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Judwa_ Episode 20 / Pakistani drama / HUM TV
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FunTranscript
00:00मैं मसमात पतीजा बिलाल ये है डीजू
00:04जी मैं भाग नहीं थी तुम्हार साथ
00:06हमारी कहानी की हेरोई
00:07मैं भाग नहीं थी उसके साथ सिर्फ निका
00:10दुखसती मात में प्रॉपर
00:11एक आम सी लड़की इसे खुश रहने के लिए चांद तारे नहीं चाहिए
00:15बस एक छोटी सी जगा वो भी
00:18दिल वाली गली में यकुम रमजान और मुबारक से
00:26रोजाना शब नो बजे
00:28खैर रख्शी वो तुम्हारी दोस्त एक रिष्टा लेकर आई थी ना
00:38उसका नमबर चाहिए
00:40फूब
00:42माभू मैं तो वो
00:47मैं सारे की शादी जल तस जल करवा देना चाहता
00:50सारे मेरे फोन पर कौन मेसज़ इसकर रहा होगा
00:55मैं तो आदिल ने काया न वो पता लगा लेगा
00:59तुम्हे टेंशन क्यों ने रही हो
01:12मैं कैसे बताओं मजहर को
01:36ना उसकी पहली बीवी भागी थी ना बेटी
01:39पता नहीं ऐसा क्या कहा होगा मेरी बच्ची को
01:43कि वो मेरे पास आने के बजाए घर से निकल गई
01:47सल्मा तुम्हारी बात हुई
01:52सारा से
01:55नहीं भई लड़के की मा से
01:58पहली बात तो ये है कि आपकी बहन ने मुझे नमबर नहीं दिया
02:04और दूसरी बात ये है मजर सहाब
02:08कि आप अपनी हतेली में खौमखा सरसो जमा रहे हैं
02:11एकी बात करते करते ठकनी चुके आप
02:14क्या मतलब है तुम्हारे इस बात से
02:16मतलब साफ जाहिर है
02:18आप बस इतनी जयात्ति न कीजिए
02:22मैं जयात्ती कर रहा हूँ
02:25या इस घर से भाग के उस लड़की ने जयात्ति की है
02:27वो भागी नहीं है
02:28उसे मजबूर किया गया है
02:30अच्छा किसने मजबूर कर दिया और क्या मजबूरी थी ऐसी
02:33इतनी से बात अभी तक आप समझ नहीं पाए
02:36आपकी बेहन ने मुझे नंबर नहीं दिया
02:38इस बात से कोई बात वाज़े नहीं हो रही
02:40खूल गई होंगी
02:44याद दी रहा होगा और क्या हो सकता
02:46करता हूँ पता मैं
02:48काश पता ही चल जाए आपको
02:51और मेरी कहीवी बात से कोई फर्क पढ़ जाए
02:56मैं महसूस कर रहा हूँ सलमा के तुम कुछ जादे ही
03:00जबान नहीं चलाने लगी मेरे साथ
03:02मुझे चलानी पढ़ती है
03:05क्योंकि मुझे लगता है
03:07आपको मेरी बात सुनाई ही नहीं देती शायद
03:10काश आप समझ सकते
03:18जो मैं कहना चाहती
03:21काश आपको पता होता
03:24कि आपके साथ होने वाली ज्याद्ती में
03:26किसका हाथ है
03:26तो आपको अपनी महन की चाल बाजी समझ आ जाती
03:31इतने सालों से आप जिसे सीने से लगा कर बैठे हैं
03:37वो सीने पर मूंग डलने के लिए
03:40आपके आस्तीन का साप बनी हुई है
