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00:00जी नहीं, मैं इस लड़की को नहीं पहचानती
00:18लेकिन हाँ, गीता को हमने आधारदिप हॉस्पिटल में अदमित करवाया था
00:23हमारी एक वॉलेंटियर है जिसको पता चला था कि गीता प्रेगनेंट है
00:2619 दिसंबर की रात थी बहुत ठंड पड़ी थी
00:29और ये गीता बहुत बूरी हालत में थी
00:32तो हमने तुरंट अबुलेंस भेजी थी
00:34पारुल जी ये लड़की गीता के टच में थी, उसके बच्चे के लिए
00:38अच्छा?
00:39जी, और इस लड़की ने डाहनों के एक हॉस्पिडल से बच्चा चुराया है
00:42किसे राकट का हिस्सा हो सकती है
00:44लेकिन फिर बे मैं समझनी पा रही हूँ कि इस केस में हम आपकी मदद कैसे कर सकते हैं
00:50आप हमें गीता के बारे में थोड़ी और जानकारी दे सकती है
00:52तो फिर आप हमारी टीम की वॉलेंटेर अंजली से बात कीजिए
00:56क्योंकि अंजली की ही गीता पर पहले नजर पड़ी थी
00:59और अंजली ही गीता को लेकर अस्पताल गई थी
01:02हाई मैं अंजली अंजली जवेरी गीता तुम्हें काम मिली थी
01:22यहाँ श्रिव मंदर चौक के पास ही पड़ी हुई थी
01:2519 दिसंबर की रात को देखा था उसे
01:28प्रेगनिन थी, कंडिशन भी बहुत खराब थी
01:31बहुत दर्द हो रहा था उसे
01:33हम इन दोन अब ढूंड रहे हैं
01:35पारूल माम ने बताया मुझे
01:39तो?
01:39तो क्या माडम?
01:42नहीं माडम, मैं नहीं जानती इने
01:45पक्का?
01:45पक्का का क्या मतलब?
01:48नहीं जानती मतलब, नहीं जानती न?
01:51और कौन जानता है इन लड़कियों को?
01:53माम मैं इने ही नहीं जानती तो
01:54इने जानने वालों को कैसे जानोंगी?
01:57तुम गीता को कितना जानती थी?
01:58बस उस रात मिली थी, हॉस्पिटल ले गई थी
02:01और बिचारी बच नहीं पाई
02:03देखो अंजली
02:04ये दोनों लड़कियां गीता को पहले से जानती हो
02:07तो हो सकता है गीता को जानने वाले इस शाय दिने जानती हो
02:10तो बाकी भीक मांगने वालों से आपने बात की
02:14शिव मंदिर चौप के पास
02:16शाया दून में से किसी ने इनको गीता के साथ देखा हो
02:32या या गीता ने इने कुछ बोला हो
02:35सही कह रही हो
02:35चलो मेरे साथ
02:37कहाँ?
02:37शिव मंदिर चौप
02:39बताओ गीता कि में कहा मेली थी
02:41और उसके आसपस कौन था
02:46सर ये वलसाड और सूरत
02:51दोनों ये आडियो से आये
02:52इसमें जी जी और नमबर फोर से शुरु होने वाले
02:55सारे स्कूटर के डिटेल से
02:56एक एक रे स्टेशन नमबर को अच्छी तरह से स्कैन करना होगा
02:58पता ने इन मेंसे कौन सा नमबर हमारे काम का निकला है
03:00पूरे वलसाड में लड़के फिल्डिंग कर रहे हैं सर
03:02पापी में भी करवा
03:03सूरत और नफसारी में भी
03:05इस जर्म की जड़े कहा हैं या बे अभी तक नहीं पता
03:08सर एक बात समझ में नहीं आ रही है
03:10क्यों इसी हॉस्पिटल में इसी बच्चे को टार्गेट किया गया जरू कुछ पर्सनल होगा सर
03:15पर्सनल क्या हो सकता है गुरू माबाब कुछ बोली ही ने रहे हमने उने हर तरह से ट्रटोल
03:19तुम्हारे लोग भी उनके गउजवार से कुछ में डोड़ता है
03:22एक काम करता हूं अपने साड़े लड़के लड़कियों को फिल्ड से बुलवा कर सिर्फ इस एक लड़की को ढूंडे में लगायता हूं
03:28आशा पद्मा मृज़कं कौश मालूम तुम दोनों से कुछ बात कर निए चलो लेकिन हमने क्या किया था कुछ फिछ किया है सिर्फ बात करनी चाहना आबे जबा देंगा देंगा
03:52करना है साब आहम पर कोई गलेट इंजाम ना ठोको साब जाम नहीं लगा रहा है सच में बात करने है ने कि सब किस टेग्मेंट से पाइल कर दी जी सर मुझे लगता है अपना सेक्रीटेवाला समशिर और नर्स पुझा इन दोनों ने जान बुछ कर उसकी डना पर को
04:21और उन देखा किया होगा
04:22उन दोनों के खिलाभ हमें कोई नो कोई अक्शन तो लेना ही होगा
04:25अब उन दोनों का कोई involvement है या नहीं
04:28इस बात का पता तो पुलिस लगाएगी
04:31हमें सिर्फ उनने कोड़ करना
04:34और हमारी internal inquiry शेर करना
04:36केस करेंगे हम पर
04:39बच्चे के मापप?
04:43पिर करेंगे, तो तब की तब देखेंगे.
