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Watch Parizaad Episode 2 in Full HD – Follow Parizaad as he navigates challenges and finds hope. Starring Ahmed Ali Akbar, this episode is a must-watch for Pakistani drama lovers. Presented by HUM TV.
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Transcript
00:00के लिए कि अचेल के दिखानी है क्या करना है नोकरी भोकरी की नहीं है वे इश्क की दरखास लिखानी है
00:14सब जब कर इस नुखर को प्छाप दो
00:20यह तो बरीसा की रखा है है
00:30कि अएता है बाई यापर तरफ। अए करना दिरबादा तोड़ें किया।
00:41आरा हो आरा हो
00:48आरा हम्लोग भरशासा की करना नारहा है
00:56अब तब लोग खरीत वह मिर जए सा
00:59परिज़ाद है घर के अमो अपनी आखरी टुईशन दस बजे बढ़ा कर आ जाता है अभी तक तो मेरे ख्याल है वो सो भी गया हुगा
01:11जी उश्क्राद मेरे बुलाई जरो समार यही बात होगी उसे
01:16जी
01:29परिज़ाद! जी बारी! बारा!
01:43अदिए मिर्दा साब आगया परिज़ाद!
01:48वह सुख़ रहे दो खुप कर बेट जाओगे तो हम तुम तक पहुंच नहीं भाएंगे
02:02मैं तो तुम तक पहुंच नहीं है तो
02:06मेरे घर की छट पर आज कुदे थे तो
02:08क्या कहरे रहा अब मुझे नहीं को ता
02:18यह लिखाई तुम्हारी है यह लिखाई तुम्हारी है यह नहीं जी लिखाई तो मेरी है
02:29दिल जारा है कि इस वक्त अपने घर में टाके की कोशिश के इल्जा में तुम्हें जेल करवा दूँ
02:43चक्की बिस्वाँ तुम्हें मैं तर क्या करूँ
02:48तीस बरसों की महलेदारी है
02:50तुम्हारे मरहूं बाप और तुम्हारे भाईयम से
02:54यही महलेदारी और हमसायागीरी दुझे रोक रही है
03:00आप सब गवाएं
03:04आप सब के सामने इसने इकरार किया है कि यह बेहूदा ख़त
03:08इसी ने लिखा है
03:10जो पाते हुब च्छक पर गिर गया था
03:14आज अपनी और महलेदारी की इज़त की वज़ा से तुम्हे छोड़ना हूँ
03:26तुम्हारे याद रखना कि इसके बाद अगर तुम मेरे घर के हास पास दिखाई दिए
03:31तुम्हे नदीजे के जिम्देदार तुम खुद होगे हैं
03:38चल अंदर चल अज मैं तेरी सारी जाश की बाद निक्राद तुम्हारे चल अंदर चल
03:57क्या हुँ हुए नदी रखनार
04:16ठीश करहिए खूमदाँ टो मैं किसे रखने हो थोगог으니까
04:23पैसने हैं मैं भी पल में तो तो भी जल जानी है!
04:29जबाए तो CAD जाहर अजक एँ....
04:32करें तुझे ए हाज़ की वाज सर्थ की उग fijते हुए...
04:36इस लिए तो medida खाचा किया।
04:39यह लिख्ञेका दूर!
04:42कि रखरो रहे पीनी ज़रीमपस कैना और Liघा उपर लिखेगा।
04:45एशेया थेकी उकाते की तुने कॉकिए!
04:48जाद के तुसीरा टुउषिंटे लॉटे!
04:50शुपकर जहने के भाईयों की शराफ्लत किमेदेशे पुलीस पेनि दिया उनोने
04:53और लाने ते हैसी पढ़ाई कि उपर देए लादे हो प्रुट्ट'
04:55नहीं हराников समने कृष्ट तुर्ट जो फिस बितमाकर ये!
04:58तुझ्ञे रो हमें घर किपूट सेटें घर कमाज़ तुस कमने!!
05:03नहीं जो का फिसके विए अन्डर
05:06कहाइना...