03:42असलाम अलेकुम आजी
03:51वालेकुम सलाम
03:53मिलके फुरसक मा के पास आने की
03:56मा जी दरसल फुरसत तो आपको मिल गए मेरे पास आने के
04:04वरना आप तो हर्वत वहाँ दोड़ जाती है
04:07जहां मैं जाना भी बसंद नहीं करता
04:08तो क्या करूं
04:10आए दिन यहां कोई न कोई तमाशा रहता है
04:13सुना सारा फिर कहीं चलीजी
04:17जहां अपनी दोस्त क्या गई है बात होती है मेरे उस
04:23तुम से बात करती है
04:25तुम उसकी शक्कल न देखो
04:27तुम उस भागी भी औरत की बेटी से बात करते हो
04:32मर गई है वो
04:33अब तो बखसते हैं उसे
04:37तुम जिन्दों को बखसकते हो
04:39माजी मैं मासी की बातें कुरेदने के लिए तो आपके पास आके बैठा नहीं था
04:44मैं चारा हूं के सारा गेव शादी कर दूँ
04:49आप घर की बड़ी हैं तो आप उन लोगों से बात कर लें बस ये चारा था
04:52तो आगई क्या हो
04:55पता नहीं फरत इदर आओ
04:58जी भाई ज़रा इनकी बात कराओ उनसे
05:03किन से
05:04फरत तुम्हें लग रहा है मैं कुछ ना कुछ कर रहा हूं
05:09कब से कह रहा हूं कि उनकी बात कराओ
05:13उनकी बात कराओ माजी से लेकिन तुम
05:17तुमसे होता है तो ठीक है, नहीं होता तो मिझे बता दो, मैं कुछ ना कुछ कर लूँगा
05:23नहीं नहीं, अच्छा आप वो कुल्चन बहन की बात करें
05:27जी जी मैं अम्मी से बात करा देती हूँ, वो असल में मैं फोन कमरे में भूल गई हूँ
05:32मैं ले आती हूँ फोन, बात करा देती हूँ
05:36जिप तमाशा बना रखा है, काम नहीं हो रहा है इन लोगों से
05:41तुम्हें लगता है कि रिष्टा चल पाएगा
05:45माजी कोई भी रिष्टा चलने की या ना चलने की को गैरंटी होती है
06:02तुम्हें क्या हो गया, से क्यों बेटी भी हो यापे
06:11मेरी फोन पे मेसेज़ेस किस्ते की होंगे
06:17तुम कल रात से यही सुच रही हो
06:20अरी चादर की पकड़ी भी है, कहीं जा रही हो क्या
06:24चछी यह सारा
06:30कुछ नहीं होता, तुम परिशान में तो, वहाँ जाके पता चल जाएगा यह सब कौन कर रहे
06:34जखिन पर भी चुग हो रहा है, वो गलत है
06:38यह ठीक नहीं है
06:40लेकिन ठीक कुछ भी नहीं होता
06:43सब कुछ ठीक करना पड़ता है
06:46सरमत की कौले, तुम बात नहीं करोगी
06:54नहीं करनी थी, इसलिए नहीं की
06:57फिर वो यहाँ आजाएगा, सारा
07:01आने दो
07:03लेकिन जब इस बार वो आए ना तो तुम मत जाना, प्लीज
07:06छेके मैं तो नहीं जाओंगी, लेकिन
07:09अगर उसने जबरदस्थी की तो
07:11असलाम लेकुम बाबा
07:20मेरी बात गोर से सुनो
07:22मैं सिर्फ पाँच दिन में तुम्हारी शादी करने वाला हूँ
07:26चाब मेरी शादी करे हैं
07:29ठीक, आ रही हूं बस
07:33आपने कहा है, तो करनी तो पड़ीगी शादी
07:38शारा तो
08:03क्या हूँ?
