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  • 5 months ago
शंखनाद: उत्तरकाशी में कृत्रिम झील बनी खतरा, सता रहा फ्लैश फ्लड का डर!

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00:00लबस्कार आप देख रहे हैं आज तक आपके साथ मैं हूँ सही दनसारी स्वागत है आपका शंक नाद में उत्तरकाशी में पांच अगस्त को आई तबाही अपने पीछे बरबादी के निशा छोड़ कर चले गई एक सब्ता हस्ता खेलता गाउं पूरी तरह से तबाह बरब
00:30मल्मू के नीचे दबी पड़ी हैं और अपनों की दौाय चमतकार की उम्मीद लगा कर बैढ़ी हैं रेस्क्यू आपरेशन लगातार चल रहा है लेकिन रेस्क्यू की राह भी आसान नहीं है ग्राउंड जीरो से हर्शिल की परिस्तितियों को आपको हम दिखाएंगे लेकि
01:00उत्तरकाशी के धराली में पांच अगस्त को मची तबाही का खौफ अभी खत्म नहीं हुआ है कि अब इस आपदा के असर से हर्शिल में जील वाला खत्रा पैदा हो गया है
01:15ये तस्विरें फिर से कुद्रत वाले संकट की आहरते रही है हर्शिल घाटी में बनी अस्थाई जील खौफ पैदा कर रही है
01:28दरसल धराली ने सेलाग की मार के बाद हर्शिल हाईवे पर पानी जमा होने लगा
01:32जिस जगबर हर्शिल का हेलिपैट था वो जील में तबदील हो गया
01:39इस जील में पानी काफी ज्यादा है लियाजा खत्रा भी बड़ा है
01:45अब हम आपको दिखाते हैं हर्शिल से धराली जाने वाला जो राजमार्ग है जो गंगोत्री तक पहुंचता है
01:52वो पांच अगस्त की जो रिशन आपदा थी उसमें भागी रती के बहाओ में पूरी तरह से बह गया है
01:59करीब आधा किलोमेटर का जो यह हाईवे है यह बह गया है और ठीक सामने यहां पर यह हर्शिल का हैलिपैट था
02:07जहां पर वो हैलिपैट का एक फ्लैग नजर आ रहा है यह हैलिपैट अब भागी रती नदी के जील में यह पूरा इलाका तब्दीर हो गया है बदल गया है
02:20कि ह्लाली से जो फल्वा आफ जो पानी बहाव देज बहाव आया यहां आगे हर्सिल कश्वा नहीं पाँचा उसका बचा हो गया
02:46वह आंदे बहे चुका है
02:50हर्शिल का हेलीपैट तो विशाल जील बन गया है हेलीपैट तो कहीं दिखाई तक नहीं दे रहा है हर और सिर्फ जील का पानी नजर आ रहा है
03:00हर्शिल में बनी ये जील काफी दूर से भी नजर आ रही है जो खत्रे का संकेत दे रही है
03:05एक संभावना इसी जरूर लगती है कि भागिरती का प्रवाह किस ने रोका दरसल आईबैक्स कैम्प में हर्शिल में जो मलबा इस पहार से आया पहार के उचे हिसे से आया इसने पहले सेना के कैम्प को तबाह किया और उसके बाद ये अपने साथ सारा मलबा जिसमें बड़े
03:35प्रवाह रुका पानी कम जाने लगा संभवता उसी समय धराली और उसके पास से भी ज्यादा पानी आ रहा था मलबाई कठा होता रहा उसी के पीछे वो एक अपने आप में दृश्य बांध बनता रहा पानी कठा होता रहा जिसके चलते जलाशे बन गया यानि जलाशे को �
