:07जो भारत के बाजारों में जाते हैं, और ऐसा नहीं कि अमेरिकी प्रोड़क्ट भारत के बाजार में नहीं है,
02:11कुल मिलाकर के नाराजगी का लबो लुबाब तो अमेरिका ने दिखा दिया
02:14लेकिन क्या रूस और भारत की जो दोस्ती है दश्कों में
02:18उसमें चीन के इंट्री शामिल हो सकती है
02:20क्या ब्रिक्स के बीच एक रिक का फॉर्मेशन हो सकता है
02:23ये देखते हुए कि चीन कभी भी वास्तविक स्थिती में भरोसे लायक रहा नहीं है
02:28बिल्कुल आश्टोश आपने सही कहा लग लेकिन कहीं न कहीं कहते हैं
02:33कि जब मजबूरी होती है तो कुछ भी करना पड़ता है
02:36और दोस जो है वो अस्थाई नहीं होते हैं
02:41वो बदलते भी हैं बनते भी हैं और बिगड़ते भी हैं
02:43कुछ मामला ऐसा ही चीन को है
02:45इस वक्त भारत के साथ बहतर रिष्टा करना जो है
02:49वो कहीं न कहीं चीन की जहां मजबूरी है
02:52वहीं पर भारत को भी इस चीज़ की जरूरत इसलिए है
02:55क्योंकि कहीं न कहीं अमेरिका को दिखाना होगा
02:58खास्तोर से बारत जिसंदाज से दुनिया की बहुत बड़ी एक डिमोक्रासी है
03:02एक लोगतंतर है वहाँ पर दुनिया की नगरें जो है बारत पर टिकी हुई है
03:07और अमरीका में भी टरंप ने जिस अंदाज से एक टक्राव की सिर्थी बारत के साथ पैदा की है
03:12उस पर अमरीका में भी कई सारे लोग जो हैं वो इसको अमरीका के हितुं के लिए अच्छी बात नहीं मार रहे हैं
03:19इस बीच जब डोनाल्ड टरंप ने टैरिफ बढ़ाया था खास्तोर से तेल खरीदने को लेकर रूस से
03:25तो उनको लग रहा था कि शायद जो दमकी उन्होंने दी उससे बारत जो है जुकेगा और रूस से जो है तेल खरीदना बंद करेगा
03:33और वो तेल या अमरीका से खरीदेगा या फिर अमरीका की कमपनियों से गल्फ में खरीदेगा
03:38लेकिन कहीं न कहीं जो है बारत की दश्कूं से एक पालिसी रही है खास्तोर से रूस को लेकर रूस एक सबसे साज़दार और एक सहीयोगी बारत का रहा है
03:48और इस्थाई रहा है उसने कभी अपने हितूं या रिष्टूं को बारत के साथ बिगड़ने नहीं नहीं बारत नहीं बिगड़ने दिया
03:56तो जाहर है कहीं न कहीं जिस अदास से जो फैसला सरकार की तरफ से अब लिया गया
04:01कि अमरीका के प्रिशर के बावजूद और 25 प्रतिशर जो एक्स्टा टरिफ अमरीका ने लगाया बारत के निर्याद पे
04:09उसके बावजूद भी जो है कहीं न कहीं बारत ने साफ किया कि वो रूस से तेल खरी जेगा और उसके संकेत भी दे
04:16और जो S.C.O. समिट में जिस अंदाज से रूस के पुतिन और बारत के प्रदान मंतिन अंदर मोदी के बीच बादचीत हुई और उसमें फिर चीन के राश्टर पती भी शामिल हुए उसने कहीं न कहीं जो है अमरीका की चिंटाएं बढ़ाई हैं और अगर हम इन तीन दे�
04:46बारत और चीन आपस में व्यापार करते हैं जिसका इशारा बारत ने दिया कि जो डेफिसित चीन के साथ ट्रेड में बारत का रहा है क्योंकि वहां से हायाद ज्यादा आता है निरमान कम जाता है यहां से जो एक्सपोर्ट है वो कम जाता है तो उसमें अगर कहीं न कहीं ब
