00:00B.I.S. ने गोल्ड में 9 कैरेट जूलरी को मंजूरी दे दी है
00:04इस पर आप क्या कहेंगे कि जूलरी मार्केट के लिहाद से ये ख़बर कैसी है
00:09कस्टमर्स को कस्टमर्स के लिहाद से आप क्या कहेंगे
00:13देखिए जो अभी आपने बता है B.I.S. ने इंक्लूजिन किया है
00:189 कैरेट जूलरी का मैंडिटरी हॉल मार्किंग एक अगर हॉल मार्किंग और ये मंजूरी मिल गई है
00:25तो ये एक इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस बढ़ाता है देखिए एक चीज आप समझे के जो 24 कैरेट में तो वैसे भी कोई जूलरी बनती नहीं है
00:31हम 18 पे जादा करके 16 पे देखते हैं लेकिन अगर आप 9 कैरेट पे भी आ रहा है तो एक तो आफ़र्डेबल हो जाता है
00:38सेकेंडली जो उंचे बाओ की वज़े से कस्टमर नहीं आ पा रहे थे अब 9 या उसके नेरबाय अगर बनता है तो डेफिनेटली ये विन्विन सिच्विशन रहेगी ज्वेलर्स के लिए भी और बायर्स के लिए भी
00:49हाला कि थोड़ा सा पहले अंसर्टेटी बनी वी थी के क्लियर्टी नहीं थी के अथॉंटिसिटी कितनी लेकिन हॉल मार्किंग प्रिव्यू में आने की वज़े से मुझे लगता है कि ये दोनों जोईलर के लिए भी और कस्टमर के लिए और जहां मुझे लगता है कि अगर
01:19कि मार्केट में एक नया सेग्मेंट जुड़ जाएगा और उससे वहाँ पर थोड़ी सी मुझे ऐसा लग जाए कि खरीदारी बढ़ जाएगी और एक चीज हुई है इंपोर्टेंट इस वीक में हमने लास्ट बात की थी उसके बाद से आई आई बी एक्स पर गोल्ड फ्य
01:49सब्सक्राइब करें लिए और अब जो इंपोर्ट भार से हो रहा है उस चीज को और अच्छा लाइन अप कर से कि इसके लिए इंडिया इंटरनेस्टल बुलियन एक्चेंज का गठन गिफ सेटी में हुआ है
02:18पहला बहुत ही critical development है क्योंकि जब हम विस्वर में भारत प्राइस टेका रहा है बट प्राइस गिवर रह सकता है उसी के लिए एक्चेंज का गठन हुआ और यहां पर अभी हम देख रहें कि इंडियन रिटेल इंस्टिट्यूट की जो गोल्ड की निमांड हो वहां से रू
02:48होते हुए दिखाए देगी खास करके आर्बिडेज अपार्ट शुटी कही ना कई बंते हुए दिखाए देगी जिसकी वज़से inventory प्लानी हमारे बुलियन डिलर्स या ज्वेलरी कर सकते हैं और बहुत ही इनीशल स्टेज है जहां पर हमने दो से तीन मेट्रिक टन का इनी�
03:18झाल
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