00:00पूछ परीजानों से ये हिजर कैसे चेरा है ये तम बदन को चलनी है और दूह पर बिचा दे हैं
00:15ये है तुम लोगों का नईम
00:21कुछ खिलाते पिलाते नहीं हो खाला इसे
00:25मैं जानती हूँ कि उस चाथ हमारी चाथ पर आप नहीं है भलकि कोई और पुदा था
00:28और उस सब माचिद भाई भी नहीद भाजी के साथ मौजूद थे
00:31देखो शबीर चाचा ने जो कुछ पबली के लिए जो डखा है वो तुम्हे भी तो देंगे
00:35इससे तुम्हारा वो बहनोई बाला मसला भी हल हो जाएगा जिसके हुज़े से तुम्हारी बहन अपता जैवर बेच रिये
00:41ताही तीन लाग तेटा इतनी बड़ी रकम का सलीम क्या करेगा देख न जमानत होगे इसकी इंशाल्ला बड़ी भी जल्दी हो जाएगा वो
00:51जी भाई इंशाल्ला जमानत तु हो जाएगी अगर कारुपार तबाह हो गया सारा सब कुछ नए सीरे से जमाना पड़ेगा ऐसे में अगर आप लोग थोड़ी मदद कर देंगे तो दुकान चल पड़ेगी और फिर सलीम चार छे महीने में पैसे वापिस कर देंगे आप ल
01:21है बाई-जान हमारे तो बस में ही नहीं है सामने कुम आपती तुम कब भाई लो आगया तुम्हारा भाई कुछ इससे भी फरमाइश कर लिया करो सब कुछ क्या इन दोनों के लिए रखा है तुमने भाभी मुश्किल से महीने में चार छे अजार रुपे कमाता है वो वो भ
01:51मेरी एक बात ना सब तान खोल के सुनने ये घर जो है ना मेरी और मेरे बच्चों की छत है ये तुम दोनों बहन भाईयों के मनसूबा में काम्याब नहीं होने दूंगी यह भाभी परीजात को इसमें मत कसीट है और अला ना करे कि मेरी जुबात में ऐसी कुछ बात आए आ
02:21उसने कहां रुकना है रजब खुदा का दो चार हजाने पूरे तीन लाग ही मांग लिए उसने भाईयों से
02:51आए लड़के तुमसे बात करता है इदरा जो
03:08कई मासे में तुमे देखता है तुमी दराता है चीदो को तो तो तो तो तो देखता है तिर चला गाता है
03:21क्या माच रहा है वो यह?
03:23नहीं बस वैसे ही
03:26यह पॱ्ब अपए भी दुकान पर आता हूँ
03:29बिलकि दुकान से जब आपकी दुकान पर कॉज़ नए पृन पैन्न बेखने के लिए रटा है तो मैं देखने के लिए यह आता
03:36यह पियानो, कहाई हाफ जैसे बड़ा सर रहा है यहाँ पे, आशकल वक्त ही कहा है किसी के पास यह शाही साथ बजाने का, तो मुझे तरही लगता है, तुम खरीदेगा, तुम एक डिसकाउंट देगा, कितने है, चुम्हारा लिया है, 20,000, वरना तो 3540 से कम किसी को ने मिलता
04:06मगर मैं वादा करता हूँ, कभी मेरे पास 20,000 रुपे जमा हुए तो, मैं यह प्यानों चे खरीद हूँ
04:13सुनो बोई, मैं यह तु नहीं जानता, कि यह कोश दिन में पढ़ा रहे गा या नहीं
04:21बड़ एक चीज हम जानता है, एक तिन तुम अपनी पसंद का फियान परी लेगा, तुम्हें चीजों के कदर है, पहचान है, और यही कदर और पहचान तुम्हें एक तिन बहुत बड़ा खरीदार बनाएगा बोई
04:51शुक्रिया
05:01तुम क्या करेंगा प्यान होगा, बजाना भी आता है तुझे, और रखे का हाँ, तुम्हें तुम्हें तुम्हें प्यान होगा
05:09बस अब शॉक है ना क्या करूं, इसलिए शर्म के मारे किसी को बताया नहीं आज तक
05:14उस्ताद, पता है क्या, तु गलत जगा पैदा हो गया
05:23शौक तेरी शहजादों वाले है, रहता तु मस्तूरों के महले में, बड़ा अजीब सालोचा हो गया तेरे साथ
05:31अच्छा मैं नासाथ से मिलनू, एक्जैम्स के फार्म जमा करने की आखरी डेटा है कल
05:35अच्छा रुक, चल तू फिकर ना कर, मैं दिलाओंगी तुझे तेरा बाजा, क्या कहते हैं?