05:16पर लगाया है उसका कुछ बोज जो है रूस उठाए यानि ये है कि जिन दामूं पे रूस भारत को तेल दे रहा है हाँ जाहिए सी बात है कि थोड़ा सस्ता दे रहा है उसमें किम्तु में और भी कमी रूस को लानी पड़ेगी ताकि जो बड़न 25 प्रतिशएद रूस से ते
05:46प्लान डोनार्ड टरम्प के थे भारत की अर्थवास्ता को लेकर वो जो है वो कहीं न कहीं उसके मनसूबे जो है कहीं नाकाम दिखेंगे और अब जो कल जिसका आप हवाला दे रहे थे जो उनने कल सोशल मीडिया पर स्टेटमेंट दिया है उससे साफ जाहिर होता है कि वो
06:16इसलिए डोनल्ड टरम्प ने सोशल मीडिया पर क्या कहा था सबसे पहले आपको दिखाते उसके बाद एक रिपोर्ट दिखाएंगे बहुत शुक्री अश्रफ तमाम जनकारी के लिए आप जुड़े विस्तार से आपने समझाया कि आखिर कैसे जो भौगोलिक समीकरण है �
06:46वे हमें अपने सबसे बड़े ग्राप के रूप में भारी सामान बेचते हैं भारी मात्रा में उत्पाद बेच रहे हैं लेकिन हम उन्हें बहुत कम बेच पाते हैं उन्होंने भारत पर दुनिया में सबसे ज्यादा इंपोर्ट डूटी दूसरे देशर सोने आले सामान पर
07:16बार-बार वो कह चुके हैं उन्होंने का कि भारत दूर्स से भारी मातरा में तेल और साइन यूप करन कमेट का करिदता है जबकि अमेरिका से बहुत कम खरीदता है डोनल्ड ट्रम्प ने ये भी कहा कि भारत ने अमेरिकी आयात पर अपने टैरिफ को नियूंतम करने की पेश
07:46लेकिन चुकी अमेरिका का टैरिफ बंब लगा इस बीच प्रधानमंत्री मूदी की सीओ चीन की जो यात्रा रही उसमें चीन और रूस के मुख्याओं से मुलाकात के बाद क्या वैश्विक जो राजनीती है उसमें एक बदलावारा है देखिए रपोर्ट
08:16अंतराष्ट्री मामलों के जानकार इन तो तस्वीरों की व्याक्षा बदल रहे वर्ल्ड ओर्डर से जोड़ कर रहे हैं वो मानते हैं कि पुतिन जिन पिंग और मोदी की तिकड़ी वर्ल्ड ओर्डर को रिसेट कर सकती है इसका स्तीधा मतलब है कि ट्रेडिशनल डिप्लो
08:46और कम क्यों चीन गए मोदी तो टीम ट्रम का बीपी क्यों हाई हो गया
08:56भारत के विरुद टैरिफ्यूद छेड़ का रहा फस गये ट्रम्प
09:07मोदी पर ट्रम्प का क्यों क्यों पड़ा उल्टा
09:16सबसे पहले सरल भाषा में समझे अमेरिका से टैरिफ्यूद के बीच साथ साल पाद
09:45प्रधान मंत्री मोदी चीन के दौरे पर गए
09:47मोदी के चीन दौरे की टाइमिंग और स्थियो की मंद से भारत ने क्या संदेश दिया आपको बताते
09:53संदेश नमबर एक ना जुके और ना जुकेंगे
09:58स्टियो की मंद से प्रधान मंत्री मोधी ने दुनिया को बड़ा जियो पॉल्टिकल संदेश दिया
10:03अमेर की राश्पती का नाम नहीं लिया लेकिन जवाब दिर किया
10:06भारत की एकनॉमी को टरंप ने डेड एकनॉमी कहा
10:09भारत को जुकाने की कोशिश की लेकिन प्यम मोधी ने बता दिया
10:12कि ना तो भारत की एकनॉमी डेड है और ना ही भारत किसी महाशक्ति के दवा में जुकेगा
10:17यहां तक कि चीन के साथ भी रिष्टा बराबरी परफोगा
10:20संदेश नंबर दो मिर्ची लगी तो मैं क्या करूँ
10:25अमेर की राश्पती ट्रम की नीती और नियत यही थी कि भारत का इस्तेमाल चीन के खिलाफ करे
10:30और तो और भारत और रूस के रिष्टों में दरार पैदा करे
