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  • 1 year ago
Dhoop Kinare Episode 1 - Urdu Classic TV Serial

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Transcript
00:00पिर वही दवा
00:05फिर वही जिर
00:07जाने बाबा
00:09क्या होगा इस दवा से
00:11तुम ज़िंदगी की बर्क्रफतार गारी को रोक लोगी
00:14वापस लेयाओगे
00:16हो सकता है ये भी करड़ा लोगा
00:19कौन जाने हो
00:23तुम डाक्टर हो या मसीह
00:25हाट डॉक्टर के अंदर एक नेक मस्या होता है, सुम मेरे अंदर भी है
00:28बहुत जीलिया, बहुत जीलिया मेरी जान
00:33अब तो थूप भी जर्थ पड़ गए, रोशनी भी मध्धम हो गए
00:38हैं, कहां, किदर
00:39अरे बहार निकल के देखिए, तोप में करमी भी बहुत है और रोशनी भी बहुत है हमारे अत्राफ
00:44या खौफ से दर गुसरें, या जान से गुजर जाए, मरना है कि जीना है, एक बात तहर जाए
00:54बातें खतम, मुझ खोलें आप चल्दी से, चलें, ये
01:09हमेशा याद रखना, मैंने तुम्हे बहुत चाहए, मुझे अंदाजा है, मेरे लावा किसको पता होगा है कि आपने मुझे कितना चाहा है, अंदाजा तो तुम्हे है
01:38लेकिन यकीन भी कर लेना, हमेशा याद रखना, मैंने तुम्हे बहुत बहुत चाहए, मेरे जाने के बाद, मुझ से मिलने का भी ना ना, कैसी बात ने करें बाबाब, मुझे पता है,
02:06कि तुम रोने से बास नहीं आओगे, और आँसों मुझे अच्छे नहीं लगते, बाबा, बाबा, इस वक्त तो लगता है, कहीं कुछ भी नहीं,
02:28कुछ भी नहीं, महताब, न सूरज, न अंधेरा, न सवेरा,
02:37आँखों के तरीचों में, किसी हुसम की जंकन, और दिल की पना हो, किसी दर्द का धेरा,
02:56न बेरा, ना बेर, ना महर, ना रब्द, ना रिष्टा, तेरा कोई अपना, ना बराया कोई मेरा,
03:18माफ करना हमर मैं कला नहीं सका, दरसल मझे देर में परता चले, जहाँ,
03:24बाबा ने दरसल बहर जल्दी की, उन्होंने अपनी बीमारी के बारे में तो लिखा था, लेकिन अंदाज़ा नहीं हुआ,
03:34वैसे फॉन पर बातचीत होती रहती थी, खत और कागस भी आते जाते रहते थे,
03:41लेकिन मैं मिले नहीं आ सका, इसका हमेशे अफसोस रहे था,
03:51सुना था, तुम कुछ दिनों के लिए बाहर जा रहे हो?
