00:00कर दो
00:30ये समुंदर जितना शांत दिख रहा है न, उतने यहां के लोग नहीं है
00:41हमेशा जल्दी में रहते हैं, उसकी बज़ा है पैसा है
00:45इस शहर में पैसे कमाने के कई रास्ते हैं
00:51नौकरी है, धन्दा है, राजनीटी है, गुंडगर्दी है, फिल्मे है, रियल स्टेट है, सबका अपना तरीका है
00:56लेकिन सारे तरीके सलाम ठोकते हैं डलाल स्टीट को
01:01BAC की 29 मंजिले इस शहर की जान है
01:06ये है बॉम्बे, दमबनी कैपिटल आफ इंडिया
01:21ल्यूमून शेर से एक हफते में बढ़ जाएंगे, हर्षा भाई ने जैसा कहा, वैसा ही हुआ
01:25हर्षा भाई, उर्फ हर्षा महराव
01:28BAC का बच्चन, तबिग बुल, अगर स्टॉक मार्केट एक महासागर है, तो वो गेट वाइट शार्क
01:34न्यूस पिपर खरीदने वाले 90% लोग, फर्स पेश या स्पोर्स पेश पढ़ते थे, लेकिन उसके वज़े से लोग बिजनेस पेश पढ़ने लगे, गली महले की छोड़ी छोड़ी दुकानों से लेकर, रिक्षा वालों के घर तक उसने स्टॉक मार्केट को मशूर कर द
02:04मिस्टर भासकर, एम लक्षमन राव, चीफ इन्वेस्टिगेशन ओफिसर फ्रम सी बिया है, आपको हमारे साथ बैंक चलना होगा, बैंक में, लेकिन मैं, आपको आना ही होगा, जरा नहां के आ जाता तो, ब्रश किया न, बस है, गाड़ी में बेठो, चलो,
02:34झाल, क्दो कर सक्तारए को आपकोग होगा, जरा नहां के जिए धेली होगारे मैं, बाको आना, जो किद Ground, इक प्र céu ऑट सकता ही होगा हाई किए ऑटना होगारे सी अ.
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