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00:00पूछ बरीजादों से ये हिजर कैस छेला है
00:30कुरतुलैंड जरूर है अगर मैं देख नहीं सकती हूँ
00:36पेदाईशी अंधी नहीं हूँ मैं बच्पर में तो बिल्कुल ठीक थी
00:49लेकिन फिर एक मुजी मर्ज में मुबतला हो गई
00:53और दीरे दीरे मेरी आखों का नूर चला गया
00:56पहली क्यों नहीं बताया मुझे
01:00कब बताती मैं आपको दूसरी तो मुलाकात है दूसरी भी कहां
01:07और फोन पर बताने का मौका नहीं मिला और वैसे भी ये बात बताके मुझे लोगों की हमददियां समेटने का बिल्कुल भी शौक नहीं है
01:18अगर वो स्कल्प्ट्रिस वगेरा वो क्या था वो तो मैं अपने उंग्लियों के पोरों से छू कर बनाती हूं
01:29एसे में मेरे हाथों की ओंडister मेरी बसारत बन जाते हैं और मेरी ओंडियों के पोर मेरी आंके
01:41नागर मैं बहुत से निम्मण वे अपनी हरकत पर आपनी बात अपर जो मने तुम्में कही था मुझें माफ ना करना कि यूँ ना कहें आप याप नहीजानते
01:58जब आपने मुझे हर जगा से ब्लॉक कर दिया था न और आप तक पहुँचने का कोई जरीया नहीं था
02:06तो मैं घंटों बैटकर यही सोचती रही
02:09नजाने मैंने ऐसा क्या कह दिया जिससे आप इतना हट हो गए
02:13तरह सल मुझ जैसों को दुश्मन की ज़रूरत नहीं पड़ती है
02:16हम खुद ही अपनी दुश्मनी के लिए काफी होते है
02:20आप खुद को अतना कम क्यूं समझते है
02:25बस ये बात जाल लीजिए
02:28जो मुकाम आपका मेरे दिल में है
02:31तो किसी चीज़ का महताज नहीं
02:33बस इसे किसी और बात से मश्रूत करके
02:38उस मुकाम की तोहीन मत कीज़ेगा
02:40वरना मैं बहुत हर्ट हो जाओंगी
02:43जो वादे नहीं करने आते
02:49मगए निबाना जानता हूँ
02:53रहन दैसा नहीं होगा
02:56जो अंदर का कर्द नहीं छुपा पाया मैं इस पार
03:01आतका मुदर्फ निकला हूँ
03:05सुनो काम होगे
03:23नहीं वो आज बहुत मस्रूफ थे मुझे मुझे मौका नहीं मिला
03:29तुमसे एक काम करने को कहा था तुमसे वो भी नहीं हो सका
03:33आजी मैं फिर कोशिश करूँगी
03:35लेकिन मैं बता रही हूँ मुझे ये सब कुछ ठीक नहीं लग रहा
03:39तुम्हें रुका है ना तुमसे वो करो
03:43अगर परिजाद सर ने खत लेने से इंकार कर दिया तो
03:47यह नहीं ना कर देगो जो तुमसे बताओगी ना तो उसका चेहरा देखना खिल जाएगा
03:51जैसे उसकी कोई मुराद पूरी हो गई हो गई हो
03:55तुम्हें पूरी हो जाएगा
04:03असलाम अलेकुम जी
04:05वालेकुम असलाम
04:07आएए अंदर एंदर आएगा
04:09जाद
04:11आओ आओ
04:13जाओ
04:15जाओ
04:17जब इसने मुझे बताया कि इसके
04:19परीजाद सर आ रहे
04:21तो मैंने सोचा में
04:23जल्दी से कुछ खाना बना लूँ
04:25इस तकल्फ की बिल्कुल
04:27सरूरत नहीं थी जी
04:29नहीं प्लीज
04:31पैठो बेटा
