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- 1 year ago
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Satkar theater advance bookings are in full swing for an upcoming war film the theater manager as well as the owner Bansal has made arrangements for some special seats for VIP guests.Just before the first show of the film a minor spark takes place in the transformer situated at theater basement parking area the Manager asks to fix the staff but turns out to be a major issue.As all the shows of the film are full and many VIP guest coming the Manager asks to fix the problem temporarily to the electric city department as permanent work will take more hours meaning canceling the shows.The first show is running houseful but just before the interval another spark happens in the transformer and catches major fire while the theater staff have locked the entrance doors and chilling outside.Some military officers attending the show manage to break the door but its to late as the fire has reached all corners of the theater where people start running for the life where many get killed in stampede and suffocation.
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Short filmTranscript
00:00:00आपने तो अपनी कंटी नहीं बसा ली
00:00:10आपने भी तो टेंट हाउस से कुछ ज़्यादा कुर्सिया नहीं वंगा ली
00:00:14सेकंड शो शुरू होने वाला है चल दी का
00:00:16ओ आजो पापाजी आजो जसी छेटी चल दी
00:00:18ओ यार में बात कर लेता हूँ
00:00:20फटा फट चलो भी गया आप बनना खतम हो जाए कहीं
00:00:22हैंग ओट ठीक टाइम पे आगे
00:00:27वैसे आभी इंटलवल को डिर घंता बात की है
00:00:29क्या आपता सब की किसमत करने का दिन हो
00:00:33करहा हूं करने कि तोड़ा में वे क्या प्रकाषि प्रकाषि यार में अज़के आए
00:00:38इसा कुछ नहीं मुझे लगता है कुछ कुछ तो प्लवल में
00:00:41जिस चेक आपका श्कुज मी
00:00:44सुद्वीर उत्थर फटर कंशी पापाजी तो यार में नहीं
00:00:50वोट कवराद हो रही है यार
00:00:54इसकी जो कोई है के सापवाला यापर
00:00:56अँटू लूग्ट
00:01:04आप
00:01:20कहामर गेस्ट लूग्ट
00:01:26कि अपये फोन उठा
00:01:42भागो भागो भागो मैंने यह साब आट तेटर में हाग लगई है तो पुरा हाल में धुआ पराबाई कोरा तमझ में नहीं आ रहा है
00:01:52आप तम गर्ल को फोल लगाएए अब अब अब सड़ी के आख कैसे लग गई
00:01:58ए मादा रानी हमसे क्या गलती हो गई
00:02:01किसकी नजर लग गई
00:02:04हलो
00:02:22क्यां क्याओ
00:02:30और किसकी सवा जी कवा रहनोगा की हुआ करा वगाई
00:02:32इसे लोग रानी का लुकी रगाएी
00:02:35झाल सवा पाराएव
00:02:40प्योगो प्योगा है
00:02:44लो लो लो लो लोगएदॉ
00:02:49कर दो शारीispें, कि यृँ हम इतर wh अ IT sú को?
00:02:59हम आप शारीजसД काथे होते है ज정을 शारीज साथी
00:03:04को शारीजस्ट क में ढें जड़ीन
00:03:12के यृढ़ीन
00:03:14भूम भूम स के लज ही देखार है
00:03:37तोल झाल
00:03:44संगीता चुपकर क्यों आंसो बाहरी है पता है ना बच्चे बाहर है रोना जो है अप्षगुन होता है
00:04:14अाल्या
00:04:16अाल्या
00:04:44अब वक्त हो चला है इस शाम की खास खबरों का
00:05:02शाम की सबसे बड़ी खबर आ रही है दिल्ली के सतकार सिनेमा से
00:05:06जहां आज ही बहुचरचित फिल्म सरहत की जंग लगी थी
00:05:10कुछ देर पहले सेकंड शोर शुरू होते ही टाकीज के अंदर भीशन आग लग गई
00:05:15दमखल की कई गाड़िया अभी भी आग पर काबू पाने की कोशिश में लगी है
00:05:40लगी आई वसे वे ढय कर दो
00:05:58क्याद्す
00:06:03क्याद्स
00:06:06क्याद्स
00:06:07लूनुड़ के लूख लूख भूणूए लूओ भूए टूए लूगजाि लूए लूए इसमिट मैं आपके लूएर मैं जरूए लूएरो दीया हमाइए लूएरो यूएरो यूएरो अपर ओूएरो.
00:06:37बबली, जोनो, जोनो, जोनो
00:07:07मा, हम कौनसी असली सरहत पे जा रहे, फिलिमे तो देखने जा रहे, जाने देना मा, बस करो मा, एक्शन फिलिमे, डिशुम डिशुम, हाथ तो हो गई मरम पट्टी, मुझे तयार भी होना है, टाइम हो गया
00:07:37पबली, इसके बाद तुम दोनों को मेरी बात सुनी होगी, चीक है, मा, तुम सची ने रुपा रहे हो, जद मा, तुम दुम्निया के सब से प्यारी माओ, आओ
00:07:51आओ
00:08:21साब, साब, साब, साब, साब, साब, साब, हाथ से किशिकार मासूम हो, और इसके जिम्मधार लगों की गिरफ्तारी के बारे में आप क्या कहना चाहते हैं, सार
00:08:45ये एक बहुती दुखत गटना है और इस दुखतना के लिए जो भी कोई जिम्मेदार है उसे बख्षा नहीं जाएगा
00:08:49सुना है थेटर के मालिक मिस्टर बंसल आपकी तरीवी है क्या आप उनके अगें भी एक्षन लेंगे
00:08:52कानून सब के लिए बराबर है चाहे कोई बिजनेसमें हो या दोस्त है
00:08:57सतकार अगनेकान में थेटर के मालिक बंसल बंधू की तरफ से देश के जानिमाने वकिल जेपी नंदा को हायर किया गया है
00:09:11नंदा साब से जाने के लिए कि उनको इस केस में क्या स्कोब लिखता है
00:09:41परक होता है। जलती दोनों है।
00:09:43पांचेश जब जलती है या बुच्थी है गिज़िको कोई फर्क नहीं पड़ता है।
00:09:48लेकिन मशाल जब जलती है।
00:09:50सबको नजर आता है, सबको तिखता है।
00:09:53आतिशबाजियां और भी होंगी।
00:09:56यह वेट अन वछ।
00:09:58वाकिन साथ पर वाकिन साथ मैंने तैय कर लिया है, मैं इसके साथ नहीं रह सकता हूँ, यहां मेरा भी यही थे नहीं यहां है
00:10:25देख राजू, शादी एक स्कूटर की तरह होती है, जिसमें दोनों पहियों को साथ चलना पड़ता है, तभी गाड़ी चलती है
00:10:32ना मैं स्कूटर हूँ और ना मैं स्कूटर का पहिया हूँ, और इन्हें, इन्हें तो मेरी कोई बात अच्छी नहीं लगती है
00:10:38तो फिर तु वो करना, जो दामाज जी को पसंद है, शादी की है, कोई शॉपिंग नहीं की है, जो पसंद आया तो रख लिया, नहीं पसंद है तो वापस दे दिया
00:10:47आप सब क्या चाहते हैं?