05:44प्यानो, हाँ प्यानो, हैं तेरे पास इतने पैसे?
05:50अभी तो नहीं है, लेकिन अगले महीने ना अपको रिटार्मेंट के पूरे पैसे मिल जाने वाले हैं
05:57पैसी पैसे होगे, दिलाओंगी तुझे
06:01अब तो खुश है ना?
06:04हाँ, खुश
06:06मगली अपने दोस्तों को ऐसे अकेला नहीं छोड़ती?
06:09जल जा, तू भी क्या याद करेगा, कि सफी से पाला पड़ा है तेरा?
06:19तो फाइनल एक्जाम्स भी आनी पहुंचें
06:22पादानी क्यों लगता है कि इस बार ये लोग मुझे पास कर दें
06:26पहला है स्टुटेंट देखा है, जो पास होने का सोच कर भी ठेली आहें भर रहा है
06:31दिल लग गया था नहीं इस शेहर में
06:34और एक्जाम्स भी के पैसे कौन सा है मेरे पास?
06:36उसकी फिकर नहीं करो
06:38टूशन के पैसे मिल गए तो मुझे मैंने भर दी
06:41दचार के एड्मिन कलेक्ट से मिल लेना
06:45जैसे हर नासास की जिन्दगी में न
06:50तुम जैसे एक परिजाद होना चाहिए
06:53खैर छोड़ो
06:57यह बताओ, तुम से कल कुछ पूचा था मैंने, उस बारे में सोचा
07:01शेस्टो पंज में हूँ मैं
07:09जैसा लगता है जैसे मैं अपने मतलब के लिए
07:12बबली जैसी सीधी और सची लड़की को दोका दे रहा हूँ
07:16उसका मन शीशी की तरह उजला है और मेरा तो तान तान
07:21सब महला है
07:23यह तुम्हारी सोचा है, जाद आहिम बात यह कि उस्तानी जी और
07:26और शबीर चाचा मानते हैं के नहीं
07:28ऐसे पसंद तो तुम्हें बहुत करते हैं
07:32एक शरीफ और नेक लड़का समझते है
07:34मुझे लगता है कि वो तुम्हारे रिष्टे के बारे में संजीत की से सोचेंगे जरूर
07:38मुझे समझ नहीं आरी कि अपने घरवालों को क्या टूंगा
07:42वो बात की बात है
07:44बलके मैं तो कहता हूँ कि अगर घरदामाद बनने की नौबत भी आए ना
07:48तो कोई हर्च नहीं
07:50ऐसे भी याब उस घर में तुम्हारा है ही कौन
07:52वो स्टोर नुमा कमरा भी
07:54कारवालों को बखस दो और यहीं आकर रहो
07:56बबली भी खुश हो जाएगी
07:58कि उसे लड़ियों की तरह दुलन बनके रुकसत नहीं होना पड़ा
08:00और तुम दुलन बनके उसके आंगन में उतर आए
08:04मरवाना देना मुझे
08:06अब नहीं
08:08यह सब तुम मुझके छोड़ गो
08:10बस फिलहाल अपने घर में किसी से इस बात का तसक्रा मत करना
08:13ठीक
08:15वो आज तुम
08:17उसे इंटीक कबाडिये वाले की बात बता रहे थे ना मुझे
08:20ठीक कह रहा था वो
08:22हम सब की जिंदगी में
08:24यह किसी ना किसी सूरत में एक ऐसा प्यानो जुरूर होता है
08:26जिसे हम उम्र भर पाने की तमना करका है
08:28यह जो लोग तुमें कामयाब नजर आते हैं न
08:32यह सब वो हैं जिन्हें अपना प्यानो मिल चुका है
08:36क्यूंकि उन्होंने वक्त पे सही फैसले किया
08:38और जो लोग जिन्दगी की दौड में वक्त पर सही फैसले नहीं ले पाते हैं
08:45वो फिर उमर भर कबाडिये की दुकान के बाहर घुंते हैं
08:49शीशे के दर्वादे से ज्छांक कर
08:52असरत बनी निगाहों से अपने प्यानों को तकते रह पड़े
09:08तो क्या परिजाद बबली को उसकी तमाम जहने उल्जनों के साथ कबूल करने के लिए तैयार है
09:15जी बात तो की थी मैंने उसके साथ काफी तफसील से
09:19उसे घरदा मात बनने पे भी कोई अतराज नहीं
09:23मुझे नहीं लगता कि परिजाद के घरवाले बबली को शायद इस हाल में कुबूल करें
09:28उससे रुखसत करने से बेतर है कि उसका दूला इस घर में रहे
