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  • 5 days ago
बड़े ठसक के साथ PM ने कहा था कि अब देश में किसान खाद के लिए लाइन में नहीं लगता। असली हाल इसके ठीक उलट है। बेबाक भाषा के संडे ऑफबीट में पत्रकार मुकुल सरल बता रहे हैं कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सरकारी दावों से उलट खाद ख़ासकर यूरिया को लेकर कितनी क़िल्लत है और किसान कैसे भूखे-प्यासे लंबी-लंबी लाइनों में लगे हैं।
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00:00यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाज जितनी चिंता मंदेर मजज़ेत मगबरे और कावण यातरा की करते हैं अगर उतनी चिंता अपने किसानों की कर ली होती तो आज ये हालात ना होते
00:16किसानों को खाद के लिए कई कई दिन भुका प्यासा लाइनों में ना खड़ा होना पड़ता पुलिस की मार न ख़ानी पड़ती खरीब का मौसम है और किसान हमारा अनदाता अपने खेट को छोड़कर खाद की लाइन में लगा हुआ है यही हाल मध्य प्रदेश का भी है जह
00:46लेकर क्रिशी मंत्री और क्रिशी मंत्री से लेकर मुख्य मंत्रियों तक के ये दावे हैं कि अब खाद की कोई कमी नहीं है देश में
00:53मंच से जुम्ले फेके जा रहे हैं कि अब किसानों को लाइनों में नहीं लगना पड़ता
00:58लेकिन जमीन की हकीकत कुछ और है जहां किसान लाइन में भी लगे हैं और पुलिस की मार भी खा रहे हैं
01:06यूपी के तमाम जिलों से आ रही खबरे तमाम वीडियो इस बात की गवाही है कि किसान किस तरह मुश्किल में है और खाद का कितना बड़ा संकट है
01:16इन वीडियो में आप देख पा रहे होंगे कि कैसे महिला किसानों की भी लंबी लंबी लाइने हैं
01:21भूकी प्यासी बारिश में भीकती ही किसान महिलाएं क्या मांग रही हैं सिर्फ खाद
01:27इसलिए मैं आप से अपील करता हूँ कि दो घड़ी ठहर कर शांत रहकर जरा इन किसानों की दशा भी देख लीजिए सोच लीजिए
01:36और उसके बाद मुदी मुदी योगी योगी जो करना है कीजिए
01:41आप जानते हैं कि खरीब का मौसम है जो उनसे सितंबर तक ये बरसाद का मौसम जो होता है वो खरीब का मौसम होता है और उसकी प्रमुख फसल है धान
01:49इसके अलावा मकई और गन्य को भी खाद की जरुवत होती है
01:53आप जानते हैं किसी भी फसल को तीन तरह की खाद की जरुवत होती है
01:57यूरिया, डियेपी और एमोपी
02:00क्या मतलब है इसका यानि तीन तरह के पोशक तत्व
02:03एक नाइट्रोजन, फासफोरस और पोटाश
02:06यूरिया नाइट्रोजन है, उसमें सबसे ज़्यादा नाइट्रोजन होती है
02:09डियेपी फासफोरस है और एमोपी होता है पोटाश
02:13धान को सबसे ज़्यादा जरुवत होती है नाइट्रोजन की यानि यूरिया की
02:17और सबसे ज़्यादा किल्लत भी इसी की है
02:19इसके लावा फासफोरस और पोटाश यानि डियेपी और एमोपी की भी किल्लत है
02:23लेकिन यूरिया की किल्लत बहुत ज़्यादा है
02:26किसान को ये खाद क्यों चाहिए ताकि अच्छी फसल हो सके
02:30और ये कि आपको अच्छा चावल मिल सके
02:36देश को बहतर अच्छा भोजन मिल सके
