00:00सबस जंगल में पांच छूटी बिलिया रहती थी मीमी, तूटू, लाला, कोको और जीजी
00:07वो सब बहुत शरार्ती और एक दूसरे की पकी सहरिया थी
00:11एक दिन वो दर्या के किनारे खेल रही थी कि अचानक जाडियों के पीछे से एक हलकी सी सून्ट की आवाज आई
00:18कौन है वहाँ, मीमी ने पूछा
00:21थोड़ी देर बाद जाडियों से एक नना हाथी निकला जिसका नाम बाबू था
00:26इसकी आखों में आंसू थे वो बोला
00:29मैं अपनी माँ से बिछड़ गया हूँ
00:31उपांचों बिल्यों ने फौरण फैसला किया कि वो इसकी मदद करेंगी
00:34कोको दरخت पर चड़ी ताका उपर से देख सके
00:38जीजी ने अपनी तेज समाथ से आवाजें सुनने की कोशिश की
00:41जबके बाकी बिल्यां बाबू का हुसला बढाती रहे
00:43थोड़ी देर बाद एक जोरदार हाथी की सून की आवाज आई
00:48ये बाबू की मा की आवाज है लाला ने खुशी से कहा
00:52सब भगते हुए आवाज की तरफ पड़े
00:55एक आवशार के पास बाबू की मा खड़ी थी
00:58बाबू खुशी से दौड़ कर इससे लिपट गया
01:01माहाथी ने बिल्यों का शुक्रिया अदा किया
01:04और खुश होकर उन्हें अपनी पीट पर सवारी कराई
01:07इसने सब को रसीले आम भी खिलाए
01:10इस दिन के बाद पाँचों बिल्या और बाबू सचे दोस्त बन गए
01:14और रोज साथ खेलने लगे
01:16खत्मशद
01:37पर आम आमोने लगे
01:52खाके उन्हें हो जन्हें लगे
01:54पर खत्मशद
02:01बाहे हो खिलाए
02:03खत्मशद
02:04सब कर दोस्त बाद खत्मशद