00:10:52नहीं चाही सर
00:10:53ये नहीं
00:10:54मैं पुछ रहो आप सब क्या चाहते हैं?
00:10:59कई ये दुनों सुसाइड करें
00:11:00या एक दुसरे का मर्डर
00:11:02देख भाई
00:11:04तेरी बीबी बदलने वाली है नहीं
00:11:07और ना ही आपके पती बदलेंगे
00:11:09मेरी सला मानो आपस में ही अलग हो जाओ
00:11:13यार तू कैसा वाकिल है तुम्हें अपनी फीस चाहिए ना तू ले लो
00:11:16मगर ऐसे मरने मारणी की सला तो मत दे कम से कम
00:11:19मैंने फीस माँगी
00:11:20क्या मैंने फीस माँगी
00:11:22मैं तो कह रहा हूँ 6 मैने अलग रहो
00:11:25सेपरेशन के लिए फाइल करो और एक दुस्रे से मुक्ती केड़ी फीस नो फीस धन्यवाद चलिए चलिए चलिए चलिए चलिए चलिए चाय ठंडी हो रही है अच्छा खासा धंदा ना खुद करता है ना करने देता है
00:11:43हमें कोई मुआवजा नहीं चाहिए और कोई मुआवजा हमारे जीवन की कमी को पूरा नहीं कर सकता है तुम हमारे वकील हो या उसके
00:11:52ओहो बहन जी मैं आपका इमोशन समझता हूँ लेकिन आप मेरी बात भी समझने की कोशिश के जिए वो पैसे वाले लोग हैं
00:12:02मैं तो कहता हूँ इस केस को कोट के बाहर सल्टा देते हैं रहा सवाल सजा का ओ तो कोट दे ही देगा
00:12:10जो तुम्हारा काम है वो तुम करो हमें समझाने की कोशिश मत करो कि हमारे लिए सही क्या है
00:12:16और हुदा नखास्ता कल को ये सब कुछ तुम्हारी फैमिली के साथ हो जाता तो क्या तुम उनके जीवन की बोली लगा देते
00:12:24सब के सब चूर बैठे हैं यहाँ
00:12:28इधरा ये क्या भीड़ो रुखी यहाँ
00:12:35अरे सर यो तो सरकार अगनिकान का मामला से हाई प्रोफाइल केस से नन्दा साब लट रहे है अच्छा नन्दा साब
00:12:46योर अनौर मेरे क्लाइंट्स बंसल ब्रादर्स को अगर टागेट किया गया है तो उसके पीछे वज़े बिलकुल साफ है
00:12:56समाज में सुसाइटी में उनका एक नाम है उनकी एक एक पुजिशन है उनका एक ओधा है
00:13:02सदकार सिनवा हॉल में जो 55 लोग मरे हैं हमें उस बात का दुख है हमदर्दी हैं लेकिन योर अनौर हाथसा फिर भी एक हाथसा ही होता है
00:13:14मुझे बताईए कौन सा बिजनिसमैन होता है जो अपने अच्छे खासे चलते हुए बिजनिस को अपने ही हाथों से आग लगा दी
00:13:23एक सिनमा हॉल को चलाने के लिए नीचे से लेकर उपर तक लोगों को काम पर रखना पड़ता है
00:13:32चलिया मानते हैं कि खलती से
00:13:36management employee की तरफ से या फिर housekeeping department के किसी employee की तरफ से या फिर बिजली विभाद की तरफ से कोई खलती हुई है
00:13:45तो क्या हर खलती का खाम्याजा हर खलती की responsibility मालिक भरेगा
00:13:51नहीं your honor
00:13:53that's where you and me come into the picture
00:13:57हम जैसे काबिल लोगों की जरूत पड़ती है
00:13:59your honor मैं आपसे खुजारिश करूँगा कि मेरे जो clients है
00:14:04उन्हें anticipatory bail दे दी जाए
00:14:07they are responsible citizens
00:14:10वो अपनी responsibilities समझते हैं
00:14:12और वो मानते हैं कि जब भी court उन्हें आप बुलाएगी आपके सामने हाजर हो जाएंगे
00:14:16that's all your honor
00:14:18public prosecutor को अपनी दलील में कुछ कहना है
00:14:21no milord
00:14:23हम पुलिस की चार सिट फाइल करने का इंतिजार कर रहे है
00:14:27okay
00:14:29तो इस condition में
00:14:31सत्यमेव जयते
00:14:33hmm
00:14:42झाल झाल
00:15:12यह क्या बेवकुफी है? कौन है यह?
00:15:22गुस्ताखी माफ यह रॉनर यह मेरा प्रैक्टिसिंग लाइसेंस नंबर
00:15:29माफी जाता हुजूर
00:15:36सदकार विक्टिम्स के लिए अब यह केस मैं भी लड़ूँगा
00:15:42तो यह जाड़ फुक्ष से वकालत करने का कौन सा तरीका है?
00:15:48आपको मालूम है आप किस हरकत की वज़े से आपका यह लाइसेंस कैंसिल भी हो सकता है?
00:15:53सॉरी
00:15:54जी
00:16:08जी हुजूर
00:16:10जानता हूँ कि आज तक किसी ने ऐसी हरकत नहीं की होगी
00:16:14पर इससे पहले कि आप मिस्टर बंसल को बेनिफिट आफ दाउट देके बेल ग्रांट कर दे?
00:16:20मैंने सुचा कि हुजूर को 9 सप्टेंबर में सत्कार सिनेमा हॉल में हुए माहॉल से रूबरू कर दूँ
00:16:27हुजूर ये तो सिर्फ लाल मिर्ची थे
00:16:30और बस इतना सा धुआ हम सब परताश नहीं कर पाए
00:16:34सोची अगर ये धुआ जान लेवा होता तो क्या होता?