04:33जी
04:39परीजाद सर मैं
04:41बस मैं भी आरी हूं
04:43और आपने जाने की बिल्कुल भी जल्दी
04:45नहीं करनी है ये जो मेरी
04:47ये बहुत बाते करती है
04:49एनी बेटा
04:51मैं बस आरें
04:53बेटा
04:55बेटा
04:57एनी की बातों का पुरा मत मनाना
05:03और बच्पना है अब इसमें
05:05है
05:07जमाने का गहरा रंग नहीं चड़ने दिया
05:09नहीं खुद पर
05:11सच पूचे तो मुझे इसका यही
05:13पेसाखतापन बहुत अचा लगता है
05:15लेकिन
05:17मुझे
05:19इसके हसने से ना बहुत डर लगता है
05:21सुना है
05:23जो लोग बहुत हसते
05:25अंदर से बहुत तनहा होते है
05:27अगर जिसकी आप जैसी सहेली माँ हो
05:29वो भला तनहा कैसे हो सकती है
05:31कोशिश करती हूँ कि मैं इसकी
05:33पकी सहेली बन जाओ
05:35यह बहुत चोटी सी थी
05:37जब इसके वालिद का इंतिकाल हो गया
05:39और
05:41उस साल यह इतना बेमार हुई
05:43ना बेमार हुई
05:45ना बेमार हुई के
05:47इसकी बिनाई कम होती गई
05:49सवाथ यह सिर्फ और सिर्फ सहत साल की थे
05:51तो आप लोगों ने
05:53मेरा मतलब
05:55किसी को दिखाने की कोशिश
05:57को इलाज बगारा
05:59बहुत इलाज करवाया
06:01जब इसके वालिद का
06:03इतिकाल हुआ ना
06:05मैं कभी भी घर से नहीं निकली थी
06:07लेकिन मुझे निकलना पड़ा
06:09और मैंने एक
06:11प्राइवट स्कूल में
06:13अज़ टीचर जॉब शुरू कर दी
06:15लेकिन एक प्राइवट टीचर की तंखा में
06:17जितना इलाज
06:19मुमकिन था
06:21करवाया
06:25आओ बीटा
06:31आप लोग इते खामोश क्यों बैठे हैं
06:33मेरे जाने के बाद
06:35मेरी बुराई ही कर लेते
06:37हाँ वही तो कर रहे थे
06:39लेकिन तुम्हें देखा ना
06:41तो मौजू बदल दे
06:45क्या बात अकबर भाई
06:47बहुत परशान नदर आ रहे है
06:49लिक ने बहुत देर कर दिये
06:51ये अलाका बिलकुल ठीक नहीं है राशित
06:53अपना साब बहुत बहुत बहादर है सर कि
06:55से नहीं डरता अपनी जूते के नोग पर रखता
06:57सबको डरने की कोई बात नहीं
07:15लिक्रेचर, शायरी और
07:17किताबों का शौक इसने अपने वालिद से लिया है विच्से में
07:21ये उनकी तरह प्रेइल की किताबों में घुसी ना जाने क्या ढूनती रहती है
07:26लिक्रेचर और शायरी की आडियो बना बना कर बस अपनी डिवाइस में डालती रहती है
07:33या फिर अपनी गैलरी में जाके घंटों स्कल्प्चर्स बनाती रहती अच्छा क्या याद करवा दिया आपने आपको पता है ना
07:42मैंने परिजाद सर का भी स्कल्प्चर बिनाना है और इतनी रिक्वेस्ट कर रही हूं और यह मानी नहीं रहे
07:49अच्छा प्लीज मुझे जाज़िद दीजिए मुझे जलना चाहिए काफी देर होगी आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा नहीं यह ऐसे तो नहीं जाने देंगे हम तुमको कुछ खाना वाना खाके ही तो जाओ ना ऐसे एक बात बता हूं नहीं बुरा खाना बिलकुल नह