05:25और शोकी भाई आप यहां बैठे हो पदा चला रात मोहले में क्या हो गया
05:33का हुआ भे कही अपना राज तो निकल गया
05:35नहीं शोकी भाई वो उन था परिजाद वो फस गया
05:39मुन्ना बता रहा था कि सारे मोहले के सामने मिर्जा साब ने बड़ी बेजज़ती खराब कर दी उसकी
05:43और वो जो आप खात उसकी जट पर छोड़ कर आये थे वो मिर्जा साब के हाथ लग गया
05:48एक क्या बोल रहा है यार
05:51यह तो बड़ा केमिकल उच्चा हो गया है परिजाद ने तो साफसा बोल दिया होगा बढ़ाना नहीं शोकी भाई बहुता विचारा आपके डर से ही चुप रहा गया
06:03निर्जा साब ने सारे मोहले के साब ने उसकी कान के नीचे जपड रख दिया लेकिन उसने आपका नाम तक नहीं लिया
06:09क्या है दूबाले नहीं रहने दे चाहे रहने दे तरब तु बते ले क्या
06:16शोकी भाई आप क्यों परिशान हो रहे हो सारा इल्जाम तो परीजात पर आया है आपके सर से तो बलाटल गई
06:24बैज यह भी को अच्छा नहीं हुआ गामड है परिशात कहा है अब ले होगा कहां अपने घर में चुपा बैठ है सारा मुल्ला उस पर थू-थू कर रहा है
06:33चाहे नहीं पी रहे हो तो मुझे दे दो
06:38यल्ला तू पील ले पाई
06:42खल राज से इतने चुप क्यों है मैं जानती हूं के बात वो नहीं है जो सब कह रहे हैं तूम इतनी घटिया हरकत करी नहीं सकते लेकिन सच भी तो नहीं बता रहे हो मुझे
06:58जो मेरे अपने सगे भाई मेरे केदार और सचाई पर यपीर नहीं करते तूम आलेवालों के सामने अतनी बेगुनाई साबित करने का क्या पाईदा हूं
07:10मैं औरों की बात नहीं कर रहे हैं कम से कम मुझे तो बताओ कि सच क्या है
07:17सच यह आपी है
07:21लिखाई मेरी थी अगर मुझे नहीं पता था कि जो मुझे से खत लिखा रहे हैं नहीद के लिखा रहे हैं
07:28मतनी क्या सूच की होगी मेरे भाई में को
07:32उसमें थोड़ी अकल होगी ना तो समझ आएगी कि यह खत तुमने उसके लिए नहीं लिखा
07:39तो मैंने इससे क्यों लगता है?
07:43क्योंकि अगर उन्होंने तुम्हे वो खत देना होता तो उनके पास और बहुत से मौके थे
07:46उन्हें इस तरह से छट टापने की जरूरत नहीं थी
07:50जरूर बात कुछ और है
07:52अगर कुछ और है तो अब आको वो खत क्यों मिला जो चोर हमारी चट पर छोड़ गया
07:58यही बात तुम मझे समझ नहीं आ रही
08:02अब यह अब जाके उसे कहोगी कि यह मेरी अरकत नहीं है
08:13इस चॉपली ने लिख़गा था उनसे
08:17फिलहाल तो बहुत मश्किल है
08:21उसके घरवाले बहुत खुश सेवे हैं
08:25लेकिन मैं मौका देखकर तुम्हारा पेगाम भिजवाने की कुशिश करूगी
08:29बाजी तुमने उस शक्स को देखा था मतलब उसका हुलिया
08:35नहीं अंधेरा था मेरी चीख सुनते ही वो भाग गया मैंने नहीं देखा
08:39यह तो और भी अर्जीब बात है
08:41एक अकीली नडगी को छट पर देखकर वो भाग गया
08:45उससे तो तुम्हें चुपकर आने के लिए तुम पर लपक न चाहिए था
08:48तुम्हें क्या बात करी हो तुम्हें क्या पता कि वो मुझे पर लपका क्यों नहीं और भाग क्यों गया
08:53तुम क्या चाहती हो कि वो मुझे पर लपक पड़ता मुझे कोई नुकसान पहुचा की जाता वहां से
08:57है अला बाजी, खुदाना खास्ता, मेरा ये कहने का हर्गेस
09:01क्या मक्सद है तुम्हारा भे?