00:16:41यहां तो एक मिनिट में हमने खिड की दर्वाजे खोल दिये क्योंकि लोग मौजूद थे
00:16:45पर वहां उस दिन उस सिनेमा हौल के अंदर
00:16:49न तो वो धुआ भार गया और ना ही उस धुआ में फसे वो लोग
00:16:54क्योंकि बाहर से रास्ता बन था और खोलने वाला कोई नहीं
00:17:04मैं मानता हूं कि ऐसे कामों के लिए बंसल साब ने स्टाफ को रखा है
00:17:07पर ऐसे लापरवा स्टाफ के हातों में इतने लोगों की जान देने के लिए
00:17:12क्या बंसल साब को कटगरे में बुलाना जायज नहीं लगता आपको हुजूर
00:17:19Your Honor मेरे जो काबिल दोस्त हैं इन्हें भवूत लगा कर आश्चम में होना चाहिए
00:17:25किसके चेरे पर लिखा होता है कि कौन काबिल है और कौन लापरवा
00:17:30इशारा आप समझें हैं जोरी साब
00:17:32यह आपको प्रूव करना है कि इस हादसे में मेरे क्लाइंट्स का हाथ है या नहीं
00:17:38You need to prove that
00:17:39जी
00:17:40बिजली विभाग ने तो टाइम से पहले ही шो को जिनरेटर पे चलाने की चेतावनी दी थी
00:17:46फिर स्टाफ ने मैनेजर से बात की और मैनेजर ने अपने मालिक से
00:17:52पर बनसल साहब ने तो पहले ही अपने महमानों के सामने पिच्चर को हिट करवा दिया था
00:17:56इसका प्राफिट जो उन्हें उठाना था
00:17:59और खामियाजा
00:18:00खामियाजा भुगतना पड़ा मेहमानों को
00:18:04अपनों की जानकवा कर
00:18:07मतलब ये के चेतावनी के बाद भी शो चला
00:18:11और किसके कहने पर
00:18:13किसके कहने पर नंदा साब ये तो हम सब जानते हैं
00:18:16अगर आज इन्हें जमानत दी
00:18:19तो हर बड़े बिजनिस वाले लोग
00:18:22एक नई साज़स रचेंगे
00:18:24और नजाने अपने गुनाओं का गढ़ा
00:18:27किन मासुमों के सर पे फोड़ेंगे
00:18:30मैं बस आज इतना ही साबित करना चाहता हूं मुजोर
00:18:46पुलिस जल्दी से जल्दी बंसल बंदू को गिरतार करके कोट में पेश करें
00:19:16मैं विक्रम फॉम सिभी आई
00:19:31मैं साथ चलता हूं साब क्या कुछ मत कहिएगा पेटी को देखने में मान आये हैं मैं एक मिनट में आता हूं सर टेकर
00:19:45सर मेरी कोई गल्ती नहीं है
00:19:51मैंने कुछ नहीं किया साब
00:19:54उते बंसल कहां पर है
00:19:56मुझे नहीं पता साब
00:19:58यहों के साथ गुंबी प्रिस्ता है
00:20:01यह कहब तो तुम्हें भाखो भी सुनी होगी
00:20:28अन्सक्राश
00:20:29रंस
00:20:31जरुण
00:20:32यह यह को बंसल बंस
00:20:33बंसले को भी सुनी होगी
00:20:34कुछ लगार
00:20:37यह कुछ यह
00:20:38भी सुनी हो अुन
00:20:40नहीं होगी
00:20:41अजस्ड़ यह
00:20:42यह दोंश्या
00:20:43यह
00:20:44बंसले रह
00:20:46यह
00:20:47यह
00:20:48भाइ
00:20:50झाल
00:20:54यह
00:20:55कर दित
00:20:56आईए अब रुख करते हैं सत्कार सिनेमा हाथसे की तरफ सत्कार सिनेमा कार्ण केस में अभी तथ थेटर स्टाफ समेट कई गिरफतारियां हो चुकी हैं जिनसे पूश्टाश की जा रही है
00:21:10हाला कि बंसर्स को भी कोट में पेश होने का आदेश दिया गया है पर देखना होगा कि इस गेश में पीरित परिवारों को कैसे ज्याई मिल पाता है
00:21:25आईए अप्रूप करते हैं अन्हें समाचारों की तरफ हलो तरुंतास चौहरी साब बोल रहे हैं
00:21:32जे आप कौन
00:21:33हाँ जे आप कल तीस हजारी कोट आ जाईए
00:21:42उस कार्ण में शहीद हुए एक फौजी को कल शधान चली दी जा रहे है
00:21:45शहीद हुए मतलब
00:21:47अगर वो या उनके दोस्त महां नहीं होते
00:21:49तो आज मैं या मेरे जैसे लोग जिन्दा नहीं होते
00:21:53आज उनके परिवार को ज़रूरत है आपकी क्या आप आएंगे
00:21:56जी
00:21:57इस्कूज मी
00:22:13येस
00:22:14विकरम
00:22:15सीडी आई
00:22:17बंसल साब को केबिन कहां पे
00:22:20सर वो अपने केबिन में नहीं है
00:22:22वो मझे पता है
00:22:22क्या तो में पता है वो कहां पे
00:22:26सॉरी सर आइभ नो आइडिया
00:22:28केबिन कहां है
00:22:30जलो
00:22:32तुबे
00:22:41यस सर
00:22:42वो फाल्स में जाकर चेकर होगर को डीटेल मिल जाए तो
00:22:45जाओ
00:22:46ओके सर
00:22:46देखो माडम
00:22:50सतकार थेटर अगनी काण में थेटर सेफ्टी की नेगलिजिंस
00:22:56यह किसी भी तरह की कॉंस्प्रेसी की केश में कोई भी कभी भी अंदर हो सकता है
00:23:01और वैसे भी एक भगोड़े की मदद करना
00:23:04कानूने अपराद है
00:23:07इसलिए
00:23:09अगर आप हमारी मदद करेंगी
00:23:13तो हम आपकी मदद कर पाएंगे
00:23:15समझ रही है नाप?
00:23:18सार और छोटे सर कल से ओफिस नहीं आये सर
00:23:22और मैनेजर
00:23:26सुना है आपके थेटर में उस दिन आग लग गई थी
00:23:28निउस में देखा था हमने
00:23:31साट से सतर लोग मर गए थी जलके
00:23:33बस भाएंजी मातारानी की किरपा थी
00:23:36ओ तो ठीक है भाई साब लेकिन
00:23:37जो भी घटना घटी है उस दिन आपके थेटर में
00:23:39उसकी पुलिसिंग वारी तो चली रही होगी ना
00:23:42सही है ना?