09:32अमध पिटा तुमने बहुत बड़े बात कहती है
09:37मगर लोग
09:40लोग तो बबली को वैसे भी किसी हाल में जीने नहीं देंगे
09:43एक बार वो इस रिश्टे को खुद तस्लीम कर ले तो फिर बात में वो दोनों यहां से कहीं और भी मुंतकल हो सकते हैं
09:51मेरी समझ में को कुछ नहीं आ रहा
09:56परिजाद अच्छा लड़का है लेकिन हमारी साहे माम
10:00बेटे तुम परिजाद से कहो कि हमतिहान देकर निगाह के लिए आ जाए हम तैयार हैं
10:11ठीक बेटर ठंड़ा दुप्या जी शुप्या
10:17देख लो अमा तुम कभी मुझे असकी प्यानो तो ना दिला सकी
10:41अगर तुम्हारा दिल वाया हुआ ये अचास रुपय वाला प्यानो मैंने आज भी संबाल कर रखता है
10:55तो और भी अच्छी बात है इसना तो वह तुमारे सामने बहुत जल खुल जाएगी
11:00वैसे भी मैं ये शादी का मश्वरा तुम्हें किसी और वज़े से देगा
11:04ये को शबीर चाचा ने जो कुछ पबली के लिए जोड़ रखा है वो तुम्हें भी तो देंगे
11:09इससे तुम्हारा वो बहन वाला मसला भी हो जाएगे जिसके वज़े से तुम्हारी बहन अप्ता जैवर बेच रही है
11:19दिमाग तो ठीक है ना तेरा?
11:21अबरदार जो मेरे बारे में कुछ भी उल्टा सीदा सोचा
11:23अच्छ आचा
11:48वे वे रूक
11:49प्रूक
11:50प्रूक
11:51आजे निचे!
11:59निचया!
12:09निचया!
12:21वाव अस्ताद, उस्तादों से उस्तादी, मान गई बबली बदमाश को गई, खुदा की कसम मान गई, क्यों, ऐसा क्या किया है, तुम बड़ा चुपार उस तुम निकला, मतलब, यह ख्याल मेरे दिल में कैसे नहीं आया, कैसा ख्याल, अब एक घर्दमादी का और किसी इसका
12:51मतलब, नासाद ने बता दिया तुम, इस नाकाम शायर ने पहली बार दिंदगी मेरे माँ बाप से कोई धंकी बात तुम, लेकिन तु अपना तो बता, हाँ, मतलब, घर्दमादी का ही प्लान बना डाला, तुम पर बस्तुम,
13:21तुम, मतलब, तुम, वो, नहीं तो, तुमें अतराज नहीं है, मतलब, तुम मुझ से ख़फा नहीं हो, सच बता हूँ, इस तुम दिल जाओ, ने कमरे से ख़टू ने कौने, तुम फोर फोर जाओ, लेकिन फिर मैंने बैठ के सोच, उच्छा लगाओ इसे तेरा प्लान, �
13:51माँ मेरा पीछा तो छोड़ेगी ने, कोई ना कोई नहीं रिष्टा लेकर आजाए, इसना हल यही है कि कोई मुस्तकिन चीज़ की जाए, ना,
14:00मैं वादा करता हूँ, हमेशा तुमें खुश रखूँगा, जैसे जीना चाहती हो, वैसे जी सकती हो,
14:06जैसे तो तुझे अब मेरा मेशा ही रखना पड़ेगा, तुरे इंत्यान कब खत्म होगा, अगले जुम्राट को आखरी इंत्यान है,
14:23ऐसे तु बड़ा गुन ओर मुस्ति, दिल में इतना कुछ छुपा के रखा तुने,
14:28तु देख, तु अपने वादे से नहीं मुक्रेगा, नहीं मैं नहीं मुक्रूंगा, हम हमेशा दोस्त रहेंगे,
14:47आल वह और से देखना है तुझा, एतना भी बुरा नहीं है तुझा,
14:52अभी, तेरे तो पसी नहीं छूटने लगे,
15:00नीशने,
15:06जल्मा गया,
15:16इतने सालों बाद बबली ने किसी मर्द पर रहतबार किया है,
15:30तुम पर रहतबार किया है परिजाद बिटा,
15:33खुदाराब, इसका परहम तूटने मत देना,
15:39मैं जानती हूँ, यह पगली अपनी ही दुनिया में जीती है,
15:43तुम इसका साथ देना हमेशा,
15:48तो तुझे अब मेरा हमेशा ही रखना पड़ेगा,
15:53हाल यह और से देखना है तुझे,
16:05एकना भी बुरा नहीं है आपके,
16:13अबे, तेरे तो पसीने ही छूचने लगे,
16:19मीसने?