10:33लेकिन पियम मोदी ने बता दिया कि भारत किस से रिष्टे रखेगा, किस से तोड़ेगा, ये खुद तय करेगा
10:40किसी के कहने पर भारत अपनी विदेश नीती तय नहीं करेगा
10:43संदेश नंबर तीन पलड दिया पासा
10:46चीन और भारत के रिष्टे चुनाव की भरे हैं
10:49अमेरिका यही सोचता था कि भारत और चीन के रिष्टों पर जमी बर्फ कभी नहीं पिखलेगी
10:54लेकिन पियम मोदी ने पासा पलड़ दिया
10:56भले ही भारत और चीन की दोस्ती की राह में फूल कम और कांटे ज्यादा हो लेकिन एक नई शुरुवात जरूर हो गई
11:03संदेश नमबर चार जैसे को तैसा भारत की विदेश नीती किसी प्रभाव या दवाब से तै नहीं होगी
11:10हाँ भारत विदेश नीती के मामले में जैसे को तैसा जवाब देगा भारत के हित को प्रभावित करने की कोशिश हुई तो रणीती बदलेगा
11:18आज जापान के साथ भारत कारोबार बढ़ा रहा है चीन ने संकेद दिये तो रिष्टों की खाई पाटने की शुरुवात हो गई तो वहीं यूकरेन के साथ भी भारत के अच्छे रिष्टे हैं और रूस से भी अगर भारत को छेड़ा तो छोड़ेगा नहीं
11:32संदेश नंबर पांच पाकिस्तान का पाप बेनकाब
11:35SEO की बैठक में प्रधान मंत्री मोदी ने साफ कर दिया कि आतंक और बातचीत साथ साथ नहीं चल सकती
11:42SEO घोषना पत्र में पहल गाम आतंक की हमले की निंदा की गई आतंक बात के खिलाप लडाई पर पीम मोदी के साथ सभी मुलकों ने दिखाई एक जुटता यानि आतंक परस्त पाकिस्तान को उसकी हैजियत दिखाई
12:12दोनों देशों के दूइच डायर्ट आइट भी इससे शुर की जाए हमारे सर्यों से दोनों देशों के 2.8 बिलियन लोगों के इस जुड़े दिखाई
12:30इससे पुरी मानवता के अल्यान का मालु ही परस्त होगा
12:38परस्त पर विश्वास, सम्माम और सम्मेलन शिर्ट्या के अल्हार कर आपने समंदों को आगे बढ़ने के लिए प्रतुवर्ट्या करें
12:53थोड़ी देर में आपको बताएंगे के स्यों शिखर सम्मेलन से ट्रंप और चिन पिंग ने क्या पाया और क्या खोया
13:00उससे पहले पियम मोदी के चीन दौरे का अंतर राष्टी मीडिया और एक्सपर्ट के विश्लेशन के बारे में बताते हैं
13:07बॉल स्ट्रीट जनरल ने लिखा भारत चीन के करीब आने से अमेर्की बाजारों पर सीधा दवाब पड़ेगा
13:13Financial Times ने लिखा टरंप की टैरिफ नीती उल्टी पड़ सकती है
13:17संभावे भारत चीन ऐसा धाचा खड़ा कर दे जिससे अमेर्का को अपने ही खेल में शिकस्त मिले
13:23CNN ने लिखा अगर भारत चीन के बीच व्यापारिक तालमेल बढ़ता है तो ये टरंप प्रशासन की टैरिफ रणीती उल्टी पड़ सकती है
13:30Fox News ने लिखा अमेर्की लापरवाही से चीन की ओर भारत का जुकाव दिख रहा है
13:35ये अमेर्का के लिए बड़ा संकट भी है क्योंकि भारत जैसे भरोसे मंग सहयोगी आसानी से नहीं मिलता
13:41अमेर्की पतकार और रणेतिक टिपणिकार रिक संचेस मानते हैं कि रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर टैरिफ लगाने का अमेर्की नर्णय एक अपमान जनक और अज्ञानता पूर नेती है
13:51भारत को बच्चा समझने की भूल ट्रम्प को नहीं करनी चाहिए