00:23:43भाई साब
00:23:44इस परिवार पे हमेशा मातारानी की किरपा रही है
00:23:48और हमेशा रहेगी
00:23:51लेकिन भाई साब
00:23:54जो किछ भी हुआ बहुत बुरा हुआ
00:23:56उस दिन से आज तक
00:23:59हम लोग सो नहीं पाए
00:24:00लेकिन हम क्या कर सकते है
00:24:03हमारी कोई गलती थोड़े है
00:24:05हम पे कोई आज नहीं आएगी
00:24:07इसमें हमारी कोई गलती थोड़े ना है
00:24:09ये तो बिजली विभाग वालों की लापरवाही है
00:24:11आपको तो पता ही है सरकारी विवाद
00:24:13वो तो ठीक है भाई साथ लेकिन कहाना है कि आपने हमें लड़की देखनी के लिए रात में बुलाया है
00:24:17और बड़े बुज़ूर कहते हैं कि लड़की और कपड़ा कभी रात में नहीं देखना चाहिए
00:24:20इसको बहुत बड़ा अप्शगुन माना जाता है आपको तो बता होगा
00:24:24कैसी बाते कर रहे हैं वाई साह है बीसवी सदी में होकर उनीसवी सदी की बात कर रहे है
00:24:29ब्लेक एंड वाइट नहीं कलर टीवी का जमाना है
00:24:31यह देखो बिटिया आगई आओ बिटी
00:24:35आओ बेटी आओ एच्छे गर्म गर्म चाहिए बीजिए नमस्ते भेंजी
00:24:42मैं देखता हूँ मैं आभी आए अरे पीटा सफ करो
00:24:48हाजी आँ विक्रम फ्रम सिबिया
00:25:01मैं साथ जलता हूँ साब यहां कुछ मत कहिएगा
00:25:03पेटी को देखने में मान आये हैं
00:25:06मैं एक मिनट में आता हूँ सिर ठेक्व
00:25:08सुनो मैं जड़ा थोड़ी देर में आया तुम इनकर ध्यान रखना
00:25:19आप समसे लिजे मैं आभी आया अहां दो ठीक है ठीक है ओके
00:25:23सर मेरी कोई गलती नहीं है
00:25:29मैंने कुछ नहीं किया साथ
00:25:32मैंने कुछ नहीं किया
00:25:34उधे बंसल कहां पर
00:25:39मुझे नहीं पता साथ
00:25:45सदकार सिनेमा कांट केस में अभी तक थेटर स्टाफ समेथ कई गिरफतारियां हो चुकी है
00:25:59सदकार सिनेमा कांट के बारे मैं आप लोगों को इतना बता देना चाहता हूं कि सुशिल बंसल और उनके बेटे उदय को हर संभव जगा पर डूंडा जा रहा है
00:26:16इतना तो तह है कि इन दोनों ने खुद के लिए बहुत बड़ी परेशानी खड़ी कर लिए
00:26:21इस दुरगटना के पेडितों को जल्द से जल्द इंसाफ मिल सके इसके लिए ये केस अल्रेडी सीबी आई को दे दिया गया है
00:26:28मैं आप लोगों को यकिन दिलाना चाहता हूँ कि अब जादा दिनों तक न तो सच्चाई चिप सकती है और ना ही ये दोनों
00:26:36जिन पेडित परिवारों ने इस बिशन आजसे में अपने सहारों को खो दिया
00:26:41हम उनकी इस दुख की घड़ी में ना सेर्थ उनके सास में खड़े हैं बलकि उन्हें विश्वास दिरना चाहते हैं कि उनकी शहादत ब्यर्थ नहीं जाएगी
00:26:51उनको सच्ची शतांजली देते हुए हम ये कसम खाते हैं कि उस एक एक परिवार को नियाए मिलकरी रहेगा
00:26:59जाए हिन
00:27:21करते हैं ये
00:27:51चुप हो जाईए माजी
00:28:13नसला रखिये
00:28:15न तो रोईए
00:28:16मैंने जब उसे पहली बार देखा था तो
00:28:22नहीं जानती थी
00:28:25कि वो हमेशा के लिए मेरी जिन्दगी का हिस्सा बन जाएगा
00:28:30आमन
00:28:32तहां जा रहे हो तुम
00:28:34इस टू डेंजरेस
00:28:35सास में नहीं ले जा रहे हैं
00:28:36क्या कर रहे हो स्मेथी
00:28:38प्राइब स्मेथी
00:28:48दो अब्सार्म
00:28:49अब्सार्म
00:28:54अब्सार्म
00:28:58प्रोम्स
00:29:10प्रोम्स
00:29:16अब गो
00:29:21गोज मिटी
00:29:22गो आटाइड
00:29:28अब गोज मिटी
00:29:34वो तो लोगों की जान बचाने के लिए
00:29:37उनकी मदद कर रहा था
00:29:40अब आम से इधर से जाईएब
00:29:41माम प्लीज इधर से जाईएब
00:29:52आओ
00:29:53जाये बढ़े रहो
00:29:55जाये बढ़े रहो
00:29:56जाये बढ़े रहो
00:29:57अले चलो चलो चलो
00:30:00मैं
00:30:02अमन को कभी माफ नहीं करूँ
00:30:07उसने प्रॉमिस किया था कि
00:30:10वो वापस आहेगा
00:30:17पर वो नहीं आया
00:30:18नहीं आया
00:30:25मैं भी आपसे एक प्रॉमिस करता हूं स्विती जी
00:30:28मैं एक शहीद की कुर्बानी को जाया नहीं होने दूगा
00:30:31मैं आपको हमेशा कहते थी नेता से ना दोस्ती अच्छी ना दुश्मनी कहां तो कहां करते थे कि भावी जी हम नेता तो आपके इस सेवक हैं जहां पुलाए हम आ जाएंगे देख ली दोस्ती सिर्फ रिबिन काटने तब की वाप
00:30:32मैं आपको हमेशा कहते थी नेता से ना दोस्ती अच्छी ना दुश्मनी कहां तो कहां करते थे कि भावी जी हम नेता तो आपके इस सेवक हैं जहां पुलाए हम आ जाएंगे
00:30:54देख ली दोस्ती सिर्फ रिबिन काटने तब की वाप दोस्ती की क्या मिसाल दी है टीवी बें इस ब्लारी पॉलिटिशन
00:31:06पर इस पे मेरा नाम कितना आई मीन हमारा नाम कितना खराब होगा
00:31:24अब जहां है वही पे रही है जब तक महौल ठीक नहीं हो जाता है
00:31:36अब ज़ूल की बाते मत करो दे हमारा इतना बड़ा नाम है
00:31:53हमारे चैरे टीवी पे दिखा दिये हैं हम कहां चुपे हैं
00:31:57आई नो डैड लिकर हमें चुपना होगा क्योंकि डैड फैसला आने तक वो लोग आपके साथ किस तरह का बढ़ताओ करें कोई नहीं जानता
00:32:05डैड वैसे भी लोगों में इता गुस्सा है
00:32:07डैड आपका बेटा होने के नाते मैं इसम नहीं होने दूँगा
00:32:17डैड क्यों ना हम कुछ टाइम के लिए डैली छोड़कर कहीं और चले जाएं
00:32:23प्लीज डैड प्लीज आम विक्रम फॉम सी बी आई मुझे आपके घर की तालाशी लेनी है
00:32:34पेपर्स है दूबे या सो
00:32:53कि मिस्टर बंसन और मेरा बेटा उदाय इस वक घर पे नहीं है
00:33:04तूबे या सो ओबर जा गर देखो कोना कोना चान मरो
00:33:08ओके सो
00:33:09य।
00:33:11य।
00:33:13को
00:33:15य।
00:33:17य।
00:33:19य।
00:33:20य।
00:33:21य।
00:33:22विपकर थो खातां
00:33:24पासे भी
00:33:26काफी ताम लगेगा
00:33:285 बेटरूम्स
00:33:29य।
00:33:30विपकर नहीं
00:33:33विदेगे जाए अए प्रहिस्त
00:33:34प्रहिस्त
00:33:36आई मिचाई ताथ मिचाते
00:33:38टैंक यू सो मच वैसे सी बेए की खुश्किस्मत ही है कि उन्हें अक्सर आप जैसे रिफाइन लोग ही मिलते हैं
00:33:50एक्चली में सी बेए के साथ बेश कैसे आना है
