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Ssshhhh... Phir Koi Hai is a chilling Indian horror anthology series that captivated audiences from 2006 to 2009 on Star One. Each episode delivers a unique spine-chilling story, ranging from haunted houses and vengeful ghosts to demonic entities and cursed villages. With iconic characters like Aryamaan and thrilling multi-part sagas like 'Intezaar' and 'Trikaal,' the series blends suspense, supernatural horror, and gripping narratives. Perfect for fans of eerie tales, this nostalgic gem explores the unknown with unforgettable scares. Stream episodes on Disney+ Hotstar or relive the terror of classic Indian horror!"

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Transcript
00:00कि यूज़ कोई है
00:06मेरा पर रादिका की बुरी आत्मा का साया है
00:13रादिका की आत्मा उस हावेली में हाँ
00:17क्योंकि उस हावेली में रादिका का खून हुआ था
00:22मुझे चानना है किस ने किया था रादिका का खून पता हूँ मुझे
00:30कि आप आप ने रादिका का खून किया था मोहन बाबू आपने
00:47को अगर ने अगर नहीं हुआ होता तो मिरा आपके खून की प्यासी क्यों एख एक बात याद रगी अगर मेरा और उसके बरिवार्वालों को यह पता चला कि पिछले जनम में आपने रादिका का खून की जनम यह तो
01:17वो लोग आपको नहीं जोड़ेंगे इसलिए आज के बाद आप उस हवेली और उस हवेली में रहने वाले लोगों से तूर रही है और रही बाद उन काकसाद की तो आप हम पर भरोसा रखिये मोहन पापू हम आपको खुद ला कर देंगे वो काकसाद हम ला कर देंगे
01:47कांड से काकजात के सदीन तर रचात तो निस छोड़ी के संग कजेंच चला जा यहां से जब अपनी चोज मंद रख
02:09बता मादा के खेल खेल रहा है मारे खिलाफ मारे परिवार के खिलाफ
02:17अर कौन शे काकजात वह करोड़ो वाले बांद के जला जाए आँस वर्ना तेरी खेल रहे है तो टके की बचार हम से जमान लगाती है थाकूर से जमान लगाती है थाड़ी तो मैं नाइ
02:32मौहन
02:34मीरा
02:37मीरा
02:38मौहन
02:39मौहन
02:48मौहन
02:50मौहन
02:51अभुक।
02:53मौहन
02:58मौहन
02:59मौहन
03:01मौहन
03:02मौह которой
03:15गजेन, जूमेरे मतचेवा.
03:22लुग्जा, लुग्जा, परिना!
03:27अप्तु कला!
03:28मौन बावु!
03:31मौन बावु!
03:35मौन बावु!
03:36मौन…
03:39मौन बावु!
03:41कौन सम्मन हो साया जे हवेली पर पड़ा है,
03:47जो उम्हारी बेटी को तड़पा रहा है.
03:51अब तुम्होंने यही लागे है,
03:54कि जे सब आपके बुरी करनी का फल से!
04:03आज मैं भी तो सुड़ू,
04:05जे फसाद के जड़ु!
04:08यही शाही फसाद,
04:13मेरा और उस डाहिन अम्हे का करचा हुआ खेलता!
04:38इक हवा का चुका और दूस्मन जाचा अब।
04:45तुष्मन राचा हो
04:49मर गया
04:52अज्वल तो मर गया हो
04:54लेकिन मारा कान तो भी बाकी है
04:57अब क्या मोहन सिंग को मानने के पाइब
05:00मोहन को मानने की हिंबत
05:02कोई नहीं कर सुनता
05:05और तुछे मोहन चाहिए या उसकी जमीन
05:09यहीं पूचने के लद अटने यहां पर बुलाया है हमने
05:14अज्वल सिंग को मारने से पहले
05:17जायदाद के काफ़ाद पे उसके दस्तगत क्यों नहीं लिये
05:22क्यों?
05:25ताकि उसके बाद तुझे मेरी जरुरत नहीं पड़ती
05:28है ना?