08:10चारा से बात हो रही थी, अभी शादी का सुनते ही कह रही है, मैं आ रही हूँ
08:13कोई नहीं समझ सकता है इस लड़की का
08:20आप नहीं समझ पा रहे हैं उस
08:22दर गई है वो
08:26मेरा खाल है कि शादी की त्यारी करो
08:29और लड़की की माँ से
08:33मेरा खाल है ये काम भी फरहत के जिम्में लगा दूँ क्योंकि तुम से तो होगा नहीं
08:41फरहत से बात करवाएंगे तो इतना यकीन है
08:53कि ये शादी तो आसान नहीं है फिर
08:56मगर सारा के बापस आ जाने पर उसका हशर
09:00अजीब बुलजहन का शिकार हो रही हूँ मैं
09:04मना किया था न तुम्हे मैंने
09:08कि मेसेज़ेज वाना ड्रामा मत करना
09:10लेकिन नहीं तुमने तो मेरी नहीं सुननी
09:13अब भुक तो
09:14माम मुझे क्या पता था
09:17अजी तो लगा कि मामू बेटी के पसंद सुनकर मना कर देंगे
09:21अगर वो तो
09:22वो उस सारा को यहां से दफा करने के लिए ना कुछ भी कर सकते है
09:26किन मेरी मुहबत के पीछे क्यों पढ़ गाएं
09:29कर दे ना उस सारा की शादी किसी राह चलते से
09:33सिंदेगी मुश्कल करके रगती है
09:35अब बस मुझे कुछ नहीं बता
09:38तुम उस मनवर को बोलो
09:39अपनी मा को कहे बस तुम से शादी करानी है
09:43मैं कह चुक्यों ममा
09:44वो कह रहा है कि मैं कोशिश करूँगा
09:47कोशिश करेगा?
09:49क्या मतलब है?
09:50इतना पैसा उसके पर खर्च के इस दिन के लिए कि वो कोशिश करेगा?
09:54रक्षी
09:55फरहद
09:56जी बाई
10:01बाई वो जो लड़के की मा हैं उनसे कहो के दोते दिन में आ जाए ज़रा
10:05सारा से मेरी बात हो गई है
10:11उसको मैंने बता दिया कि उसकी शादी कर रहा हूँ
10:13लेकिन बड़े मामू
10:16वो सारा अगर वहां से भाग गई तो
10:21नहीं
10:23शादी का सुनके दो वापसारे है
10:26रक्षी, रक्षी, रक्षी मेरी बच्ची, उठाओ
10:41रक्षी, उठाओ
10:45रक्षी, उठाओ, रक्षी, मरी बात सुनो, रक्षी
10:50रक्षी, मा, मा, प्लीज ये चादी नहीं होने चाहिए, मा, प्लीज, आप कुछ करे, ये चादी नहीं होने चाहिए
11:02प्लीज नहीं होने चाहिए
11:08प्लीज चाहिए
11:11प्लीज रक्षी, रक्षी, जुछ करेंगे
11:14प्लीज रक्षी, मा, रक्षी, उठादी
11:19कर दो कर दो
11:49साले को मामी
12:08अगले कमा से
12:19मामे, अपकी तबियत कैसी है?
12:22कैसी होगी?
12:24सब कुछ तुमारे सामने तो है?
12:27आपको एक बात बताओं.
12:32हाँ, बताओ इतनी राजदारी से क्यों कह रहे हैं?
12:37कल रात मैंने सारा से बात किये.
12:39इसको बोला था कि जल्दी से वापस आ जाए.
12:41बताया था तुमारे मामो ने.
12:48दो तीन रोज में आ जाएगी.
12:51मुझे कह रही थी कि मामो फोन ने उठा रहे.
12:54तो मुझे कर दिया था.
12:57उससे कह रही थी कि उसे नवरफ से शादी ने करनी.
13:02तो क्यों आ रहे है वो यहां?