09:02मेरा दिमाग खाय जारो कब से तुम्हे समझ नहीं आ रहा कि मैं बहुत परिशान हूँ?
09:06जाओ!
09:06बाजी, मैं तुम्हें जाओ!
09:08तुम्हे शच fist माला भाक हो।
09:16तुम्हें सबके सामने उस मनुच शौकी कशाना क्यों नहीं लिया?!
09:19हुआ मेरा यकीन करता ह।
09:22जो मेरी लखाई वाला खत मिर्जा सबके हाथ में था
09:26कोई भी याना राब था
09:28सच पाद तरही है कि मैं सौकी का नाम लेकर नाही की बदनामी नहीं किना जाती था
09:37इतनी बात कहां से कहां निकल जाती
09:58अवे भरीजात आएंदा किसी हसीना की छट आपनी हो ना तो हम से मश्वरा कर लीजो
10:04बड़ा ते जर्बा है अपना इन कामों में
10:07अवे ये तो वो हीरो है जो पिचर शुरू होने से पहले ही अपने हेरो इन के बाप से पिढ़ गया
10:12खाला क्या बताए कि कितने शर्मिंदा हैं हम पूरे जमाने में कहीं मूँ दखाने के काबिल नहीं चुड़ा इतना रुस्वा किया है कि क्या बताओ
10:28हम से रहा ने गया खाला सालों का साथ है हमारा और बरसों के हमसाइदारी
10:34इसलिए हमने सोचा हम खुछ चल के आपसे माफी माने
10:37ये तो आपका और मिर्जा साब का जर्फ है
10:40कि उन्होंने हमें माफ कर दिया
10:42जो होना था हो चुका अब उससे दोहराने से क्या फाइदा
10:46इनसान के अंदर क्या चल रहा है
10:49अगर पहले से पता चल जाए
10:51तो इनसान एक दूसरे को पहचान ही ना ले
10:54मुझे बिल्कुल भी परिजाद से यह उम्मीद नहीं थी
10:59मैं तो उससे बड़ा समझदार सुल्चावा लड़का समझती थी
11:04बस खाला
11:05कहते हैं ना जैसी सूरत वैसे कुर्टूत
11:09दोनों भाईयों ने ऐसी पिटाई लगाई है ना उसकी
11:12कि महीनों भर तो नील के निशान नहीं जाते उसके जिसन से
11:16अरे अकबर तो उसे घर में रखने को राजी नहीं थे
11:19वो तो घर से बाहर निकालना चाहते थी
11:20बस बेहन की मिन्नत समाज़त की वज़ा से रख लिया
11:23वरना तो दोनों भाईयों से धखके मार मार के उस राद बाहर निकाल रहे थी
11:27पता नहीं इन दोनों बेहन भाईयों से कब जान शूटेगी हमारी
11:31बंदा नेकी भी करे और रिस्वाई के इल्जाम भी भरे
11:34खाला आप सच बताए ना आपने हमें माफ कर दी आए ना
11:40भी इसमें तुम लोगों का क्या कुसूर
11:43लेकिन बरीजात को जरा समझा देना
11:46के बाहर महले वालों के सामने नाहीत का नाम भी जपान पर न लाए
11:51लोगों को तो कहानी चाहिए होती है
11:54मसालेदार चटपटी
11:55दूसरों के चाहे इज़त तो कौडी की ही क्यों न रह जाए
11:59अरे नहीं नहीं खाला आप इस बात की बिलकुल फिक्र ना करें
12:04खाल नहीं खीज देंगे भाई उसकी अगर ऐसा ख्याल भी आया उसके दिल में तो
12:08आप बे फिकर हो जाए खाला ऐसा कुछ नहीं है
12:12Allah अफ़ाज खाला
12:16Allah अफ़ाज खाला अफ़ाज
12:18तो कियो अजरूरत थी तुम्हे अंदर ये बाते करने की कि कब बहन भाई से जान चूटेंगी
12:27पागल हो क्या चुप रहा करो ज़रा
12:29क्या कह रही थी परिजाद भाई की भावियां?