03:55यहाँ, एक सेमेन आ रहे, शायद दो महीने लग जाएंगे,
04:00वैसे अच्छे हुआ यह सब कुछ मेरी गयर मौजूदकी में नहीं हुआ,
04:04वरना मैं और बाबा दोनों बहुत दुखी होते हैं,
04:08हाँ, यह बहुत अच्छा हुआ, कि तुम उनके पास माजूद थे।
04:17यह उनकी वसीयत के काफ़ात हैं, तुम देख लो,
04:27बाबा के काफ़ात हैं, आप छोड़ जाएए, मैं देख लूँगा,
04:32मेरा ख्याल है तुम देख लो,
04:35इन काफ़ात के साथ साथ, उनका एक ख़त भी है तुम्हारे नाम,
04:41बाबा के ख़त है, मेरे नाम, बाब के पास आया है,
04:47हाँ, मैं तुम्हें सर्फ यह बताना चाहता हूँ,
04:51कि उन्होंने अपना सब कुछ, सिवाए इस मकान के, तुम्हारे नाम छोड़ा है,
04:58पैसा, बाबात, किताबे यह घर उन्होंने किसी और को दे दिया है,
05:05क्या मतलब,
05:08यह घर उन्होंने अपनी नवासी को दे दिया,
05:13किसको दे अपनी बेटी की बेटी को,
05:19भापर की तो कोई बेची नहीं थी, थी, दरसल उन्होंने अपने बारे में सब कुछ, नहीं बताया था,
05:28अपनी बारे में सब कुछ मुझे नहीं बताया था,
05:34वो तकलीफ दे वाकियात को दोहराना ना चाहते हो
05:36दरहसल वो अपने खांदान को, अपनी बीवी को, अपनी बेटी को छोड़ कर यहां आ गये थे
05:44बाद में उनकी बीवी और बेटी दोनों का इंतकाल हो गया
05:48लेकिन उनकी नवासी मौजूद है
05:52मेरा ख्याल है अपने बर्सों में वो अपनी बेटी को भूल नहीं सके थे
06:03इसलिए यह जगा उन्होंने अपनी नवासी के लाव कर लोगा है
06:07मुम्किन है यह जगा देकर वो लाशवरी तोर पर उसे अपने खरीब लाना चाहते हो
06:13यह उस तहफुस का एहसास दिलाना चाहते हो जो अपनी बेटी को नहीं देख सकते है आप ठीक कहते थे बबाबा हम इनसान को ना मकमल तार पर समझ सकते हैं ना चांद सकते हैं
06:33अभी तक सॉई पढ़ियो चलो उठो जोया जोया मैं दस तक गिनूंगी अगर तुम नहीं उठी ना तो यह सारा जग पानी का उंडेल दूंगी चलो
06:54जोया उठो अगर तुम समझ रही हो कि मैं मजाग कर रही हूं ना तुम्हारा ख्याल गलत है बिल्कुल मैं बेहद संजीदा हूं बलके इतनी संजीदा तुम्हें जिंदगी भर नहीं होई उठो जोया मेरी जिंदगी मौत का सवाल है उठो
07:16एक, दो, तीन, चार, पांच, छे, साथ, आर्ट, नो, दस क्या मसीबत है और जग दो जग ये मत समझें कि मैं इस जग भर पानी से डर गई हूं पानी क्या होता है मर जाती क्या इससे ये होता है कि तुम सो ना सकती उठ गई ना
07:43दोस्तों के घर जाने के भी उकात होते हैं ये नहीं कि सुबह के अख़ार की तरह खट से आगिरी सर पर फसी, चाय, बाबा नाच तरह इंतिजार कर रहे है चल उठो बाबा ने भीज़े इस तरह उठाने को जी नहीं, मैं खुदाईयू बहुत जरूरी काम से भुक्वास म
08:13अख़ी डेट है तरह यें, आख़ी डेट आगए? नहीं मैं तुबहारी बाद से तिखा करता हूँ और मैत्मिनेटिक्स में तो बिलकुल ही मैजी हैं चाय खुद मना लेना तो ये तो तैह आ गुआ आना कि बिजनेस अद्मिल सेशन में कियामत तक में कर सकती हैं जैसे में
08:43नहीं, और दो-चार दिन खड़े रहेंगे, पर खुद थके बैठ जाएंगे रहुंटे
08:49इसे आपसे जादा बेदर्द बाप मैंने नहीं देखा
08:52वैसे आपस की बात है, तुमसे जादा नालाइक बेटी मैंने नहीं देखी
08:58अरे बाप, आपको अपने ग्लोधी बेटी की जान की परवानी?
09:01परस करें, मैं कोई डेट बॉड़ी देखने हूँ, मेरा हार्ट फेल हो जाए फिर?
