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  • 1 year ago

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00:00ना पूछ परीजानों से ये हिजर कैस छेला है
00:06ये तम बदन तो जलनी है और दूह पर भी जाले है
00:30है कि आप अगरों से शियों आपना है
00:54कि आलना का बड़ा करम है
00:57इस बार तेरी बीवी का बच्चना बहुत मुश्किल था
01:01जहां मिठाईयां बांट
01:02तीसरा बेटा हुआ है तुमारा
01:04और क्या बाता मन्जूरे
01:12और तुझे अलाद पादा होने की खुशी नहीं हुई
01:18मेरी कौन सी पहली अलाद
01:21पहले भी तो फेन में रुल रहें एक और आगे रोटियां तोड़ने के लिए
01:26अरे ऐसी बात नहीं करते मन्जूरे
01:28अरे जो आता है अपना रिस्क लेके आता है
01:31चल तुशाबश सुकीरे से जाके दो किलो बुंदी लेके आ और हम सब का मुह मिठाकर आ
01:37आँ यह कामकर तू अगर तेर पास पैसे नहीं है तो पैसे माइड देता हुआ यह यह यह देप्या
01:51है
01:52अजय यह अबीदा यह यह तो लगता सिंदा तेरे खांदान पे चला जया देखे तुम्हारे खांदान के मैंने
02:03शैजादे गुल्फाम है
02:05ति लिंदे शैप्टी नाग वाले सारी
02:10चलई, जिपने जलूव जाप्रोच सब्सक्तूरिक देख नहीं
02:12लगिंडियम देरे शजादे से भी सारे बेतर
02:23कि मेरी है姨
02:26मेरी है
02:30वे, हराम खोरो, क्या शोर मचाके रखावा, जाओ बाहर जाके खेलो, चलो, उठो, चलो, उठो, उठो, उठो, उठो, चलो, तु भी जा बार, चलो.
02:56ना, यह क्या नमरा ख़त मुने इसका?
03:00पूरा मुहला है, मुहला नहीं, तुम्हारी वो फीनी बहन आमना है न, उसको बहुत तकलीफ है, आ, मैं कहती हूँ, क्या कोई मा अपने बेटे का नाम नहीं रख सकती क्या?
03:12रख सकती है क्यों नहीं रख सकती है लेकिन घजब खुदा का बाप का नाम क्या है मन्जूर और बच्चे का नाम क्या होना चाहिए कदीर रहीम शकूर कुछ भी रख ले और तूने क्या रख दिया है परिजात और वो परिजात जैसा लगे भी तो सही वो तो
03:27हाँ, क्या हुआ, सारासा साफल है ना, ऐ फाकों में जन्मा है मैंने इसको, मैं बता रही हूँ, किसी को ना अपने लाडले का नाम बदलने नहीं तूंगी मैं, बस
03:36तूं जिदी की जिदी रहना, देख लेना, आगे चलके यही नाम इसकी जिन्दगी को अजाब बनाएगा, पहले भी तो दो लड़के हैं, एक का नाम अकबर, दूसरे का अजगर, और यह तीसरा निराला आया है, परीजात
03:51कितनी गलियां, कितने रास्ते, कितने लोग, कितने चेहरे
04:11और इनी रास्तों पर चलकर कितने बच्पन जवानी में ठले, कितने दिल धड़के, मगर उनका क्या, जिने इन रास्तों ने कभी कबूल ना कियो, किसी नजर ने कभी पलट कर नहीं देखा, कहते हैं, कुदरत कभी किसी को नामकमल नहीं बनाती, यह हम हैं, जो अलग अलग
04:41अबे ओ, बावले, अपनी किताब तो लेके जाओ
05:11मेरा मिया घर में सारा दिन रोटिया नहीं तोड़ता है, सुबा काम पे जाता है, रात को लोटता है, चार-चार बेहनों को रुक सब किया है, कुई मजाक है क्या, तो कोई असान नहीं करते है, अकबर भाई हम पर, असगर भी इस गर का आदा खर्चा उठाते हैं, लेकिन �
05:41होगे या नहीं? भाबी, परी ट्विशन के सारे पैसे लाके आपके हाथ में ही तो देता है, हां हां, सारा खर्चा तुम बड़ी के हाथ में जो लाके दे देते हो, मेरी एक बात कान खुल के सुन लो परिजात, आइंदा से आदे पैसे तुम मुझे दोगे, आखिर मुझे
06:11कर रही है, तुम्हारे अम्मा अबबा तो सारी जिम्मदारी हमें दे के खुद उपर सिधार गए, जी भावी, रात की कोई टीशन देख लूगा में, परी, अंदर जाओ में तुम्हारे खाना लाके हो, अब आज दी दार भिनी कराया जाले मिने, परी, अंदर जाओ में त
06:41कब सब चलेगा यह आंख में चोली का खेल, गिर की यार, अगिला भाई, उसको अंदाजा भी आपके जिस बात का, अब अंदाजा कैसे नहीं होगा, तिन साल हो गए, मेनत कर रहा हूं, लगावा हूं, तो फिर इजहार क्यों नहीं कर देते, इश्क में देर अच्छी नही
07:11बाई ने सिरफ मेट्रिक किया, वो भी नकल मार के जचा, लो शोकी भाई, आगिया तुम्हारे इस मसले काल भी, वो कहूं है, वो देखो, यह अपना परिजात किस दिन काम आएगा, सुने, आजकर तो शाहरी वारी भी बड़ी करने लगे, और इससे तो कोई रकाबत का खत
07:41अपरिजाद, जी शोकी भाई, कहा होता है वे आजके, रात को नुकराले होटल पे बिढ़ी आ रहा यारों की महफिल में, सब खैर दो आना, सब खैर है शोकी भाई, बस टूशन से तबड़ा लेट खारे गोता है, जब तरे बाई कोई फैदना हुआ तेरी का अबली ऐसे,
08:11हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ ह
08:41अपने कोना यह लच्छे-दार बाता लिखना नहीं आता हुआ
08:44बस कुछ ऐसा लिख दे
08:46कि उसको पढ़ता ही बद दोड़ी चलिया है
08:48आपके काये सुकी
08:50व माई लव
08:51तुम कहा थे अपता हुआ
08:53मगर मैं अगर मगर नहीं का मेरे साँ
08:58यह अपने बाई के लिए इतना सा तु काम भी नहीं करेगा
09:03अच्छा किसके लिखना है नाम तो बताओ
09:24तात्ताओं सब पतात्ताओं पीजी
09:26अभी कहां जा रहे
09:28अब घर
09:29चल ठीर मिलते है
09:33याद रखे काम मेरा
09:35मिलता हूँ
09:56मेरे दो दोस्त हैं
10:05दिन के उड़ते बादर
10:07और राग के टूपे तारे
10:09और उनकी दो हम जोलियां
10:12पारिश की बरस्ती बूंडे
10:15और गिर्ती बर्फ की तित्लियां
10:17फिर जब कभी हम सारे
10:20आपस में मिल बैठते हैं
10:23पहरो खूजा करते हैं
10:25तुमको सोचा करते हैं
10:28बरिजाद
10:29परिजाद
10:30क्या कहा मास्टर जी ने परिजाद के लिए
10:33वो कहना क्या है हमीदा
10:35पता नहीं कैसा बच्चा जना है कसम से तूने
10:38मास्टर साब कह रहे हैं
10:39पूरी कलास में खमोश
10:41अलग थलग बैठा रहता है
10:43बहुत ही मुश्किल सा नाम ले रहे थे
10:45थे । किह रहे थे कहा
10:47बड़री थे
10:49सास है बच्चा
11:09मजदूर का बच्चा ही रहने दे
11:11फस पैदा हो गया मेरे कार में हसास है तेरा ये लड़का या नहीं ये तो मुझे नहीं पता लेकिन पामन्जूर तेरा पुत्तर है बहुत हुसन परस्त
11:22क्या आत्मी तुझे जब ये दो साल का था हम रिशीदा के निकाह में नहीं गए थे
11:28लो जी सारी बरादरी के औरतें बैठी में हैं तो ये सब से खुबसूरत औरत के गुदी में जाके रुट किया थे
11:35लहबू से यह आने तेरे पुद्धर कागे जाके क्या करें जा
11:38हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हु
12:08यहीं किदर?