12:36कुछ नहीं, बस माजरत करने आई थी
12:38अम्मी मैं से एक बात कहूं
12:40ये परिजाद भाई कितने मुख्तिले फेना अपने खरवानों से
12:45ठेक कह रही हूं, मुझे भी इन लोगों से मिलकर हमेशा यही लगता है
12:49ये नाहीद की धर्याज घर का काम नहीं करेंगी
12:52अम्मी बाजी अपने कमरे में है
12:53कमरे में मैं देखती हूं से
12:56परिजाद की भावियां थी तोनों
13:03माफी मांगने आही थी
13:06पता नहीं मुझे ऐसा क्यों लग रहा है उन्हें देखके
13:11कि वो अपने देवर की बेज़दी पर
13:13अंदर ही अंदर खुश हो रही है
13:15परिजाद तो मुझे ऐसा नहीं लगता
13:19उसकी आँखों में तो मैंने हया देखी है
13:23तुम से नजर उठा कर बात भी नहीं करता था
13:26फिर इतनी जुरत
13:29डरती हूं मैं
13:33अल्ला करे हम अंजाने में कोई भूल ना कर रहे हूं
13:36दो बेटियों की माँ हूं
13:40किसी की आह या बद्दुआ ना लग जाये हमें
13:44शाम को खत्म करवाया है मैंने
13:49आके जरा मेरा हाथ बटा दो
14:03असलाम लेकूम खाला कैसी हैं
14:22वालेकुम असलाम बैठीकूम ये क्यलाईयो
14:25अम्मी ने अच दरूद शरीफ का खत्म करवाया था
14:27उसी की नाद है
14:28अच्छा बैटो बैटो
14:32शुष।
14:34देख रही हो सुग्रा, यह होते बड़े दिल वाले और बड़े जर्फ वाले लोग।
14:40इतना कुछ हो गया।
14:42लेकिन खाला जो है ना उन्यास देना नी भूली।
14:46हाँ बई, अल्ला बस इने खुश रखे।
14:50अच्छा बेटो मैं खाली करके लापी।
14:51जी अच्छा बाजी।
14:55अस्लाम लेकुम सहीदा बाजी।
14:57वालेकुम अस्लाम कवल कैसी हो?
14:59बठो बिलकुल ठीक, आप कैसी हैं? पढ़ाई कैसी जा रही आपके।
15:02हाँ, सब ठीक है।
15:03सुनो, मुझे तुमसे एक जरूरी बात कर ली है।
15:06जी बाजी।
15:07देखो, परिजात बेकसूर हो।
15:11उसने वो खत नाहीद को नहीं लिखा।
15:14नहीं वो उस राद तुमारी च्छट पर कुदा।
15:16अरे, खुद सोचो उससे ये सब करने की क्या जरूरत है।
15:19जबके वो हर रोज आता है तुमारे गर नाहीद को पढ़ाने।
15:22और मैं ये सब इसलिए नहीं कहरी कि वो मेरा भाई है।
15:26क्योंकि ये सच है, परिजात ने तो आज तक महले की किसी लड़की को आख उठा कर नहीं देखा।
15:31इसी बात की उर्जन अमी को भी है बाजी।
15:34अगर वो खत तो हमारी चट से ही मिला था।
15:36और राइटिंग भी परिजात भाई की थी।
15:39उन्होंने इस बात को सारे महले के सामने तस्रीम किया।
15:42हाँ तो ये भी उसकी सचाई का एक सबूत है।
15:45सच ये है कि वो खत इसी महले के एक लोफर शोकी ने जबरतस्ती लिखवाया था।
15:50बेना किसी नाम के।
15:52परी की तो पहमो कुमान में भी नहीं था।
15:54कि वो ये खत नाहीत के लिए लिखवा रहा है।
