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  • 8 months ago
यवतमाल में रेलवे की लापरवाही, गड्ढे में डूबकर 4 बच्चों की मौत, देखें

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00:00अब महराश्ट्र की बात जहां भारी बारिश के बीच एक बेहत दुखद खबर यवत माल से आई
00:05यहां रेलवे के प्रोजेक्ट में खोदे गड़े के अंदर डूप कर चार बच्चों की मौत हो गए
00:10यवत माल में पिछले कई दिनों से बरसात हो रही है
00:13इसके बावजूद रेलवे ने ये गड़े नहीं भरे उनमें पानी भर गया और छोटे बच्चे उनमें खेलने गए दूप गए
00:43पान सतर्क करता निशान नहीं लगाया गया और बच्चे फिर इस गड़े में ढूब कर अगर रेलवे की तरफ से इस गड़े का घेराव कर दिया गया होता है
00:51रेलवे की तरफ से जहां निर्माल का जो ठेका पाया वो कमपनी या ठेकेदार अगर संवेधन शील होते नियमों को जानते अपनी जिम्मेदारी निभाते तो यहां ये चीफ पुकार न मचते गड़े में भरे पानी के बीच ये चीफ पुकार मासूम बच्चों की जान बच
01:21गड़े से निकाल कर वाहर सुरक्षित जगा ले जाने की कोशिश होती है गावालों ने काम बहुत तेजी से क्या बच्चों को अपने साधन से किसी तरह लेकर अस्पताल भी कर लेकिन तवान कोशिश के वावजूद उन बच्चों को बचाया नहीं जा सका
01:33रेल्वे के गड़े में डूब कर दस साल के गोलू पांडोरंग नरनावरे, दस साल के सौमे सतीश खाथसान, तेरह साल के रेहान असलम खान और चौदास साल के वैभावाशीश बोधले की जान चली जाती है
01:52सवाल है कि रेल्वे नेतने गहरे गड़े को खाली क्यों छोड़ दिया, जबकि इवतमाल में पिछले पांच दिन से बारिश हो रही
01:59इस तरह से इस गड़े में एक दिन में पानी नहीं भरा, बावजूद इसके ना तो गड़ा भरा गया और ना ही प्रशासन ने चेतावनी का कोई बोर्ड लगाया
02:06नतीजा ये हुआ कि चार बच्चे रेलवे के निर्मान के दावरान खोदेगा इस गड़े में डूब कर मर गए, जिनकी मौत का जिम्मेदार कौन है, ये बताने वाला कोई नहीं
02:15गाउवाले कहते हैं, जोरदार बारिश के बाद इस गहरे गड़े में पानी वर्याता, चारो बच्चे खेलते खेलते उसमें गिर गड़े, हस गए, जब तक गाउवाले उन्हें निकालने में कामयाब हो पाते हैं, तब तक जान खत्रे में पर चुकी थे, ये हाथ साब ब
02:45बड़े बड़े गड़े खोदे गए हैं, और इन गड़ों में बारिश के बाद पानी भर गया, लेकिन गड़े के खत्रे को देखते हुए से किसी ने घेरा नहीं, नहीं सुरक्षा को कोई दूसरा इंतिजान किया, रेलवे की ऐसी हिला परवाही गुजरात के जामनगर मे
03:15प्रेन को आता देख सतर्क हो गए और कोई हाथसा यहां नहीं हुआ, वरना रेल में कर्मचारियों ने बड़े हाथसे को यहां न्योता दे दिया था, गुजरात के जामनगर में हाथसा बच गया, लेकिन यवत पाल में चार बच्चे इतने भागेशाली नहीं थे, जो ब�
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