00:00मुझसे पहले तुझे जिस शक्स ने चाहा उसने
00:03शायद अपी तेरा घम दिल से लगा रखा हूँ
00:07एक बेनाम सी उमीद पे अपी शायद
00:10अपने खावों के जजीरों को सजा रखा
00:14मैंने माना कि वो बेगाना एक पैमाने वफा
00:20खो चुका है जो किसी और की रानाई में
00:24शायद अब लौट के आए न तेरी मेफिल में
00:28और कोई दुख न रुलाए तुझे तनहाई में
00:31फिर भी माजी का ख्याल आता है गाहे गाहे
00:35मुद्दें दर्ट की लौग कम तो नहीं कर शक्ती
00:43रखम भर जाएं मगर दाफ तो रह जाता है
00:47दूरियों से कभी यादें तो नहीं मर सकती
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