13:04मैं ठीकी तो कह रही हूँ, वो क्यों आ रही है यहाँ
13:09तो अरे मामो का गुस्सा भूल गई है क्या वहाँ जाके
13:12डर खौफ हत्म हो गया उसका
13:14पता नहीं, इसके लेजर में कोई अजीब ही अंदास था
13:19और यहाँ, मामो को पूरा यकीन हो गया कि
13:24वो लड़का मनवर ही है, जिसके साथ सारा भागए है
13:28इससे वो यह सब कुछ इतनी चल्दी में कर रहे है
13:32लेकिन मैं तुमसे क्या को हूँ, के सच तो असल में क्या है आद्व
13:35काश मैं तुम्हें बता सकती के इस सब के पीछे
13:42तुमारी मा और बहन का कितना हाथ है
13:45मैं समझ सकता हूँ
13:48अगर आप टेंशन मत लें, मुझे कुछ दिन दे दें
13:52मैं इस सच सामने ला सकता हूँ
13:55क्यों कैसा सच?
13:58इस शादी के पीछे का सच
14:00मुझे भी इस सच का इंतजार रही थे
14:12जारा
14:20यहां क्या कर रही हो?
14:24मैं आप
14:25आप क्या मतलब?
14:29मैंने आ सकती हैं
14:31नई नई आप आ सकती हैं
14:33आपके घर आपके जो मर्जी आप करें
14:35आप जारा की ममा यह कोई मामुली बात थोड़ी ने
14:42क्या चल रहे तुमारे दुमाह क्या बोलती रहती हो क्या सोचती रहती हो
14:49सोच रहूं गड़ से बाग जाओं
14:53क्या हो यह बहुत अब मैं ऐसी बोल रही थी
15:07कहां जा रही थी थी
15:10कहीं नहीं जा रही थी में
15:14गर से कहीं जा सकति हूँ
15:17कुम कहीं नहीं जॉपके
15:19कब तुम घर से बाहर निकले
15:22मुच्छे बुरा कोई नहीं होगा
15:25और अब तुम मजाग कर रही थी
15:28भौत घटिया मजाग तुब
15:31मैं मैं अन्तियो ममा, गटिया मजाट था, मुश्यूरी
15:37लोगों ने आपकी जिंदगी को मजाट बना रहा है था ना
15:41लोग इसाद दो दो हाथ करने जाय रही थी मत
15:46कराची
15:49कराची तुम्हारे दिमाग से नहीं निकल रहा
15:51इस बार तु कराची का नाम ही नहीं लिया मैंने
15:58हैरत है, आपने गैस कर लिया
16:02लेकिन आप माने या ना माने मैं मजाट ही कर रही थी
16:05तुम जूद बोल गई है, मैं सच बोल रही हूँ लेकिन
16:09जाने ने आप
16:12वे, क्या हो गैजार
16:14वह अजीब सी बातें तरने लगी है
16:18महारी बातों से मुझे घबरात होने लगी है
16:22ऐसा लगता है जैसे मेरा सीने से दिल निकल जाएगा
16:26पर खेर उपर से तुम्हारी हरकते
16:29कभी चाए, कभी पराठा
16:32और तुम्हारी ड्रेसिंग तुम कबल गई है
16:35यहाँ यहाँ यहाँ पर कोई कोई फिल्म चल रही है और मेरी कोई जड़वा बहन है वो आई है उसमें मुझे अपने सारे स्ट्रॉंगल्स बताएं और मैं जा रही हूँ उसके लिए बदला लेने
16:43और आपने अगर मुझे रोका तो बहुत बुरा तरेंगी
16:46आपकोर्स ममा फिल्म चल रही है याँ याँ पर
16:50मैं सब कुछ भूलना चाहती हूँ लेकिन तुम मुझे बूलने नहीं देती है
16:55क्या चल रहा है तुम्हारे दिमाग में
17:00मैं कही नहीं जाओंगी मैं यही हूँ आपकी नजरों के सामने
17:05अरे ममा आप तो मुझे ऐसे देख रही हैं तो जबदा नहीं मैंने कोई जूट बोला और आप मेरी बात पर ही यकीन रच सकते
17:15ता जूट नहीं भोलती मैं
17:17अच्छा
17:19अच्छा
17:20नानम यहा ने जो मेरे आती कडवी चाय पीए थी और वो इतना खुश हुआ था आपके लिए भी चाय बनाँ
17:25मझे कुछ नहीं पीगा तो मंदर जो इत्ती भी बुरी नहीं थी चसमी एक दफा ट्राय तो करे तो मंदर जो
17:32सोची तो मैं थोड़ी दे फ्रेश हावा लेनू आप
17:35अच्छा जारीं
17:40इसकी बात पर यकिन करूं के नहीं
17:52नहीं कर सकती यकिन ये कुछ ना कुछ करेगी
17:58ये सब क्या था जारा?