13:55कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि अमेर्का बनान एशिया का नया दौर शूरू हो चुका है
13:59वाशिंटन और यूरोपिया थिंग टैंग मोदी जिन्पिंग मुलाकात को सतर्क नजरों से देख रहे हैं
14:05अच्ति कِّ च् सिर्ढपाब झाचान बाओ कि अबस्ट आए लाख यहाँ
14:09यहा थी जो चु�्स कानी से लाओ टोट लूम के एर, अ ,
14:29तरिफ्स पूरे बैठक को हम लेते हैं, इस पूरे शिखर सम्मिलन को हम शामिल करते हैं, तो 43 प्रतिशत विश्म की आबादी का प्रतिनिध्यत्व यहां पर हो रहा है, वैश्मिक जीदीप का 23 प्रतिशत यहां पर है, और इसी लिए केवल
14:57S.C.O. देश नहीं, बलकि दुनिया के बाकी देश भी इस बैठक पर नजर बनाते हैं, उदर S.C.O. में प्रधानमंद्री मोदी और जिंग्पिंग के साथ साथ रूसी राश्पती से मुलाकात चल रही थी, यहां भारत में अमेरिकी दूतावास की ओर से एक सोशल मीडिया �
15:27इस महीने हम ऐसी कोशिशे करेंगे जिसे दोनों देशों के रिष्टे और बहतर आगे बढ़ें, जिसमें इन्नोवेशन भी होगा, इंटर्पर्नियोर्शिप भी होगी, डिफेंस और द्विपक्षिये रिष्टों को भी मजबूत करने की कवायद इसमें की जाएगी, और
15:57दिखाई तो अमेरिका के और से ये भी कहा गया, लेकिन ऐसा नहीं कि अमेरिका के और से सिर्फ रिष्टों के बारे में ही कहा गया हूँ, अमेरिका के और से एक और बयान आया था, और वो बयान किसका था, तरसल टरम्प के करीबी जो नोरोव हैं, उनका एक बयान आता है,
16:27अंतराष्ट्री मीडिया हो या फिर अंतराष्ट्री मामलों के चानकार
16:36पिये मोदी और जिन्पिंग की मुलाकात को अमेरिका के लिए बड़ा जटका मान रहे हैं
16:40वहीं ट्रम के करीबी पिये मोदी की जीन यात्रा से चड़ गए हैं
16:57अमेरिका को इतनी मिर्ची क्यों लगी इसे अंतराष्ट्री मोर्चे पर चीन के पढ़ते कन और भारत चीन की दोस्ती से होने वाले नुकसान की चश्मे से समझे
17:06संदेश नमबरे हम भी हैं खेल में
17:10जिन्पिंग ने अंतराष्टी जगत को यही संदेश दिया कि सिर्फ अमेरिका की मनमर्जी नहीं चलेगी
17:15चीन भी एक महाशक्ती है
17:16संदेश नमबर तो हत्यार वाला खेल
17:20SEO के जरिये चीन ने एक नई धुरी बनाई
17:23एक बड़ा मकसद अपने सैन हत्यारों को अंतराष्टी बाजार में उतारना
17:28संदेश नमबर तीन
17:30ट्रम्क का खेल फेल
17:32अमेरिकी राष्टपती चाहते थे कि टैरिफ का डर दिखा कर तमाम मुलकों को अपने आगे जुका सके
17:37लेकिन जिनपिंग ने सिर्फ अपने दोस्तों को नहीं बुलाया बलकि उन मुलकों को भी बुलाया
17:42जो अब तक अमेरिकी खेमे में थे
17:43यानि जिनपिंग के साथ अमेरिका के दोस्त भी मौजूद थे
17:47संदेश नमबर चार हम साथ साथ हैं
17:50स्यो की बैठक में जिस गर्म जोशी के साथ
17:52पीयम मोदी और चीन के राश्पती जिनपिंग की मुलाकात हुई
17:55उससे साफ है कि चीन मानता है कि दुश्मनी से भली भारत से दोस्ती है
17:59लेकिन कहते हैं दूद का जला छाज भी फूक फूक कर पीता है
18:03भारत भी चीन को लेकर चौकनना है