04:05जाया था इस सेलाव में पूरा धराली गाउं तबाह हो गया दराली में रसक्य आपरेशन जारी है लोगों को बचाने और रहत पहुचाने की मोहिम चल रही है इस बीच हर्शिल में बनी आस्थाई जील भी चिंदा बढ़ा रही है उत्तरकाशिक के हर्शिल घाटी से आश
04:35घड़वाल यूनिवर्स्टी के जियोलाजिस्ट एमपीएस बिस्ट ने बताया कि आखिर इन जीलों का निर्मान कैसे होता है और इसके निर्मान से खत्रे क्या है देखे गमगोतरी की तरह बेग नाला है और एक जो आर्मी कैम के उपर जो नाला आता है ये तीन नाले बरा
05:05नमर टू ये जो मलवा है जैसे कि आप देख रहे हैं कि इसको हम एक जिसको हम एक अपनी जियोलोजी की बादसा में कई बार लल ओ एफ करके नाम देते हैं लैंड फ्लाइट लेट आउट वर्स फ्लाड ल एफ तो ये इसकी और तरजी दे रहा है कि कहीं ऐसा नहों कि बह�
05:35उस बाड का नतीज़ा ये हुआ था कि हरिद्वार और नीचे साहरों तक पूरा मलवा बर गया था क्योंकि वो जब ब्रीच आउट होते हैं तो बहुत खतरनाक होते हैं तो इस दृष्टिकोंट से मैं ये कहना चाहूंगा कि ये जो मलवा है चूंकि वहां पे हरसिल के पा
06:05निकल रहा है अगर ये पानी नहीं निकलता तो आप देखिए कि जो मैंने एक अभी आपको एक्षितर शेयर किया है क्योंकि मेरे पास सुक की टॉप से भी लगातार फोन आ रहे हैं कि सर हमारा गाउं जो है नीचे से बुरी तरह से कट रहा है वहां पे भी क्लाउड बर्स
06:35जहां पे जाला के बाद ब्लॉकेड होा था और ब्लॉकेड होने के बाद जाला से लेकर जांगला था जिसमें हरसिल भी है ये पूरी नदी जो है एक जील में परिवर्टित हो गी थी 14 किलोमेटर की जील अच्छा और आप देखिए कि उस 14 किलोमेटर की जील उस जमाने में
07:05ये एक कृत्रिम जील वहाँ पर बन गई जो बहुत बड़ा ख़त्रा है अभी एक्सवर्ड को आपने सुना अब धराली जो कि पूरा का पूरा गाउं मल्बे में दफ्न हो चुका है सबसे पहले धराली पहुंचे थे हमारे सब वादा था मंजीत ने अभी तक महाँ पर सेना
07:35देखें अभी जो खास्तों से राहत और बचाव का काम है जिसमें खास्तों से यात्री जो फसे वे हैं आज भी दो मी सेवेंटीन और एक चिनूख हेलिकोप्टर की मदद से पिछले चार दिनों में करीब हजार लोगों को वह यह वो लोग हैं जो तरी त्यात्री हैं गंग
08:05लाई गई हैं और आरण्वीसी सेंटर मुंबई मेरड से छे डॉट्व लाए गए हैं जिनकी मदद से करीब जो चालीस प्टाइब पचास फीट मलवा है चाहे हम धराली की
08:16बात करें, चाभा ह!」 हर्सिल की बात करें, वहां पर कोश्चर हो रही है, खास्ताओर
08:21से अगर हर्सिल की बात करूँ वहां पर बारते सेना कि सैनिक हैं, आठ उन
08:25को ढूड़ने की इसके रावावा, धराली में क्योंकी ज्यादा स्थिति
08:28गंभीर है वहाँ पर अभी भी लगभग सौ लोगों के आसपास के दबे होने के संभावना है तो जो रेस्क्यू का वर्क है वो तेज हुआ है अभी और जो मसीने हैं लेकिन बड़ी चिंता ही है कि मलवे जो मलवा है वो काफी उचा है चाली से पचास फिट धराली की मैं बा