04:48बच्चा मिल जाना चाहिए.
04:50अब्वियस लिगाएंगी.
04:55और कुछ डिस्कस करना?
04:57नहीं.
05:02क्यों लालू उस वक्त नहीं रोया?
05:08तो मेरी आख ने खुली जब वो लड़की हमारा बच्चा उठा कर लेगा.
05:17विने?
05:20कौन थी वो लड़की?
05:23कैसा सवार है नंदनी?
05:27तुम्हे क्या रखता है?
05:29मैं उसे जानता हूँ.
05:32मेरा हाथ है उसमें?
05:34हाँ?
05:39अपरन होता तो विरावती मांगते ना?
05:43फिर क्यों?
05:48दित तर नेसी जाग.
05:52हालो.
05:55हमारा बोता.
05:56हमसे कुछ छुपाया तो नहीं गया ना?
06:03विदया और रंदी दीन है?
06:05खाना भी मंगा है.
06:11पाट करके मिलेगा.
06:13ये कौन है?
06:15अरे ये?
06:17इसको तो कहीं बार देखा है?
06:18हना सा?
06:19आशा, पद्मा, बात को खिचो मत.
06:22एक चार दिन के लड़के को चुराया इसने, अस्पताल से.
06:25किसी गिरो के लिए काम करती है?
06:26ये गिरो विरो हमको नहीं मालूम में साहब.
06:28अर अपनी गिता जुथी वो पेट से कैसे हुई ये भी हमको नहीं मालूम.
06:31ये भी हमको नहीं मालूम.
06:32उसके पती का कोई ठीकाना नहीं था.
06:34एक दिन बोली तीन महीने पेट से.
06:36हमने पूछा है ये लड़की कौन है?
06:38सब ये ओरत कौन है हमको नहीं मालूम साहब.
06:40लेकिन इतना पता है, एक दिन ये रिक्षा से आई थी.
06:44और गिता भी उसे घ्रात समझ के भीक मांग रहे थी.
06:47लेकिन ओरते ना साब गिता से कुछ भात करना चाहती थी.
06:50ये ले गई अपने साथ.
06:53अपने माइब भात करने साभा सकते संद।
06:55कंच झानी से खेक साथ
07:07कुम अश्याचक 근क्ता सबना टी.
07:09ये माइब माइब माइब
07:11ये माइब
07:12ये जचत वते खुट लगे
07:15कुम अपने माइब
07:16किए अपना टीचत प्रश्याचक dády
07:19कि हमे भाता की एब
07:21ए माई, हमें भी देदे, हमने काप आप किया है
07:24ए माई, आप अरबाद ले ले
07:25कौन थी वो, नाम, कहां से थी
07:29गीता से क्या बात हुई कुछ पता है
07:31ये तो नहीं पता मेडम के उसकी गीता से क्या बात हुई थी
07:33लेकिन उस दिन के बाद वो रोज आती थी गीता से मिलने
07:36जब हम नहीं होते ना तब भी गीता से मिलने आती थी
07:40कैसे पता अरे साब गीता खुद बता ही हमें
08:03तगड़ी भीक देती थी उसको अच्छा अच्छा खाने को देती थी वो
08:19तुम ये बताओ गीता ने क्या बताया
08:21साब हमी ने पूछा था उससे हम चो तरहाने जा रहा था फिर एक दिन चड़ गई उस पर दोनो
08:26तब जाकर बोली जो भी मैं कर रही हूँ ना पेट के बच्चे के लिए कर रहे हूँ
08:29अरे ने इसको मुझसे कोई काम नहीं करवाना है ये मेरे पेट का बच्चे चाहिए उसको और 30,000 रुपे भी देने को तयार है
08:41क्या तो बच्चे बेचेगी अरे भी मैंगवाने तो अच्छा ही है अब बोलिए कि बड़े से बड़े अस्पिताल में पैदा करवाईगी लेकिन वो भी मैंगनी वाली के बच्चे के साथ क्या करेगी ए आशा देखा मेरे को बोलना है न बोल मेरे बच्चे को कुछ नहीं
09:11हुई तो लाल बत्ती बज़ार में अगर लड़का हुआ तो लाल सिगनल पे समझी अरे सला तो मैं कौन सा बड़ा काम करवाने वाली थी बच्चे से तो महरानियों के जलन से पेट दुख रहा मेरा जाओ जाओ जाओ नजर मत लगाओ अव ऐसे भी मुझे पताई की लड़
09:41मुझे करण सालीिक गीता बच्चे लो का धंड़ा रही यह आती कहा से ती यह तो नहीं मालुम लेकिन इतना मालुम है कि वह रिक्षे से आती थी
09:51आर्वारी एक होता था नमबर उम्बर याद है
09:54कोई नाम नहीं, कोई पता नहीं, कोई सुराग नहीं, इस एक और को ढूंद पाना असान नहीं है, फिर भी मैं अपनी पूली टीम लगा देखता हूँ
10:00सही होगा से, सिकल के अखबार में इसके फोटो चपवा दीजिए, अगर यह औरत यहीं की है, तो शायद कोई देखकर पहचान ले
10:06मिलकुल
10:08से, यह दोनों भीख मांगने वाली लड़कियां आशा और पत्मा गीता को जानती थी, और उस लड़की को भी देखा गया था गीता के साथ, पर उसके बारे में कुछ जानती नहीं है
10:17पर ये बात कि गीता को लड़का होने वाला था, और उस लड़की को भी गीता से लड़का ही चाहिए थी, बात साफ है, वो दोनों लड़की या तो अपने आप में गैंग होंगी, या किसी बहुत बढ़े गैंग का हिस्सा जो लोग बच्चे को चुरा कर नीसंतान जोड़े
10:47पच्चा चोरी कैसे हो सकता है?