18:02क्या क्या था?
18:04तुम उनको सब कुछ बता रही थी?
18:07अगर उनको पता चलिये तो उमझे घर से निकाल देंगी
18:10और तुम उनके सामने सब कुछ सच सच कह रही थी
18:12तुम अथनी टेंशन मतलो
18:14कोई निकालेगा तुम्हें घर से
18:17और उनको सच और लेड़ी बता है, और ममा न, ममा तो तुम्हें कहीं जाने भी नहीं देंगी
18:22क्यों? क्या कह रही हो?
18:27दुश्रे, एथी टेंशन क्यों लेती हो तुम?
18:32बिलकुल ममा जैसे हो, अभी अब तुम अपनी शकल लेखोगी न, बिलकुल ममा लग रही हो
18:36अल्लाएं, वो मुझसे ज़्यादा प्यारी है, ऐसी बातें नहीं बुटते
18:41पर देखो, उन्हें अभी शौक चड़ा है, मेरी चौकी दारी करने का, ठीक है?
18:46तो तुम्हें थोड़ा देहान रखना होगा, पर गलती नहीं करना, प्रीज
18:49और अब बस में जाने की तैयारी करी हूँ, मैं कभी भी निकल जाओंगी
18:55तो तुम्हें बहुत नहान रखना पड़ेगा, सारा, ठीक है?
18:59और उनको न, एसास मत उने देना कि उनकी सारा उनके पास नहीं है
19:03मैं पूरी कोशिश करूंगी कि उनको लगे कि मैं उनकी बेटी ही हो
19:07तो मैं कोशिश करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी
19:11तुम्हें उनकी बेटी ही हो
19:33तुम्हें उनकी बेटी है
20:03सर्मार
20:07अरे वाह
20:15माशाला
20:17आज तो मेरा शिजादा घर पे स्टड़ी कर रहा है
20:21तो घर पर पढ़ाई नहीं हो सकती किया
20:23नहीं, एक्चली
20:25आप घर पर पढ़ाई करते हुए कम दिखाई देते हैं
20:28इसलिए यकीन करना थोड़ा मुश्किल है
20:31एक बात बतनाया बुझे
20:33घर पर रहूं तो मसला
20:35घर से बार जाओं तो मसला
20:37या अप अमाओं का मसला गया है
20:39अभी खुश होंगे आपमसे
20:41लडाई होगी ना तुम्हारी
20:43किससे
20:45जिससे भी भी है
20:47लेकिन एक्जाम सकना
20:49अब लडाई रखना
20:51वह जारा इतनी भी बुरी नहीं है
20:53आप पतनी क्या बोलती रहती
20:55उसके बार में
20:57वह इतनी भी अच्छी हो जाएगी ना
20:59तो मैं खुद उसे
21:01अपने घर की बहु बनाऊंगी
21:03छी के?
21:04चलो, आच्छी से परो
21:33कैसी तबियत है बरक्षी की?
21:51जी, बहता रहे
21:54अच्छा फरत
21:56देखो, हम सब जानते हैं बलके
21:58मैंने तो सारी जिन्दगी देखा है
22:01तुमने सारा को समालने की बहुत
22:04खोशिश की है
22:05लिकिन सल्मा जो है
22:10यह उसके बस की बात है
22:12पराई उलाद हैना भाई जान
22:15पराई एलाद को
22:21कैसे समझाए?