12:10वो परीजात का मैंने सेहन वाला कमरा दे दिया है
12:14कौन सा सेहन वाला कमरा?
12:16यह तो स्टोरू मेकबार पढ़ा हुआ इसमें
12:18तो साफ कर दिया है ना?
12:19वो रह रह रहा है राम से
12:22अब बच्चे बढ़े हो रहे हैं, उनको अंदर वाला कमरा चाहिए
12:25आँ बात तो ठीक है, इसका भी हर वक्का यही रोना है
12:29अज जाहर है आप ऐसी घुजारा करना पड़ेगा, बच्चे तो नहीं रहेंगे यहांगे
12:33खुदा आफिस चलो चलो चलो चलो चलो चलो चलो चलो चलो चलो
12:41बढ़ी तुमारी चाहिए
12:43तुम्हारे इम्तरानाथ किजा बना भाई खत्म हो गए बस कलाखी पर्चा था था बड़ा अच्छा हुआ है जान चुटी इस पढ़ाई से
12:55मैं तो कहते हूं आगे दाखला लेनी की जरुवत नहीं है मैं ट्यूशन पढ़ाओ नहीं भावी घर के कामकार्स में तो मैं हाथ बटाई देती हूं कॉलेच से आके तो जो पढ़ा लिखा है उसको क्या जाया करोगी घर में सही कुछ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाए ऐसे
13:25कब तक चलेगा तेरा ये कॉलर्ज हमारे लिए ना कुछ कर ना कुछ कर ये तेरी पैन बैठी है इसके जेज के लिए कुछ कर ले थोड़ी मेहनत कर जी भाई कोशिश कर रहा हूं एक दौर टूशन पकड़ने की भाई आपी का आखरी समेस्टर रह गया उनको तालिम मुकम
13:55कि तेरे सोचने की बात नहीं है और जन्गुआ को बोल दिया मैंने ऐसे को मुनासर विष्टाएगा शईदा के आथ पीले कर देंगे हमाँ
14:08अजया वालेकूं मिर्ज़ा साब वालेकूm अससलाम माज़द नियां कैसे हो मैं बिल्कुल ठीक हूँ आप कैसे हैं अल्ला के शुक्र अच्छा हूं मैं बिला तुमारे वालिद की दविए कैसी है बहुत दिनों से माज़द नहीं आई जी है वह पहले से बेतर हैं सोच र
14:38पड़ ले जाना, पड़ाई पे हर जोगा हूँ, हाँ बेटा क्या तो वो भी ठीक ही रहे हैं, चलो हो इंतिहानों के बाद चले जाना, बहुत खुशी होती है बेटा तुम जैसे नौजवानों को देख के, जो दीन के भी करेब हैं और वालिदयन के खिदमत भी कर रहे हैं, �
15:08यह हवारा भी ठीक हो जाएंगे, किसी काम धंदे पर लगेंगे तो, अच्छा मुझे अजाज़त दीजे, शाम का वक्त होता है तो अब्बू को दरा चैल कदमी कराता हूँ, हाँ हाँ बेटे जी ते रो जी ते रो जाओ बेटे शाबश, आला खुश रिखे लिखे लिख
15:38बात यह है कि मेरी बड़ी बेटी नाहीद जो है उसके एक माँ बाद F-A के इमतिहान हो रहे हैं, और उसने बाकी मजमून में तो अच्छी खासी तैयारी कर लिए, उर्दू उसकी बहुत गम्जूर है, और मुझे तुम्हारी भावी ने बताया कि तुम तो अर्दू की ट
16:08अरे हाँ, क्यों नहीं पढ़ाएगा, बिल्कुल पढ़ाएगा, शाम में तो फारिग होती हो ना, बताओ, जी आप बेफिकर हो जाए, अच्छा, तो बेटा फिर ऐसा करो कि कल से आ जाओ, शाम पांच बजे, घंटा भर के लिए उसे पढ़ा दिया करना, चल, नहीं नहीं