09:04अरे, फिकर ना करो, हमारा कार्डियो वस्कुदर हस्पिटल बहुत अच्छा है
09:09अरब तो मेडिकल साइस ने एकनी तरकी कह लिया है कि दिल बंद भी हो जाये, तब भी बंदा चलता-बरता रहता है
09:15और कहीं-कहीं सारी जिन्दगी दिल बंद रहता है, अगर आदमी चलता-बरता रहता है
09:20अपने अंजी के डैडी को देख लो
09:23जालिम ने दिल का धंजटे निपाला नाखुन की तरह काट के फेंग दिया है
09:27और अब देखो एश कर रहा है दिल के बगेर
09:30खैर मेरा क्या है अगर मैं बच भी गई तो फेल हो जाओंगी
09:33खैर वो तो शक्र जाहर है
09:35कमाल है मेरा मसला तो आप लोगा हली ने कलें आपस में लड़े जा रहे हैं
09:40अधि तुम्हारा मसला हल कर कर के मेरे बाल सबद हो गया है
09:43बड़ी तुर्रम्खा बंती हैं जोनों इतना सा मसला हल नी होता
09:46अरे जाके कह दो अपने इंग्रेस बहादर डैडी से के मैं नहीं पर सकती है तिजारती निजाम बस छुटी
09:50मैं कह दो ये जाके डैडी से मैं ये कहगी डैडी से ये
09:56तो और कौन कहेगा मैं ये ठीक है आप जाके डैडी से बात कर लेगा
10:00अरे तुम्हार दमाग खराब है, मैं शेर के मुँवे सर देदू, अपने डैडी को देखा है, आप भी ड़ते, क्यों, मैं इंसान नहीं हूँ क्या, तु फिर बताए ना मैं क्या करो, खबतार रौना मत, एक तुम लोगे साथ ये बड़ी मुसीबत है कि आंसुों से बहुत �
10:30जोर-जोर से कहो, मैं नहीं डरती, मैं नहीं डर रही, मैं बिलकुल नहीं डर रही, ये कहते कहते, खत्रे के खुदूद में दाखिल हो जाओ, और एक बात है रखना, कभी दुश्मन की आँखों में न देखना, हमेशा अपनी नजरे आतों सी गर्दन पर रखना, या फिर
11:00करूंगे, और हाँ, खबरतार चो आवास कहां पर, या कदम लड़ खड़ाए, या चेहरे पर हवन न पनाया जो इस वक्त मौझूद है, लेकिन डैडी मान जाएंगे क्या, शर्त या, कैसे नहीं मानेंगे, अच्छा शाबाश, खड़ी हो, खड़ी हो, बताओ, कैसे बोलन
11:30जाल के, लान पती जल रही है, तो क्या हुआ, हमेशे जलती रहती है, चलो, अंदर जाओ, डैडी नाराज होंगे, कोई नही बात नहीं है, शकूर कह रहा था, बहुत मस्रूफ हैं काम में, तुम भी काम से जारी हो, क्रिकेट खेले नहीं जारी हो,
12:00Zoya, मुझा मेरे साथ चलो, प्लीज, श्टूपिज, मैं? तुम्हारी बात मान जाएंगे, मेरी बात ची मानेंगे, Zoya, प्लीज, लाल बती जल रही है, वो तो हर वक जलती रहती है, काम कर रहे है, नराज हो जाएंगे, वो भी रोज होते है, चलो, मरवादो मुझे,
12:31GET out, I can't stand stupid people, GET out,
12:38Girls come here
12:47गान में तुम्हारी रेट लजाय सकते हैं
12:49जी अखिती
12:50और रेट लेट का मतलब रहना है?
12:53जी आता है
12:54इसका मतलब है मैं मसरूफ हो, मुझे डिस्टर्बन अ किया जाए
13:00Zoya?
13:01जी?
13:02क्या बाद?
13:05डैड़ी, बाद रसल में ये है कि कोलेज में फॉर्म्स 12 बजे के बाद एक्सेप्ट नहीं किया जाते हैं
13:11मैंने मालूम कर लिया है
13:12फॉर्म्स?