02:40इसके लिए वो लाइनों में लगा है पुलिस की मार खा रहा है
02:44ये हाल यूपी से लेकर एमपी तक है
02:46लखनाव आयुध्या से लेकर छिंद वाड़ा और सतना तक
02:51केंद्रे कृशी मंदरी का दावा है कि
02:53सब राज्यों को भर पूर मात्रा में खाद आवंटित की गई है
02:58यूपी सरकार योई � आदितनात का भी दावा है
03:00कि कहीं भी खाद की कमी नहीं है
03:02परियात मात्रा में खाद है
03:04फिर ये तस्वीरे क्या कह रहे हैं
03:06कुछ जिलों में तो बीजेपी यानि स्रतारूर्ट पाइटि के नेताओं ने ही आपत्ति जताई है शिकायते की हैं।
03:12आयोध्या, बलरामपुर, गौंडा, सिधार्थनगर, देवरिया इन तमाम जिलों में बहुत इस्तितीक खराब है।
03:20यहां लंबी-लंबी लाइने देखी जा सकती हैं, पुलिस बल लगा है और बीज-बीच में वो डंडे से किसानों को हांक रहा है।
03:27कई सहकारी केंद्रों पर पी-ओ-सी यानि मशीन और नेटवर्क गरबढ़ है, उसके वज़े से भी देरी होती है।
03:34किसान घंटुल लाइन में खड़ा रहकर खाली हाथ घर चला जाता है।
04:04अब ही उन्होंने एक वियंगात्मक्धं से ट्विट किया क्या कहा।
04:07कि कह गए ऐसे भाजपाई कलियूग आएगा, क्रशक खाएगा लाठी डंडा, खात का संकट गहराएगा।
04:18तो लगातार ये मामला उठ रहा है, किसान बता रहे हैं कि वो लाइन में लगे रहते हैं, बोरी नहीं मिलती या क्या होता है, कि आवंटन देर से पहुंचता है और तुरंट बढ़ जाता है और बहुत बड़ी संक्या में किसान खाली हाथ रह जाते हैं।
04:33क्या होता है कई बार बस एक टोकन पकड़ा दिया जाता है, कि आप बाद में आना आपका नंबर लग गया है।
05:03जोर रास्ते से चुपके से खाद मिल जाती है, लेकिर आम किसान बहुत परेशान है।
05:08यही खबरे मध्य परदेश से हैं, जहां बरसो बरस बच्चो के मामा कहकर, बेहनों के भाई कहकर, शिवरा सिंग चोहान मुख्य मंत्री पत पर है और अब देश के क्रशी मंत्री हैं।
05:18उनके राज्य का हाल भी कुछ अच्छा नहीं है।
05:48वहां खात के बोरे भरे पड़े हैं।
05:52यह वीडियो आने पर वहां के प्रबंदक को भी निलंबित कर दिया गया।
05:55सागर में बारिश के बीच ही महिला किसानों की लंबे लंबे लाइने लग गएं।
05:59और उनके लिए कोई इंतिजाम नहीं था कि वह उन्हें पानी भी मिल सके।
06:03यही तस्विर गुना, दमो, धार, नर्सिंगपूर, बढ़वानी, खरगून, सहित कई जिलों से आ रही है।
06:11तो कुल मिलाकर यह इस्तिय है हमारे किसानों की और फसल के लिए जरूरी खात की।
06:15लेकिन आप हमें यह बताईएगा कि कितने दिनों से आपने अपने अगबारों में किसानों की यह खाबर प्रमुकता से देखी।
06:23या राश्टे कहे जाना वाले टीवी चैनलों पर इस बारे में कितनी प्राइम टाइम डिबेट देखी।
06:28शायद कुछ भी नहीं, शुनने, क्यों क्योंकि उनकी चिंता का यह प्रमुक विशय नहीं है।
06:34लेकिन हम आपको किसानों, मजदूरों और अन्य वंचित वर्गों की खबरे दिखाते रहेंगे, आपके साथ डटे रहेंगे, आप भी हमारे साथ जुड़े रहेंगे, धन्यवाद.

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