08:19आज नहीं फिर कभी एजास थे थेंक यू थेंक यू फिर आला बिटा थे परिजाद सर थेंक यू थेंक यू थेंक यू थेंक यू सो मच आपने यहां के मेरा मान रख लिया शुक्रिया तो मुझे अदा करना चाहिए
08:47तुम्हें मुझे इन्वाइट किया अपनी से मिलवाया आपको अंदाजा निया मैं कितना खुश हूँ मुझे तो यकीन ही नहीं आ रहा कि
08:56कि परीजाद कुछ चलकर मेरे गर पर आए
09:01मैं हमेशा शुकर गुजार हूं कि आपकी और शुकर गुजार हूं
09:06हूं
09:10मुस्कराती रहो यह हस्ती मुस्कराती आइनी अच्छी लगती है
09:17संजीला आइनी एक अदास बिली जैसी है
09:25खदा आफिस
09:27खदा आफिस
09:36खदा कि अजिस
09:40श्याओर के अच्छीग
09:44खबश्याद
09:48कि अजिए
09:50और एक अजिए
09:52कि अजिए
09:54संजी
09:56आफिस
09:58संजी
10:01अगपर तुम्हारा दिहान कहा रहता है आजकल
10:09वालिक कोई गलत ही हो गई है क्या मज़ से
10:12जब से हम निकले हैं हमारा पिछा कर रही है काली गाड़ी
10:17दुटना नहीं चलते रो
10:21ठीक है वालिक
10:23पता कराओ किस की है और कहां से आई है
10:31मान लीजी आप इनकी बात बहुत जायका इनके हाथ में
10:39मुझे तो यकीनी में आ रहा कि परीजाद कुछ चलकर मेरे कर पर रहाए
11:01हाँ जी एक पर क्या पता चला
11:19आपका शक ठीक निकला मालिक
11:21तो गाड़ी सेट शहवास की थी
11:23ठीक सबग सिखा दिया इसके चमचो को
11:26पैगाम भी बिजवा दिया है कि आएंदा सिर्फ हडिया नहीं तूटेंगी
11:29बलके गोली सिधा सर के पार होगी
11:32ठीक है निग जा सकते
11:35मालिक
11:38मैं बहुत शर्मिनदा हूँ
11:42आएंदा ऐसी गलती नहीं होगी
11:45महाफिस की आँख चूट जाए तो अगला लम्हा मौत के सन्ना टेका भी हो सकते
11:50जो मौत से डरनी लगता आक मुझा
11:54अगर कुछ अर्सा जीना चाहता हूँ
11:57यह बहुत सी जम्हदारियां बाकी है मेरे सार पर
12:01जहन पर जादा दोर मैं डालो
12:06इस मौज़ू के बाद में बात करेंगे तफसील से
12:09जी मालिक
12:11इसका फैसला तो वक्त ही करेगा सिर्ट जैवास
12:24इसे वार्निंग नहीं
12:26धमकी ही समझना
12:29मैं आई कमें से आजा
12:31जी
12:34सारी सिर आपको डिस्टर्ब किया आपसे कुछ बात करनी थी
12:38इस वक्त एक जरूरी मीटिंग के लिए मैं निकल रहा हूँ
12:43जरूरी काम नहीं है तो दुबारा आजाना
12:45राइट सिर्ट सॉरी मैंने आपको बेवक डिस्टर्ब किया
12:49मैं फिर आजाओंगी
12:50रुको
12:51बोलो क्या है
12:54सिर आप काफी परिशान लग रहे हैं
13:00पता नहीं मुझे इस वक्त ये बात करनी चाहिए या नहीं
13:04कुछ लोग सारी उमर डिस्टर्ब्ड और जिहनी कहफियत का शिकार रहते हैं
13:11जमाना उनकी इस बेचेन कहफियत के लिए रुकनी जाता
13:13बोलो
13:15सिर वो