16:38थीक है, अल्ला का शुकर, बिल्कुल सब ठीक ठाक, तो गड़ी-गड़ी रुख जाता यार, तूरी बात बोल, पेट में दर्द कर दिया दब से, अबे, ये तो अपना परिजाद है, परिशान ना हो, ये चाचड़ भाई, तरह चाह लाना मलाई मार कर परिजाद के लिए
17:08हजार मगर, मगर मजाल है, जो एक नजर भी आँख उठा के देखे हमारी तरफ, ये बात तो है दोस्त, नाहीद एक इंतहाई शरीफ और तमीजदार लड़की है, पूरे महले में किसी से बात करते हैं जो दूर, कभी नजर उठा के भी नही देखा उसने, पर वो तो, और �
17:38महले के लड़के हैं तो शाद इसका नाम सक ना जानती हो, अभाइजात, जरा बात सुनना, जा भई, आज तेरा दिन है नेकी का सबक सीखनी के लिए, वरना माजद भई नहीं हाँ पर आजन है, अब धान सजाई हो, अब तू देखे हो, अब तू देखे हो, चल, चल, चल,
18:08देखो परिजात, तुम्हें एक मेंती और शरीफ लड़के हो, तुम्हारा इन अवारा लड़कों के साथ उठना बैठना रेम नहीं देता, और कहा होते हो आजकल, मस्जिद में भी नजर नहीं आते, जुम्हे पर भी नहीं, मस्रूफियत की वज़ए से जुम्ह भी छू�
18:38यह चलती ही लिए, कुछ अकली मन्जिल के बारे में भी फिकर करें, ठीक है ना, जिए, जिए, जिए, जिए,
19:08ऐटानी ही
19:11स्टावल आ गॉरजी
19:12जी बुले
19:13अमाने पेज जय Manual
19:16किया भी हrouँели है, थोड़ासा दणिवर हिए ठाइना है तो दे दे दे दे दे जया जज चटनी बंन� disc
19:20अमा घर पर नहीं है, आएंगी तो बिचवा दे गी
19:25यारा ऑ टूदे सबहात on
19:28शुष्षुखी, कहां से आजाता है बारबार?
19:29वह!
19:30कि तो उसे किए पिटकार बरेसी है
19:31क्या अची नहीं किसी के बारे में, क्या हो?
19:33अटान है
19:37बहुता है
19:40बहुता है, वहां जाता है बार बार
19:43कि उसे कहा था ना के
19:47सखीना खाला ने टीशन कब कहाथा
19:49जी, आप अंदेर आए, अंदेर आए नहाँ.
20:04असाम लिकुरूम।
20:06अलेकुम सल्हाँ अमी.
20:08मासरत, आपको इंतजार करना पड़ा।
20:10नहीं, कुई बात नहीं असी.
20:13वो कमल की दोस्त आपकी जुशन की तारीफ कर रहे थी,
20:17कि मजबूरन अमी को भिजशना करा।
20:19अमीर आपको बताया होगा ना,
20:20मेरे मसले का?
20:21अजी, ऐसा कोई इतना बड़ा मसला नहीं.
20:24कभी मेरे लिए उर्दू एक इतना ही कठेन मारला थी.
20:28लेकिन मेरी एक टीचर ने मेरी दोस्ती करवा दी उर्दू से.
20:31बस जल्द आपकी दोस्ती हो जाएगी.
20:35वाँ, कितनी प्यारी बात किया आपने.
20:38वागे, मुजबून से अगर दोस्ती हो जाए तो फिर परिशानी किस बात की?
20:43चलने शुरू करते हैं, वैसे भी आप प्रस काम वाक्त है.
20:46जी, तीसरे हफ़ते में पर्चा है मेरा.
20:50अभी, कोई बात नहीं, तीन हफ़ते में आप पर्चे की हद तक रवाँ हो जाएगी बिलकुल.
20:54तो परिशानी की कोई बात में, गालिप से शुरू करते हैं.
21:01आलिद तो मेरे सर के उपर से गुजर जाते हैं.
