00:00इंदौर की रहने वाली 29 साल की अर्चना तिवारी की गुमशुदगी ने सब को हैरान कर दिया था
00:09परिवार को लगा कि शायद उसके साथ कोई हाथसा हुआ है या फिर उसका अपहरन हो गया
00:16लेकिन अब ये राज खुल चुका है अर्चना लौट आई है लेकिन एक पूरी हैरान करने वाली कहानी के साथ
00:22पुलिस की जाँच में साफ हो गया है कि ये कोई किड्नैपिंग या दुरगटना नहीं थी बलकि अर्चना तिवारी का खुद का बनाया हुआ नाटक था
00:32इस केस में एक एहम सिसी टीवी कैमरा का वीडियो सामने आया है जिसने पूरे मामले का सच उजागर कर दिया है
00:41उस वीडियो में अर्चना काली साडी पहने चहरे पर घूंगट डाले हुए अपने दोस्त तेजेंदर का हाथ पकड़े हुए इटार सी रेलवे स्टेशन से बाहर निकलती हुई नजर आ रही है
00:53दरसल साथ अगस्त की रात अर्चना नर्मदा एक्सप्रेस से इंदोर से कटनी जाने के लिए निकली थी
01:00उसने अपने परिवार को बताया था कि वो कटनी आ रही है लेकिन वो कटनी नहीं पहुँची
01:06उसका फोन बंध हो चुका था परिवार ने भुपाल के रानी कमलापती जी आरपी थाने में जाकर गुमशुद्गी का मामला दर्च कर आया था
01:14इसी बीच इटारसी स्टेशन की सीसी टीवी कैमरा फोटेज सामने आई जिसमें अरचना काले रंग की साड़ी में चहरा गुमशट से ठके हुए अपने दोस्त तेजेंदर का हाथ पकड़ कर फ्लैटफॉर्म से बाहर जाती होई दिख रही है
01:28जार्च में पता चला कि अरचना ने ये प्लान पहले से ही बनाया हुआ था
01:33वकील होने के नाते उसे कानून और जार्च प्रक्रिया की पूरी जानकारी थी
01:38इसलिए उसने जी आरपी धाना चुना ताकि गहराई से जार्च ना हो
01:42मोबाईल फोन उन्होंने एट आर्च सी के पास जंगल में फेक दिया ताकि लोकेशन ट्रेस ना हो सके
01:47यही नहीं उसने ऐसा रास्ता चुना जहां टोल प्लाजा और कैमरों की संभावना भी बहुत कम थी
01:54इस पूरी कहानी में अर्चना के दोस्तों ने उसका साथ दिया शुजालपुर निवासी सारांश और नर्मदा पुरम का रहने वाला ड्राइवर तेजेंद्र
02:02सारांश से अर्चना की पहचान इन दोर में पढ़ाई के दोरान हुई थी जबकि तेजेंद्र अक्सर उसे बाहर ले जाया करता था
02:11तेजेंद्र ने ही उसे ट्रेन में साड़ी और कपड़े दिये और प्लेटफॉरम से बाहर ले जाने में उसकी मदद की
02:18इटारसी से निकलने के बाद अर्चना शुजालपूर पहुँची वहां से उसने लंबा रूट लिया ताकि किसी कैमरे की कैद में ना आए
02:25इसके बाद वो बुरहानपूर, हैदराबाद और जोधपूर होते हुए दिल्लीजा पहुँची
02:3014 अगस्त को अर्चना सारांश के साथ नैपाल चली गई, ट्रैकिंग से बशने के लिए उसने मध्यपरदेश से कोई नई सिम या फोन नहीं खरीदा
02:40इस बीच अर्चना की तलाश में जी आर्पी की 70 टीम 12-13 दिनों तक दिन रात महनत करती रही
02:47500 से ज़्यादा CCTV कैमरों की फोटेज खंगा ली गई और फिर जाच का सुराग तब मिला जब अर्चना की कॉल डिटेल में एक नमबर पर लगातार बाचीत का सलसिला मिला
02:59और वो नमबर था सारांश का
03:02पुलिस ने सारांश को हिरासत में लिया तो पूरा राज खुल गया
03:07जैसे ही पुलिस ने सारांश को पकड़ा ख़वर नेपाल में मौजूद अर्चना तक जा पहुँची
03:12परिवार से बात चीत करने के बाद अर्चना ने खुद को नेपाल भारत बॉर्डर पर पुलिस के हवाले कर दिया
03:19उत्तरपरदेश के लखीम पूर खीरी जिले में उसे सुरक्षिक बरामत किया गया
03:23पुलिस पूच्दाच में अर्चना ने बताया कि उसकी गुमशुदगी का असली कारण उसकी शादी थी
03:29परिवार ने उसका रिष्टा एक पटवारी के साथ तैय कर दिया था और उस पर शादी का दबाव था
03:34लेकिन वो शादी के लिए तयार नहीं थी इसलिए उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ये पूरा नाटक रच डाला था
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