15:57इसका मतलब ये है कि उस रात तुम्हारी च्छत पर परीजात नहीं।
16:02बलके वो शौकी कूदा था।
16:04और सारा अल्जाम मेरे भाई पर आ गया।
16:07ये लोग अच्छे अवर्तन और अपनी अम्मी का हमाईते उसे बहुत बहुत बहुत शुक्रिया दा करना।
16:14खुदा हाफिस।
16:17खुदा हाफिस।
16:27वैसे ना इस तरहन की सफाई करकर कि ना मैं ठख गई।
16:31अलात अच्छे होते नहीं के बंदा एक कामली रख ले।
16:37वाले को मस्कुदार
16:39पता है महले में क्या ख़बर फैर दुए है
16:43यहाँ भाबी है
16:44मिर्जा साब ने उन्होंने नाहीत की पढ़ाई चुड़वा दिया
16:48और अपको लड़का देखके उसका रिष्टा भी तैक दिली
16:51जाहिर है इतनी बद्नामी के बाद अब पढ़ाई का तक भाना ही है
16:56मैं से एक बात को मभाबी
16:58वह एक कसा नहीं छोड़ी पढ़ी जातने उसकी जिन्वी पर बात करने में
17:02भला अब उस मासूम रटकी से रिष्टा करेगा कॉन
17:05भई मुझे तो बहुत आसा है उस बिचारी का
17:08इतनी बद्नामी कराकर पुद मूठ छुपा के बैठें
17:19कॉन? मैं माजिद
17:27जी माजिद भाई
17:29सहीदा अजगर भाई हैं गर पे
17:31भाई तो खर पे नहीं है
17:33अच्छा
17:35चलो मैं फिर किसी दिन आजोंगो
17:38अच्छा मुझे बताओ वो परिजात कैसा है
17:41दो चार दिनों के नजर नहीं आया
17:42जी वो भी ठीक है
17:44अच्छा उसे कहना है मुझसे आके मिले
17:47माजिद भाई
17:49माजिद भाई
17:51वो हरकत परिजात में नहीं की थी
17:54आप जानते हैं उसे वो ऐसा नहीं कर सकता
17:57उसे फसाया गया है
17:59सहीदा
18:01सहीदा
18:02यह बात मैं तो जानता हूँ
18:03मगर अब यह बात महलेवालों को समझाना बहुत मुश्किल हो गयी
18:06मगर तुम फिकर मा करो
18:08अलाद ताला सब बेतर करते हो
18:10इंची
18:11अल्ची
18:13अलाव
18:23वाँ
18:24तो आज देखना क्या करता है
18:25आज देखना क्या करता है
18:26अबाई ये फाउल कर दिया पहली बारी में अब बाई ये फाउल ही होता है अब चुप गया अवाज जेनब किसी की मैंने गाड़ देना तरी
18:37जब से उस नाकाम वारदाद सो लोटे हमारे उपर भी बढ़क रहे हो आखर माजरा क्या हो गया अपचणिया भे तरणे एक काम बोला था मैंने एक काम तरे से वह भी नहीं हो नहीं कमे शोक्की भाई मैंने महले के बच्चे को भेजा था परिजात के घर अब उसके भाई ने
19:07मैं तो वही करता हूँ जो आप कहते हो
19:14मिर्जा सावे, उन्होंने नाहीत की पढ़ाई चुरवा दिया
19:20और अब कुई लड़का देखके और उसका रिष्टा भी तैगे
19:37के लिए्टा साबेना की दो जाते हुआरा देखकेोज लुफ के दूजी
19:47की खाल दिया हैkeepers
19:59तार ग्लीक suspense
20:03ज्राओके श्राओका फुपल
20:04कर दो कर दो, जो पोगा जो जो कर दो, जो जो जो कर दो को अगा जाए?