21:04और किसी भी पर्चे में इसा कोई सवाल नहीं होता जो इनके किसी शेर की तश्रीक हना.
21:09अब सर की उपर से नहीं गुजरना.
21:12अब दिल के अंदर उतारना है.
21:15चाहने, फिर दिल की बात करते हैं.
21:19ये.
21:19कोई मेरे दिल से पूचे तेरे तीरे नीम कशको.
21:35ये खलिश कहां से होती जो जिगर के पार होता.
21:49सलाम खाला
21:59वालेकुम सलाम बेटा, जी ते रो बेटो बेटो
22:02क्या आज ही सारी उर्दू सीखने का इरादा है अपने उस्ताद से
22:06डेड़ घंटे से उपर हो गया
22:08इसको अटी उशन्स भी पढ़ाने जाना है
22:11डेड़ घंटा हो गया
22:13तो और क्या
22:15तो आज इतना ही करते हैं अगली दफ़ा जहीं से शुरू करेंगे
22:19चाहे तो पीले, अम्मा ने खास आपके लिए बनवाई है
22:22ये ले, पीलो बेटा
22:24बाजी आप लेंगी?
22:27जे नहीं अब लेंगी
22:45तो आपके लिए बंग को साथ है
22:55जे तो आपके लिए अब लेंगी
22:59जे तो प्रिजाद
23:03आया एक काम बोड़ा था तुज़वाओं
23:10वह परिजाद जी शोकी भाई एक काम बोड़ा था तुझे गरने को
23:15काम अब अब भूल गया है ना अब बताया तो था एक फड़कता हुआ लेटर लिखाना तुस्के भाई कॉलिज की बस निकल जाएगी पहले ही बहुत देर हो रही है तुझे भाई तुझे अपनी पटपड़ी पर छोड़ने जाएगा अब जल्दी से लिख दे किसके नाम ल
23:45मुझे बड़ी दासदारी है तुझे अब तुझे लिखना शिरूर जाएगा इसमें वो शेर जुरूर ड़ने कॉंसरसिस है वही तपष सूरज की होती है जलना जमी को पड़ता है उसूर अपना दिल को पड़ता है मुझे बड़ा पसंद है
24:15बहुत अग्सा पहले इसी रिक्षे के तीछे पड़ा ताना है
24:18क्या बात है भाई आज तो बड़े बदले बदले नजर आ रहे हो
24:45नहीं आपी ऐसी तो कोई बात है नहीं सब पता है मझे मिर्दा साब के ख़र जा रहे हो ना ट्विशन पड़ाने को इसे ठीक है बंदा सारा तियार शार हो के जाए तो सामने बाले पर रोप पड़ता है
24:58अपी आप भी नहीं क्या मेरी त्यारी क्या अवकाद जानता हूं एची तरह थे खुद को इतना अंडर एस्टिमेट मत किया करो
25:08मेरा भाई किसी से कम नहीं है चा मुझे देर हो रही है मैं जा रहा हूं अच्छा सुनो जाते जाते मेरे की काम कर दो
25:16कर मैंकि माजिष भाई को ये किताब वापिस कर दू आशिया ने उनसे लेकर मुझे दीजी कित्र इनों से मेरे पास पढ़े है पतानी क्या सोचते होँ कित्य थैड़ कून पर शुछ पर भी कॉन माजिष भाई किरी सहेली आसिया कर बड़े भाई पहले तु से उनके
25:33बड़े गुन गाते हैं तो माजिद में बैठके बता नहीं कौन कौन से बजिश्या पड़ता है और ना जाने खुदा से किसको मांगता है परी मेना कौन कीचूंगी तुम्हारे इजद क्या करोंगी सारे महले मी नहीं बलके पूरे बोर्ड में पॉजिशन होल्डर है वो अ�
26:03और भाकर भाकर है ना सामलेक माजड भाई वालेकूम असलाम साइधा कैसी हो तुम परिजद है गर पे नहीं बहुतर टुईशन पड़ा ने गया आप अंदर आयो बाकी लोग है नहीं नहीं मैंने तुमसे जुरूरी बात करनी थी मगर जी बोले मैं सुन रही हूं
26:34फेर चड़ो.. coeur किसी दिन तफसील से बात करेंगे
26:39मगर परीजात को ना सबस्छा दो
26:41वो इन गली के अवारा लड़कों के साथ गुमाना करें
26:44वो कि सी काम के ने हैर और परीजात को भी बद्नाम करें