05:31दुसरत सी
05:33मैं कवार हूँ
05:35भूली नहीं
05:38तेरा काम तभी होगा
05:40जब मेरा काम होगा
05:47जारी सुहाग रात पे मौन सिंग की मौत
05:53ताकि उसके खून में ना कर
05:57तो अपनी उम्र वढ़ा दे
06:05क्या होगा
06:10ना मकसद भूल तो नहीं
06:13
06:14कहीं तू मोहन सिंग के साथ प्यार तो नहीं कर बैठी
06:19तुझे इस से क्या
06:22तुझे तेरे समीन के काक्सा तुझे मिल जाएंगे
06:26फिर उसके बाद
06:28मैं
06:30मैं जो जाओ मोहन के साथ करू
06:31तो जल्द से जल्द उनकावजाद पे दस्तिखत करवा दे पिर तू आसाद
06:40मैं तेरी क्याद में थी ही कब
06:45और अकर उसके बाद
06:59पूने मेरे रास्ते में आने की कोशिश की
07:03तो ये टायन पुझे चिला डाने की
07:29बस पेटी बस तू पिछले जनम में जरूर मारी पेटी रही होगी तभी मारी इतनी सेवा कर रहे है
07:44इस जनम में भी आप मुझे अपनी बेटी समझे मासा
07:48पेटी ना सही पर हमेशा से थारे जैसी बहु चाहिए थी मैंने
07:54के हो गया मोहण?
07:58आप
08:00कल रात को नीलप सिंग जी किसी ने हत्या करते
08:04के? के सनी?
08:08मुहत सिंग
08:15रातिका?
08:16मेरे पिता के 40 सालों की वफादारी का ये इनाम दिया है तुम्हे
08:21मेरे उम्र भर के प्यार और इंतजार का ये तिला दिया है तुम्हे
08:25कैसा प्यार?
08:27अरी प्यार तो हम ने बरसाया तुझ पर
08:30वे गैरत तुझे सर आखो पर चड़ा कर अपने वच्ची की तरह पाला तुझे
08:35अपने बेटे के साथ तुरे व्या की सपने संजोए
08:38तो के करते हैं?
08:41के करते हैं हम?
08:43तु ने आओ थरे दोगले बापन मिलकर जो साजिश रची थी
08:47उसके लिए आपने उनकी जान ले ली
08:49रादिका, होश में आओगी
08:51होश में तो आजाई हूँ मोहट, आजाई हूँ
08:53आज मैंने तुहरा और तुहरे इस राजवच का अस्ती जहरा देखा
08:57तो तुन हमारे पिता का भी हुआ है
09:01इस भी लगा सकते हैं रादिका
09:03तो नहीं लगाया क्या इस लगाया
09:05तुमने तु, तुमने तु मुझे उसकी सजा भी दी
09:08वो भी इतने बड़ी सजा
09:14ऑन मैं गसम खाकर कहते हूँ
09:16कि जस तीजी से मेरे पिता का लगु इस तलवार से बहा है
09:20उतनी ही तीजी से
09:31इसे पेरी चुनोती समझों या वेरा श्राफ
09:39तेरा श्राफ तो मैं पूरा गरों कि रादे का हूँ
09:54ताकि इसका इसाम भी तुछ पर ही हाँ
10:01कि रादिका क्या है यह रादिका भावे दीदी ने यह काकसाद भिश्वाई
10:21रादिका शायद आप कवा बने थे तो निलब सिंग्ची के दिहान के बाद आप वो जमीन रादिका
10:31रादिका दीदी की होगी लेकिन उसके लिए कवा के दस्तकत चाहिए
10:36रादिका को देते रादिका को देते रादिका दीदी की बातों का बुरा मत माना करी है
10:55कुछ लोग जो कहते हैं वो करते नहीं
11:01करें अल्म सीटी करते दो लुओ कि रादिका दीदी रादिका यादिका अल्म
11:15यह क्या किया तुम्हेरा दिखा दोके से मोहन से उसकी सारी जमीन चीए
11:37अब तो त्वारा श्राप पूरा हो जाएगा
11:45यह देखिये जिए क्या है देखिये जिए
11:59देखिये जिए