00:33:56लोगों को समझ ही नहीं आता है
00:34:00इस नोट ये फॉल्ट इट इस ये फेट
00:34:07सी बेए के रिड़ आपके घर पे पड़ी है ये तो पबलिक को बता है
00:34:11लेकिन आपके साथ क्या क्या होता है
00:34:16ये बात कभी सामने नहीं आती
00:34:21अनफॉर्चनेट है
00:34:24अगेन
00:34:25अगेन
00:34:25बिरा रहा है
00:34:31जैसे आपने ये सावाल किया ना
00:34:36ऐसे ही लोग घबरा कर बिना पूछे हमारे सावालों के जवाब देने लगते हैं
00:34:40और वो भी तोते की तरह
00:34:41सर उपर कोई नहीं मिला
00:34:46अनिवेज
00:34:51सवाल करना सीबी आई का काम है
00:34:55आपका काम है
00:34:57हमारे पूछे हुए सवालों के जवाब देना
00:35:00आपसे मेरा
00:35:02पहला सवाल
00:35:04आपके पती और आपका बेटा उदे बंसल कहां पर है
00:35:10देखिए
00:35:12काफी दिनों सुन का कई पता नहीं है
00:35:15और नहीं कोई फोन आया
00:35:16हम तोनों भी इस बात पर लेके काफी परेशान है
00:35:21यह ने इंफाइक
00:35:22वे इवन ट्राइटू
00:35:24आप पुरों से उ की हाँ
00:35:26सब जगा हमने खुद फोन किया
00:35:32लगर उगा कोई पता ही नहीं चला
00:35:34खुद भागे हैं
00:35:38तो पता कैसे चलेगा
00:35:39एनिवेज आपने
00:35:41मिसिंग परसेंस की रिपोर्ट तो दर्ज करवा दी होगी ना
00:35:45नहीं
00:35:46नहीं
00:35:48आप यहाँ पर परशान हैं
00:35:51और आपने रिपोर्ट तक नहीं दर्ज करवाई है
00:35:53विच मेक्स मे बलीव दाट यूर इंटच विद देम
00:35:58दुबे
00:36:00इनकी प्रपरटी के डीटेल्स
00:36:02इनके लास्ट बेंक ट्रांजाशन के डीटेल्स सब ले लो
00:36:05और हाँ दुबे
00:36:07मिसिंग परसर की रिपोर्ट भी दर्ज करवा देना लगता है मेडम
00:36:11ज़्यादा परशानी में भूल गही है
00:36:14सब इट विल बी देन
00:36:16अनिवेज
00:36:17अज़ा सैंडर प्रोटोकॉल आपके घर के फोन सारे रेकॉड होंगे
00:36:20और मुझे पूरा विश्वास है
00:36:22कि दोनों बजसल जल्दी ही मिल जाएंगे
00:36:26तैंक यू सो मच कि आपने हमारे साथ इतना कॉपरेट किया
00:36:33तैंक यू
00:36:34हलो
00:36:47मेडम जी रामू बोलना हूँ छतरपू फारम हाउस से
00:36:51हां रामू बोलू
00:36:51मेडम जी बोल रहा था कि साफ बेना बता है निकल गए सुपह
00:36:55वही पूछना था कि साम को आएंगे खाने पे की नहीं
00:36:58हलो मेडम
00:37:00मेडम
00:37:02हलो मेडम
00:37:04एक्स्क्यूज मी सो
00:37:18हादू बे
00:37:19बंसल के फार्म होस के कॉल डीजेली से पता चला है कि
00:37:21उस नंबर से ट्राइवल एजेंसी को फोन किया गया था
00:37:24दो टिकेट्स के लिए बॉम्बे की
00:37:26गुड नियूज त्यूबे
00:37:29तुम्हें काम करो बॉम्बे को एक्टिवेट कर दो
00:37:32बंसल और उसका बेटा
00:37:33अगर बॉम्बे के समोधर में भी छोपे होंगे ना
00:37:36हमसे बच नहीं पाएंगे
00:37:38जाओ
00:37:39ओकी साओ
00:37:40सो पंसल का अड्रेस बिल गया
00:38:10पॉम्बे होटल विकरांग नियर जू बीच अंधिरी वेस्ट
00:38:14ये तो सच मुझ समोधर पहुच गए
00:38:17सर सुनिये तो
00:38:20माँ हम कौनसी असली सरह पे जा रहे
00:38:27फिल में तो देखने जा रहे
00:38:29जाने देना मा प्लीज
00:38:31मेरे सोनू और बबली को वापस कर
00:38:33मेडव अपनी भावनों पे काबू रखिए
00:38:37इनको इनके किये कि सजा मिलेगी
00:38:38कोट पर विश्वास रखिए
00:38:40भावी भावी अब चल्ड़ा खुन है ना
00:38:43लगी ना चोट
00:38:44अपने खुन को चोट लगी तो दर्थ हुआ ने तुझे
00:38:47इसको सब्साब इनके
00:39:17पर लगी तो लगी धनके
00:39:19अजय को चके मिलेगी
00:39:22प्ली को इनके
00:39:27अजय का वी तुट लगी
00:39:29यूए उखिण सक्वेन
00:39:35कि लुट भावी तृब
00:39:39लिए
00:39:41का वी तुट
00:39:45डड़ी, लीजे न, ने ने, तुम खाओ मेरे को अम्भूख नहीं है
00:40:04ओके, थेंक्यो
00:40:15युरी, लेक्तार थेंक्तार थेंक्तार थेंक्तार थेंक्तार रजस्टार सकत्वेवारे को झालूद़ा उत्यों।
00:40:41जी
00:40:50सब
00:40:51बल
00:40:51अहाँ
00:40:52थफ
00:40:53बज़
00:41:01प्रुट
00:41:03सब
00:41:14जज़
00:41:16सी
00:41:18समय
00:41:19बज़
00:41:20माँ, हम कौन सी अशली सरह पे जा रहे हैं, फिले में तो देखने जा रहे हैं, जाने देना मा, प्लीज, अभी तो एक्जाम खतम हुए ना, जाने दो ना
00:41:48भावीची, भावीची, सुनो तो, छोड़िये, मेरे सोनू और बबली को वापस कर, वापस कर कमीने, मैडव अपनी भावनाओं पे काबू रखिये, इनको इनके किये की सजा मिलेगी, गोट पर विश्वास रखिये आप, प्लीज, प्लीज, चली, चली, चली, अभी, बावी
00:42:18चलो मेरे सोन, सब ठीक हो जाएगा
00:42:20बंसल साहब, सीबी आई की महरवानी आपके दर्शन तो हुए
00:42:27बंसल साहब, कुछ साल पहले भी आपकी सिनेमा हॉल में आग लगी थी
00:42:32जहाँ वो चौट सर्कट हुआ था
00:42:35लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ था
00:42:38चलो इस बार आपका इंतजार पूरा हुआ
00:42:41बंसल साहब, उम्मीद तो बहुत कम है
00:42:44लेकिन अगर आपका सिनेमा हुल दुबारा खुला
00:42:46तो तब क्या आप सुरक्षा के कदम उठाइंगे
00:42:50जी, जी, जैसे के
00:42:52जी, जैसे की सुरक्षा के कदम उठाने चीए, वैसे
00:43:08खड़ी करके रखी है, ट्रांस्वार मर के पास
00:43:13कार पाक नहीं कर सकते हैं न, यह न, पर आपका
00:43:17ट्रांस्वार मर ही कार पाकिंग के अंदर है, बंसल साहब
00:43:20ब्लकनी में आपकी सीटिंग कपासिटी 110 की है, पर आपने
00:43:26एक सो साथ सीट लगा के रखी है ऐसा कुछ नहीं और तो और बंसल साहब गलकनी के एकजिट धोर को ब्लॉक करके आपने वहाँ एक शांदार वियाईपी बॉक्स बनाया है ऐसा है आपका सिफ्थी का इंतजाम
00:43:38योर अनर मेरे मौकल मेरे क्लाइंट्स बंसल और संस जितने जितने बड़े हैं ये सारे के सारे सवाल उनके लिए बहुत ही छोटे हैं चलिए मेरे काबिल दोस्त ने ये सवाल पूछे हैं तो इन सवालों को इज़त देते हुए मैं दो चार लोगों को यहां कटगरे में बु
00:44:08सद्गार सिनमा में आप काम क्या करते हैं?