26:48जी मैँ समझ करी, समझ दूँगे सब
26:52चटरो ठीए
26:52कुम अपना ख्याल रखो मैं चलते हुआ
26:55हला आपस
27:19नहीं नहीं
27:20पता है
27:22रटा लगाने से बात नहीं बनेगी
27:24अर्दू को तो
27:26गौन-गौन पी कर दिल में उतारना पड़ता है
27:30चजबात और
27:31अहसास को महसूस करकर दुराएंगी तो
27:34कभी आद रखने में मुश्किल नहीं होगी
27:36इसमें
27:38लिटरिचर का
27:40मजमून हमसे
27:42अब अलग बरता होचाता है
27:44तरही कह रहा है
27:46अब जैसे आप कहेंगे मैं वैसी पड़ूगी
27:48बाबादाओ
27:50अभी तक जो कुछ आपनी सखाया ना
27:52सब याद आगया मज़े
27:54मेरा मतलब है यहापकी जहानत है
27:56Assalamualaikum
27:58जी तेरो बेटा
28:00Assalamualaikum
28:02कैसी जारी यह पढ़ाई है
28:04तुमारी स्टुदेंट्स कुछ पढ़ भी रही है या नहीं कुछ सीखा इसने
28:06जी माशा आलला बहुत जिल्दी पिक कर रही है
28:08माशा आलला
28:10जी आज़ शाबश
28:12चलें जी
28:14ट्यूशन का वक्त अमाम हुआ चाहता है
28:16अब हम सब बैठेंगे
28:18और थंडी थंडी शर्बत पीकर
28:20अपने दिमाग को थंडा करेंगे
28:22यह लाई
28:24शुक्ति
28:26वाजी आपको दू
28:34हो गया
28:36शुक्ति
28:38शुक्ति
28:40पाल
28:50शुक्ति
28:52शुक्ति
28:54किसा यह दो
28:56जिलिए
28:58या
29:00सबते
29:029
29:039
29:05परी है करे करे अब यह जब यह होगी मेुटे मैं इस में
29:11प्रुख जबाइस चुब्रिग करता है इस जुबले है उतका प्रकाइस का मर गया ताफा स्वाइब त dependent
29:19जो कि हवगर के लिए कुछ देर तो इंतिधार बनता हि यह
29:26पूंड को खले यार, काम बर गया था
29:29शोकी भाई, आपने पक्की खबर लाने को का था
29:32अब पक्की खबर के लिए कुछ देर तो इंतजार बनता ही है
29:35शोकी भाई, मिर्जा के घर पे तो बड़ा ही सक्त पैरा रह वे है
29:41उसकी बेटियां भी सारा दिन घर पे ही रहती है
29:43अगर बाहर जाएं, तो माँ या बाप में से कोई ना कोई तो साथ लाजमी ही जाता है
29:47आपके पास अब सिर्फ और सिर्फ एक ही चांस है
29:50बोका
29:50बड़ी बेटी के इम्तिहान होने वाले हैं
29:52रोज रात को 9 बजे के बाद चट पे जाती है पढ़ने के लिए
29:55आपके पास मोका अच्छा है
29:57वहीं दुनादों से अपने दिल का हाल
29:59और अच्छी ख़बर तो यह है कि उनकी गली में आज शादी का एक फंक्शन है
30:03सुनने में हाया है के मिर्जा और उसकी बीवी भी वह तकरीब में जा रहे है
30:06नाहीद और उसकी छोटी बेन अकेली होंगी गर के
30:10मट ठीक है लगा ले मोचा गली के नुकर बे
30:15जैसे ही मिर्जा और उसकी बीवी गर से निकलें तो नो मुझे पॉरन बताने
30:18अके हो गया शुकी भाई कमद जी सुनो मैं जा यू जा यू चाते पढ़ाई करने तो गेट पर कोई आए ना तो मत खोला
30:28सही है अबबा ने का तर जल्दी आ जाएंगे मुझे कुछ आई होगा मैं खुद बुला लो मैं जी ठीक है बाजी
30:34जी ठीक है बाजी
30:36अग्स है जब करताने जाएंगों तो ने फिर जाना है को जब इस कि भाद दो आई जाना तो ने पर जाना ठीक होगे
30:46जब जो दो
30:49जो जो तो
30:51कर दिए
30:53कुणध लाइन
31:00कि अ
31:02जो
31:04खाँ शूर जाओ नशौर।
31:09तो आज करेसे हैं तो पाजी हो अज्धाए, पाजी।
31:16या होगा आजू हो पाजी।
31:18यह नौए?