12:00यह क्या है यह से उसक्ता है
12:14यह आप ही के सायन मोहन बाबू जहां आपने नदी की सारी जमीन तुस्तस्री जी के नाम कि
12:21यह सब जूटें किसी की चाल है हमारे खिलाफ यह किसी ने हमारे नकली दस्तकत कर पूँ
12:30जातिका दीदी ले एक आकसाइद पच्छाइब तो अभड़ तो अइसा ही होगा मोहन सिंग
12:48पर अब दोने से क्या फाइदा आज से नदी के पार वाली सारी जमीन
13:02मारी
13:06और क्यूंकि यह हवेली भी उसी जमीन पर बनी है
13:18हाहा
13:23दो दन दो दना में यह जगा खाली कर देना वरना दक्के देकर यहां से भेकवा दूंगा
13:34तो मुर मुर दे आप
13:38हाँ
13:42हाहा
13:44पॉर्ण बाबू अबको जरा सा भी अगर पता होता कि रादिका दीदी आपके बर्बादी के काखजात हमें दे रही है तो हम उसे वही बढ़ कर वही भार देते हैं
14:03लेकिन अब क्या करें आप तो अनपड़ें गवारें
14:09रादिका दीदी ये आपने क्या किया अपना श्राप पूरा करने के लिए ये
14:18अब करते हैं
14:20अब करते हैं
14:22कि जस तेजी से मेरे पिता कर दहू इस तल्वार से बहाता है
14:26उतनी ही तेजी से तुम्हारा ये साफ़ाज है
14:29ये ठाकुराना एश और ये ख़पर गग
14:32विट्टी में नहीं मिल गया
14:34तो मेरा नाम भी राधिका लेगा
14:36इसे मेरी चल्वती समझें
14:38या मेरा श्राभ
14:46आईए भूदी
14:55जब तक ये मामला सुलजने जाता
14:57तब तक आप लोग
14:59हमारे इस घर में रहिए
15:01छोटा है लेकिन
15:02नहीं बस वा
15:04किसको पता था
15:06कि मुसिवत के वक्त में
15:08अपने तगा देतेंगे
15:10और पराया काम आएंगे
15:14हम तारे और अभिका के
15:18पूरी चिंद की भरकर्जदार रहेंगे
15:22मासा
15:24आप अब भी अमें पराया कह रहे हैं
15:26तुम तो रोटा बहुत बहुत थान मेला
15:28हूँ
15:30हूँ
15:32हूँ
15:34मा
15:40हमें माफ कर दीचे मा
15:42अज हमारी वजह से आपको यह दिन देखना पड़ रहा है
15:46पर मा
15:50हम बहुत चर्द उस्त अश्रच सिंह का पासा पलड़ देंगे
15:54अश्रच से
16:06हम अपना तुम से सब कुछ वापस लेकर ही रहेंगे
16:14और जे हवेली है
16:24आज से
16:26मारो
16:28नया घर
16:30जिसकी
16:32तक्दीर
16:34जमकाई जाएगी
16:36मारी बहुत
16:38के शुब कत्मों से
16:40मारी बहुत
16:58आव
17:00आव
17:02आव
17:04आव
17:06आव
17:08आव
17:10वाह
17:12ससुर जी वाह
17:14कमुणगी में तो आप
17:16मारे में बाप निकलेगे
17:18लेकिन इसकी भरभाई
17:20मारी बिटीने इकरेगी
17:22जाहे उसके लिए
17:24हमे
17:26मासाब
17:28मासाब
17:30मासाब
17:32गजंदर बाबु ने इंजीनर का खूर कत लिया
17:34
17:36सब्सक्राइब
17:38सब्सक्राइब
17:40सब्सक्राइब
17:42सब्सक्राइब
17:44सब्सक्राइब
17:46सब्सक्राइब
17:48सब्सक्राइब
17:50सब्सक्राइब
17:52सब्सक्राइब
17:54सब्सक्राइब
17:56सब्सक्राइब
17:58सब्सक्राइब
18:00सब्सक्राइब
18:02मासाब
18:04नहीं माधा वे
18:08माव मुझा
18:10मैं ठीक हुआ
18:14बिटा, डाक्टर ने का है
18:16कि अब तो खत्रे से बाहर है
18:18इस वर का लाक लाक सु करें
18:23माद कलिका का है?