10:49हमने तीन लोगों की कमीटे बिठा है ये सर,
10:51हॉस्पिटल के हर एक स्टाफ में में पूछ शाज किया है,
10:54आपने भी सबसे बात की है,
10:56सबके स्टेट्मेंट्स एकोड की हैं,
10:57स्टेट्समेंट्स है अश्वनी जी,
10:58अगर हमारे हॉस्पिटल से वाकई में कोई शामिल होता तो मुझे 100% पता चल गया होता,
11:10लेकिन लगता है, आपको मुझे पर भरोसा नहीं है,
11:13बच्चा अब तक मिल लें जाता, भरोसा किसी पर नहीं किया जाएगा,
11:16अश्वन जी आप पर भी नहीं,
11:16स्कुटर पर ट्रेकिंग किसी जल लगी,
11:20यह के एक रेइस्टेशन नमर के मालिक को कॉल हो रहा है से,
11:22टीम वहाँ खुच जाकर चेक करेंगे,
11:23लेकिन सर, इसमें टाइम लगेगा,
11:26इसमें टाइम लगेगा, तो बच्चा आंखों से ओजल हो जाएगा,
11:29हम गोल-गोल गुमते रहेंगे,
11:31वुमर गौं में जो बूड़ा गुम रहा था, उस बच्चे के लिए,
11:33उस पर कोई प्रोग्र्रेस,
11:35जी नहीं सर, उस बूड़े को भी लड़का ही चाहिए था,
11:37उन दोनों लड़कियों को भी लड़का ही चाहिए था,
11:39जोनों ने चुरा लिए और यह बूड़ा भी नजर नहीं आ रहा बच्चा मांगते हुए
11:42सार सांडगाट उन दोनों लड़कियों में और उस बूड़े में
11:46मिशन सक्सेस्फुल हो गया बच्चा मिल गया और हवा हो गया
11:49शायद वो लोग यहां के थे ही ने गहीं दूर के थे नहीं बहुत दूर के
11:54जितने क्या हम इतनी दूर पहुँच पाएंगे तीन दिन हो गया बच्चा जोरी को
12:00और फिर आया चौथा दिन और अपने साथ लाया इस केस में एक बहुत ही अजीब मोर
12:12हमने इस मोड की बिल्कुल अपेक्षा नहीं की थी
12:15अलो
12:23शर्मा साब, PSA बागेला, उमर माँस
12:25क्या खबर है बागेला?
12:27खबर अच्छी है, आपके दानू के जे आर्से इस्पताल से जो बच्चा चोरी हुआ था
12:30वो हमें यहां मिल गया है
12:32बचा ठीक तो आनू
12:35जी हाँ, बिल्कुल ठीक है, यहां के नर्सिम होम में देख भालो रियो से
12:38उमर गाओं में उस सुबा जो हुआ था
12:54वो हम सब के होश उड़ा देने वाला था
13:02कर दो हम सब को पालो आनू
13:19को भालो, भालो
13:32वाँ सफार्व!
13:41वाँ!
13:48वाँ सार्व!
13:58मैंने रोने की आवाज सुनी, आवाज सुनते ही मैं यहां आया, जाड़ी हटा के देखा तो
14:09देखिए, चिट्टी पोलिस के नाम है, तो पोलिस को ही आकर इसे खोलने दीजिए
14:15किसी ने बच्चे को छोड़ दिया है, पड़ा तो छोकरो छे
14:28लेटर गुजराती में हैं सिर्ट बच्चे को पुलिस और सिर्फ पुलिस के हवाले कीजेगा, यह बच्चा जे आर सी हॉस्पिटल दहानों से लाए गया तो, पुलिस के हवाले कर दीजिए, और इसके माबाब को लटा दीगा, अगर बच्चा रोए, तो टोकरी में एक तू
14:58ना कह सकते हूं कि जो भी इस बच्चे को लेके गया था, उन्होंने बहुत अच्छे से देखबाल किये इस बच्चे की
15:03जो भी फॉर्मेल्टीज ने जल्दी कर लिजी, हमें बच्चे को जल से जल लेकर जना है, इसके माबाब तरस के इसे देखने के लिए, इसे लालू बलाते है, मुम्मी पपानी पासे जसे लालू
15:33बच्चे के पासे चिट्थी मेली है, उसमें लिखा था कि बच्चा इसी होस्पितल से चुराय गया था, आपका बच्चा आपको मिल जाएगा, लेकिन उससे पहले कुछ फॉर्मेल्टीज है, वो करनी पढ़ेंगी
15:57कानूनी कारवाई है कि ये बेना काम नहीं चलेगा
16:27एक छोटी सी बात, ज्यादा वक्त नहीं लगेगा, मान जाएगा, बिंती करते हैं
16:31एक चौकाने वाली खबर है, जे आरसी होस्पितल दानू से जो चार दिन का बच्चा चुराया गया था, वो बच्चा उमरगाओं के एक खेट में महफूस पाया गया है
16:45उसे किसी ने वहाँ एक टोकरी में छोड़ दिया था, बच्चे की हालत ठीक है पर पुलिस की हालत बॉखलाई हुई है, उन्हें ना गुनेगारों की कोई खबर है, ना इस संगीन जुर्म के मकसद की भनक
16:56इस टोकरी और कपड़े से तो कुछ खास पता नहीं लग रहा है