00:44:11जी, साफ साफाई और गेट कीपिंग का हुजूर।
00:44:14तो उस दिन जब बेस्मेंट में आग लगी थी, आप कहां पर थे?
00:44:18हुजूर, हम मादो भाईया के साथ बाहर चाय की दुकान पर थे।
00:44:22गेट पर क्यों नहीं थे?
00:44:23गलती हो गई हुजूर।
00:44:26गलती नहीं, गुना किया है आपने।
00:44:29बहुत बड़ी गलती हो गई हुजूर।
00:44:33नाम उस दिन बाहर से दर्वाजे बंद करके जाते और
00:44:37नहीं थे लोग अंदर बंद होके फंस जाते।
00:44:40हमसे हमारी ड्यूटी को लापरवाई है हुजूर।
00:44:44सब हमारी गलती है हुजूर।
00:44:49साप, हमें तो थासी दे दो साप।
00:44:54सब हमारी गलती है।
00:44:57किसी का कोई दोश नहीं है।
00:45:00ठीक है, जाओ।
00:45:10मेरा एक गवा ये कुबूल कर चुका है।
00:45:23कि ये उनकी खुद की गलती है।
00:45:26उनके मालिक का इस हादसे में कोई हाथ नहीं।
00:45:29अब अगर अदालत और मेरे काबल दोस्त को मंजूर हो।
00:45:34तो बेवजे सब का वक्त जाय ना करते हुए।
00:45:37बेटर ये होगा कि मेरे क्लाइंट्स को बेल देने के बारे में सोचा जाए।
00:45:44अब अब अब दोस्ती की एक बुरी मिसाल मैं भी पेश करना चाहूँगा।
00:45:51मैं बुलाना चाहूँगा सिंग गराज के मालिक,
00:45:54जो उस दिन अपने पूरे परिवार के साथ सिनेमा हॉल गए थे।
00:45:57और ये हमारे बंसल साब के दोस्त भी है।
00:46:00अब तो आंगों में आशों भी खतब हो गए हैं वकील साब।
00:46:06और दिल भी बरा हुआ है।
00:46:10उस दिन बहुत खुशी का महौल था।
00:46:14और थेटर भी हाउस्फूल था।
00:46:17तो इनों ने मुझे वी आईपी ट्रेट्मेट देकर चार कुर्षियां लगा दी।
00:46:25मेरी बहुत जैसी का कुर्षियां ही ले गए।
00:46:30और मेरा बेटा जो हमें ठेटर से बाहर लेकर आया था।
00:46:36वो वापिस अंदर गया थो अभी तक लोट करनी आया।
00:46:40ओ जैसी।
00:46:41ओ जैसी किते है दूँ।
00:46:44जैसी।
00:46:46तुसे किते हैं।
00:46:50ओ जैसी।
00:46:52जैसी।
00:46:56जैसी।
00:46:58जैसी।
00:47:00जैसी।
00:47:02जैसी चोट तुसे दालिया है।
00:47:05मामे।
00:47:06मामे जी।
00:47:07भाबा जी ठीक है।
00:47:08वो दोने लू में बाहर चड़किया है।
00:47:10चलूर तू चलूर।
00:47:12आप कोई फाइदा नहीं।
00:47:14आप यहां से निकल जाओ।
00:47:18मैंने उठ पाम के एक बार आपको देखने के लिए।
00:47:26मेरी साइसे अटकी हुई थी।
00:47:30बागल हो गए एक तू।
00:47:33ऐसे कैसे हो सकता।
00:47:35मेरी साइसे चल रही है और तेरी रूजे।
00:47:37चलूर।
00:47:39सुसी हाँ से चले जाओ।
00:47:42और कहने दाविच्छा के कोई मेरी जैसी मिले।
00:47:48तो व्याह कर लेना।
00:47:50और देख लेना की पाराठे कैसे बनाती है।
00:47:55मैं तरू शटकी कथ निजावागा।
00:47:58तू मेरी नाल चलू।
00:48:02जैसी।
00:48:03जैसी।
00:48:05जैसी।
00:48:07जैसी।
00:48:09जैसी।
00:48:10जैसी
00:48:13जैसी।
00:48:16झाल।
00:48:18प्रूंजुछ।
00:48:35सरकार, हमारा तो सब कुछ ख़तम हो गया, बस एक उम्मीद पची है
00:48:43अगर हमें नयाय मिल जाए तो हमारे दोनों बच्चों की आत्मा को शामती मिल जाएगे
00:48:51और पैंसल साहब आपकी तो हर गाड़ी को हमने बच्चों की तरह रखा है
00:48:58लिखना आप आप तो हमारे बच्चों को ही खा गए
00:49:03ट्रांसफर्मर जहां था
00:49:13वहाँ गाड़ियां पार्ट थी या उसके आगे कोई दिवार थी
00:49:16यदि इसका कोई अविडेंस है
00:49:18इसके अलावा अगर हॉल में कैपिसीटी से अधीक सीट लगाई गई थी
00:49:24और मुनाफे के लिए उन्हें बेचा गया था
00:49:27इसका भी कोई सबूत है
00:49:29तो वो कोट की अगली तारिख में पेश किया जाए
00:49:33तब तक बंसल्स पुलिस का स्टड़ी में ही रहेंगे
00:49:36अगली तारिख तक ये कोट
00:49:39सीबी आई को इस केस में चार्ज शीट जमा करने का आदेश देती है
00:49:44दगोट इस अज़र्ण
00:50:09जगोट अज़र्ण
00:50:27अगोट बंसल्स प्रिख ओप
00:50:33अगल
00:50:36कहते हैं कानून सब के लिए बराबर होता है
00:51:01तो नियाए पाने की जद्दु जहद भी सब के लिए उतनी ही बराबर
00:51:06ऐसे में जीत अक्सर उनकी होती है जिनकी लाटी होती है
00:51:10पश्पन परिवारों की इंसाफ की आस में पत्राई आखों की सारी उम्मीद तर उनकी आखों के साथ ही बंद होगी
00:51:18होती भी कैसे नहीं चाहे डोर सास की हो या आस की
00:51:24तोर तो डोर होती है, तूट गई तो सब खतब, हमें भी किसी ने ये लेटर लेकर बुलाया है, नमस्ते, नमस्ते, आप, आप सब लोगों को भी ये लेटर, किसी ने, पुतर जी हम सब लोगों को किसी ने यहां बुलाया, कैसे हैं आप सब,
00:51:50क्या फर्क पड़ता है और किसको फर्क पड़ता है
