00:00भारत के उन्यासिवे स्वतंतरता दिवस के मौके पर जाने माने गीतकार और लेखक जावेद अक्तन ने सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया।
00:30उन्होंने जेले जेली हैं, फासी पर चड़े हैं और हर तरह की तकलीफ सहकर हमें आजादी दिलाई। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस आजादी को कभी हलके में न ले। लेकिन जावेद अक्तर के इस भावक और सच्चे संदेश पर एक ट्रोल ने बेहुदी टिप�
01:00नहीं आए और उन्होंने बिना किसी डर के ट्रोल को करारा जवाब दे दिया। उन्होंने लिखा बेटा जब तुम्हारे बाप दादा अंग्रेजों के जूते चाट रहे थे तब मेरे बुजर्ब देश की आजादी के लिए काला पानी में मर रहे थे। अपनी आउकाद म
01:30विद्वान ने देश के लिए इतना कुछ सहा और बलेदान किया हूँ। बहुत से लोग शायद नहीं जानते होंगे कि जावे दक्तर का परिवार सिर्फ कला और कविता तक ही सीमित नहीं रहा बलकि देश भक्ती से भी गहराई से जुड़ा रहा है। उनके परदाद फज
02:00उन्हें अंडमान निकोबार की सेलुलर जेल यानि काला पानी भेज दिया गया था। वहीं पर उनका निधन हो गया था। जावे दक्तर के दादा मुझसर खेराबादी भी एक जाने माने शायर थे। और उनके पिता जानिसार अक्तर ने भी कविता और लेखन के जरीय समा
02:30और जब बात देश की हो तो वो किसी भी गलत बात को बरदाश नहीं करेंगे। आज के समय में जब सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग आम बात हो गई है। ऐसे में उनका इस तरह से सच बोलना और डट कर जवाब देना काबिल इतारीफ है। दोस्तों ये पूरा मामला हमें एक
03:00जब भी हम स्वतंतरता दिवस मनाएं तो सिर्फ छुट्टी के तौर पर नहीं बल्गिक जिम्मेदारी के तौर पर मनाएं ताकि हम उन शहीदों की कुर्बानी को कभी न भूले।
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