00:00जै गणपती सद गुण सदन कविवर बदन कृपाल विग्न हरन मंगल करण जै जै जै गिरी जालाल
00:11जै जै जै गणपती गण राजू मंगल भरण करण शुबह काजू जै गज बदन सदन सुखदाता विश्व विनायका भुद्धि विदाता वक्र तुंड सुचि शुन्डो सुधावना तिलक त्रपुंड भाल मन भावन राजत मणी मुक्तन उर्माला स्वन मुकुट शिर �
00:41चरण पादु कमुनी मन राजत धनिशिव सुवन शणानन भराता गौरी लालन विश्व विख्याता रधि सद्धिता चवर सुधारे मूशक वाहन सोहत द्वारे कहो जन्मशुब कथा तुम्हारी अतिशूची पावन मंगल कारी एक समय गिरी राजुकुमारी पुत्र हे
01:11अतिति जानिकै गौरी सुखारी बहुविद सेवा करी तुम्हारी अति प्रसन्न हवे तुम वर दीनहा मातु पुत्र हेत जोत पकीनहा मिला ही पुत्र तुही बुद्धि विशाला बिना गर्ब धारन यही काला गणना यक गुण ज्यान विधाना पूजित प्रतम रूप
01:41लखि मुक सुख नही गौरी समाना सकल मगन सुख मंगल गावही नाबते सूरन सुमन वर्षावही शंभु उमा बहु दान लुटावही सुरमुनिजन सुत देखन आवही लखियती आनंद मंगल साजा देखन भीयाय शनी राजा निज अवगुण गुणी शनी मनमाही बा
02:11सुरना शनी तुही भायो कहत लगे शनी मन सकुचाई काकरी होश शुमोही दिखाई नहीं विश्वास उमा उर्भयहू शनी सो बालक देखन कहयू पद तही शनी द्रग कोण प्रकाशा बालक सिर उड़ी गयो अकाशा गिरजा गिरी विकल हवे धरणी सो दुख दशा गयो
02:41सुरत गरुण चड़ी विश्णू सिधायो काटी चक्र सो गजल सिर लायो बालक के धड़ उपर धारेयो प्राण मंत्र पणी शंकर डारेयो नाम गणेश शंभू तब कीन है प्रतम पूज्य बुद्धी निदिगर दीन है बुद्धी परेक्ष जब शिवकीन हा प्रत्व
03:11तिनके साथ प्रदक्ष्ण कीन है धनी गनेश कही शिव ही हरसे नबते सुरन सुमन बहु बरसे तुम्री महिमा बुद्धी बढ़ाई शेश शहसमुक सकेना अगाई मैं मतिहीन मलीन दुखारी करहू कौन विधी विनय तुम्हारी भजत राम सुंदर प्रभुदासा जग �
03:41श्री गनेश ये चालीसा पाट करे कर ध्यान नित नव मंगल ग्रिह बसे लहे जगत सनमान संबंद अपने सहस्त्रदश रशिपंचमी दिनेश पूरण चालीसा भयो मंगल मूर्ति गनेश
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