00:00One thing is,
00:01I am going to get into my mom with my mom,
00:02and she has a big deal with her face.
00:04She has a happy look,
00:05and has a very good point.
00:08Then she looks at her almost as a greener,
00:10ुसके लंबे-लंबे कान थे और आखें लाल सी चमक रही थी।
00:14फातिमा चौकी और बोली, मम्मी, देखो कितना प्यारा खरगोश है।
00:20लेकिन जब उसने दोबारा देखा, तो खरगोश जाडियों के पीछे भाग गया।
00:24फातिमा को बहुत जिग्यासा हुई। वो धीरे धीरे उस खरगोश के पीछे चल पड़ी। खरगोश उचलता कूदता जा रहा था और फातिमा भी पीछे-पीछे। थोड़ी देर बाद वो पार्क से काफी दूर निकल आई और एक अजीब से छोटे दर्वाजे के सामने प
00:54पेड और रंग बिरंगे पक्षी उड़ रहे थे। खरगोश ने फातिमा की तरफ देखा और बोला, स्वागत है फातिमा, चलो, मैं तुम्हें अपनी पहाड़ी दुनिया की सैर कराता हूँ। फातिमा हैरान तो थी, लेकिन खुशी-खुशी उसके साथ चल पड़ी। र
01:24अब क्या करें, हम वापस कैसे जाएंगे। खरगोश ने कहा, डरो मत, पास में एक गुफा है, हम वहाँ छुप सकते हैं, लेकिन वो थोड़ी दूर है, क्या तुम मेरा साथ दोगी। फातिमा ने हिम्मत दिखाई और बोली, हाँ, चलो, हम मिलकर इस से बाहर निकल सकते है
01:54फातिमा ने लकडियों से आग जलाई और खरगोश ने अपने थैले से सूखे मेवे निकाले, दोनों ने साथ में खाना खाया और बाहर के तूफान का इंतजार किया। अगली सुबह, जब सूरज निकला और आसमान साफ हुआ, तो सब कुछ फिर से सुन्दर लगने लगा
02:24उसकी जिन्दगी का सबसे यादगार दिन बन गया।
02:54दिन्दगी के धीरे उस खरगोश के पीछे लगने लगने।