00:00नोकरी से पता वक्ता होला, लोग के उमीद बढ़ जाला, सब्धे के लागेला की बड़ा सूख में होई, का कमिया होई दिली बंबे रहता, गाच नियन होला कमा सुताद में, सब क्यों अपना हिसाब से फल तोड़ जाये ला, आई वो ज़रूरत ना पुरा पीला पाद में,
00:30देह पे रुवानी ना चड़ला, जिनकी वर पुरा परिवार के धूप पानी से तोपे वला आदमी, भीतर गुनाईल चोखट पियन सर जला हो, कहते बड़ा, सब क्योंगे सबक पुरा करद करद, आपन सबक का वा आदमी भूल जाला पते ना चले,
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