18:24मंदेर कई है
18:26तारे वास्ते प्रात्र ना करने
18:34मोहन को मुझ से कोई नहीं चीन सकता
18:40मौत भी नहीं
18:41अदू नहीं
18:44अगर मेरे मोहन को कुछ हुआ
18:47तो मैं पूरे कुछनगर्ड़ को जला कर दूजी
18:50तारे को आवेड़ी नहीं जाना चाहिए था
18:55मैं जानती थी
18:59दुरगादी वी और उसका बेटा
19:01तारे से जरूर बदला लेंगे
19:03माँ फिक्र मत करो अभी मैं
19:05मैं ठीक हो माँ
19:07माधव
19:12अभीरा
19:15माँ अभीरा है
19:17माँ अभीरा है
19:22चिंती रहो बेटी
19:24तुम दुरगादेवी की बेटी हो ना
19:26जिल
19:31हम आपसे माफी मांगने आए
19:33कजींद्र भाइसा को ऐसा नहीं करना चाहिए था
19:35जो हो के आप
19:39छोड़ो उसे
19:41दिखे हमने आपको कल धंकी दी थी
19:43मारने की और
19:45अज आप इस हालत में
19:47अजींद्र अजींद्र
19:51कैसी दुष्वश्वनी है हमारी हपके सथ
19:54अपनी मौत का बदले लेना चाहती है वापस
19:56आपने राधिका कखोन किया था मुहनबाबू
20:01आपने
20:03हमारी तुपानी काली है
20:07आदे एका ज़िजे, समय दिए नारू
20:17इसमें कोछी नहीं होगा
20:20इरा
20:26मुझे
20:27मुझे तम्हर नहीं एब उजे देखे और तदाशी से मिला
20:31आदाश्या, आप मेसालत में पैला
20:34मैं आप ठीक हूँ, देखो, कल मैं हवेली आँगा, पुझे उनसे बात करने है, बात करने है, हम अब ही जाते हैं, फिर आएंगे, आप लेकिन जल्दी ठीक हो जाएगे,
20:55खसरो,
21:25कालिका, तो हमको तुमसे बहुत चुरूरी बौत करना है, अच्छा तुम मिल गया हमको
21:37हाँ, आफ, ये, ये, ये मेरा है, मेरा, ये कालिका है
21:47नकलिका, या, या...
22:17आवेली तक थुछ था, लेकिन आप अब ये तो मोहन से मिलने यहां तक पहुँच गई, बहुत जल्स तेरा वात करना होगा
22:36कुछ तो समझाओना हमारा तो बहुत ही निसमाज़ता है अभी तुम्हारा बात वुजूर्ण सुनेगा नहीं हमारा मतलब है कि जिसके लिए गोली खा सकता है उसका तो बात सुनेगा ही नहीं
22:57कौन सी बात अरे वो इस हालत में कल हवेली जाने का जित कर रहा है
23:03किसी बात बताओ हमको कुछ समझ में नहीं आ रहा है किशनगर के डैम को लेके वो बुड़ा दौदा जी क्यों करेगा हमको हमारा धिमाद खुराब हो गया हमरा अब वो एक बान को लेके इतना बड़ा जोमेला मा बेटी बेटा सब हमारा सौर के पीछे पड़ा हुआ हुआ ह
23:33एक तरफ दश्रत और दुसरी तरफ मेरा बुड़ मॉर्णिंग जे
23:49आ समझा करो मेरा हवेरी जाना बहुत जरूरी है यह सिरफ काकजात की बात नहीं है
23:56मुझे दश्रत सिंग से राधिका के बारे में कुछ सवाल पूछते हैं
24:05कैसे सवाल बिटा?