18:06तो भारत चीन और रूस के रिष्टे आगे किस तरह जाएंगे भारत और अमेरिका के बेस संबंधों के बीच आखिर क्या होगा
18:30क्या ट्रॉम्प का टैरिफ वापस होगा या दोनों देशों के बीच दिपक्षी ये ट्रेड जो है उसके चलते स्थिती बहता होगी
18:36इस तमाम ख़बर पर वाइन निजर बन रहेगी
18:38यहां फिलाल रुक रहे हैं लेकि जाते आते आपको छोड़ जाते एक रिपोर्ट के साथ की कैसे वैश्विक भूपटल पर वैश्विक जो डिप्लोमसी है उसमें भारत चीन और रूस के आने से अमेरिका खासा नाराज है
18:47और इसके लिए दुनिया के तमाम विशेश्चक अमेरिका को दोश देते हैं कि उसकी गलती के वज़े से चीन, भारत और रूस एक साथ आ रहे हैं
18:54तो क्या दक्षिन एशिया में वैश्विक पटल पर राजनीतिक समय करण बदल रहे हैं
18:58देखिए रिपोर्ट, देखते रहे हैं आज तट
19:28दुनिया में खलवली बचाई
19:30स्थियो यानि शंधाई सहयोग संगठर में वैसे तुन नौ देश हैं
19:35भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, साजिकिस्तान, उजवेकिस्तान और इरान
19:42इसके अलावा परिवेक्षक के तौर पर कई और देश भी इसमें शामिल रहे हैं
19:46लेकिन सिर्फ तीन देश यानि भारत, रूस और चीन इस वक्त इंटरनेशनल मीडिया की टॉप हेडलाइन्स बने हुए हैं
19:53आज हम आपको दिखाएंगे क्या खिर क्यों दुनिया भारत, रूस और चीन की चर्चा कर रही है
20:00और क्यों इन तीनों देशों के नेताओं की नई केमेस्ट्री से जॉर्नल ट्रॉप को बहुत बड़ी टेंशन हो गई हैं
20:07आईए समझने की कोशिश करते हैं
20:08चीन ने अपने उत्र शहर त्यानजीन में एकतीस अज़ट से लेकर एक सितम वरतर एस्ट्यो की बैठकाइउजिती और चीन ने इस्ट्यों के ध्यासता अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन करार दिया
20:22ये पाचवी बार है जब चीन ने सम्मेलन आईउजिती किया है
20:26और फिर त्यान जिन से जो तस्वीरे सामने आई उन्होंने वाकई दुनिया में हलचल पैरा कर दी
20:31S.T.O. के दूसरे दिन दुनिया के बड़े नेता जब अपनी बात रखने पहुचते हैं
20:36तो इस दरान पियम मोडी चीनी राश्पती श्री जिन पिंग और रूसी राश्पती पुतिन एक सास नजरा पे
20:43तीनों नेताओं ने काफी देर बातें की और अब इंटरनेशनल मीडिया इसका आकलन करने में जुट गया है
20:49नियॉर्क टाइम्स में लिखा है पियम मोडी और श्री जिन पिंग की स्कियो समिट में मुलाकात धोम देशों के रिष्टों में नए स्तकारात्मत बदलाव का संकेत
20:57अमेरिका के टैरिफ और रूस के तेल खरीदने को लेकर भारत पर बढ़ते दवाव के बीच भारत चीन संबंधों में नर्मी आई
21:04नियॉर्क टाइम्स के अनुसार चीन ने एस्तियो मंद से अमेरिका के अकेले नर्णे करता नहीं रहने का संदेश विश्व को दिया है
21:27देर तक एक साथ पाचित करते नजर आए ये लबहा उस वक्त आया जब तीनों देशों के मेता स्विश्व को सम मोधी करने जा रहे थी
21:35इस दोरान मोधी और पुतिन मंच पर हाथ पकड़ कर चलते हुए नजर आए प्रधान मंत्री मोधी ने चीनी राश्पती श्री जिन पिंग से हाथ मिलाया आपको बता दें कि चीन केस पियान जिन में पियम मोधी को सफर के लिए