20:34क्यों शौकी भाई एक और खत लिखवाना है क्या मार ले मजार जुद्ट है मार ले शौकी के सरप लेकर कसम ले ले मेरे मकसद तुझे बदराम करनार किजी नहीं था यार वो क्लाड में गिर गया था यार मुझसे कच्छत पर कास मुझे पहले बता दे किसके लिए लिखाना
21:04मार डला है यार मजांदर से इसना गिरावद मने कभी खुद को महसूस नहीं किया था देख अब भी कुछ नहीं बिगड़ा मेरे साथ चल मैं पूरे मल्लेवालों को जमा करके इस बात के अलान करूंगा कि खत मैंने लिखवाय है चत पई मैं कुदा था तू नहीं था जो �
21:34सायद वोजा हूँ जो मेरे तू पर को लिया था है दिसे पेले मेरा नकाब को लिया रहा तो से नहीं जाल एक उनलिया था तू झानलियाए तो लिफे चानलिया हृहु तो परके साथ के आमने मल्लेवालों को सामने चुप रहा है तो दो व्या रहा है कि शदfund पर मैं कूद
22:04मजधीद अपनी बदनामी नहीं चाहती हो तो उसके लिए उसने तुम्हारी उमर बर की नेक नमभी दाउप लगा दो
22:09ना इना नमभी तेरे बाद सरफ इतनी नहीं है पिर क्या बात है
22:13मुझे शक है उसराज जब मैं नेट की चट पर कूदा दाना हूं तो उसके साथ वहां कोई और रही था
22:23या या नहीं शक्की भाई आप खामखा एक मासूम लड़की पर जाम लगा रहे हो
22:34खुदा के वस्ता ऐसा मत करो सचे कह रहा हूं यार चल यह बार ठीक है कि उसने मुझे ठीक सणी देखा लगी पहरे मुझे ऐसा लगा तो नहीं चल पर के लिए नहीं सोखी के आंके दोकानी देनें बाई
22:46
22:48
22:51
22:53
22:55
22:57कि आरे गई आरे मैंने कहा सलाम अर्जे सुखरा कुबरा वालेकमसलाम हजन बुआ आओ बैठो आए हाई
23:19उफ बड़ी गर्मी है भई आए हाई
23:24हरे भाई सबसे पहले तो थंडी शिकंजवी प्योंगी गर्मी से जान निकल रही है
23:42और फिर लाल शर्बत उसके बाद चाय भी प्योंगी
23:46अच्छा अच्छा सब पिला दोंगी जरा इतनी नान तो रखो
23:51पहले मगर ये बताओ तो काम हुआ के नहीं
23:55आज तक तो ऐसा हुआ नहीं कि बुआ ने किसी काम का जिम्मा लिया हो
23:59और वो काम ही ना हो
24:00डेड़ सौ से ज्यादा रिष्टे करा चुकी हूँ
24:03अरे इसलिए तो तुम्हें का आय हजन गुआ चलो जाओ शर्बत लेकर आओ अब भी लेकर आई
24:08अरे मैं सोच रहे हूँ क्या आही गई तो दो पहर का खाना भी खा कर जाओ
24:14ठालो
24:15अच्छा चलो चुआ रहे तो ठाएं
24:19लो भई ये जाहित के निकाहे हैं बोरिस्था भी तो मैंने ही कराया था
24:24अंव उकार को ब्लाव
24:26अज़ अज़ अज़ अधनी सादा नी है प्यारे
24:33मुझे शक्या है कि नई चंजवा के लिए नी तुसके साद यहां पई और ही तुसर आज जब मैं नई तीचत से बागा दाना उससे पहले मेरा नगाब को गया
24:48नई दन मुझे पचान लिए तो फिर भी उस सब के सामने चुप क्यों रहे
24:55मुझे
25:25है बास सुनो यह अपने परिजात के लिए क्या ओल फॉल कह रहे हैं महलने वाले बस अजन बुवा उसने तो भाईयों की लुट्याइड बूती कहीं मूध इखाने के ना काबल नहीं छोड़ा ऐसा बच्चा तो नहीं था वो मेरे तो हाथों कपल आवा है बुवा इंसान की ह
25:55कि जब रिष्टे वाले लड़की के घर आते हैं उसके खानदान की सारी मालूमात करकर आते हैं और जब उन्हें पता चले कि भाई के बारे में ये बाते हो रही है तो कौन बया कर ले जाएगा यसे घर से लड़की मतलब कहीं बात में बनी है क्या यही तो बताने के लिए �
26:25लड़का है कोई नन जठानी का चक्कर ही नहीं है वो लड़के वाले साइदा को देखने आना चाहरे है तो बुआ इसे पूछने की क्या बात है तुम हां कर दो हम आज ही घर के मड़ों से बात कर लेंगे अरे जल्दी कर ले ना ऐसे रिष्टे इंतिजार नहीं करते है और
26:55इसे भी मुझे उसके खुसे से बहुत ही डर लगता है उन दोनों की तुम फिकर ना करो उन्हें हम संभाल लेंगे हां अगर ये रिष्टा पका हो जाता है तो मेरी तरफ से एक कांदार जोड़ा तुम्हारे लिए पका और मेरी तरफ से ना सिलाई मुशन पटी साच?