00:51:56अपने कहने वाले तो सब चले गए
00:52:01वैसे भी समें तरुन का क्या दूश
00:52:06इन चार सालों में हमारी आत्मा मर चुकी है
00:52:10बस जिंदगी बाकी है
00:52:13वो भी इस तन से निकलती नहीं
00:52:17पता नहीं
00:52:19हमें यहां
00:52:21हमारे जले पर नमक छड़कने के लिए क्यों बुलाया गया है
00:52:25चलिए जी असी अब इत्ते नहीं बैठांगे
00:52:32चलिए
00:52:49इस्मृती तुम इस्मृती हो ना
00:53:02मेरी बबली भी बिलकुल तुभारे जैसे थी
00:53:19पुतर जी आप भी यहां इसी लेटर की वज़ा से आए हैं
00:53:25जी नहीं अंकर
00:53:26यह लेटर्स
00:53:28मैंने ही पोस्ट की हैं
00:53:31कॉंग्राज स्मृती तुम्हे ऐसे योनिफर्म में देखके अच्छा लगा
00:53:38आप सब ने मुझे पहचान लिया पर उसे बूल गे जिसकी वज़ा से आज आप सब यहां पर हैं
00:53:47आप सब इनसे मिली चुके होंगे
00:54:02अमन याद है आपको
00:54:05यह अमन की मा है
00:54:09माजी
00:54:12आज यह सब लोग यहां पर आपके बेटे अमन की वज़ा से हैं
00:54:19हाँ वेटा
00:54:22पर क्या फैदाय से जिंदिगी का अपनों के साथ ही मर जाते तो अच्छा ही ठाना
00:54:28सही कहा आपने
00:54:31अपनों का दर्द सिर्फ अपने ही समझ सकते हैं
00:54:34पर इस मा के लिए सोचा आपने
00:54:41जिसने अपने बेटे को उन लोगों के लिए खो दिया जिने वो आज से पहले कभी मिली नहीं थी
00:54:46पुतर जी
00:54:48हम तो सिरफ हाथ जोड सकते हैं
00:54:52अंकल जी ये हाथ अगर जुड सकते हैं
00:54:56तो एक दूसरे को साथ में जोड भी सकते हैं
00:55:00क्या मतलब बेटा
00:55:02मतलब ये कि
00:55:04अमन ने अपनी जान कवाकर उस दिन आप लोगों की जान बचाई
00:55:10उस दिन उसके पास
00:55:12मौका था
00:55:14कि वो अपनी जान बचा सकता था
00:55:18लेकिन उसकी वर्दी
00:55:20और उसके फर्ज ने उसे ये नहीं सिखाया था
00:55:23जब मेरे डाट शहीद हुए थे ना तो
00:55:27मेरी माँ बहुत रुई थी
00:55:29लेकिन उससे कहीं ज्यादा
00:55:32उन्होंने गर्व महसूस किया था कि वो एक वीर की पत्नी है
00:55:36अमन के जाने के बाद ही मैंने डिसाइड किया था कि मैं आप सबसे दुबारा मिलूगी
00:55:46ये वर्दी पहनने के बाद मुझे रियलाइज हुआ कि खुश तो जादू है इस वर्दी में
00:55:54जो लोग अपनी जान दाओ पर लगाकर दूसरों की जान बचाते हैं
00:56:02दाओ पे जानने वाले तो वकील बाबू थे पर क्या हुआ उनके साथ
00:56:09इन बड़े लोगों के बीच आने वाले को ऐसे ही कुट्टे की मौत मार दिया जाता है
00:56:15अब क्या देखना है वो लोग तो बेल पे बार भी आगे जल्दी बरी हो जाएंगे
00:56:21हमें और कुछ ली चाहिए बेटा पर हम एक दूसरे को हार पर हो दूसरे को हार के तूटने से अच्छा है आज अमन की मा के साथ खड़े होके उनका साथ देने का तुम बंसल्स को चैलेंज करने के बाद कर रहे हो वो भी हम जैसे
00:56:51अगर मेरी तूटी हुई हड्डियां जुर सकती है और अगर आप सब तूटे हुए लोग एक साथ जुड़ जाए तो हम सब मिलकर अपने होसले के साथ उस पंसल के गुरूर को जरूर तोड़ देंगे
00:57:15पाजी भाबी जी बहन जी अपनी बचीवी सासे समाल के रखिये मैं बस किसी के नाक में धम करके आया
00:57:45सब्सक्राइब Cabal
00:57:48सब्सक्राइब
00:57:49कर दो
00:57:51कर दो
00:57:53अजी बहां पूर्ट
00:57:56अबट कर दो
00:58:00कि लिए मिलकर अवाए
00:58:04कर का दो
00:58:08ढ बट
00:58:10कर दो कर दो
00:58:40यूर अनर पांच साल गुजर गए एक तरह से देखा जाए तो कुछ भी नहीं बतला है कुछ भी नहीं हाँ अगर कुछ बतला है तो मेरे काबिल दोस्त की ये ना काबिल टांगे जिनके जरिया आज ये रहा सतकार हॉल का बना हुआ ट्रास्वामर उसके सामने
00:59:10खड़ी बारा फीट की दिवार और कुछ जलीवी गाड़ियों की तस्थीर है
00:59:14हुजूर ट्रास्वार्मर कोई दुकान से खरीदा हुआ बल नहीं है जहां मन की मर्जी आई आपने उसे टांग दिया और ट्रास्वार्मर का खलत जगे पर होना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होती है
00:59:33बिजली विभाग की मेरे ट्लाइन्स की नहीं और जोरी साथ ये जो पिछले पांच सालों से आप कुर्सियों का शिक्र कर रहे हैं
00:59:42तो एक बात मैं आपको साफ साब बता दूँ कि वो जो दो चार कुर्सियां लगाए गई थी वो मुलाजिमों को बैठाने के लिए लगाए गई थी
00:59:49और इससे में आपकी ये जो हालत है ना आप भी अपनी कुर्सिय पर बैठ जाएं वरना ये जो खाव है भरेगा नहीं
01:00:12आपकी साहनुबति चाहिए ना आपका मुआफ़जा अगर आप कुछ देना चाहते हैं तो मेरे क्लाइंस के मरह में वो अपने लोटा दीजे पर नहीं आपसे ऐसा होगा नहीं है खैर हुजूर आप यह ट्रांसफर लेटर देखिए ये बिजली विभाग के हेड अमित शर