08:58ठीक है बहुत धन्यवाद मंझीत मंझीत मेंगी हमारे समवादाटा जानकरी दे रहे थे मंझीत हरशल धराली के बिलकु के हमारे बहुत सारे संवादाता धराली की एक olsun खबर आप तक पहूंचाने का प्रयास कर रहे हैं हरशल का हाल बोह दो है ग्राइमरे संवादा आशő
09:28प्रूश यहां पहांचे।
09:58कर दिया।
09:59पलक छपकते ही पूरा इलाका मल्बे में तब्दील हो गया।
10:07सडके गायब हो गई, मकान गायब हो गई, बस नजर आ रहा है तुम मल्बा।
10:14यह सिर्फ दलदल है और इस पर पैर रखना जानलेवा है।
10:19पैर रखिये और आप कई फिट अंदर चले जाएंगे।
10:2140-50 फिटूचा मल्बा है, ठीक पहाडों से आया।
10:24इसकी नीचे घर थे, मकान थे, मकानों के साथ होटल थे, ढाबे थे, टूरिस्ट भी हो सकते हैं।
10:29टूरिस्ट भी हो सकते हैं।
10:30इसके नीचे कितने लोग दबे हैं कोई नहीं जानता।
10:32लेकिन दरसल इस मल्बे की वज़े से यहां पर रास्ता बनाना मुश्किल है।
10:36मुश्किल क्यूं है? क्योंकि इसमें अगर कोई मशीन जाती है फंस जाएगी।
10:38उस मशीन को निकालने के लिए दूसरी मशीन चाहिए।
10:41और यहां संसाधन सीमित हैं क्योंकि सडक मार्क पूरी तरह से कट चुका है।
10:45बिचली यहां है नई कम्मिनिकेशन लाइन रिस्टोर की जा रही है।
10:47आगे गंगोतरी का रास्ता कटा हुआ है।
10:49तो बड़ी मशीने यहां पर एर लिफ्ट की गई हैं।
10:52चिनुक से यहां पर आई हैं।
10:53दो-तिर मशीने यहां काम कर रही हैं।
10:55और वो इसी कोशिश में कि एक बार रास्ता कम से कम दुरूस्त हो जाए।
10:58तो बड़ी बड़े दूसरे जो संसाथनों की जरूरत पढ़ेगी सर्च आप्स के लिए वो यहां पहुंचाया जा सकेगा।
11:04तबाही, विनाश, बर्बादी, धराली में इस वक्त यही नजर आ रहा है।
11:09और इस बीच लोगों को बचाने और उंतकराहत पहुंचाने का ऑपरेशन चल रहा है।
11:39यहां पर यह गाओं है धराली का, देगे क्या पेड, क्या पौधे, क्या मकान, क्या दुकान, एक नहीं, दो मंजिल नहीं, तीन मंजिल नहीं, सब कुछ बिलकुल जमीदोज हो चुका है, सब कुछ इस मलबे का शिकार हो चुका है, अब यहां देखे, कई सारे घर हैं, इस
12:09शे बन रहा है जो इस संकट के बीच खत्रे का संकेत दे रहा है पूरा इलाका डल डल बन चुका है जहां चलना तक मुश्किल हो रहा है
12:18यह देखे कितना धसाव है इस इलाके में दल दल है और रास्ता बनाते हुए यह पूरे जूते और पैर यहां पर धस रहे हैं
12:30अब इसे अंदाजा लगा सकते हैं कि कितने दल दल है
13:00पैर गड़ गये हैं इस इलाके में यह पूरा दल दल है और जब तक यह सूपता नहीं है तब तक मुश्किले बढ़ेंगी सर्च आपरेशन में इवाट और रहा हो चुका हैGS
13:19पहली यहां के हालात सामान नी किये जाएं जो कि पूरी तरह से तबाह हो चुका है और वहीं दूसरी ओर चुनाती जिन्दगियों को बचानी की भीचारी है
13:49तो मैनुली चाहे काटना हो या फिर खुदाई करनी हो वहां से निकाल पाएंगे तो कहीं पर किसी तरह की हल चल मिली आपनों अभी तक कुछ नहीं मिली जहां पर काफी मलवा जो है काफी बता रहे हैं कि तीन मंजिला हुआ गर ती यहां पर कभी तो उतना ही यह बिल्डिं�
14:19अभी तक आपने जितना एरिया मिला किसी तरह के सिगनल्स मिलें कि अभी तक तो कुछ नहीं मिला है हम लगारा कल से जो है इसको सर्च करवा है जरसल मानवी कोशिश में जब मशीने भी कई बार खाम्याब नहीं होती है तो यह जो बेजुबान है यह बहुत मददकार होते
14:49कौन कहगा यहां कभी बस्ती हुआ करती थी गाउं गुलजार थे बाजार में रौनक हुआ करती थी सब तबाह हो गया नजाने कितनी कहानिया अब इस मलवे के नीचे दवी है बस उन्हीं जिन्दगियों को तलाशने की आखरी कोश जारी है
15:03धराली में बाजार के बीचों बीच मैं खड़ा हूं मलवे के उपर यह घर्द यहां था नहीं यह घर्द यहां से 40-50 फिक तीछे था लेकिन जब सैलाब आया तो अपने साथ इस घर को पूरे के पूरे स्ट्रक्शर को बहा करके लेकि आया घर का नुकसान देगी किस तरह
15:33हट से और किसा स्निफर डॉग कि क्या मलवे में कोई फसा हो सकता है इसे लिए भी स्कूरिज हट को तोड़ा जा रहा है जो सर्च ऑपरेशन है उसमें कुछ इसी तरह की मुश्किले हैं कि आपको हर घर हर वो इलाके हर जगे जाकर देखना होगा कि क्या उस टेरेन में कोई
16:03हैं मौसम ने ऐसी चोड़ दी है जिसे पूरी तरह से भरना तो मुश्किल है बस मरहम लगानी के कोशिशें जारी है आशुतोष मिश्रा धराली आज तक
16:15हरशिल में सेना के कैम को भी भारी नुकसान हुआ है जहां लगाता रिस्तिकों सामान ने बनाने का प्रियास चल रहा है अबारी समवद्दाता आश्टोष मिश्रा की एरिपूर्ट
16:32हरशिल में कहीं सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है तो वो सेना की एक कैम को हुआ है आईवेक्स को देखे ये पूरी ट्रक है इस ट्रक में फोजियों का आना जाना होता उसके साथ एक कार है पूरी की पूरी ट्रक न सिर्फ पलती है बह के आई है कार 200 मीटर की दूरी पर थ
17:02मलबा इतनी ताकत से आया कि उसने सब कुछ धराशाई कर दिया कि सडकों पर कोई गाडिया थी उसको जैसे लग रहा हूँ कि कागस की ना हो बहा दिया बड़े बड़े ट्रक थे उनको तबाह कर दिया इस पूरे टेरेन में पहचानना मुश्किल है कि सडक कहा है स्ट्रक्
17:32मा करनी मा दुर्गा का एक मंदिर है और मंदिर में भी मलबा हला कि बहुत ज्यादा नहीं गया लेकिन मंदिर के जो उचाई थे सीड़ियों पर यहां सब कुछ आ गया है यह बड़े बड़े जो तने हैं पेड़े की जड़े हैं यह सब बहकर कर आई है और इसी से पता चल
18:02पूरा सेना का कैंप था जो पूरी तरह से समतल हो गया अब यह सिर्फ पत्थर, मलबे, मिट्टी का धेर बनकर रह चुका है यह हर्शिल की तबाही की वो तस्वीरे हैं जो आप आज तक पर देख रहे हैं यहां से यह वो जगए आपको दिखाते हैं कि तबाही आई कहां स
18:32सेना, NDRF, SDRF, ITBP, स्थानिय पुलिस, प्रशासन सभी रेस्क्यू में जुटे हुए
18:44ITBP भी रेस्क्यू आपरेशन चला रही है और इस पर रेस्क्यू को कैसे सभाल देए, क्या परिशानिया है, इस्तिती क्या है, तैयारी क्या है, मंजीत नेगी, हमारी सबवद्धाता की यह विश्यश रिपोर्ट