13:18आपी ने आपके लिए एक पेगाम भेच है
13:21मेरी लिए
13:30क्या
13:34वो आपसे मिलना चाहती है
13:37मैंने इंकार कर दिया लेकिन उन्होंने जबरदस्ती आपके नाम ये
13:44रुका लिखकर भेज है
13:47क्या लिखा है तुमारी यापी ने इस कागस के टुपड़े
14:03मैंने पढ़ा नहीं है
14:07सिर अगर आपको बुरा लगाओ तो मैं इसको अभी भाड़ के फेग देती हूँ
14:12मैं आपी से कहा भी था कि ये बहुत गहर मुनास्बात है
14:16आप सिंदगी में बहुत आगे बढ़ चुके हैं
14:19माजी में पलटना आपके लिए अजियतनाक और आपके साथ नाइनसाफी होगी
14:23थीक है अए अट्ट नाइनसाफी होगी
14:29ठीक है अट्ट याँडुम्
14:36लग्यावद वचावग से आपके उना प्स।
14:50जय जढख़ाई।
14:52सल्गूल
14:54सल्गुल
14:56सुल
14:58लूर
15:00मुण
15:02सुल
15:04सुल
15:08सल्गुल
15:10करने
15:12युद
15:14स्वय
15:16स्वय
15:18जिन्दगी की हर रेस में एक घोड़ा और एक जौकी दोड़ते हैं
15:42जीतने वाला घोड़ा और घोड़सवार खुद को फाति समझ बैठते हैं
15:48जबके दोनों ही इस बात से बेखबर होते हैं कि असल फाति तरसल उन पर बाजी लगाने वाला एक अन्जान होता है
15:59जो रेस कोस के बाहर बैठा मुस्कुरा रहा होता है
16:18जो जोड़से पाति सिंघसरा एक अन्जान जोड़से घ्रवादे झाला है
16:33झाल झाल
17:03तो फिर बात वी उस से
17:15तो चांगा उसने
17:21तो में घर बलाया है
17:25क्या कहा तो मैंने फतादा मुझे
17:31जसके पहली दफ़ा को जुनिया फटा करके हमारे घर के दर्वाजे पर आया था ना
17:35मैंने देख लिया था उसकी आँखों में
17:39तो तुम जाओगी
17:41हाँ
17:43उसने इतने प्यार से बुलाया तो जाना तो पड़ेगा
17:45जाना तो पड़ेगा
17:47लेकिन खबरदार तुमने कोई ऐसी हरकत नहीं करनी कि
17:49माजिक को पता चल जाए
17:51वरना मैंनी जापाऊंगी
17:53सच बताऊं आपी
17:55मुझे परीजाद सर के जवाब पर मायूसी हुए
17:59पता है महबत में अगर अनान आओ
18:03तो महबत महबत नहीं रहती
18:05बक्षिश या भीक बन जाती है
18:09और आज पहली मर्तबा मुझे परीजाद सर में एक बिकारी नजर आया
18:13पहली मर्तबा मुझे परीजाद सर में एक बिकारी नजर आया
18:17जो आज तर दर्वाजे पर खड़े महबत की भीक मांग रहे हैं
18:21जिसमें कोई अना नहीं, कोई खुदारी नहीं
18:25तो हाँ पागल है
18:28मर्ज जो होता ना
18:30कभी भी अपनी पहली महबत नहीं भूलता
18:32जाये वो बेकारी से Sh Becca क्यों न बन जा
18:35और ओरत
18:37क्या ओरत अपनी पहली महबत अतनी आसानी से बूल जातीए
18:41तू भूल गई बाजी के मारजित भाई तुम्हारी पहली महबत है
18:47महबत कदर मांगती ए
18:51तारीफ मांगती है
18:53सिराहे जाना चाहती है
18:56बाकी लोगों से अलग और मुम्तास बर्ताओं मांगती है
18:59एहमद
19:01तो क्या तुम माज़द भाई को छोड़ दोगी?