24:07मार राधिका की मौत कैसे हुई थी?
24:11बिटा उसको बहुत पुरी तरह से मारा गया था
24:16उसको उसको चड़ाया गया था
24:23किसने जलाया तरह राधिका?
24:38उसकी मौत किसीने नहीं देखी
24:41पर एक आतमी था वेटा
24:51करना जूस वक्ता हुए यूज फुक्टा
24:56करसक्त करता दूस
24:59करस्दा तरह था नहीं बच्ता
25:03जब तक ये महामला पुलरी थाथ
25:09तब तक आपनो हमारे सहर मेरे
25:13मारे आदू
25:15मारे आदू
25:17आप अपको कैसे यकिन है कि बस्वाने रादिका को मुरते हुए देखा बटा जिस रात रादिका की मौत हुए उस रात से बस्वा ऐसे हुए उस रात उसने जरूर कुछ ऐसा देखा जिसने
25:47उसके दिमाग पर कहरा सदमा पहुँचा दिया?
26:01पेड़ा, नाजा, पेड़ा, मौल!
26:05क्रिका मौल मौल
26:07जब पर रादिका
26:09क्रिका
26:17अने मौल
26:19इसान, वहिए पस्वान के बस देखा ले, चले
26:21वहां पस्वान, वह बागल
26:23चलो
26:25वहाताले क्याता है?
26:26दसकतर जी शार, एक मिन्ट, दसकतर जी शार!
26:31हमने क्या किया है?
26:32हमें क्यों बंद करे हो?
26:34कोलो!
26:35किशनगर के
26:37ठेके दार पे बंदूग ताने हैं
26:39और पूछे हैं के
26:41वट इड़ाइड़?
26:42हमने तो सिफ बंदूग तानी थी
26:45उसने तो मोहन बाबुर पर बद्दुख चलाई थी
26:47आरी तो मैं!
26:52मोहन?
26:53एलो, साब जी
26:54अब यह मोहन कौन है?
26:56साब जी कही ऐसा तो नहीं कि
26:58गजेंदर बाबु ने इंजीनियर के लावा भी किसी को गोली मार दिये
27:02चचु
27:03बड़े लोग हैं भाई
27:06गोलियों से खेलना और गोटियों से खेलना
27:09दोनों एकी चीज है भाई
27:11जी साब
27:12यह तुम ठीक टही कर रहा हैं इंस्पेक्टर
27:14बोलो!
27:15ठीक तो तन्ने
27:17जे करेंगे
27:35जासकुप्ता जी तेज़ चलाएगा सार अगर गालती से कहीं लग्या तो
27:47बेकार
27:49बेकार की पास्ते पांथ करेंगे आप
27:51बस्वाखा मेलेगा भी
27:53सार अपागल आदमी का कोई ठीकाना तो होता नहीं है सार
27:56पर नर्मली वो इस टाम वो बभूलाल चा का दुका नहीं है उसके पीठे सार एक पेड़ है वही होता है
28:01लेके चलिए मुझे भाण
28:02अभी
28:03जीज़ो
28:04बहुत गलत कर रहे होता
28:05चल पता
28:06कड़ हवेली के करने आई थी
28:07कौन से जमीन के कागजाद के बात कर रहे थे
28:24चलाओ
28:26मैं तुम्हे कुछ नहीं बताने वाले कुछ नहीं बताने वाले कुछ नहीं तो मैं
28:33अए अए अए अए होकु होकुम्हे मैं बताऊंगी
28:37लेकि तुझे नहीं
28:39सिर्फ
28:41सिर्फ
28:42तुर्गादेवी का
28:57जाओंगो की लाश मिली है कल नदी किनारे
29:00और उसकी लुगाई गई है माई के
29:04बूल
29:06तु कोड है
29:08किसलिए कल जे हवेली में आई थी
29:10मासर
29:12हमें माफ कर दीजे
29:14हम मजबूर थे
29:16वो
29:18इंजीनियर बाबुने हमें भीजा था आपके पास