17:10और सर ये दूद की बोतल भी बड़े ध्यान से चुनी गई है, लेवल वेवल कुछ नहीं अस बार
17:14लेटर कंप्यूटर प्रेंटाउट है और गुजराती में, तो इतना तो साफ है कि जी जे और नमबर फोर सिक्स शायद असली हो सकता है
17:22नकली नमबर प्लेट लगा कर गुमरा करने की कोशिश की गई हो, असा लगता नहीं
17:27और ये दोनों लड़कियां गुजरा साइट की हो सकती है
17:31अब उमरगाओं कनेक्शन सर, जहां ये बच्चा मिला, वहीं पर दो धाई महीने पहले ये बूड़ा एक नवजात बच्चे के लिए गूम रहा था
17:38और वो बूड़ा ढूड़ा था एक लड़के को, और इन दोनों लड़कियों ने भी एक नवजात लड़के को ही चुराया
17:45वो बूड़ा उमरगाओं में ढूड़ा था और इस अगवा की बच्चे को भी उन्होंने उमरगाओं में ही छोड़ दिया
17:50चोड़ दिया और इन दोनों लड़कियों ने बिखारन कीता से भी डील की थी शायद गयर करने उनी तरीके से
17:55सेक्स रिटर्मिनेशन करवाया गया होगा पक्का होने के बाद के लड़का है तीस हजार में खरीदने की बात हुए होगा तो सर हम यह मानकर चलते हैं
18:02यह बूड़ा और दोनों लड़कियां एक बच्चा खोज रहे थे वो भी एक लड़का जो इन्हें वल्साट में भीक मागने वाली गीता से मिलने वाला था
18:10बच्चा नहीं मिला क्योंकि गीता देसंबर में चल बसी इसलिए इन लोगों ने और जगे खोजना शुरू किया इसी वज़े से वो बूड़ा जनवरी में उमर गाउं में आया लेकिन वहां भी इने कोई बच्चा नहीं मिला और आब आया मार्ज फिर इन दोनों लड़क
18:40सट टिप देने वाला या तो यहां डानू के जयार्ची हॉस्पिटल्स हो सकता है या बलसाड के आधरदीब हॉस्पिटल्स हो
18:47बलसाड
19:03उमर गाउं
19:06दाहन
19:08हमारे सस्पेक्ट इन तीनों जगए के नहीं हो सकते लेकिन इन तीनों जगए के आस पास के कहीं के होगे
19:14सर्ब यह वापी हमें वापी पर फोकस करना चाहिए क्योंकि यहीं इन तीनों का सेंटर पॉइंट है
19:21वासिबल जितने जितने भी जी जी फोर सिक्स लिस्ट वाले वापी के रिजिस्टेशन है सिर्फ उन पर फोकस करो
19:28बंजने लगता है यह नंबर जाली होगा
19:30वैसे भी यह बच्चा तो मिली गया तो सीना चोड़ा करकर भीड़ते हैं
19:34पता तो करें किया अखिर बच्चा चुराया क्यों गया और फिर बच्चा लटाया क्यों
19:39अब हमने हमारा निशाना सिर्फ वापी पर साथ है
19:43हम वैसे भी अंधेरी में तीर चला रहे हैं
19:46हमारे हाथ में कोई ठोस सुराग नहीं था
19:49बस सिर्फ इतना अनुमान था
19:51कि उस बोड़े आदमी तो उन दो लड़कियों के बीच में कोई तालुक है
19:55हमारा अनुमान हकीकत में जो हुआ था उसके काफी करीब था
20:01क्या का रहा मेरा बटा किचिडी का रहा है ओ ये क्या है
20:05ओके मैं आफिस जा रहा हूँ ओके बाई बटा
20:31चलो भगवान का शुकर है
20:50सब ठीक ठाक हो गया
20:52एक खबर पढ़ने के लिए तो तरस कही थी
20:54तो अचल मुझे एक काम है मैं बाद में बात करते हूँ
21:01बेना कोई ठोच सुबूत के बच्चे के अभारन करता हमारे हाथ कैसे लगने वाले थे
21:16ये एक बड़ा सवाल खड़ा था हमारे सामने
21:19फिर बतार जवाब हमारे सामने आई एक लीड
21:23ये लीड हमें बहुत पहले मिलनी चाहिए तो
21:26ये मिल सकती थी और बच्चे के लुटाने के साथ दिन पाद आई
21:30क्या? क्या ना मता है?
21:46सर सुनी बाद नाम है मेरा
21:47दानू मैं रहता हूँ और बोरिवली में सविस करता हूँ
21:50इन दोनों लड़कियों को ये एन में से किसी भी लड़की को ने जानता हूँ?
21:52नहीं सर मैं इन दोनों में से किसी भी लड़की को ने जानता हूँ पर हाँ सर वाज में ऑनलाइन कुछ पढ़ रहा था तो तभी है स्कूटर नंबर वाली बात स्वाइक हूई
21:59जीजे फॉटी सिक्स
22:00स्कूटर के बारे में तुम क्या जानता हूँ?
22:02सर मुझे लगता है कि मुझे इस स्कूटर का पूरा नंबर बता है
22:08जीजे एक्स वन फोर सिक्स आर एट पका यह नंबर था?