16:23अबे!
16:53परकर, नासास को देखें, नहीं, वो तो शाहिद आज जल्दी निकल गया था, अच्छा
17:23है, इस घथे पनादी एंपलर्ण को सोगी है, क्या निरॉपती थी मश्ची तो थी करना था, अचिशना था और तो अच्छा ौश्ची तो अच्छा यह हो गया
17:31यह किया हुआ थे लोगता ही जवाए अच्छी जिसका डर्दा हो ही हुआ
17:34देखा बहागे जविर भाई की बवर नी पिछल कर आथ से
17:37अलद ताला इसे दिन किसी को भी ना दखाए है
17:39अब आपको भीचे एपने उलाद पर नबसा एक नब आदा एक बाद फिश्वा करो यार
17:43आद ताला आए लाए आप आद आखिके लिए असान हे का
17:45जाते क्यों नहीं हैं आप
17:52जागे पुलीस में रिपोर्ट लिखवा ही है ना
17:54अभी तो एक रात कुजरी है
17:56उस जादा दूर नहीं गई होगी पुलीस को मिल जाएगी
18:00जड़की जब घर से बाहर निकल जाए
18:04तो एक रात क्या
18:07चन्द घड़ियों में इतनी दूर निकल जाती है
18:10कि दुनिया की कोई पुलिस उज़े इज़त वगार से वापस नहीं ला सकती
18:13लड़की का घर से दूरी का ये वासला
18:19कदमों से नहीं
18:21बाप की गहरत से नापा जाता है
18:24बच्ची है नादान है वो
18:28उसे क्या पता रिष्टों की दूरी का
18:32जाहरत के पासलों का नहीं बता उसे
18:35मुझे नहीं बता मुझे मेरी बच्ची चाहिए
18:40अगर आप बबली को नहीं लाए ना मैं रो रोके जान दे दूगी अपली
18:45तुम मुझे और अपने आपको अभी भी जिन्दों में शुमार करती हो
18:49हम बबली के लिए और बबली हमारे लिए मर चुकी है
18:57अब अगर वो वापस भी आ जाए तो ये माश्रा उसे कभी भी नहीं जीने देगा
19:02काश काश तुमने बबली को ब्याने के फुजूल जिन्दा कियो तो कम से कम हमारे लिए तो वो जिन्दा होती
19:16चुप हो जाओ शाइस ता बेगम बबली को रोने के लिए तो सारी जिन्दगी पड़ी है
19:32एक दिन में अपने आसो जाया मक कर देना
19:40महली आलो को बुरा बोलते हैं महली आलो बता रहे हैं उस बुरा बुरा है थे थे नोगके बात देगी लिए?