22:23सल्मा को तो अब बाती ही करना आ गए है
22:25बस अब क्या बताऊं आपको मैं
22:30अच्छा अभी तुम कुछ मत बताओ तुम्हें काम करो
22:33जरा मुनवर की वालदा को फोन मिलाओ
22:35बात करो उंच्छा
22:40अभी?
22:42हाँ हाँ अभी मिलाओ
22:44जरा मिलाओ
22:45जरा मिलाओ
22:46जरा मिलाओ
22:47स्पीकर पर करो
22:51हेलो
23:02जी कैसी आप?
23:04जी मैं बिलकुल ठीक हूँ
23:06आप कौन?
23:08मैं रक्षी
23:12वो सारा की फोपोग बात कर रही हूँ
23:17अच्छा अच्छा कैसी आप ठीक हैं?
23:20बहुत देर कर दी आपने कॉल करते करते
23:23देर तो आपकी तरह से हुई है
23:26सुबा का भूला अगर शाम को घार आ जाये तो उसे भूला नहीं कहते
23:30जी बिलकुल
23:36असल में बहन मुझे आपसे ये बात करनी थी
23:39कि आपकी बेटी जो है न वो बहुत प्यारी है
23:43लेकिन ये तो सब नसीबों के खेल है न
23:47दरसल मुझे आपकी भतीजी बहुत अच्छी लगी
23:52लेकिन आप लोगों ने कोई रापता ही ने किया
23:59जी जी बिलकुल आप सही कह रही है नसीब कई खेल है
24:08ऐसी बात नहीं है नसीब है तो देखें आपकी कॉल आ गई न
24:15जी जी बिलकुल वो कहते है न जो होता है अच्छे के लिए होता है
24:20तो क्यों न हम मिल बैटकर अच्छी बाते कर लें कब आरी है आप हमारे गार
24:26जी मैं तो बिल्कुल तैयार हूं आने के लिए आप बताएं कब आना है
24:30अब दो तीन दिन में
24:36चले ठीक है मैं मुनवर से बात करती हूँ फिर हम आते हैं
24:42चले जी ठीक ठीक ठांक यू
24:43अरे
24:48चलो शुकर है
24:54बात भी हो गए यह मसला भी हो गया
25:24यह सारा तो कितली डिफरेंट लग रही है
25:40अगर यह ऐसे वही तो तो अच्छा होगा
25:43आँ जाकर बात बतल गई है
25:46पता नहीं किस के साथ रह दी थी है
25:50मैं
25:51क्या मैं मेसेज करूं सारा को
25:54नहीं क्या हो गया मुच्पों
26:00क्या हो है
26:21लड़ाई बढ़ाई हुई है सिर्मत से
26:25नानमी गा क्या खौब सिर्फ बाप ही देखते है
26:30है
26:31यह किस देगा
26:33खौबों भी किसी की अजारवादारी थोड़ी होती है
26:37सब देखते
26:38तो पर शल्मत नहीं क्यों बोला कि
26:42अबर मेरा बाबा होते तो फूब मेरे लिए खौब देखते
26:44तुम्हारे बाप ने तो मारने का खाथ देखर रखा था
26:49लुगर शाजिया का बाप तुम्हें यहां ले आया
26:52क्या हुआ?
26:56क्या सोच रहे?
26:58कुछ नहीं
26:59सोच रहा हूँ कि तुम चाहे कितने चीवे ना थी?
27:08बात बदल रहे हैं आप
27:09क्या आपके पास जवाब नहीं है
27:11मेरे खाब तो रंग में होते हैं
27:19लेकिन लोग कहते हैं कि खाब ब्लाक इंवाइट भी होते हैं
27:22खाबों को कोई रंग गिंगता
27:27रंग तुम्हारी सोच कपता है
27:31तो फिर सोच का सबसे खुबसूरत रंग कौन सा है?