31:20हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ कि एडिगा है लिए धारे है?
31:28यॉयू कि थी तो हुआ है?
31:31वो वो थे चदपे.
31:33चदपे? तुम पढ़ने गई थी, तो क्या हुआ?
31:36बें आउपर पढ़ रही थी.
31:37वो जहेख कुई कुई हागया.
31:41कौॉन? कौन था वो? कॉन?
31:43पता नहीं, बहुत देना था. वो पूर देना था. उम्हुत चपाके भागया.
31:45है अभी अभा को फौन करती उ। कुछ नहीं होगा।
31:57रिलाक्स
31:59अभी माहिं बाघ़ती अभ।
32:12रोक ना वो इतर रोक, रोक ना, रोक ना, रोक ना, रोक भे, ते यार, बार गया शोकी भाई
32:22मेरा वो लब लेटर तो छत पर ही गिर गया यार, तो क्या फर्क पढ़ता है, आपका कौन सा नाम लिखा हुआ था उस पर, बचल सो हुआ जो हुआ, सीधा जागे सलुगोटी पर ब्रेक लगाती है, तो महां जागे ऐसे जायर करना है, हम शाम सो दरीचा में बठते हैं, तो क
32:52शुकर है तुम आगए, मैं तो कब से परिशान हो रही थी, क्यों क्या हुआ, और ये इतना शोर क्यों मचा हुआ था, ठीक से तो कुछ पता रही, लेकिन हमसाही बता रही थी, कि मिर्जा साब के घर पे कोई चोड़ डाकू कूद गया था, शोर मचा तो भाग गया, वो स�
33:22तुम कहां जा रहे हो, पहले ही खौफ के मारे मेरा बुरा हाल है, तोनों भाई और भाभी आ तो घोड़े बेच के सो रही है, देखो उन से सभी माजरा क्या है, कोई ज़रूरत नहीं है, चलो मेरे साथ अंदर, चलो, बस बेटा, बस, अब मत तुम अच्छ
33:52करो ना, हम आगे हैं ना वापस, वैसे तुम्हारा ये रात को छट पे जाकर एक घंटों बैठना मुझे कभी भी अच्छा नहीं लगता था, बस, अल्ला ने रहम किया तुम्हारे उपर, बस करो बेटा,
34:22स्थल्चा रहम को, हैं पयवे स्थल्चा
34:42सुना नहीं
35:05कमल तुमसे कह रहा हूं कि जाके उसकी वो नोट बुक लेकर रहा हूं जिसमें नोट्स लिखती है वो
35:11आखिर हुआ क्या है बताते क्यों नहीं बताता हूं मैं यसे उसका बज़र से मुझे यह उमीद नहीं थी
35:21अश्टरस्ट
35:23स्लिकाइक कि बज़र से लिखती नहीं
35:28स्लिकाइक का बेसादी
35:33वर रस्लिकाइक को बज़र बज़र।
35:43इस लिखाए को पेजादी है
35:48और इस लिखाए को
35:54यह तो भरी साग के रखाई है
35:57यह कली उसने नोट्स लिखे थे
36:04भी खेरे दिशान
36:07कली मैंने सदर खास लेकवाई थी बल दिया के इंस्पेक्टर के नाप
36:11नए नलके की लिए
36:13इस लिखाए को तो बहुत अची तरह पैचामता हूँ मैं
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