19:55अपनी को साथ एके क्यों नहीं आए? कहा है मेरी बच्ची? वोने तो कहा था न तुम झून के लाओंगे
20:02पुसानी जी सब चान मारा है, पुरा महला, गलियां, बसाड़े, रेलवे सेशन लेकिन बबली का कुछ मतानी चाहिए
20:11अरे उसकी तो कोई सेल ही भी निया जाओ रात बार ठाहर सके, मैंने अरे खुद उसको कमरे में रात को तसमझे छोड़ा था, वो सो रही थी
20:20किदर आसकती है वो, यह कि राथ में जय्जाख पड़ी, किया खुद पड़ी है, कि क्या खुद पड़ी, तुम्हारी कोई दोस्ट सहली वोगएर नहीं है कि ऐसे मामले में तुम्हारा साह दे सके
20:38यार थी मेरी ये, कराची चली गई, मेरे साथ पढ़ती मेरे जैसी थी डॉली, रिजिस्टर में कहीं पता लिखा था उसका, जिताबों में देखोंगी कहा है रिजिस्टर
20:47उस्तानी जी, आप मुझे इजास्थ दें, तो मैं बबली का कमरा देखोंगी हूँ, शायद पुछ सिरा मिल गए
20:55अँ पेटा, तो बच्चो देखोंगी हूँ, बस मेरी बच्ची ढोटना तो नो देख लो जाए जाए
21:01तो मुसा कमरे देक पर मातो
21:08देपुशा है कुछ में जया
21:10गाजली गलती गलती में
21:31पर गलती बालती गलती में
22:01कि यहले उस्तानी जी आपके घर का भी दी पूछें से का है बबली यह तो टीपो है टीपो बबली तो हमारे कहें में केलकोत के साथ ही बढ़े हुए है
22:29एहमद तुम इसको क्यो लाए हो बता ना अब चुप क्यों है मुझे क्या बता उस्तानी जी बबली पाजी ने मुझे कल खुद कहा था कि 10-11 बजे के टाइम पर किसी दोस्ट से बाइक लेया ना और मुझे रेलवे स्टेशन छोड़ देना रेलवे स्टेशन रेलवे स्टे�
22:59मैं सवार होते देखा हाँ और उन्होंने मुझे पेट्रोल के लिए पांच सो रुबे भी दिये चाहे तो आप वापिस ले ले
23:06जाक आ रहा है यही रुक इसे जाने दो हैमद बेटा इसका कोई रसूर नहीं दगा तो हमारे खून की है
23:29आप जाए ना ट्रेंस्टेशन या क्यों कड़े जा के पता करें कि दस बजे के राद कौन सी गाड़िया निकलती है
23:35कुछ तो पदा चले का ना कि कहां गई
23:38दस बजे शहर से भार सिर्फ एक गाड़ी जाती है
23:44तेज गाउं काराची के लिए
23:48बबली कराची चली विया सतुनी जी
23:50अपने साथ पर रिजिस्टर से अपनी दोस्ट का पता भी फाग के लेगी है
24:00झाल झाल झाल
24:30कुछ पता चला?
24:36नहीं
24:37बबली नाम के किसी लड़की का कोई टिकेट नहीं कटा
24:41वो सकते हैं किसी और नाम से सफर कर दी है
24:44हो सकता
24:45लेकिन दो दिन पहले दो राजी थी
24:49यह अचानक बात ने की क्या जरूरत पेशा आगी
24:54बबली ने उसी दिन घर से बागने का फैसला कर लिया था
24:59जिस दिन हमने उसके माबाब से इसका रिष्टा मागए
25:01और उसने बड़ी होशारी से हमसे बात चुपाई हूँ
25:05उसे इस नतीजे में पहुंचाने में शायद हमारा भी हाथ है
25:10काश मैं ये फैसला ना क्यों होता
25:16शायद उसे ये डर था कि तुम उसके अंदर के लड़के को मार कर
25:23सोईवी लड़की को ना जगा दो जिससे वो बच्पन में बहुत पीछे चोड़ आई
25:28तुम ने उस्तानी जीस से कहीं मेरी और बबली के
25:34मतलब जहेज की बात तो नहीं की
25:37मौकाई का मिला आनन फरन ये वाक्या हो गया
25:40सोचा था निकाल ये दिन तफसील से बात करूँगा
25:43अच्छा किया
25:45अनौ शायद शिर्मन देगी के मारे में कभी उनके सामने नजर ना उठा पाता
25:49नजरे तो वो भी अब कहां उठा पाएंगे