27:35वो ही जो तुम्हारी सोच को अच्छा देखे
27:39खाबलाट देखे
27:44प्रुम्हारी सोच कोई भी होचा
27:49झाल प्रश्ट
27:51जो तुम्हारी सुदध
27:56असारे को मैं वहां बेज़कर ठीक कह रही हूँ
28:22वो बोल्ड है कहीं आदल उसे
28:24नहीं नहीं वो मेरे लिए ऐसा नहीं सोच सकते हैं
28:32लेकिन सारा के लिए तो सोच सकते हैं
28:36ये मैं कि मैं क्या सोच रही हूँ
28:42जारा मेरी खातर क्या क्या कह रही है
28:45नहीं नहीं मैं ऐसा नहीं सोचूंगी
28:50पर आदल ने तो जारा को सारा समझ के ही मेसेज किया है ना
28:53ऑगे हैना?
28:59जारा ये मेसरण
29:05नननम्या?
29:08कौन था?
29:10कौन, कहा बहो है?
29:11कोई नहीं था?
29:13नननम्या, मैने आपसे ख़ाल पूचयोा
29:14आपको जब आप नही देना तो फिर आप ये करेंगे?
29:16है? चले हम बार चलते हैं
29:17आपको जब देखना तो
29:19की भोलच दो पाहर के अचवा अपको इसलों जो वह बाईर कि हब Then
29:29कि अधिन तौट थो अधिक का चलिए और जो कि आले कुछ भी नहीं कि नहीं है
29:34क्या देख रही हो?
29:46मुझे भूख लग रही है, जाओ में ले कुछ बना के ले कराओ
29:48जाओ, जे, और नूरा
29:51अखर ये बाद किसे को बता चली ना?
29:54तुम मुझ सबुरा कोई नी होगा, मैं तुमा बता रही हूँ
29:56जाओ जाओ के कुछ ले कराओ मेरे ले
30:04क्या बोल रही हो? कह तो रहूं के?
30:13तुम मुझे कह रहे थे ना, कि तुम कोशिश करोगे?
30:15तो कब करो? एक गंटे में, दो गंटे में, तीन गंटे में? आखर कब?
30:19मैं भी कर से बाहर हूँ, घर जाओ कर बात करता हो तुशे
30:24मुनवर, महबूग का घर उसकी महबबत होता है, जिसके अंदर वो रहता है, सोता है, सोचता है, उठता है, जिन्दा रहता है
30:37दो साल में जिन्दगी और महबबत को जाया नहीं करता
30:40मेरी महबबत तुम्हें जिया लग रही है, हाँ, बिल्कुल लग रही है, क्योंकि तुम जो कह रहे हो, वो कर नहीं रहे है
30:48और जो तुम्हें करना चाहिए, वो बड़े मामू कर रहे है, तुम्हारी अम्मा
30:54उन्होंने तुम्हारी अम्मा से भी बात कर लिए और तुम अभी तक कोशिश कर रहे हो
30:59तुम जानते हो
31:04तुम्हारी अम्मा फिर से आ रही है
31:06वो भी सारा को देखने के लिए
31:08तुम पता भी है तुम क्या कह रही हो
31:12हाँ जैसे तुम्हारी अम्मा ने तो तुम्हें बताया ही नहीं होगा है ना
31:16अच्छा हाँ सर्प्राइज दे रही होगी ना वो तुम्हें
31:19और तुम जानते हो जिस लड़की को तुम्हारी अम्मा देखने आ रही है वो बेटी
31:27जिसे बड़े मामू ने इतने दिनों से नहीं देखा
31:29वो पता नहीं घर से बाहर किस के साथ फिर रही है
31:31एक दो के साथ तो मैंने उसे पकड़ लिया है
31:35और अभी तो घर से बाहर एतने दिन से
31:38कर लोगे ऐसी लड़की से शादी
31:40जो पता नहीं
31:41सोनो