22:13हाँ सर्थ मेरे ख्याल से यही नंबर था
22:16पिछले साथ दिन से अखबार वाले उस बच्चे के बारे में छाप रहे है
22:19पूरे साथ दिन बाद आपकी टूबलेट जली मिस्टर वाग
22:22अब यह तो आप बोलना मत कि आप न्यूस पेपर पढ़ते नहीं है
22:24शुली माडब नहीं पढ़ता है
22:26आइटी में चॉप करता हूँ ना
22:27तो खाने, सोने और टूलेट के लाबा पूरी लाइफ और लाइफ और यहां तक ही न्यूस भी
22:32वहाँ एक न्यूस आई और हॉस्पिटल का नाम भी
22:34और फिर आर्टिकल में वह नंबर वाली बात पढ़ी
22:37तब जाके यह टूबलेट चली माड़ा
22:38तो यह सफेय स्कूटर तुम रोज देखते हो गया
22:40मारे बेल्डिंग यह ओफिस के बाहर पाप कहता हूँ
22:42जी ने सर एक ही बार देखा था
22:45तो ऐसा क्या खास इस नंबर में
22:49जो एक नजर में याद हो गया
22:51अब आप लोग मुझसे ऐसे सावालात कर रहे हैं
22:53जैसे मैंने खुद कोई क्राइम किया हूँ
22:55सर उस दिन मुझे सुबह अर्जेंटली किसी कामस ओफिस महुचना था
22:58मैं रिक्षे से स्टेशन की तरफ जा ही रहा था कि तब मेरा ध्यान गया
23:01और वो
23:02सर मैं सच कह रहा हूँ वो लड़की उस टाइम स्कूटर के पास ही खड़ी थी
23:09और जैसे ही मेर नजर उस लड़की से मिली विक्दम से जुग गई
23:12तब मेरा ध्यान सर उस नंबर प्रेट पे गया
23:26सर स्कूटर लोगेट हो गया
23:28जीजे एक्सवन फोर सिक्स आरेट
23:32सब्सक्राइट रहते है
23:48सुनिए
23:50कविता जोशी कहा रहते है
23:52कविता जोशी कहा रही है
23:54हाँ
23:56मैं ही हूँ कविता जोशी
23:58कविता जोशी कहा रही है
24:00हाँ
24:02मैं ही हूँ कविता जोशी
24:04कविता जोशी
24:10मैं ही हूँ कविता जोशी
24:12हाँ
24:18हाँ कविता जोशी
24:20हाँ
24:22आपका स्कूटर का है?
24:30स्कूटर?
24:31जी स्कूटर, जी जे एक्समन फोर सिक्स आरेड, इस नंबर की है, सफेद रंग की है
24:35ये स्कूटर, जो आपके नाम और आपके घर के अडरेस पर रेजिस्टर है, देखिए से
24:41नहीं मालूँ
24:46देखिए मेडम, ये स्कूटर एक बच्चे के पहन में इस्ते मालूँ है, दहानू में, कहाँ इस स्कूटर?
24:54पहचाना आपने?
24:56मुझे नहीं मालूँ ये स्कूटर आपके नाम पे रेजिस्टर्डर है, कैसे नहीं मालूँ आपको?
25:00मुझे नहीं मानूप आपके घर पे कॉन-कॉन रहता है मैं और मेरी बेटी रत्ना कापकी बेटी रत्ना है सो कालेज फोन कीजे बुलाई हो चे तो रहता हुआ
25:14रत्ना जोशी जी मैं ही हूँ रत्ना जोशी क्या हुआ सर ये स्कूटर आपकी मा कविता जोशी के नाम पर रिजस्ट्रे लिए पर इनने पता था क्लिए
25:38सब माँ डिप्रेशन की पेशन्ट है कभी-कभी वो ब्लाइंक हो जाती है उन्हें कभी कुछ याद नहीं रहता लेकिन आप मुझे ये मेरी स्कूटर के बार में क्यों पूछ रहा है
25:50ये तुम्हारी स्कूटर है जी
25:52तो स्कूटर पर ये दो लड़किया कौन है
25:56कि ये मेरी बहने है स्वाती दीदी और प्रिती दीदी
26:12ये स्वाती और प्रिती कहा है वो वापी में रहती है अपने अपने पती के साथ रतना तुम्हें पता था ना कि तुम्हारी स्वाती दीदी और प्रिती दीदी ने दान उसे बच्चा चुराय था
26:22अज़े था?
26:23हम?
26:24दोनों बहनों के अड्रेस था
26:26लेकिन सर उन्होंने बच्चे वापस लोटा दिया था
26:28ऑनलाइन खरीदा समान ही
26:30जो खरीदार वापस कर दिया बच्चा चुराया है
26:32अड्रेस दो दोनों बहनों का जल्दी
26:34आरी हूं एक मिनिट
26:40स्वातिबाद
26:50जी
26:52यही एक बच्ची है?
26:54जी
26:56बते का?
26:58दफतर में है
27:00बुला लो
27:02बच्ची कोने संभालना हो
27:04और तुम्हे हमरे साथ चलना हो
27:06हाँ में प्रीती व्यास बोजू
27:08मैं तुम्हारे ओफिस के कॉंप्लेक से नीचे घड़ी हूँ
27:10जल्दी नीचे आओ
27:12क्यो?
