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Supreme Court On Bihar SIR: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में वोटर लिस्ट अपडेट और SIR प्रक्रिया पर बड़ा फैसला सुनाते हुए 1 सितंबर के बाद भी दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने बिहार विधिक सेवा प्राधिकरण को पैरा लीगल वॉलंटियर्स नियुक्त करने का निर्देश दिया, जो मतदाताओं को सहायता देंगे। आधार कार्ड को केवल पहचान का दस्तावेज माना जाएगा, नागरिकता का प्रमाण नहीं। कोर्ट ने चुनाव आयोग को पारदर्शिता बनाए रखने और सभी दावों को ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए। यह फैसला मतदाता अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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Transcript
00:00सुप्रीम कोट का बिहार S.I.R. पर बड़ा आदेश
00:17एक सितंबर के बाद थी भूटर लिस्ट में सुधार पर रोक नहीं
00:22राजनतिक दलों और इलेक्शन कमिशन पर सुप्रीम कोट की कैसी टपने
00:28बिहार में वोटर लिस्ट अब देट और S.I.R. प्रक्रिया कुले कर चल रही
00:34विवाधित कारवाही पर सुप्रीम कोट ने एक महत्वपून फैसला सुनाया
00:39जिससे लाखों मतदाताओं को राहत मिली
00:42अब एक सितंबर के बाद भी मतदाता आपत्ति और दावा दर्च कर सकते हैं
00:47सुप्रीम कोट में विहार विधिक सिवा प्राधिकरण को निर्दीश दिया
00:51कि वो पैरा लीगल वॉलेंटियर्स इनकी नियुक्ति करे
00:55जो मतदाताओं और राजनायतिक दलों को दावे आपत्तियों की प्रक्रिया में मदद करेंगे
01:01सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांध ने कहा कि आधार कार्टों केबल पहचान के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा
01:09ना की नागृत्ता या फिर पात्रता का प्रमाण पत्र उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि कोट आधार एक्ट की धारा नौ या फिर सुप्रीम कोट की समवधानिक पीठ के फैसले से आगे नहीं जा सकती
01:22याची का करता प्रिशान्त भूशन ने कोट को बताया कि पहले आधार को दस्तवीज के रूप में स्विकार नहीं किया जा रहा था
01:30लेकिन अब चुनावायोग ने इसे 11 मान्य दस्तवीजों में शामिल किया है
01:35राश्ट्रिय जनादादल, आरजेटी और अन्य राजनातिक दलों ने सुप्रीम कोट में याची का दायर कर कहा था
01:46कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हजारों नाम गलत तरीके से हटाए गए
01:5022 अगस की सुनवाई से पहले तक 84,305 लोगों ने दावा पेश किया
01:57जो कि 27 अगस तक 1,78,948 तक पहुँच गया
02:02इसे ये साबित होता है कि लोगों को समय की जरुवत है
02:06कोट से मांग की गई कि एक सितंबर की डेडलाइन को बढ़ाया जाए
02:10तक ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी आपत्ती दर्च कर पाए
02:13कोट के मुख्या निर्देश क्या थे आपको वो भी बताते हैं
02:18कोट निका एक सितंबर के बाद भी आपत्तियां स्वेकार होंगी
02:22पैरा लीगल वॉलेंटर्स की नियुक्तिकर लोगों को आवेदन करने में मदद दी जाएगी
02:28आधारकार को केवल पहचान के दस्तवेज के तौर पर इस्तेमाल किया जाए ना की ना गृत्ता के
02:35चुनावायोग की मैनुवल प्रक्रिया को पूरी तरह से लागू करना हुगा
02:40पूर्टनी चुनावायोग को पाड़ दर्शिता बनाय रखने और सभी तापों को अपलोड करने के निड़देश दिये
02:48चुनावायोग ने पूर्ट को बताया कि 7.24 करोण मदद दाताओं में से 99.5% ने दस्तवेज जमा कर दिये
02:58आयोग ने ये भी कहा कि 3 सितंबर के बाद भी नाम जूड़े जा सकते हैं लेकिन तारीख बढ़ाने से ये प्रक्रिया अंतहीन हो जाएगी
03:07जस्टिस सूर्यकांत ने इस पर कहा कि लोग आवेदन करते रही पूर्ट इसके लिए खुला है प्रिशान भूशन ने ये भी आरूप लगाया कि चुनावायोग पार दर्शिता नहीं रख रहा
03:17मतदाताओं द्वारा जमा किये गए फॉर्म अपलोड नहीं किये जा रहे और लोगों को ये जानकारी नहीं है कि उनका फॉर्म स्विकार हुआ या फिर नहीं
03:27इसके साथ ही उन्होंने बिहार ने बाड़ कि स्थिती का हवाला दिया और समय की अतिरिक तमाम की
03:32सुप्रीम कूर्ट का ये फैसला मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और लोगतांत्रिक पारदर्शिता बनाये रखने के लिए एक बड़ा कदम है
03:41अब जो लोग वोटर लिस्ट से नाम कटने से परिशान थे उन्हें एक सितंबर के बाद भी आविधन की सुविधा मिलेगी और कानूनी साहता भी दी जाएगी
03:51अधालत ने साफ किया कि प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी को भी अनावश्यक रूप से वोटर लिस्ट से बाहर ना किया जाए
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