31:49अपनी अम्मा से कह दे न
31:51कि एक बार देख ले
31:53कहीं दिन में तारे ना दिखा दे वो
31:55एक बार सोच ले
31:57मुझे तो इतनी शरीफ सी लड़की लगी वो
32:07और ये क्या बोल रही है
32:11तुम्हें तो मैं नहीं छोड़ूगी सारा
32:41जारा बीबी
32:49खाना ले ले
32:50दिर्वाजा क्यों नहीं खोल रही है
32:56क्या हुआ
33:00जारा बीबी मैं खाना लेकर आई थी
33:10मुझे नहीं खाना
33:11जाओ
33:14सारा जारा खोलो लेकरार रही है
33:18मैं दिर्वाजानी खोलो को तो मच्परभूसागरहोगी
33:23तो मच्पर वस्दबालों जालादू मैं तो मच्पर बुसागरहोगी
33:36सारा मैं गूर ने चला दूर दर्वासे खोलो
33:41निश्मुला रुत माने गई
33:48सारा बात सुनो तुम मेरी जारा है तुम क्यों गाई थी
34:00आम सुरी जारा आम सुरी मेरी भेल मर्च प्लीज माफ कर दो
34:06तुम कभी बाबा को इसे कर लिए लगाया है नहीं
34:16तुम कभी अपने पास ही नहीं आने देते थे
34:21तखाओ मुझे वो मेसेच जिसके पीछे तुम इतना परिशान हो रही थी
34:36यह है वो मेसेच हाँ जारा मुझे नहीं मुझे नहीं मुझे इसा फिल हो रहा है कि वहां पर कोई मसला हो रहा है जा रही हो नहीं आवाँ
34:50सारे मसले हल कर दूंगी मैं
34:53देख लो
34:59अब
35:07क्यों बेचैनी में इस तरीके से घुमें जा रही हो
35:21आपके वज़ा से ही घुम रही हो मैंसे
35:24मेरी वज़ा से?
35:26अकनी बेवकूफी की वज़ा से घुम रही हो
35:28खुद को बड़ा अकलमन समझती हो ना? लेकिन हो नहीं
35:34ममा आप जानती हैं ना कि मैं अंदर से कितना कोड रही हूं
35:39और आप फिर भी चले पे नमक छड़क रही हैं
35:45आकल तो नहीं हो गई हो
35:47मैं तुम्हारी खातिर कितने पापड बेल रही हो तुम मुझे ताने दे लिए हो
35:51हाथ हो गई है
35:55मैं और क्या करूँ? क्या करूँ मैं?
36:00जो करना चारी हूं वो कर नहीं पा रही है और आप खर पा रही है
36:03मंबा मुझे बस वो चाहिए
36:09मुझे सिर्फ मुनवर से शादी करनी है मैं और कुछ नहीं जानती
36:12एक तो उसकी माँ भी न समझ नहीं आ रहा
36:17आमी भल्ली के परसों आ जाओंगी
36:23नहीं परसों क्यों? कली बुला ले ना
36:29तो सारा कहा है कल? हाँ तो ठीक है ना
36:34आप उसकी माँ को कॉल करके बता दें कि सारा है ही नहीं गर पे
36:38बताना असान है लेकिन भुकतना बहुत मुश्किल
36:42सारा तो यहां से भाग के चले गी है भाईचान ने हमें भी घर से निकाल देना है
36:47ठीक है न मामा
36:49हाँ तो आप मामुचान को ये कह दें
36:52कि मुनवर की मा का खुद फोना आया था
36:54और पर जब वो यहां आएंगी
36:58और देखेंगे कि जिस लड़की के पीछे वो मरी जा रही है
37:01वो तो इस्दत का जनाजा निकल कर जा चुकी है
37:04हाई यह तो चाई
37:34ये इश्क बड़ावे दर्थी है इस इश्क कुझ का मर्जिकरूद