21:47एक स्पेशल कार होंगे की एल फाइब दी गए ये कार चीन की रॉल्स रॉइस कही जाती है
21:52खुद राश्पती श्री जिन पिंग भी इसी कार के इस्तिमाल करते हैं और एक सितंबर को भी पियम मोधी इसी कार से SQ समीट में शामिल होने पहुँचते
22:01पियम मोधी 30 अगस्त को पूरे 7 साल बाद चीन पहुँचे और चीन के राश्पती श्री जिन पिंग से मुलाकात हुई
22:15तो दुनिया में दोनों देशों के बीच रिष्टों में सकारात्मक बदलाव के संकेत साफ दिखाई वे
22:21फिर कई मौके ऐसे आए जहां जिन पिंग, पुतिन और मोधी एक साथ बाच्चित करते हुए और हसते हुए दिखाई देते
22:28क्योंकि रूस की तरफ से RIC यानि भारत, चीन और रूस का त्रिकोणिय अलायंस बनाने की भरपूर कोशिश हो रही है
22:36उपर से जॉनल्ड ट्रंप ने ट्रेट जील के लिए टैरिफ थोग दिया, इसके बाद S.T.O. के मंच पर तीनों नेताओं के बीच केमस्ट्री और भी तगली दिखाई
22:45इसलिए नियॉर्क टाइम्स ने लिखा
22:47ट्रंप की नीतियां अमेरिका के पारंपरिक सहयोगियों को दूर कर रही है
22:51और चीन इस अवसर का फायदा उठाने की कोशिश करता है
22:54पियान जिन में हुई S.T.O. बैठक में 20 से अधिक नेताशामिल हुए
22:58जिन में भारत के प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी, रूस के राश्पती पुतिन और अमेरिका के सहयोगी देश तूर्की और मिस्र भी थे
23:05चीन इस मंद से संदेश देना चाहता है कि अब अमेरिका अकेला नर्णे करता नहीं है
23:10ट्रम्प की असंगत लीदियां जिन में पुतिन के लिए रेट करपिट और मोदी पर टैरिक लगाना चीन को फायदा पहुचा रही है
23:17सैन्ड परेड और इत्यास का हवाला देकर चीन भविष्ट की जियो पॉलिटिक्स में अपनी भूमी का मद्बूत करना चाहता है
23:23सच ये भी है कि भारत और चीन के 2020 की सीमा जड़कों के पास जब दोनों देश एक भूसरे को फूटी आँख नहीं सुहते थे
23:31आज ट्रम्प के टैरिस और भूस की पहल के चलते फिर से नजबी का रहे हैं
23:36और स्टियो सम्मेलन ऐसे समय हुआ जब अमेरका भारत रिष्टे कठिन दौर से गुजर रहें
23:41वहीं पुतिन को यूक्रेन युद्ध को लेकर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है
23:45ऐसे में मोदी, पुतिन और जिन्पी तीनों का साथाना सीधे ट्रम्प को क्लियर मैसेज अब दवावाली पूटनी नहीं चलेगी
23:53लेकिन जो अमेरका भारत पर रूस और यूक्रेन युद्ध को भरकाने के आरोप लगाता है
23:59आज पियम मोदी ने स्टियों के मंद से कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच शांती स्थापित होनी चाहिए
24:05यूक्रेन में चल रहे संगर्ष के विशे में हम लगातार चर्चा करते रहे हैं
24:11हाल में कीए गए शांती के सभी प्रयासों का हम स्वागत करते हैं
24:17हम आशा करते हैं कि सभी पक्ष कंस्ट्रक्टिवली आगे बढ़ेंगे
24:23संगर्ष को जल्द से जल्द खत्म करने और थाई सांती स्थापित करने का रास्ता खोजना होगा
24:31यह पूरी मानोता की पुकार है
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