27:13बोला ना चप चप नीचे आओ
27:14बैसे भागने ही कोशिश मत करना
27:16तुम्हारे भेंट स्वाती
27:18वह हमारी हिरासती
27:32हमारा मकसद
27:34बच्चे को नुकसान पोचाना
27:36बच्चे को अमरगाओं के खेट में अकेले चोड़के नहीं चले जाते
27:38पुछ उन्यस बीस हो सकता था बच्चे के साथ
27:39नहीं होता मैडम
27:40मैं वही थी
27:42नुकसान पहुचाने का मकसद नहीं था, तो बच्चे को उमरगाओं के खेट में ऐसे अकेले छोड़के नहीं चले जाते, कुछ 19-20 हो सकता था बच्चे के साथ?
27:50नहीं होता मैडम, मैं वही थी.
28:12नहीं होता था जेओे उरी नहीं हमए हम el बरी अजया के ताथा
28:14खाया कि मैं झाले के से मितन fellow & औरीमे गेंने मैं मैंrate!
28:18गार बच्चे कि मैं ताथा और का देरे दा èत्या
28:25मैं है वहाएं jij होता?
28:28मैं है अंढे भे ठाखानिया
28:31उन्याव!
28:34द плभada मैं हैiona
28:35जब तक बच्चा सही सलामत किसी के हाथ नहीं लगा, मैं वासे हिली नहीं थी, सर.
29:00तो, ताली बजाए हम, तुम्हारा नाम किसी मेडल के लिए रेकमेंड करें, राष्ट्रे मम्ता वार्ड, स्वाथी पृति, बच्चा क्यों चुछ रहा है, उस वॉलसाइट में भीग मागने वाली गीता का बच्चा क्यों खरीदने की कोशिश की, उमर गाउं में बुड़ा
29:30या शाद उससे भी पहले, यही बच्चा क्यों चुराया?
29:37हमने, हमने बच्चा हमारी मा के लिए चुराया, तुम्हारी मा कविता जोशी के लिए? वजा?
29:49रतना ने आप लोगों को बताया होगा सर, मा को डिप्रेशन है, तो चार दिन का चुरायवा बच्चा उस डिप्रेशन का इलाज था, कैसे?
29:57कहानिया मत बनाओ, मत भूलो के तुम लोग इस वक्त हवालात में हो, कहानिया नहीं बना रहे है सर, सच कह रहे हैं, ये बच्चा हमने अपनी मा के लिए चुराया, लेकिन उनका दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है सबसे, जो किया हम दोनों नहीं किया सर, और कोई इ
30:27नाना जी है, मत्तब फामिली बिजनेस है, नहीं मैडम, हमने कहा ना आप से, हमने जो भी किया, अपनी मा की, हल्प करने के लिए किया,
30:46स्वाती, इसमें मैंने कुछ अलिशनल दवाईयां भी लिग दी है, इससे फरक पढ़ना चाहिए,
30:52देखो स्वाती, दवाईय अपना काम करेगी, पर गहरे सदमे में है तुम्हारी मा, उन्हें बहुत ज़रूरत है तुम लोगों की सपोर्ट की,
31:03जी, समझ रही हूँ, पपा से बात करती हूँ मैं,
31:10मुझे उसके साथ होना चाहिए था, उसकी देखभार ठिक से कर लेता मैं,
31:18मैं होता तो ऐसा कुछ होने ही नहीं देता,
31:21मैं क्या बोल रहा हूँ तुम्हारी समझ में आ रहा है कवीता,
31:24मा तवाई, पीमार था तो अच्छे से अच्छे डॉक्टर को दिखा थे, बन चान था,
31:35मुझे तो किसी ने बोला तक नहीं, देखे पापा, हमसे जो हो पाया, हमने किया, सब कुछ किया,
31:41और रहुल हमारा भी भाई था, एक लौता भाई,
31:45स्वातिरीदी, मा की हालत अभी वैसी है, और पापा फिर से आये थे, पापा को पता है, डॉक्टर ने क्या कहा,
31:54मा की हालत और जादा बिगड़ रहे है, एक बार नहीं, हजार बार बता है उनको, पर वो है कि वही की वही बात बोले जा रहे है, और मम्मी भी कुछ नहीं बोलती है, उन्होंने सब कुछ अपने अंदर रखा हुआ है, बिल्कुल चुपचापसी रहती है,
32:09मा की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था, पपा समझी नहीं रहे थे, समझी में नहीं आ रहा था कि हम क्या करें, और पपा भी नहीं समझ रहते कि मा की क्या हालत है, राहुल मा का भी बेटा था, हमारा भाई था वो, उस राद अचानक, राहुल को बहुत तेज बुखा
32:39राहूल नहींतु मां पैठे मां क्याका रोक्टर में हमने सारी कोशिशिंग किये सर
32:55ऐसा बिलकुल नहीं था कि हमने ध्यान नहीं दिया
32:59लेकिन अब हमारे आत में कुछ भी नहीं था हमारा भाई चल बसा
33:04हमें भी बहुत दुख हुआ
33:07राहुल पपा का लाडला था
33:10मा का भी
33:12हम सब का
33:14तो तुम्हें लगाया चुराया हुआ बच्चा
33:16तुम्हारी मा की जंदगी में राहुल की कमी पूरी कर देगा
33:19और वो डिप्रेशन से बाहरा जाएंगी
33:21नहीं सर
33:22डिप्रेशन जितना भी बड़े
33:24मा की देखभाल तो हम
33:27तीनों बहने कर लेती
33:28दरसल ये बच्चा
33:31हमने पपा की वज़े से चुराया था
33:35ये क्या करने की सोच रहे हैं अब दा माजी
33:37ये गलत है
33:39प्रीती, स्वाती, प्रतना का तो सोच ये