19:07याद करो बाजी, यह वही परिजात है जो तुम्हें एक आख नी भाता था
19:11तुम ना बहुत जल्दी, बहुत आगे की सोचती हो
19:16अभी तो बस शुरुआत है
19:21हलकी हलकी सी भुवार है
19:24इसमें थोड़ी दिर भीग जाने तो मुझे
19:27चानती हो, जब एक काम्याब मर्द और दॉरत से महबबद करता है न
19:33तो उसका एहसास ही अलग होता है
19:36हारा हुआ मर्द सिर्फ रियाद कर सकता है
19:43अबबद नहीं
19:46अबबद नहीं
19:49अबबद नहीं
19:50अबबद बड़ी बात है
20:07इतना बड़ा बिस्नसमेंट हमारे घर खुद चलके आगया
20:11अना बड़ा इन लोगों के पास वक्त नहीं होता है हम जैसे लोगों से मिलने का
20:15अब कुल सही कह रहे हैं
20:17लेकिन अम्मी वो बहुत साधा बहुत नर्म मिजाज अंसान है
20:22हाल बड़ा जो लोगों को नहीं नहीं जानते हूंगे
20:28मौन को कमंडीर मगरूरी समझते हूंगे
20:34बीटा मखरूर तो कहीं से नहीं लग रहा था
20:39हाँ अलबता कुछ उलजा-उलजा सा लग रहा था
20:43और तुमने ये क्या जिद लगा ली थी
20:46उनका स्कल्ट्र बिनाने की
20:48तुम्हें पता है तुम्हारी इस बात से वो
20:50कितना अनकमफिटेबल फील कर रहे थी
20:53जिद नहीं है
20:56खाहिश है मेरी
20:59मैंनका स्कल्प्चिर बिनाना चाहती हूँ
21:02लेकिन मैंने एक चीज नोट की है
21:07वो मेरी हर बाट डाल देते है
21:09सनी क्यों?
21:11पीटा बाज आजाओ
21:12ठीक है मैं मानती हूँ
21:15तुम्हारा फेवरिट शायर है
21:16पर ये न भूलो
21:18कि वो इस शहर का साबसे बड़ा बिस्नसमान भी है
21:21पीटा तुम्हारा देल रखने के लिए
21:23वो तुम्हारी हमाकते बरदाश्टों कर लेता है
21:25लेकि तुम्हें पता है
21:28वो अंदर से
21:29बहुत संजीदा इनसान लगता है
21:32अपनी ही दुनिया में रहने वाला
21:35मंगर डांट क्यों पड़ी
21:46बस आपकी वज़े से डांट पड़ी है आज अम्मी से मुझे
21:50मेरी वज़े से
21:51मैंने तो तुम्हारी अमा को पूछ शकायत में लगाई तुमाजी
21:56अपनी अपनी अपनी अपनी आपको लगता है
22:02कि आप मुझे से मुरवतन बात कर लेते हैं
22:06और मैं आपसे उल्टी सीधे
22:08जिदे और फर्माईशे करके
22:10आपका सर खाती रहती हूं खामा खा
22:12अच्छा
22:15उन्हें एक मुलाकात में कैसे पता चल गया यह
22:18क्या क्या क्या क्या क्या
22:21अच्छा तो अम्मी ठीक ही कह रही थी
22:25मैं आपको डिस्टरब करती हूं न अब नहीं करूंगी
22:30मैं फोन रख रहे हूं
22:33मैंने कहा मैं फोन रख रहे हूं
22:37और मैं आपको दुबारे डिस्टरब नहीं करूंगी
22:39अच्छा तो आप भी मुझसे जान चुड़ाना चाहते हैं आप मेरी जादा बाते करने के आदत से बेजार आचुके हैं मेरी अम्मी की तरह
23:01लेकिन क्या करूँ आर्जे होना बातूनी तो होंगी लेकिन आप फिकर ना करें अपसे मैं आपको तंग नहीं करूँगी और नहीं आपकी पोल्ट्री अपने शो में शेयर करूँगी
23:10खुदाहाफिस और गुडबाई
23:12खुदाहाफिस अर्जे एनी
23:31अर्णाल
23:41झाल
23:44खुदाहाफिस और गुदाफिस और गुदाफिस और गुदाफिस
23:50झाल
23:54कर दो कर दो