29:20किसलिए
29:22वो
29:24रे छोरी बता दे
29:26वरना तू मने जाने है
29:28किशनगर के
29:30बाद के काघजात लाने
29:32क्या
29:34हमें कादा कि
29:36किसी भी तरह से
29:38हमें कादा कि
29:40किसी बी तरह से
29:42हभीली में खुषकर
29:44दुर्का देवह के पास से वो
29:46किशनगर के
29:48काघजात लेकरा
29:54ताकि उसे वो
29:56शहर में आदालत में पेश कर से
29:58और पादा केस
30:00हमसे चीट चें
30:02हमें बाफ कर दीजे मासर
30:04अब जब आग बड़ी गलती हो गई
30:06अब तो बस
30:08मादो बाबू के प्यार में
30:11आकर आज के बात
30:14अगर तू और थारा इंजीनियर
30:17इस हवेली के आसपास भी भठके ना
30:21तो जिन्दा गाड देंगे
30:23हम तुम तुम दो लोगा
30:23सुड़ी ना तू
30:25जड़ निकल दफो यासे
30:27अब क्या करो
30:31हमें तुम्हारे और राधिका के बीच
30:35कचेंद्र और तुर्का देवी के दिवार को और भी मजबूत कर दो
30:39अब तुम्हारे यहां लोटने के सारे रास्ते पर
30:43ये हैं देरा नया खे
30:45मेरा
30:47जो जाल तुने पिछले जनम में बिचाया था
30:51वही जाल तु फिर से बिचा रही है
30:53बोल
31:00तेरी असलियत
31:02सब को बता दू
31:04जो जो यहां
31:14हां
31:17वो कोई
31:19मिदादू सब को की तु कोई है
31:23क्यों है
31:27तुद क्यों है
31:33जो क्यों है
31:38पुल
31:42पाहा!
31:43आप्टेखिर भूँ कर दो認為 रुखिर!
31:47आप्टेखिर!!
31:52हो दो कि उते हैं, करने देखिए!
31:57ऑई!
31:58ऑए!
32:00बढ़ा!
32:01ऑए!
32:03मिन!
32:04मिन!
32:05झूढँ गे नच्छॉ गे जए!
32:08झादिगाई!
32:09दो ! बैसे दिखूलोंगे जाहे जाएंगे जाएंगे जाएंगे !
32:13बन्होंगे !
32:13जाएंगे जाएंगे !
32:14याउ्याई!
32:37कुछ?
32:37ब wordt एलो भुजर ढहा हाद।
32:38यई याई एलो
32:39याई
32:40बNews Belt
32:40एलो एलो एलो एलोặence
32:41याई याई
32:42एलो जयाई एलोсь
32:43एलो एलो
32:43एलोएको
32:44याई
32:44एज़ सुआ ने पर इसे प्रौस ज़ी ने ने पी ज़ी ज़ी ज़ी ज़ी फटमाता!
32:50बसफ़ाह!
32:52एज़ को!
32:52मतला!
32:54बसफ़ाह!
32:57तुने इश ठाहने का शिकर किया?
33:04तैखनब?
33:06तैखनब कहा है?
33:09इसे हवेली के अनाश कर्में एक
33:14खूफिया दर्वाजा है जिसकी सिरिया नीचे एक पन तैखाने में जाती है
33:26तु तादा साथ क्या है उस तैखाने में?
33:34मुझे नहीं मालूम लेकन तुझे उसके बारे में कैसे
33:43बस मिरा बहुत हो गई थारी मनमानी और थारा पिछला जणम का खेल
33:52अब वही होगा जो टाक्टर ने कहा है
33:56हम तन्य शहर ले जा रहे हैं
34:00और आज के बाद अगर तु माधव से मिली
34:05तो या तो थारी खेर ने या उसकी
34:13क्यासाँ चापन शाक शकपन अच्पी
34:22एक पाघल baş बाद सर्रक बाद बाद सर्रे बाद सइकंट अईज घिए
34:32लगते हम सच में पॉगल हो जागा!