33:44गुपाल जी
33:45अब ये मेरी गलती तो नहीं है ना कि
33:47कविता के लिए बच्चा पैदा करना मुश्किल है
33:50कविता के भी तो कोई गलती नहीं है ना दा माजी
33:52जो राहूं को खो दिया हम समदे
33:55वो मा है उसकी
33:58सबसे ज्यादा सदमा उसे पहुंचा है
34:01अब वही बात बार बार दोहरा कि
34:03आप मुझे सदमा मत दीजी
34:04देखिए
34:05मैं दुसरी शादी कर रहा हूँ
34:08मतलब कर रहा हूँ
34:10पपा के इस फैसले से हम सब हैरान थे
34:18पपा चाहते थे
34:20कि माँ फिर से माँ बने
34:22ताकि उन्हें फिर से एक बेटा मिल सके
34:25हम तीन बेनों के बाद राहुल पैदा हुआ था
34:29जब राहुल पैदा हुआ तब सही माइनों में
34:33पपा को बच्चा पैदा होने की खुशी हुई
34:35हम नहीं चाहते थे सर
34:37पपा मा को छोड़कर दूसरी शादी करें
34:40वहां बच्चे पैदा करें
34:43पपा ऐसा करते तो
34:44मा का डिप्रेशन और बढ़ जाता
34:47पपा भी न कोशिश कर रहे है कि मम्मी फिर से मा बने
34:51अब कौन समझाए
34:53एक तो मम्मी की उमर नहीं है
34:55उपरसंद का डिप्रेशन
34:56और पपा की उमर भी तो
34:58क्या पागल पन है यह
35:00अगर हम
35:03पपा से कह दें कि
35:05मा प्रेगनेंट है तो
35:07लेकिन
35:14दीदी इससे क्या फाइदा होगा
35:15और ज्यादा से ज्यादा सिफ
35:18नौ मैने तक शाड़ी टल सकती है पापा की
35:21उसके बाद क्या
35:22पपा को बेटा चाहिए ना
35:24इसलिए यहां आते है
35:25अगर हम
35:28पपा से कह दें कि मा प्रेगनेंट है
35:30तो वो वापस यह नहीं आएगा
35:33हाँ दीदी लेकिन
35:34नौ महिने बाद क्या
35:37दीदी
35:38अब क्या करने का सूच रहे है
35:40नाना
35:41मा बच्चा पैदा करने वाली है
35:43यह बाद पपा को दूसरी शादी करने से रोक देगी
35:46पर उसके बाद
35:48उसके नौ महिने बाद
35:52घर में एक नवजाद बच्चा आएगा
35:55लड़का
35:57हम पपा से कह देंगे कि मा ने जनम दिया है
36:06लेकिन देदी हमें एक नवजाद बच्चा और वो भी लड़का
36:12कहां से लेकर आएंगे
36:14बच्चा चुराने का प्लान तो था ही नहीं सर
36:18दरसल हम बच्चा गोद लेनी की सोच रहे थे
36:22कोई ऐसा बच्चा जो किसी को चाहिए ना हो
36:26तब ही तो से
36:28स्वातिदीदी ने वलसाड में बीक मागने वाली गीता को डूंडा
36:33उससे बात की
36:35तो तुम लोगों को पता था
36:37कि गीता के बेट में वो बच्चा लड़का था
36:39सोनोग्राफी कहां से कराई
36:41मैंने कोई सोनोग्राफी नहीं करवाई
36:43गीता खुद मुझसे बोलती थी कि
36:47उसके बेट में लड़का है
36:49अब उसे कैसे पता
36:51ये मुझे नहीं मालूम
36:53और तुमने उसकी बात माल भी ऐसे ही
36:55हमारे पास ये चांस लेने के अलावा और कोई चारा ही नहीं था
37:00हम बस किसी तरह से अपने मापपा की शादी बचाना चाते थे
37:05फिर गीता साथ महीने पर अपने बच्चे के साथ चल बसी
37:11हमारा पूरा प्लान चौपट हो गया
37:15तुम लोगों को वाकर ही लगा कि इस तरह का प्लान कामयाब हो जाएगा
37:18और तुम्हारे पापा वो तुम्हारी ममी को मिलने कभी नहीं आते
37:22हाल चाल पूछने भी नहीं
37:24हमें मालूम था सर वो नहीं आएंगे
37:27वो वडुद्रा में रहते हैं सर
37:29वहीं सव्विस करते
37:31चार महिने में एक बार आते हैं गर
37:34और राहुल के बाद तो
37:38जब भी घर आते हैं बस इसलिए कि
37:42मा दुबारा से मा बन सके
37:44गीता नहीं मरती तो ये सब कभी होता ही नहीं सर
37:47अचानक से इतना बड़ा पहार तूट पड़ा हमारे सामने
37:52दो महिने में बच्चा ढूंड निकालो
37:55वो भी लड़का
37:57नाना जी जगे जगे ढूंडते भटकते रहे
38:01ऐसे माबाब की तलाश में
38:03जो अपना नवजात लड़का पालना ना चाहते हूं
38:06और हमें देने को राजी हूं
38:08प्रीती और मैंने भी कई हॉस्पिटल्स के चक्कर काटे
38:12इस उमीद में कि कहीं किसी ने कोई बच्चा छोड़ दिया हूं
38:16जिसे हम अपना सकें
38:18मैंने ये भी कोशिश की
38:20कि मैं कोई बच्चा अपने नाम से गोद ले लूं
38:23अनाथाले से
38:24और फिर वो बच्चा मा को सौप दू
38:27पर हमें कहीं पर भी सफलता नहीं मिली सर
38:30तब तुमने जियार्सी हॉस्पिटल को निशाना बनाया
38:32हमने पहले भी जियार्सी हॉस्पिटल के चक्कर लगाए थे
38:35हमें लगा वहां से बच्चा असानी से उठाया जा सकता है
38:40लडाया कर?