24:24करता है यह तो बिल्कुल जैसे कोई महल हो और हम ऐसी गंदी सी टक्सी में आगे तो मैं कहा था ना परिजात से कहना था गाड़ी भेज़ देखा है और जब गाड़ी हमें लेने के लिए घर के बाहर आती तो हम माजद भाई से क्या कहते तुम ही ने तो कहा था भाजी के माज
24:54क्या क्यंदा था था ने तो कहा था था आता है तुम हमें लेग।
25:24असलाम अलेकूम
25:25वालेकूम असलाम
25:27अबल मैंने कहा था आने से पहले मुझे बता देती ही मैं गाड़ी बिजबा देता
25:30नहीं नहीं सर इस तकल्लफ की क्या जरूरत थे
25:33अपनों में क्या तकल्लफ की बाद
25:35बैठो
25:35और नहीं दाप कैसी हो
25:45अल्ला का शुकर
25:46आपने चकर नहीं लगाया फिर हमारी दरस
25:55हाँ वो
25:57मेरी मस्रूफियत मुझे कहीं एक जगा टिक नहीं नहीं देती
26:01उससे लिए
26:03विर्जा साब कैसे हैं
26:07बिमार रहते हैं
26:10आपका बहुत बुच्छरे है
26:11अल्ला उने से रखते
26:14मेडम आपितना शुकर नहीं
26:23तो चमच्छ
26:29मेरे लिए ना डालिये का
26:33मैं चाहे नहीं पियोंगी शुक्रिया
26:35सुनो
26:43तुम चाही नहीं पीरी तो
26:45तुम आते वक कह रही थी ना
26:47अपने सर का तुमने घर देखना है
26:49फिर कभी पदर नहीं कब मा का मेने
26:52तुम शर्मा क्यो रही हो
26:55अपने घर की बात है
26:56अशी कोई बात नहीं जहो
26:58बलके
26:59इना बाजी कि कवल मेडम को घर तो दिखा दें जरा
27:04नहीं
27:08जे
27:08अशी कोई बात नहीं
27:38माजजद का काम कैसा चल भाए
27:42काम पे जाएं तो चाहिद चल भी ले
27:47घर पे बैठे होते हैं
27:50अच्छा
27:51जुस ने मेरी फैक्टरी में नौक्टी से इंकार क्यों किया
27:57पता नहीं
28:01तर असल वो
28:06बेटे का बहुत शौक साउन है
28:10जब से बेटियां पैदा होई तब से बस
28:15चरचरे से हो गया
28:17आपने उसे समझाने की कोशिश की
28:24बहुत कोशिश की
28:28आपी ने तो कहा था
28:34महबत एक बार मर्द की दस्तरस में आ जाए
28:38रफ़ता रफ़ता इनी कदर खो देती है
28:43मगर ज़रूरी नहीं कि ये फार्मूला हर मर्द पे अपलाई हो
28:51ठीक क्या रहा है
28:52आप उन मर्दों में से नहीं
28:56मैं आप से माफी मागना चाहती हूँ
29:02माजी में मैंने आपके साथ जो जाद दी की
29:05मैं कमसिन थी, नादान थी
29:09हालाद के दबाओ बरदाश नहीं कर पए
29:13रफशे माफ कर दे
29:17लेकिन मैंने तो कभी शिक्वा नहीं किया
29:23हर दाख चुपाई रखा
29:26भी तो
29:28आपने तो फलिट के उफ तक नहीं किया
29:33भागर आपकी आँखे
29:37सब बोल देती है
29:41आँखों की बोली आज तो कौन सुन पा है
29:52प्लीज आप मुझे शिरमिनना न करो माफिय मांगा
29:57आप इस्तराम है मेरे दिल में आपने लिए
30:00हमेशा रहेगा
30:03किते बदकिसमत होते हैं वो लोग
30:09जो दूसरे के दिल में अपनी कदरा रहतराम सही वक्त पे नहीं पहचान पाते
30:14ये बीती बातों को याद करने का क्या वैदा
30:20हमें आखिर कार अपने माजी को छोड़कर
30:24आगे बढ़ना वरता है
30:26जो बीत किया सो बीत किया
30:32हाँ
30:33मैं भी अपने माजी को भुला के आगे बढ़ना चाहती हूँ
30:38हरी साहब
30:46मैं आप से राप्ता रख सकती हूँ
