00:00जैमा मिन्दवासनी, हर्तालिका अब्रत का विधान पूजन का सोमोर्द 26 अगस्त 25 को प्रातार कालिन 5.55 से 8.15 तक है, अरुजित मोर्द 7.11 बजे से 1.35 तक है, एवाम सायं कालिन 6.45 बजे से 8.55 तक रात्री पूजन करने का विधान है,
00:26एवाम हस्तना छत्र 10.15 मिनट तक है, हस्तना छत्र में मैया पारवती 16 वर्वसों तक पूजन करके तपश्या करके भगवान संकर को बर के रूप में ब्रात्र की है, इसलिए हर्तालिका अब्रत का विधान सभी नारियां अखंड सभाग प्राति के लिए हर्तालिका तीज का �
00:56अब्रत भी करनी चाहिए, हमारे कर्णिया को भी करनी चाहिए, हर्तालिका प्रत का पूजन विधान, महादीप का घंगा मट्टी का सिवनिंग बनावें, बालों का मही परतिमा बनाकर की घंगा जल से दो दही घी मदू सरकरस्न पंचा मिशनार करके बत्र अच्छा जित कर
01:26करें, रात्री जागरन करके प्रात्दा कालिन वस्नान करके महादीवा मगभी सजन करें और पारण करने का विधान है, जैमा बिंदवाति हर हर महादेव
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