13:13कॉल्स फॉर्म्स?
13:15डैड़ी, मेरा रुजहान बिजनस अद्मिस्ट्रेशन की दरफ बिलकुल भी नहीं है
13:18फ्लीज मुझे फाइन आट्स करने दीजे
13:19क्यूंके बिजनस अद्मिस्ट्रेशन में ये दस साल फेलो के भी पास नहीं हो सकती
13:23और मेरा मैथ्स तो बहुत ही बहुत ही बीग है
13:25ड्राइंग पेंटिंग बहुत अच्छा कर लेती है
13:28तुम दोनों क्या कह रही हो मैं कुछ नहीं समझ सकता हूँ
13:32आप प्लीज इस पर साइन कर दें
13:37और ये तुम दोनों देख आ रही हो इधर देख और मेरी तरफ
13:41जी नहीं
13:43अच्छा को अच्छा को अच्छा करने दीजिए प्लीज अंकल प्लीज
13:54अच्छा ठीक है परे मेरी तरफ देखो
14:03असलाम लेकुम
14:05वालेकुम असलाम
14:07अच्छा
14:10ये क्या हो रहा है एक वामनीली जुराव एक मिकाली
14:17इदर दीजिए
14:18भाई एक किसम की जुरावे तलाश करना बड़ा मुश्किल काम है ये हमसे नहीं हो
14:23ये
14:28मेरा ख्याल है कि इस घर में तुम्हारी ज्यादा ज़रूरत है और हस्पताल में नहीं
14:31वो क्यों वो इस लिए कि अगर तुम घर में होगे तो मुझे एक किसम की जुरावे तलाश करके दे दू
14:38और और कभी कभी बलड प्रेशर भी चेक कर लिए
14:50ये मतला तो अबर आलूद है
14:53जबके खबरों में कहा था कि मतला साफ रहेगा
14:57मतला तो साफ है लेकिन आदमी अगर एर कंडिशन कमरे से बाहर आए
15:01तो उसकी एनक अलबत्ता जरूर अबर आलूद हो जाती है
15:04मुझे एजाज़त दीजे
15:07ये देखें आप याप
15:13आप देखें जड़ा देखें
15:18कैफ है
15:22ठीक है?
15:24आप तो ठीक है
15:26चलो भई चले
15:29जल्दी करो बहुत देर हो गई
15:34हाहा
15:37क्या हो गया
15:40मेरा बंदता ये गोट इतना उदास ना लगता
15:45क्यों?
15:46अगर आप इसके साथ एक अधर पतलून भी पहल लेते हैं
15:49हाहा
15:55रहम हुजूर रहम
15:57सुबा सुबा इतनी सकीर चीज मेदे का सत्याह नास कर देगी
16:01जी नहीं बात मेरी कुछ समझ में नहीं आ रही
16:04देखे बात ये है कि ये रिष्टदारियां वगरा मेरे पल्ले नहीं पढ़ती है और वो भी सुस्त्राली रिष्टदारिया
16:11जी नहीं
16:12इस मौदू पर मेरी अपनी बीवी से बात में हुई
16:16अगर
16:17हाँ मेरा ख्याल था वो फौत हो चुक्यों होंगे
16:19अगर देखे ना जोया के नाम क्यों हूँ भई
16:25जोया के बारे में उने क्या मालूम जी बड़ी नवादशाप की है
16:31हाला कि मैंने समझता कि जोया इस माकाम के क्या करेगी
16:35ठीक है जी जी मैं आजर हो जाओंगा
16:37जी हाँ साइन करवा लुगा
16:40ठीक हाँ खुदा अच्छा
16:44ये मेरा नाम बीच में क्यों आ रहा था
16:47हाँ अभी अभी ये हुआ जोया अली खान के तुम अचानक बहुत मालदार हो गई
16:54साहिब जायदाद
16:56क्या हो गई
16:57तुम्हारे एक नाना ती
17:01वो ना जाने किस चकर में सब को छोडशाड कर जंगल बेह न लगए थी पर उने कहीं से पता चला कि उनके रह नवासी भी
17:09फिर तो वो इतना खुश हुए कि अपना खुबसूरत मकान बंबर लगवदख झंगल के तुम्हारे नाम कर गए
17:15वो जो जंगल मेरे नाम कर गए है, सच्वच मेरे नाना थे
17:19अब तो तुम्हारे एश हो गए, तुम लगपती हो गई
17:23लगपती हो गई, ये ठीक है, तो अब मुझे डॉक्टरी पढ़ने कोई जरूद नहीं
17:28नहीं, अब तो और ज्यादा जरूवत है
17:31क्यों?