25:54वैसे हमारे माशरे में हर जुर्म हर गुना की इंतहा और अउरत के सर क्यों
26:02किसी का बेटा भाग जाए घर से
26:05तो लोग इस वाक्या का जिकर ऐसे करते हैं जैसे दूद दही लेने निकला
26:09आ जाएगा कुछ तेर में
26:11और किसी की बेटी अगर चंद घंटे घर ना पहुंचे तो
26:15ये लोग उसके घरवालों को सूली बिटाने में एक पल की देर नहीं लगाते
26:21यानि
26:24शबीर चेचा और
26:27अस्तानी जी भी
26:29वो लोग कल ये मला और मकान छोड़के जा रहे
26:33बहुत दूर
26:35शायद शबीर चेचा के गाउं
26:39हमेशा के लिए
26:41और तुम
26:45तुम कहां जागो
26:47मेरे पेपर्स भी खतम हो गए है
26:51लगता है यहां से दाना पानी उठके
26:55अपने शेयर चला जागो
27:05आपको पता है आज मास्टार दी हमें अंग्रेजी स्कून्टी स्टेर को ले गाय थे
27:17आपको पता है आज मास्टार दी हमें अंग्रेजी स्कून्टी स्टेर को ले गाय थे
27:31वहां पर प्यारी सी मेडम तियानो बजा कर बच्चों को नजमे सुना रही थे
27:35यह प्यालो क्या बला है वही
27:40अम्मा प्यालो नहीं प्यानो बजाने वाला
27:44इस अबा से काए न मुझे भी वैसा ही हुचाहिए ना मुझे इस
27:49इनकी भी सुना घर में खाने के लाले पड़े और इसको बजाने की पड़ी है भई
27:56अम्मा इतना मेंगर नहीं आप थोड़े पैसे डाले मुझे ले लेंगे ना इंप्यानो
28:00तेरे अब्बा से कहूंगी तंखा में ले ना तो सौ दोसो बचा के रख लें फिर हम भी ले आई ये पड़ावाला प्यालो बाहर जाके खेल मेरा सर्मत का अम्मा सौ दोसो में तक गड़ा प्यानो कहां से आता है अधा जाएगा ना जा बाहर खें
28:18अधा प्यानो का अधा तुम क्या करेंगा प्यानो ना बजाना भी आता है तुझे और रख के कहां तुम क्या करेंगा प्यानो जटना होगा चल्टू क्विकर ना कर आख तोचे तेरा बाजा
28:48क्या कर दोग्ड़्यवार लगषा है जानो जटना है तुम क्या जाएगा प्याएगा।
29:18झाल झाल
29:48अच्छा तो परिजाद
30:08अपने जाने का वक्त हो गया
30:10तुम बहुत यादा हो गया
30:13काश्च मेरे पास मेरा अपना कोई ठिकाना होता
30:16मैं तुम्हें कभी भी जाने ना देता
30:19लिया दिल कहता है तुम्हें किन पहुद आगे जाओ
30:22तुम्हारे लब्स और शायरी आग तो लगाई चुके है
30:26शायर की सबसे बड़ी उनिवस्टी ने तुम्हें स्कॉलर्शिप के दाखला दे दिया
30:29बस एक बात याद रखना ये आग तुम्हारे अंदर जलती रहनी चाहिए
30:33जब तक बाहर दुनिया के सारे रकीबों को जलाना दो
30:38मेरा तो कोई रकीब नहीं मैं किसी का रकीब बनने के काबिल
30:42मेरे लिए तो रकाबत भी बहुत बड़ा एजाज होगी अगर कभी में अस्थर हुई
30:48क्यों फजूल बाते करते हैं तो मैं रकीब नहीं एक दिन किसी के महभूब जरूर बनो गया
30:53तो ऐसे सुना है उस उनिवस्टी में बड़े उंचे घराने की लड़ी किया बढ़ती है
30:57को एजूकेशन है
31:00अब भी से सोच के खौफ महसूस होता है मुझे
31:04कैसे करूँ गा मैं सब का सामना तुमारे बगएर
31:07अरे डरना नहीं है तुम्हें याद है ना वो डायलोग तो डर गया सो बर गया सो परीजात डरना नहीं तुम्हें डरना नहीं है तुम्हें मरना नहीं है बल्के अपने लबजों के जादू से सबको मार देना जिन्दगी रही तो फिर मलाकादू
31:37झाल झाल
32:07झाल
32:37झाल
33:07झाल
33:37पूछ पनीसादों से ये हिजर कैसे छेला है ये तन बदन तो चल नी है
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