00:00लोग उने उतना ही मतवों लोग नुक्षान में गएं पिछडे हैं पिछे गएं ये शरकारों के कान इनका दीन धर्म भी जीवित नहीं है कि आम लोग आज यहां की हुआ साती सब लोग आएं मैं आपको बताना चाहूंगा मीडिया वालों को मैं इन लोगों की मदद कर रहा
00:30बस मेरी एक आत्मा के अंदर आवाज आई कि यह जो अहिया है इस गाओं के लोगों के साथ गरीब लोगों के साथ सोचित पीडित कमजोर लोगों के साथ हुआ है इन लोगों के साथ हम लोग खड़े नहीं रहेंगे तो हमारे अंदर कहीं मानवता नहीं बसती है
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