01:00:42इनों में ही उनका ट्रांसफर हो गया नंदा साहब आपके क्लाइंट के पैसे सिनिमा हौल तक आने वाली सड़क को तो चोड़ा नहीं कर पाए जिनकी वज़े से फायर बिगड़ वहां तक नहीं पहुच पाई और आज आप बड़े चोड़े होकर उनी पैसों की सुभानी
01:01:12नंदा साहब लगता है अब आपको अपनी कुर्सी चोड़ने का समया गया है
01:01:28हुजूर ये है सदकार सिनिमा हौल के वो चार वी आईपी पासिस जिन पर हाथ से सीट के नंबर लिखे गए थे
01:01:41और बाकाईदा सिगनिचर भी है
01:01:44हॉस्पिटल रिपोर्ट के मुताबिक उस हाथसे में पचपन लोगों ने अपनी जानकवा दी
01:01:57और ठेड़ सो से भी ज़्यादा सखमी हो गए
01:02:00हाँ ये सब तल सकता था अगर नंदा साब की दलीलों वाली वो दो चार कुसियों पे
01:02:08सिनिमा हौल का स्टाफ बैठा होता है
01:02:09अब्जेक्शन ओवर्वर्वर्ड
01:02:12अगर मिस्टर बंसल और उनके बेटे इतने ही निर्दोर्ष्ट है तो ये वहां से भागे ही निक्यों
01:02:41मिस्टर बंसल को ही इनके किये की सज़ा मिलनी चाहिए
01:02:48ताके आगे चल के कोई भी किसी की सिंदगी को इतना सस्ता ना समझे
01:03:11अब तो जुगार्ष चालू कर देते हैं लेकिन ठीक करवा लो हैं बड़ी दुगटना हो सकती है
01:03:25अरे यहां नहीं पैसिस में लगा
01:03:42यह सीट लगवा है यह मैनेजर साब ने जी मैडम मैनेजर साब ने यही चार्ची लगवा है आपके लिए यहलो टिकेट
01:03:54आपके लिए उगर ते कुछ़ अवरे अवरे यह रखे लुगण
01:04:12कि अğरुग
01:04:18कि अवर बसक्या तो टुग अवरे यहां कि अवरे यहां ने फ़रोवा है
01:04:22सर कंस्रेक्शन का काम चालूए गाड़ी अंदे नी जा सकती
01:04:52हलाल मैं सिर्फ इतन ही कहना चाता हूँ
01:04:59सारे गवाहों और सबूतों के अधार पर या अधालत इस नतीजे पर पहुंची है
01:05:13कि थीटर मैनेजर संजय कुपता साथ दो सो रुपय उसको थमा और काम चला
01:05:19गेट कीपर कौशल लेकिन अगर दर्वाजे खुले रहे गए ना तो मैनेजर माई ले ले लेगा दर्वाजे बंद कर दें फेले
01:05:28और माधो
01:05:31इस दुर्खटना के जिम्मेदार है इसलिए अधालत
01:05:45संजय कुपता कौशल
01:05:48और माधो को साथ साल की सजा सुनाती है
01:05:53जहां तक की अधालत
01:05:57बिजली विभाग के उस लापरवा करमचारी अरून तिवारी को
01:06:02दो साल की सजा सुनाती है
01:06:06वहीं ये अधालत सुशील बंसल को उनके उम्र का लिहाज करते हुए उनने दिल्ली सरकार को ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए तीस करोड जुर्माना देकर उन्हें बरी करने का हुक्म देती है
01:06:21उनके पुत्र उदैबंसल को दो साल कैज की सजा सुनाती है
01:06:27और साथ में उन्हें हुक्म देती है कि वो दिल्ली सरकार को टीस करोड का मुआपजा अदा करें
01:06:51जंधिके में कुछ ऐसे फैसले होते हैं जो बहुत सक्क्त होते हैं
01:06:59पर यही फैसले जंदगी का रुख हमेशा के लिए बदल देते हैं
01:07:04एक बेहद लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इस हादसे का फैसला सुनआया गया
01:07:09कहते हैं कि न्याय में हुई देरी एक तरह का अन्याय ही है
01:07:14क्योंकि न्याय की इस लंबी लड़ाई में पैसे वालों का तो कुछ नहीं बिगड़ता
01:07:19लेकिन आहम लोगों का, आहम लोगों का सब कुछ छिंजाता है
01:07:24इन आसों को देखकर समझ पाना मुश्किल है कि ये खुशी के हैं या खम के
01:07:31क्या सच में न्याय हुआ
01:07:33लोग जब न्याय आले में आते हैं तो अपने साथ साथ
01:07:38वो अपनी उम्मीदें, आशाएं, तकलीफें और सपने भी लाते हैं
01:07:46ताके इनसान को वो मिले जिसका वो हकतार है और वो है न्याय
01:07:53कहने के लिए तो बस सिर्फ एक शब्द है लेकिन एक आम इनसान के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद
01:08:01उम्मीद थी, गुनेगारों को उनके खिये की सजा मिलेगी और इनको इनसाफ
01:08:09साहस आगे बढ़ने की शक्ती होना नहीं है बलकि शक्ती ना होने पर भी आगे बढ़ते जाना है
01:08:17और यही मैंने किया मैं आगे बढ़ता रहा न्याय के लिए उम्मीद झीन कर पैसे देना
01:08:25क्या ये उनके अपनों को वापस ला पाएगा या उनकी कमी को कभी पूरा कर पाएगा
01:08:31मुआवजा किसी की भी जिंदेगी की कीमत नहीं हो सकता
01:08:36लेकिन वो कहते हैं न ये राहे ले ही जाएंगी
01:08:40बस मन्जल तक होसला रख
01:08:43कभी सुना है कि अंधेरों ने सवेरा न होने दिया हो
01:09:13क्रूर चाहाँ उस्के घoking जञाहाड कि अंधेरा रहाँ Oooh
01:09:21को कि मैं दी पूरा कि अंधेर को वजरा को जिन को वाएगा
01:09:38श्यवाश हो बस्ता हुआए