19:14क्योंते जवान यहां पर रिस्क्यू किये गए हैं अभी तक टोटल 13 जवानों को और सिविलियन्स को हर्शिल से एयर लिफ्ट करके मातली में लाए गया है, यहां पर लाने के बाद इन्हें आई टीवी पी के हॉस्पिटल में इलाज दिया जा रहा है, और जिन
19:30पेशेट्स की हालत ज्यादा गंबीर है, उन्हें दिस्टिक उत्तरकाशी के दिस्टिक हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जा रहा है, अभी तक जो हमारे सूचना के अधार पर इसमें 11 आर्वी के करमी हैं और तीन हमारे सिविल बाई बंदू हैं, आई टीवी पी किस तर से �
20:00लोगों की 10 टीम है, बहुत सारे कामों में और रेस्क्यू और कैजूल्टी वेक्विशन में लगे हुए हैं, कल शाम को ही लगबग 5 बजे तक 110 लोगों को हमने सेफ जगा पर इवेक्वेट किया, जिसमें कुछ लोगों को हमने गंगोत्री बेजा और लगबग 56 लोगों क
20:30धराली गाओं तो पूरी तरह से समतल हो चुका है, वो एक मैदान का रूप ले चुका है, एक भी घर वहाँ बाकी नहीं है, लेकिन आसपास के लाकों में बहुत सारे लोग पसे हुए जिनका रेस्क्यू किया जा रहा है, इस पूरे रेस्क्यू में कई सारे ऐसे परिवार
21:00जहां कभी इन लोगों का हस्ता खेलता परिवार रहा करता था, अब उस परिवार का कुछ आता पता नहीं है, अंजली इस्टवाल हमारी सब्वाद दाता की एक्स्क्लूसिफ रिड़ू
21:12जो प्रोग्रिस है इस ब्रिज की उसे आप देख सकते हैं, इस वक्त हमें पीछे की तरफ धकेल दिया गया है, मीडिया को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है, लेकिन जो ब्रिज है वो अब थोड़ा आगे बढ़ा तो है, लेकिन अभी भी मन्जिल बहुत दूर है, और हम
21:42यही है कि अगर भार बढ़ गया आगे की तरफ तो ब्रिज जुक कर नीचे गिर जाएगा और वो एक बड़ी मुसीवत साबित होगी, लेकिन ऐसा समझते हुए, बियारो और भारतिय सेना के इंजिनियर्स इस पर काम कर रहे हैं, और उमीद यही की जा रही है कि यह ब्रि�
22:12उनकी खोच खबर ले पाएं और हमारी मुलाकात ऐसे लोगों से हो रही है, जो यहां आकर बैठ गए हैं, और इंतजार कर रहे हैं कि किसी तरह से वो पार चले आदूए
22:19आप जाना नहीं परका रहांगे हो determining कितीन दिन तक गाड़ी में बेटा रही आपका कौन है
22:40पर एक भी लड़का है बेटा है उसका मेर Eleus Tag और कॉून है
22:47आपका कौन है सर बाई उतिश ओर्टिश ओर्टिश तो यहां जितने भी लोग बैठे हैं उनका किसी का भाई किसी का बेटा किसी का पती तो सब इतना जोखिम लेने के लिए तैयार है कि पतली सी रसी है वहाँ पे लगी उससे जाने को तैयार है लेकिन इस वक्त SDRF खत्रे क
23:17के को कनेक्ट करने वाले ब्रिज से गंगनानी के पास से मैं अंजली इस्टवाल कैमरा परसन नासिर खान के साथ आज तक के लिए
23:26अब प्लीज अपना बहुत ख्याल रखेगा देख तेरे ही आज तरे
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