27:25कर दो
27:55कर दो कर दो कर दो
28:25कर दो कर दो ना दो कर दो दो
28:55कर दो कर दो सकते हैं
29:11परीसा कर दो
29:25परिजात परिजात तुम यहां वह मैं नाहीद को बताने आया था क्योंकि छट पे मैंने ख़त नहीं हाँ हाँ हमें मालूम है हमें बिलकुल मालूम है तुम जाका रहे आओ बैठो मेरी बात तो सुनो आओ आओ आराम से बैठ कर बात करते हैं
29:51पुझे माफ करते हैं जानते हो मेरी वज़ा से आपके साथ बहुत बड़ी ज्यात्ती हुए है हाँ परिजात मैं और नाही तोनों ही तुमसे बहुत श्रमिंदा हैं तो उस तिन छट पे आप थे माजिद भाई
30:08मतलब शौकी सच कहा रहा था हाँ उस रात को मैं चातर था मगर शौकी ने मेरा चेरा तो नहीं देखा दर असल माजिद बहुत जल्द हमारे घर अपनी हमी को भेजनी लगे थे ऐसे में उनका रिष्टा आने से पहले अगर ये बात लेकलाती और बदनामी माजिद सर ले ल
30:38मैंने ये फैसला किया था कि फाइनल टेपर होते ही मैं अपने वालिदान को भेज़ूंगा नहीद के हां परिष्टे के लिए मगर मुझे लगता है मुझे और देर नहीं करनी चाहिए पहले ही हमारी वज़ा से तुम्हें बहुत जिल्लत का सामना करना पड़ा था
30:54मुझे अपनी तदलील का अफसोस नहीं है वो तो सरसर मेरा मुकदर था अगर मेरा दिल अगर मैं शौकी का नाम ले भी लेती तो बदनामी मेरा मुकदर बंदी क्योंकि लोग ये भी तो सोच सकते थे कि शौकी के साथ-साथ में भी इस मामले में मुलवस हूँ लेकिन आप
31:24लोग तो ऐसा सोच भी नहीं सकते कि मेरा और आपका
31:43नहीं मैं और आप तो
31:48और आप
31:49मेरी दू आप दुनों के साथ है
31:55सदा खुश रहे हैं तो
32:02क्या इश्क वो निभाएंगे
32:07क्या हुस्न को सराहेंगे
32:13तारीक जिनके जहरे हैं
32:19मुकतरों पे जाने हैं
32:23तुश्मनों से क्या शिकवाद
32:25क्या गिला रखीमों से
32:27तुश्मनों से क्या शिकवाद
32:30क्या गिला रखीमों से
32:33हे सांफ आस तीनों में
32:36हमने खुद ही पाले हैं
32:38माजद बहुत जल्द हमारे घर अपने हमी को भेजनी लगे थी
32:41उनका रिष्टा आने से पहले अगर यह बात ने कल आती है
32:44अगर में शौकी का नाम ले भी लेती तो बदनामी मेरा है मुकदर बंदी
32:56लेकिन आपका नाम आते ही
32:58मेरे घरवाले तो क्या पूरे महले को मेरी बेगुराहे का सबह कुए
33:04सब को समझ आगे के मेरा इस मामले के साथ कोई तालुक नहीं है
33:08अगर तो हैसा सोच भी नी सकते कि मेरा और आपका
33:14साया वे
33:18साया वे
33:22पूच पडिसादों से ये हिजर कैस छेला है
33:36के तन बदन तो छर्मी है
33:40और मेरी अधान वे
33:43लॉफ लॉफ
33:45लूफ
33:47लॉफ
33:49लॉफ
33:50लॉफ
33:52लॉफ
33:54लॉफ
33:55लॉफ
33:58लॉफ
34:00लॉफ
34:02लॉफ
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