00:00we have 2 children
00:02so how many children have to be eaten
00:06the number of children have to be here
00:08and in this case, we have to be here
00:10how many children have to be eaten
00:12so our children have to be 2 children
00:14so we have to be 2 children
00:16ludo jayses khel
00:18bacho ko kaafi p comigo
00:20पर क्या
00:22आपने कभी सोचा है
00:24कि ludo kheiltte kheiltte
00:26bacho pढ़ भी सकते है
00:30जीहां कुछ ऐसा ही हो रहा है
00:32दुर्ग जिले में
00:34दुर्ग के हनोदा मिडिल स्कूल के
00:36बच्चे, ludo के जरीये
00:38Maths की जोड़ खटाओ
00:40और गुणा भाग
00:42I am a coach at the GaniT section, and I have a coach at the Maths Lab and Maths Park.
00:55I am a coach at the GaniT section.
00:58I am a coach at the KaniT section, and I am a coach at the Maths Lab and Maths Park.
01:06ुइन सिख्षकृरों के लिए इसका उपयोग करते हैं हमारे पास एत परश्네요h estic
01:11ुदस में हमें दोका भाग देना है।
01:16बच्चों को खेल खेल में आसाणी से Maths सिखाने वाली टीचर का नाम है प्रग्यसिह।
01:23प्रग्या सीं का चैन इस साल राष्टिय सिख्षक पुरसकार 2025 के लिए क्या गया है। प्रग्या 3 सितंबर को दिल्ली जाएंगी और 5 सितंबर को उनको सिख्षक दिवस के मौके पर राष्टपती के हाथों सम्मान मिलेगा।
01:39प्रग्या कहती है कि बच्चों को बहतर सिख्षा देने के लिए उन्होंने स्कूल में मैट्स लैब और मैट्स पार्क बनवाए।
01:59बच्चे जिस गणित को मुश्किल समस्ते थे उस गणित को उन्होंने साब सीड़ी के खेल से आसान बना दिया।
02:06पहले हम लोग ना गणित हल नहीं कर पाते थे आसानी से पर अब हमारी मैम के वज़े से हम लोग बहुत अच्छे से गणित हल कर पाते हैं और गणित हमारे बहुत स्कूल हुआ।
02:17हनोदा मिडिल स्कूल के बच्चे अब खेल खेल में आसानी से नंबरों को जोड खटा लेते हैं।
02:31बच्चे कहते हैं कि सही उत्तर देने उनकी गोटी सीडी से उपर चड़ती है और गलत जोड पर उनकी गोटी साप के जरीये नीचे आ जाती है।
02:43खेल में उनको मज़ा भी आता है और गणित के सवाल भी हल हो जाते हैं।
02:49सिक्षिका प्रग्यासी ने अब तक 500 से ज्यादा टीचिंग और लर्निंग मटेरियल बच्चों के लिए तयार किये है।
03:03अपने खर्चे पर स्कूल का रंग रोगन तो कराया ही, बच्चों की पढ़ाई के लिए बहतर माहौल भी तयार किया।
03:09स्कूल में पढ़ने वाले छात्र तो अपने टीचर से खुश है ही, उनके परिजन भी खुश है कि उनके बच्चों को पढ़ाने के लिए इतना बढ़िया टीचर मिला।
03:21अतुल सिंग, ETV भारत, दुर्ग
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