34:34एए शॉर!
34:35दासकुपताजी!
34:39काम कीजिए
34:41आप
34:43साथ पनी
34:45आप इस तरसी जाए
34:46मैं इस तरसी जाता
34:47साथ
34:48सार गार जाते हमको बंडर लागता
34:49दासकुपताजी चुप रहे
34:50जायो इस तरसी
34:52जी कैसा
35:02रासकुपताजी
35:06प्मात, साथ
35:07नहां को 주केड़ी
35:11च swapातो इस पतादी
35:25झाड़ी
35:28वि एक ढोकान
35:32मारे हाथ में जो पत्थर है उसे नीचे भेगो
35:40अपने मालिक के साथ को ऐसे पेश आता है
35:56भूल गए तुम की हम
36:02मौहन सिंह है
36:08ठाक और मौहन सिंह
36:11माप भेहुकम
36:14माप कर दीजी
36:17माप कर दीजे हुकम
36:19हम आपके नमकालाल
36:24तो आज तुम्हे अपने नमक की अदाएगी देनी होकी पोशेशर सिंह
36:28तुम्हें हमारे सवालों के जवाब देने होंगे
36:58बताओ हमें कित अधिका के मोथ कैसे वहीं बताओ
37:08बाड़ा लाउस में चारी को
37:12जिंदल तुपन कर दिया
37:19बोहोई
37:23आपकोई
37:29उसको चलाया गया था
37:33पर उसे तो चलाया गया था
37:35वह वह वह मेरी पत्नी थी
37:38जर्णा
37:41उस मेकारी ने किसी का क्या विगा रहा था
37:43उसे क्यों मार थिया
37:53जर्णा को किसने मारा उसी ने उसी ने जिसने रादिका को मारा
38:04आपने रादिका का खून किया था मोहन बाबू आपने
38:08उसको जिन्दा एक अलमारी में बंद खरके उपर से ना चंजीर से जगर दिया
38:16तो जिए
38:24जिए
38:28जिए शर्शन्या
38:30बताव हमे की
38:33बताव एक तिसने मारा
38:37जिए
38:38जिए
38:39जिए
38:40जिए
38:41जिए
38:42जिए
38:43जिए
38:44जर्वाइब तक जब आपके यह नहीं नहीं कि आहीं काहिंग है।
38:58कहीं कहीं हमने ही तो उसी
39:02नहीं नहीं नहीं नहीं है।
39:04उसको उस डाहिन नहीं मार दिया।
39:10आपो पुएख़ लूच़ जयूएचर दिया।
39:18भूज़।
39:20हुएश़।
39:23लूज़।
39:25अज़ूआग़।
39:27लूएख़।
39:29लूए़।
39:31लुए़।
39:32लूए़।
39:33लूए लूए़।
39:34लूएभक हेगग?
39:36कहान।
39:38बोहत बोहर बुचिर इकाल यासिग!
39:53ये तो ये तो हम बत्लब...
40:02हम राधी का उन्हिसाठी या!
40:08आपसन, बायल की रुन्चन, रेसाथी आपसन, बायल की रुन्चन.
40:38को थी दो दाएं
40:47को दाएं
40:50अम्बीका
40:53अम्बीका
40:56अम्बीका
40:58तुमने अपने आप दाएंगा
41:04जे है वो दाएंग
41:07पूरी की पूरी इजायदाद
41:16Mohan Singh को देना चाहते हैं
41:17गलती आप करें
41:18और उसका फल हम क्यो भुखते हैं
41:20कह दीजीगा इन्हे
41:22जब तक हम दोनों मेरे माई के से लौट नहीं आएंगे
41:25ये Mohan Singh से कुछ नहीं कहेंगे
41:27हाँ
41:29मुने लगता है कि
41:31मुझे माफ कर दो रादिका
41:40मेर कोई है
41:46मेर कोई है
41:48मेर कोई है
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