38:42डर गई थी?
38:44अखबार पढ़कर, टीवे में अपने बारे में निश देखकर
38:46नाना ने एक खबर पड़ी थी
38:48हमने उन्हें नहीं बताया था कि ये बच्चा हमने चुराया था
38:55और नाही रत्ना को बताया था
38:57हमने तो नाना को ये बताया था कि ये बच्चा हमें कुछ पैसे देकर मिला है
39:03लेकिन
39:04लेकिन क्या स्वाथी?
39:07हमें लगा था बच्चे को गोद में लेकर मा की कंडिशन सुधरेगी
39:12लेकिन ऐसा हुआ नहीं
39:15मा, मा देखो न, आपका बेटा लौट आया
39:24मा, राहूल लौट आया, देखो उसे
39:27बच्चा बहुत चोटा था, उसे देखभाल की जरुवत थी
39:34और मा की ये हालत थी कि वो खुद की देखभाल नहीं कर पा रही थी
39:38ऐसे में वो क्या खयाल रखती बच्चे का
39:41और ऐसे हालत में हम पपा को बता ही नहीं सकते थे
39:45कि मा ने एक लड़के को जनम दिया है
39:48वो दोड़े-दोड़े आते जरूर
39:50लेकिन मा का रवया देखकर दो मिनट में चोरी पकड़ लेते
39:55कि ये उनका बच्चा नहीं है
39:57हम ये जान गए थे कि बच्चे को हमारी मा की देखपाल में नहीं छोड़ा जा सकता
40:02या तो मुझे उससे अपने घर ले जाना पड़ता
40:06या प्रिती को
40:08लेकिन कैसे ले जाते सर
40:10हमारे पत्यों को ये बानक तक नहीं थी कि
40:14हम दोनों बेनों ने ये सब कुछ कर दिया है
40:17वो बिल्कुल न जानते है यकिन नहीं होता
40:21ये सच है सर
40:22रतना तक को हमने नहीं बताया था कि ये बच्चा चुराया हो है
40:27वो तो नाना को पता चलने के बाद हमें कबूल ना पड़ा
40:33तुम दोनों ने दानू के JRC होस्पिटल से इस बच्चे को चुराया ना
40:38और कोई रास्ता नहीं था नाना
40:45यह देखो
40:47हो सकता है तोड़ा वक्त लगे
40:54लेकिन पुलिस तुमारे दर तक महुचे की ज़रूर
40:58मुझे नहीं लगता तुमारी माँ इस बच्चे को संभाल पाएके
41:04और इस बच्चे की वज़ा से उसकी हालत में कोई सुधार आएगा
41:08बेटा मेरी मानो इस बच्चे को लटा दो
41:14करने तो तुमारे पापा को दूसरी शादे है
41:18और भगवान से प्रात्ना करो
41:19कि दुनिया के सारे लड़के उसके घर में जनमनें
41:23लेकिन बेटा इस बच्चे को लटा दो
41:29कहीं इस मासून के माबाप के आलत भी वही ना हो जाए
41:34जो तुमारी माँ की है
41:37हाँ सर हमने जुर्म किया
41:42संगीन जुर्म किया सर हमने स्वार्थी नजरी से सुचा
41:47सिर्फ अपनी माँ के लिए सुचा
41:49उस बच्चे के माबाप के दुख के बारे में तो सोचा ही नहीं हमने
41:54हमें ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहिए था
42:00पता नहीं क्या सोच रहे थे हम
42:05पता नहीं ऐसा ऐसा ख्याल आया भी कैसे मन में
42:10नहीं आना चाहिए था
42:11ऐसा ख्याल तुम लोगों के जहन में नहीं आना चाहिए था और अगर ख्याल आया भी था तो अमल तो बिलकुल नहीं करना चाहिए था
42:19साथी पृति हमें तुम लोगों को गरफतार करना होगा चार्जिस लेवें बितुमागा
42:25एक सद्मे की गरफ से तो निकला नहीं था ये परिवा जो एक और बड़े सद्मे के तले कुछ गाए
42:45प्रीती और स्वाती के पती दंग रह गए ये जानका कि उनकी पीट पीछे उनकी पतनियों ने इतनी बड़ी साज़े शर्ची थी
42:52क्या इस हाथ से के चलते प्रीती और स्वाती की पता राजेंडर जोशी पर कोई पसर हूँ यह हमें नहीं मादा बच्चा अपने माबाप की पास महफूज है
43:10यहां उसे हमेशा से होना चाहिए थे
43:22नहीं मादा बôngल कि पतने आ उसे हो खँचा-थे