30:50मेरे मतलब है
30:55कभी कब आर इस तरह
30:59अपने दुख बाट सकती हूँ
31:03मैं बहुत तनहा हूँ
31:07माजद में मेरी कदर नहीं की
31:10सारी सिंदगी उसके नाम कर दी मैंने
31:13अदले में क्या मिला
31:17तनहाई
31:19नकदरी
31:21क्या मेरा हक नहीं कि मेरी सिंदगी भी एक
31:24हमदर्द एक महरबान तोस्त हो
31:28मैं तो अकेली रहती
31:31परिजाद सिर का घर वाकी बहुत हुपसूरत है माशाला
31:43बाहर कह रिया तो बहुत हसीन है
31:48मुझे गाइड करने का और घर दिखाने का शुक्रिया
31:54जानती है अगर यह सब आपने उस पुराने महले वले परीजाद को कहा हुथ तो
32:00शायद इसी वक्त यहीं पर खुशी से उसका दिल बन दो जाती है
32:06आपने शायद कभी शादी मर्क का नाम नहीं सुना
32:12मरने की बात क्यूं कर रहा हुआ
32:14खुश रहना तो जीने वालों का हक है
32:18मैंने याँ
32:28सारी जिन्दगी
32:31एक नजर की तमन्ना में गजारी है
32:36प्यार भई नजर
32:41क्या क्या नहीं किया मैंने उस नजर की
32:47जो मझे मन में आकीर ना जाने
32:50क्लास में अवल आया
32:54कॉलेज उनिवरस्टी में
33:00शायर बना
33:02मस्दूरी की
33:04ऐसा जमगिया
33:06सोनी और चांदी के धेल लगाए
33:09मगर वो नजर
33:13और एक नजर
33:19मेरी हिस्से का मुकद्र ना बन सकी
33:23परीजाब
33:27आप आज भी उस पुराने पर इजाद से मिले नहीं आई
33:33जो बराहे रास साब को देख भी नहीं सकता था
33:39देखें
33:43पेरी नजरों में आज भी वही एहतराम है आपके लिए
33:49अगर जिन्दगी ने मुझे बहुत दुपकारा है ना इद
33:56यह आप नहीं समझ पाएंगी
34:01बहुत जखम दिये
34:04बहुत चलनी हो मैं अंदर से
34:08लोगों को नहीं बता
34:11जो जखम मैंने दिये
34:18उनका मरहम मैं बन सकती हैं
34:22अभी आप ही तो थी मेरे हर दर्द का मदावा
34:27हर जखम का मरहम
34:32मगर अपने दिल पर हात रखकर पूछे उससे
34:42अगर आज मैं वही पुराने महले वाला मुफलिस पर इजाद होता
34:48तो गंटों दो पहर धूप में आपके घर के बाहर इंतजार करता था
34:54कि कहीं शाम में देर ना हो जाए
34:58तो आप उसके जखमों पर भी यही मरम रखती है अज़
35:02मेरा मकसद हर गिस आपका मजाक उड़ाना नहीं है
35:12और नहीं है और नहीं आपको कठेरे में डालना इतना कम जर्फ में है
35:22अगर सची है कि आज भी आपकी निगाह में वो नजर नहीं है
35:28तो सिफ परिजाद के लिए हो किसी नौ दौलतिय के लिए नहीं है
35:36मैं जानता हूँ कि आपके हालात में आपको अन्दु से तोड़ डाना
35:43मगर हालात की खराबी किसी के महपत का बाइप नहीं बन सकती
35:52नहीं मैं आपके किसी कमजور नहीं का फाय दौलावादा उठाओगा
35:55यःकर मैं जानता हूँ
35:59महबबत में जबरदस्ती नहीं की जा सकते
36:03एक बात हमेशा याद रखना नहींद
36:14यह मेरे पास जो कुछ भी है
36:18उसकी वक्त आपके एक आँसू से भी बढ़कर नहीं है
36:24आपको हो तो यह सब आपके नाम करतो
36:29आपक क्यों दियो
36:33इस सब बहुत सस्ता
36:38खुद को कभी बेवक्त ना समझा
36:54पूछ पनीजादों से यह हिजर कैसे छेला है
37:13क्या है