17:33बात यह है कि वो जो तुम्हारे नाना थे ना, वो अपनी लड़की को डॉक्टर बनाना चाहते थे
17:39और वो लड़की भी यही चाहती थी, मगर मैंने क्या किया कि उनकी लड़की को कॉलिस से उठा कर शादी कर गई
17:48तो इसमें मेरा क्या कसूर है?
17:50पिर यह हुआ कि जब तुम आने वाली थी, तो वो लड़की कहा करती थी
17:56कि चाहे बेटा हो या बेटी में डॉक्टर जरूर बनाऊंगी
18:00तो डॉक्टर तो तुमको हर हाल में बना है
18:05और हाँ, वो अन्जी के फॉर्म का क्या हुआ वो इंग्रेज बहादर ने साइन किये के नहीं?
18:12रबिश, फाइन आर्ट्स कॉलेज जाकर क्या होगा? क्या कर लेगी ये?
18:20वैसे तो खर बिजनस एड्मिस्ट्रेशन करके भी क्या करेगी भी मेरा हाथ बटाएगी, मेरा बेटा होता तो यही करता
18:27बेटा बेटी अल्ला की तरफ से होते हैं, बनाए नहीं जा सकते हैं
18:32क्या मतलब?
18:34मतलब यह कि आप बेटी को बेटी की तरह रहने दें? कोई हर्ज नहीं है इसमें
18:39बराए महरबानी आप अपने लाड़ प्यार से उसे तबाह करने की कोशिश ना करें
18:44बलके मेरा ख्याल तो यह है कि मैं उसे तबाह होने से बचाना चारी हूँ
18:49I see, I see
18:52मकदरों के फैसलों में दखल अंदाजी कौन कर सकता है?
18:56अब देखे न, उसे जो बनना था बन गई है और जो बनना होगा बन जाएगी
19:00हम आप खामखा परिशान हो रहे हैं
19:02जाहर है आपको क्या फिकर?
19:04इतना बड़ा बिजनस कौन सभालेगा मेरे बाद?
19:06मेरे बाद, यह कभी सोचा आपने
19:08क्या फाइन आप्स करके बिजनस सभाल लेगी?
19:11जब तक आप हैं उसे बिजनस सभाल लेकी कोई जुरूरत है भी नहीं
19:16और आप माशा आला काफी सिहत मंद है
19:20प्लीज, मेरे आशाब बहुत कमज़ है
19:25एक एक जो आपके मर्जी आय करें
19:30बेदी जोसे फाइन आट्स कॉलेज
19:31थैंक्यू
19:33थैंक्यू
19:34यह रिम्पसिबूर।
19:35यह रिम्पसिबूर।
19:36यह रिवाइन आप पार्मेर कोई
19:54आहमर बर्टा, खाना लगा दूँ
19:57नहाँ मियाजी, भूग नहीं है
20:00लेकिन बर्टा, तुम ने तो दो दो पहर का खाना भी नहीं खाया
20:04कहा नहीं बर्टा भूग नहीं है
20:07और हम, मैं किसी से मिलना नहीं चाहता
20:14कोई आये तौमाना कर देचेगा
20:18झाल झाल

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