00:00कर दो कर दो
00:30नाजरीन इस एपिसोड में सलाओदीन और उसके साथ ही दुश्मनों के खिलाफ एक नई मोहिम की तैयारी करते हैं
00:52वह अपने कमांडरों को समझाते हैं कि असली ताकत इमान और एकता में है ना कि सिर्फ हत्यारों में
00:59इस कस्त में जंगी रणनीती, सियासी साजिशें और व्यक्तिगत जजबात सब एक साथ नजर आते हैं
01:06सलीबियों और मुसल्मानों के बीच एक और बड़ा मुकाबला करीब हैं
01:11सलाओदीन अपने साथियों को एमान, एकता और सबर का सबक देते हैं
01:16अंदरूनी गद्दारों की हरकतें भी खुल कर सामने आती हैं
01:19एक खुफिया पैगाम मिलता है कि सलीबियों फोजें फिर से बड़ी तादाद में यरुशलम के करीब जमा हो रही हैं
01:25सलाओदीन एक चाला की योजना बनाता है कि दुश्मन को जंग के मैदान में ठका कर अचानक हमला किया जाए
01:31सलीबी सर्दार आपस में मश्विरा करते हैं कि किस तरह सलाओदीन को कमजोर किया जाए
01:37एक सर्दार तजवीज देता है कि सलाओदीन के करीब मौजूद गदार उम्रा को पैसा और ताखत दे कर खरीद लिया जाए
01:45वो सलाओदीन की फौज के अंदर फसाड डालने की कोशिश करते हैं
01:49सलीबी फौज का एक खुफिया जासूस मुसल्मान का रूप धर कर सलाओदीन की फौज में घुसने की कोशिश करता है
01:57सलाओदीन के कुछ मुखालिफ मुसल्मान उमरा साज़िश करते हैं कि उसकी बढ़ती हुई ताकत उनके लिए खत्रा है
02:05वो पीछे से उसके खिलाफिया प्रचार करते हैं कि सलाओदीन सिर्फ अपनी हुकूमत मजबूत करना चाहता है
02:11एक अहम मन्जर में सलाओदीन को अपने करीबी साथी नूरुदीन जंगी की नसीहतें याद आती है
02:17कि अगर मुसल्मान आपस में बंट गए तो सलीबी हमेशा गालिब रहेंगे
02:22मिलती है कि उसके एक साथी कमांडर पर दुश्मनों से रिष्टे का शक है
02:26वो सकती से उसकी तफ्तीश करने का हुक्म देता है
02:29आखर में सलीबी फौज मुसल्मानों के काफले पर अचानक हमला करती है
02:34सलाओ दीन अपनी रणनीती के जरिये दुश्मन को गहर लेता है
02:38कस्त का अंत एक शदीद जंग की शुरुआत पर होता है
02:42जहां अगली कस्त में फैसला कुन लड़ाई दिखाई जाएगी
02:45यह कस्त असल में यह पैगाम देती है कि सलाओ दीन सिर्फ एक जंगजू नहीं
02:49बलकि एक जहीन हाकिम और हिकमत अमली बनाने वाला लीडर भी था
02:53इस एपिसोड की कुछ रेयर जहलकियां आपके सामने हैं
03:15झाले पुम क्रूए झाले जहीं देती हैं
03:45झाल झाल
04:15झाल झाल
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